एटम बम की जानकारी, इतिहास, रोचक बातें | Atom Bomb Information in Hindi

दुनिया के परमाणु हथियारों में प्रमुख रूप से दो तरह के हथियार शामिल हैं पहला एटम बम और दूसरा हाइड्रोजन बम। यहाँ पर हम एटम बम (परमाणु बम) के बारे में जानेंगे..

एटम बम की जानकारी, इतिहास, रोचक बातें | Atom Bomb Information in Hindi

एटम बम की जानकारी – Nuclear Weapons, Atom Bomb Information in Hindi

एटम बम जिसे कई नामो से जाना जाता हैं – परमाणु बम, न्यूक्लियर वैपन्स, नाभिकीय हथियार अदि। यह एक ऐसा विनाशकारी हथियार हैं जो मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। अब तक दुनिया में मात्र दो बार मानवता के खिलाफ इस हथियार का इस्तेमाल किया गया हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 6 अगस्त को अमेरिका ने दक्षिणी जापान के हिरोशिमा शहर पर पहली बार परमाणु बम गिराया। अनुमान है कि इसमें करीब 140,000 लोग मारे गये। तीन दिन बाद दूसरे बम ने नागासाकी को तबाह कर दिया जिसमें करीब 74000 लोग मारे गये। इसके बाद जापान ने समर्पण कर दिया और दूसरा विश्व युद्ध खत्म हो गया।

यह ऐसा खतरनाक हथियार हैं की यदि 15 किलोटन के 100 न्यूक्लियर बमों का इस्तेमाल धरती पर हो जाए तो आसमान में काला धुंआ छा जाएगा, सूरज की रोशनी ठीक से धरती पर नही पहुंच पाएगी, आधी ओजोन लेयर खत्म हो जाएगी और ऐसी बीमारियों का जन्म हो जाएगा जिनका हम अंदाजा भी नही लगा सकते।

5,00,00,00,000 किलोग्राम के परमाणु बम में इतनी विस्फोटक शक्ति होती है जितनी पूरे दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान प्रयोग की गई थी। एक बड़े पैमाने की परमाणु लड़ाई होने से 150 मिलियन टन धुंआ वातावरण में फैल जाएगा। जिसकी वजह से शीत युग से भी अधिक ठंड हो जाएगी।

अमेरिका परमाणु हथियार बनाने वाला पहला देश है। यह एकमात्र ऐसा देश भी है जिसने युद्ध के लिए परमाणु बम का इस्तेमाल भी किया। यह अकेला अपने परमाणु हथियारों पर सभी देशों द्वारा मिलाकर किए गए कुल खर्च से भी ज्यादा खर्च करता है।

इस समय दुनिया के नौ देशों के पास लगभग 14,900 से ज्यादा परमाणु हथियार है। इनमें से 93% रूस और अमेरिका के पास है। ये पूरी मानव जाति को कई बार खत्म करने में सक्षम है। किसी और देश के मुकाबले रूस के पास सबसे ज्यादा लगभग 7000 परमाणु हथियार है। इसके बाद अमेरिका (6800), फ्रांस (300), चीन (260), इंग्लैड (215), पाकिस्तान (120-130), भारत (110-120), इजरायल (80) और नार्थ कोरिया (10 से कम) का नंबर आता है।

परमाणु बम काम कैसे करता हैं – Parmanu Bomb in Hindi

नाभिकीय अस्त्र या परमाणु बम एक विस्फोटक युक्ति है जिसकी विध्वंसक शक्ति का आधार नाभिकीय अभिक्रिया होती है। यह नाभिकीय संलयन (Nuclear fusion) या नाभिकीय विखण्डन (nuclear fission) या इन दोनो प्रकार की नाभिकीय अभिक्रियों के सम्मिलन से बनाये जा सकते हैं। दोनो ही प्रकार की अभिक्रिया के परिणामस्वरूप थोड़े ही सामग्री से भारी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। आज का एक हजार किलो से थोड़ा बड़ा नाभिकीय हथियार इतनी ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है जितनी कई अरब किलो के परम्परागत विस्फोटकों से ही उत्पन्न हो सकती है। नाभिकीय हथियार महाविनाशकारी हथियार (weapons of mass destruction) कहे जाते हैं।

