‘नकसीर’ नाक से खून आना का घरेलु उपचार | Naksir Treatment in Hindi

Naksir / नकसीर या अंग्रेजी Nose bleed या Epistaxis एक नाक सम्बंधित बीमारी हैं। इसमें नाक से खून (रक्त) निकलने लगता हैं। वैसे नाक से खून निकलना अपने आप में कोई रोग नहीं है लेकिन, जब बार-बार नाक से खून निकलता है तब यह एक रोग बन जाता है। नाक के अंदर मौजूद सतह की खून की वाहिनियां फटने से नकसीर फूटती है। यह समस्या गर्मियों के मौसम में ज्यादा होता हैं। यह मौसम के अनुसार शरीर में अधिक गर्मी बढ़ने से या अधिक गर्म पदार्थ का सेवन करने से भी हो सकता है। इस तरह की नकसीर जल्दी ही ठीक हो जाती है और बहुत कम उपचार की जरूरत होती है। कभी-कभी रक्त वापस मुंह में भी चला जाता है जिससे श्वास नलिका अवरूद्घ हो सकती है। यह गंभीर हो सकती है। यहाँ पर हम नकसीर (Nose Bleeding) से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू उपचार बता रहे है।

नकसीर (नाक से खून आना) का घरेलु उपचार | Naksir Treatment in Hindiनकसीर होने का कारण – Naak se Khoon Kyu Aata hai

नाक से खून निकलने के कई कारण हो सकते हैं। साइनस संक्रमण के कारण या सर्दी-जुकाम की दवाईयों को लेने से या फिर नाक वाला स्‍प्रे इस्‍तेमाल करने से नाक वाले रास्‍ते में खुश्‍की हो जाती है जिसके कारण खून निकलने लगता है, इसमें खतरे की कोई बात नहीं होती है। लेकिन कई बार कुछ बीमारियों जैसे – ल्‍यूकेमिया, लिवर की बीमारी, हीमोफीलिया या अन्‍य आनुवांशिक क्‍लॉटिंग बीमारी होने पर भी नाक से खून निकलने लगता है। इसके आलावा निचे दी गयी कारणों से भी नकसीर हो जाता हैं

  • नाक अथवा दिमाग में अचानक चोट लगने।
  • खून के भार में वृद्धि होने।
  • पुराने जुकाम के बिगड़ जाने से।
  • अधिक गर्मि में रहने से।
  • ज्यादा तेज मिर्च मसालों का सेवन करने से।
  • हाई ब्लड प्रेशर के कारण भी।
  • किसी अन्य घातक रोग का लक्षण।
  • अमोनिया और अन्य घाटक उत्तेजक पदार्थों से संपर्क में आने से।
  • अधिक शराब पिने या धूम्रपान के कारण।
  • कुछ व्यक्तिओ में नाक की हड्डी जन्मजात टेढी होती है और इस कारण नाक के एक nostril पर अधिक दबाव और गर्म हवा के कारण सुखापन हो जाता है जिस वजह से नाक में से bleeding शुरू हो जाता हैं।
  • आपको जानकर भय लग सकता है कि कैंसर का प्रांरभिक लक्षण भी नाक से खून निकलना होता है। लेकिन लोग अक्‍सर इस पर गौर नहीं करते हैं।

नकसीर के लक्षण –

नकसीर (Naksir) फूटने से पहले सिर में भारीपन महसूस होता है। इसके बाद अचानक सिर में दर्द होता है। दिमाग घूमने लगता है और कभी-कभी तेज चक्कर आ जाता है। इसके बाद बच्चे या युवक की नाक से गरम-गरम खून बहना शुरू हो जाता है। खून के बहने की क्रिया कभी तो नाक के बाएं नथुने से होती है और कभी दोनों नथुनों से। खून मुंह में आकर पेट में भी चला जाता है। इससे खांसी पैदा हो जाती है। रोगी घबरा जाता है। उसे सांस लेने में भी मुसीबत मालूम पड़ती है। कई बार पेशाब और मल में भी खून आने लगता है।

नकसीर आने पर ये घरेलु उपाय करे :- Naksir ke Gharelu Upay

नकसीर आने पर रोगी को चित लिटा दें और जिस नथुने से खून आ रहा हो, उसके विपरीत बांह में रुमाल कसकर बांध दे। कुछ ही देर में खून आना बंद हो जाएगा।