परमाणु बम में विस्फुटित होने वाला पदार्थ यूरेनियम या प्लुटोनियम होता है। यूरेनियम या प्लुटोनियम के परमाणु विखंडन (Fission) से ही शाक्ति प्राप्त होती है। इसके लिए परमाणु के केंद्रक (nucleus) में न्यूट्रॉन (neutron) से प्रहार किया जाता है। इस प्रहार से ही बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है। इस प्रक्रम को भौतिक विज्ञानी नाभिकीय विखंडन (nuclear fission) कहते हैं। परमाणु के नाभिक के अभ्यंतर में जो न्यूट्रॉन होते हैं उन्हीं से न्यूट्रान मुक्त होते हैं। ये न्यूट्रॉन अन्य परमाणुओं पर प्रहार करते हैं और उनसे फिर विखंडन होता है। ये फिर अन्य परमाणुओं का विखंडन करते हैं। इस प्रकार शृंखला क्रियाएँ आरंभ होती हैं। परमाणु बम की अनियंत्रित शृंखला क्रियाओं के फलस्वरूप भीषण प्रचंडता के साथ परमाणु का विस्फोट होता है।

परमाणु बम में विखंडन से यूरेनियम और उसे निकटवर्ती अन्य पदार्थों का ताप बड़ी शीघ्रता से ऊपर उठता है। धात्विक यूरेनियम बड़ी ऊँची दाब और ताप (Heat) पर तापदीप्त गैस में परिणत हो जाता है। विस्फोटक पिंड का ताप 10,00,00,000° से. तक उठ जाता है। इतने ऊँचे ताप पर यूरेनियम की थापी (tamper) हट जाती है। तब सारा पिंड बड़ी प्रचंडता से विस्फुटित होता है। परमाणु बम के विस्फुटित होने पर आधात तरंगें (Shock waves) उत्पन्न होती हैं जो ध्वनि की गति से भी अधिक गति से चारों ओर फैलती है। जब परमाणु बम को पृथ्वीतल के ऊपर विस्फुटित किया जाता है तो तरंगें पृथ्वीतल से टकराकर ऊपर उठती हैं और नया आघात उत्पन्न करती हैं जो ऊपर और नीचे तीव्रता से फैलता है। बम स्फोट (Bomb blast) का केंद्र तत्काल तप्त होकर निर्वात उत्पन्न करता है। निर्वात भरने के लिए आसपास की ठंडी हवाएँ दौड़ती है। इस प्रकार परमाणु बम से घरों पर आघात पड़ने से वे टूट जाते हैं।

परमाणु बम इतनी आवाज पैदा कर सकते है कि हमारे कानों के पर्दे फट जाए। परमाणु विस्फोट की तरंगे सुपरसोनिक होती है। यदि आप हमले वाली जगह पर ठीक बीच में खड़े हो तो धमाके की आवाज सुनने से पहले ही आपकी मौत हो जाएगी। परमाणु बम 240 से 280 dB तक की आवाज पैदा कर सकते है जबकि इंसान के कान सिर्फ 120 dB तक की आवाज सुन सकते है।

परमाणु बम को बनाने वाले जुलियस राबर्ट औपनहेमर के अनुसार परमाणु बम के विस्फोट के समय जितनी तेज रोशनी और उष्मा निकलती है उतनी है तब हुई थी जब कृष्ण जी ने अर्जुन को दर्शन दिया था। औपेनहैमर इस बात को मानते है कि जिस तरह के दुष्परिणामों का वर्णन गीता में मिलता है उसी तरह के परिणाम हमें परमाणु बम के बाद मिलते हैं। और परमाणु बम जैसी किसी चीज के होने के पता भी गीता और महाभारत से ही चलता है।

हालाँकि जैसा सबकुछ जो मानव निर्मित है उसकी एक समय सीमा होती है। उसी तरह परमाणु बम का भी एक समय-सीमा होती हैं। उसके बाद यह एक्सपिरे हो जाता हैं। परमाणु बमों की समाप्ति तारीख इस चीज पर निर्भर करती है कि इसमें किस पदार्थ का प्रयोग किया गया है। इसमें प्रयोग किए गए पदार्थों को हाफ लाइफ के बाद बदलना होता है जैसे ट्रिटियम की हाफ लाइफ 12.3 साल, प्लूटोनियम की 24,100 साल, यूरेनियम की 4 अरब साल और थोरियम की 14 अरब साल होती है। समय-समय पर कुशल इंजीनियर इन्हें देखते रहते है और जिस चीज में थोड़ा-सा भी डिफेक्ट मिलता है उसे बदल देते हैं।

परमाणु बम का इतिहास – History of Atom Bomb in Hindi 

परमाणु बम का अविष्कार, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मैनहट्टन प्रोजेक्ट में काम करने वाले वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था। जुलियस राबर्ट औपनहेमर (Robert Oppenheimer) इस प्रोजेक्ट के डाॅयरेक्टर थे इन्हें परमाणु बम का पिता भी कहा जाता है। पहला परमाणु बम परीक्षण 16 July, 1945 को सुबह साढे पांच बजे न्यू मैक्सिकों के अलमोगार्डो में किया गया था। इस बम को The Gadget नाम दिया गया था। इसमें 20 किलोटन TNT का प्रयोग किया गया था जिससे धमाका होने पर 600 मीटर ऊंची मशरूम जैसी आकृति बनी थी।

सोवियत यूनियन दूसरा देश था जिसने परमाणु बम का परीक्षण किया। यह साल 1949 था। इसके बाद ब्रिटेन तीसरा परमाणु ताकत वाला देश बना और उसने 1952 में ये परीक्षण किये। चीन, फ्रांस, भारत, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान ने अपने पास परमाणु हथियार रखने की पुष्टि की है। इस्राएल को एक अघोषित परमाणु शक्ति वाला देश माना जाता है। उसने परमाणु हथियारों की ना तो पुष्टि की है, ना ही इसे खारिज किया है।

न्यू मैक्सिकों में जहाँ दुनिया का पहले परमाणु बम का परीक्षण किया गया था आज उस जगह पर परमाणु बम संग्रहालय बना हुआ है। ट्रिनिटी साइट नाम से मशहूर यह म्यूजियम साल में केवल 12 घंटे खुलता है। एक बार अप्रैल के पहले शनिवार को और एक बार अक्टूबर के पहले शनिवार को। इसकी खुलने की टाइमिंग 8am से 2pm है।

आज दुनिया के पास हजारों जीवित परमाणु बम हैं जिसके बल पर धरती से सैकड़ों बार जीवन को नष्ट किया जा सकता है। चिंता की बात तो यह है कि अब परमाणु बम उन मुल्कों के पास भी हैं जिनमें जरा भी सह-अस्तित्व भी भावना नहीं है।

परमाणु बम के बारे में रोचक बातें – Atom Bomb Facts in Hindi

1). अमेरिका ने 49 परीक्षण बम तैयार किये थे जिन्हें पमकिन बम के नाम से जाना जाता है जिसकी वजह से 400 लोग मरे थे और तकरीबन 1,200 घायल हुय़े थे। और ये हिरोशिमा और नागासाकी पर बम गिराने से पहले हुआ था।

2). सीटी स्कैन कराने से आपके शरीर पर रेडियोएक्टिव रेडिएशन का उतना ही प्रभाव पड़ता है जितना हिरोशिमा विस्फोट के समय डेढ किलोमीटर दूर खड़े आदमी के शरीर पर पड़ा था। एक सीटी स्कैन से हमारे शरीर में 1-10 millisieversts तक रेडिएशन पहुंचती है।

3). परमाणु बम के जापान हमले के बाद दूसरे देशों में इसे बनाने की होड़ लग गयी थी।

4). 1979 में 22 सिंतबर को हिन्द महासागर में काफी तीखी रोशनी देखी गई और ऐसा माना गया कि ये परमाणु धमाका था। हिंद महासागर में धमाका किसने किया ये किसी को पता नहीं चला कि ये धमाका किसने किया।

5). शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने एक एटम बम चंद्रमा पर गिराने की भी सोची थी ताकि वे अपनी सेना की शक्ति का प्रदर्शन कर सके।

6). 1958 में, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक न्यूक्लियर बम जाॅर्जिया के समुंद्र तट पर खो गया था। यह 2016 में कुछ पर्यटक गोतोखोरों को मिल गया। उन्होनें तुरंत 911 पर काॅल करके इस 3.9 मेगाटन के बम को डिफ्यूज करवा दिया।

7). पानी की सत्तह के नीचे होने वाले परमाणु विस्फोट को “UNDEX” कहा जाता है पानी के भीतर विस्फोट के प्रभाव कई चीजों पर निर्भर करता है, जिसमें विस्फोट से दूरी, विस्फोट की ऊर्जा, विस्फोट की गहराई और पानी की गहराई शामिल है यदि पानी में परमाणु बम फोड़ दिया जाए तो आसपास के सारे तटीय जीव मर जाएगे। पानी में काफी रेडियोधर्मी तत्व मिल जाएगे पानी के अंदर विस्फोट से उठने वाली तरंगे और सुनामी या भूकंप के दौरान उठने वाली तरंगे अलग-अलग होती है।

8). परमाणु बमों से कई गुना ज्यादा ताकतवर हैं हाइड्रोजन या थर्मोन्यूक्लयर बम। यह हाइड्रोजन आइसोटोप्स के आपस में मिलने के सिद्धांत पर काम करते हैं। इसमें दो परमाणु नाभिकों के मिलने से भारी मात्रा में ऊर्जा पैदा होती है और सूर्य की असीमित ऊर्जा का स्रोत भी उसके गर्भ में होने वाली यही प्रक्रिया है।


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