जब नाक से खून बह रहा हो तो कुर्सी पर पीठ रखे बिना बैठ जाइए, इस बीच नाक की बजाए मुंह से सांस लीजिए।

अगर पीड़ित के गले के आस-पास कोई tight बटन या टाई हो तो उसे खोल दे अथवा ढीला कर दे।

नाक से खून आने वाले व्यक्ति को धीरज दे और उसकी हिम्मत बढ़ाने की कोशिश करे।

नकसीर रोकने का एक और उपाय है बर्फ। जब नकसीर बह रही हो तब रोगी के हाथों पर बर्फ के कुछ टुकड़े रख दें। इससे सिर की गर्मी उतर जाती है और नाक से खून आना भी बंद हो जाता है। कपड़े पर बंधी हुई बर्फ को रोगी की नाक पर रखने से भी नकसीर की समस्या ठीक हो जाती है।

 नकसीर आने पर एक उंगली और अंगूठे के साथ नाक को पूरी तरह से घेरते हुये, नाक के निचले हिस्से को अच्छी तरह से दबायें। यहाँ दबाने से सीधे नासिका क्षेत्र में दबाव लागू होता है, जहां रक्त वाहिका क्षतिग्रस्त हैं। यह इस कदम को और अधिक प्रभावी बनाता है, क्योंकि इससे रक्त के प्रवाह को रोकने में मदद मिलती है। 10 मिनट के लिए नाक को दबाना जारी रखें, फिर छोड़े।

खून निकलना बंद होने के बाद आप हल्के गुनगुने पानी के साथ अपनी नाक के आसपास के क्षेत्र को साफ कर सकते हैं। अपने चेहरे को साफ करने के बाद, आप थोड़ी देर के लिए आराम करें। यह आगे रक्तस्राव को रोकने में मदद करेगा।

नकसीर के घरेलु आयुर्वेदिक इलाज – Nose Bleeding Treatment in Ayurveda in Hindi

1). प्याज :- प्याज नकसीर ठीक करने के लिए बेहद फायेदमंद औषधि हैं।

  • प्याज का रस नाक में टपकाने से रक्त आना बंद हो जाता है।
  • नकसीर की समस्या होने पर प्याज को काटकर नाक के पास रखकर सूंघने से भी नकसीर ठीक हो जाती हैं।

2). धनिया :- नकसीर फूटने अर्थात नाक से खून आने पर नाक में धनिया के पत्तों का रस डालना चाहिए। जल्दी खून आना बंद हो जाएगा।

3). आंवला :- नकसीर फूटने पर आंवला पीसकर घी में भून लें और उसका लेप नाक पर कर दें।

4). हरी दूब :- ताजी-हरी दूब उखाड़कर पानी से धो लें। उसे पीसकर रस निकालें और दो-दो बूंदे नाक में दोनों तरफ टपकाएं। नकसीर बंद हो जाएगा।

5). बर्फ :- सिर पर बर्फ या गीली मिट्टी रखें और मिट्टी सुंघाए। नकसीर बंद हो जाएगी। यह नुस्खा गर्मियों के मौसम का है।

6). मुरब्बा :- गर्मी के कारण नकसीर फूटने पर सेब के मुरब्बे में छोटी इलायची डालकर खिलाएं।

7). त्रिफला :- त्रिफला में शहद मिलाकर चटाने से नकसीर बंद हो जाती है।

8). सिरका :- रुई के फाहे को सफेद सिरके में भिगोकर उसे नाक की ओर रखने से खून बंद होगा।

9).  सुहागा :- थोड़ा सा सुहागा पानी में घोलकर नथूनों पर लगाऐं नकसीर तुरन्त बन्द हो जाएगी।

10). गुलकंद :- सुबह और शाम दोनों समय दूध में पंद्रह ग्राम गुलकंद को मिलाकर खाने से नकसीर का रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

11). इलायची :- इलायची को सेब के मुरब्बे के साथ मिलाकर खाने से नकसीर आना बंद हो जाती है।

12). मुलतानी मिट्टी :- मुलतानी मिट्टी की एक बड़ी चम्मच को आधा लीटर पानी मे भिगोकर रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह इसे छानकर या निथरकर इसे पीएं। इसे नकसीर की समस्या दोबार नहीं होती है।

13). शीशम या पीपल :- शीशम या पीपल के पत्तों को पीसकर या कूटकर , उसका रस नाक में 4-5 बूँद ड़ाल दिया जाए तो एक क्षण में ही आराम मिल जाता है।

14). गुलकंद :- सुबह और शाम दोनों समय दूध में पंद्रह ग्राम गुलकंद को मिलाकर खाने से नकसीर का रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

15). निम्बू :- एक दो बूँदें नींबू का रस नथुने में डालने से भी नाक से रक्तस्राव काफी हद तक रुक जाता है।

ऩकसीर में क्या खाएं और क्या नहीं –

⇒ नकसीर फूटने पर गरम पदार्थों जैसे गरम मसाले, चाट-पकौड़े, चाय, कहवा या अन्य प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। ज्यादा ठंडी चीजों के सेवन से बचें। शरीर की सहनशीलता तथा स्वभाव से अधिक ठंडे पदार्थों को भी नहीं ग्रहण करना चाहिए। सम स्वभाव या तासीर के फल तथा सब्जियां खानी चाहिए। ठंडे पदार्थों का सेवन हितकारी रहता है। वैसे पित्त को शान्त करने वाले नुस्खों का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिनको नकसीर की समस्या रह्ती है उन्हे ध्रूमपान से बिल्कुल परहेज़ करना चाहिए।

⇒ कब्ज़ियत की वजह से आपको मल त्यागने में कठिनाई हो सकती है, जो कि नाक में नकसीर की वृद्धि का कारण बनता है, क्योंकि इससे आपकी रक्त वाहिकाओं पर दबाब पड़ता है। इससे क्षण भर में धमनी में दबाव बढ़ सकता है और पहले से घायल रक्त वाहिकाओं के रक्त के थक्कें हट सकते हैं, जो अंततः आगे नाक में रक्तस्राव कर सकते हैं। कब्ज को फाइबर में उच्च खाद्य पदार्थों को खाने और तरल पदार्थ का सेवन बढ़ाने से रोका जा सकता है।

सलाह –

गर्भनिरोधक गोलियों के प्रयोग में सावधानी बरतें, क्योंकि गलत गोलियों के प्रयोग से नाक से रक्तस्राव शुरू हो सकता है।

शुष्क वातावारण में रहने से बचें। एयर कंडिशनर और एयर कूलर उत्तम होते हैं क्योंकि वे हवा में नमी को बनाये रखते हैं।

गर्मियों में चिलचिलाती धूप से निकलकर सीधे एयर कंडीशन वाले कमरे में न जाएं।

अगर आपको छींकना है, जब आपकी नाक से खून बह रही है, तो आपको अपने मुँह से हवा निष्कासित करने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि आप आगे अपनी नाक को अधिक चोटिल ना करें और रक्तस्राव ना हो।

अगर आपको साँस लेने में कठिनाई है, खासकर जब रक्त अपके गले के नीचे से गुजरता है, तो आपको चिकित्सक से मिलना चाहिए। इससे जलन और खाँसी उत्पन्न हो सकती है, जिससे परिणाम के रूप में संक्रमण पैदा हो सकता है, जो कि सांस लेने में समस्या पैदा कर सकता है।

अगर बच्‍चे को चोट लगने के कारण नाक से खून आने लगता है तो देर न करें। उसे शीघ्र ही हॉस्‍पीटल ले जाएं। एक्‍सीडेंट होने पर नाक से खून आने पर भी लापरवाही न बरतें। कई बार दिमाग में चोट लगने पर भी नाक से खून आने लगता है।

कई बार आपके द्वारा खाई जाने वाली दवाएं भी नाक से रक्‍त निकलने का कारण बन जाती हैं। जैसे कि एस्प्रिन और हेपेरिन, इन दवाईयों में ऐसे तत्‍व होते हैं जो रक्‍त को पतला कर देते हैं और कई बार इसके कारण ही नाक से रक्‍त बहने लगता है। अगर ऐसा है तो अपने डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करें।


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