हाई ब्लड प्रेशर के कारण और घरेलु इलाज | High blood pressure in hindi – hypertension

High Blood Pressure/ उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन (hypertension) दुनिया में सबसे साधारण स्वास्थ्य स्थितियों में से एक है। हाई ब्लडप्रेशर में शरीर की धमनियां कड़ी पड़ जाती हैं। हाई ब्लडप्रेशर होने से दिल का दौर, नस फटने, और किडनी ख़राब होने की संभावना बढ़ जाता हैं। यह रोग मधुमेह, अजीर्ण व् गुर्दे की खराबी से भी हो सकता हैं। चलिए जानते हैं हाई ब्लडप्रेशर कम करने के कुछ घरेलु और आयुर्वेदिक उपाय..  

हाई ब्लड प्रेशर का घरेलु आयुर्वेदिक इलाज- High blood pressure in hindi

Hypertension को silent killer भी कहा जाता है क्योंकि अधिकतर लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हे High BP की शिकायत है। भारत में हर साल लगभग 2.5 लाख लोग मरते हैं जबकि विश्वभर में ये आंकड़ा करोड़ों लोगों का है। आमतौर पर ये ब्लड प्रेशर इस बात पर निर्भर करता है कि हृदय कितनी गति से रक्त को पंप कर रहा है और रक्त को नसों में प्रवाहित होने में कितने अवरोधों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल गाइडलाइन्स के अनुसार 130/80 mmHg से ज्यादा रक्त का दबाव हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर की श्रेणी में आता है।

उच्च रक्तचाप का कारण – HyperTension Causes in Hindi

हाइपरटेंशन मुख्य रूप से दो तरह का होता है। (1) प्राइमरी हाइपरटेंशन, (2) सेकेंडरी हाइपरटेंशन, प्राइमरी हाइपरटेंशन ज्यादातर युवाओं को होता है। यह अनियमित जीवनशैली की वजह से ये धीरे-धीरे समय के साथ हो जाता है। इस तरह के ब्लड प्रेशर का कारण बहुत आम होता है जैसै: मोटापा, नींद की कमी, अत्यधिक गुस्सा करना, मांसाहारी भोजन का अधिक सेवन, तनाव, तैलीय पदार्थों और अस्वस्थ खान-पान।

सेकेंडरी हाइपरटेंशन वो है जो शरीर में किसी रोग के कारण या किसी स्थिति के कारण हो जाता है। जैसे –
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया, किडनी का कोई रोग, एड्रीनल ग्लैंड ट्यूमर, थायरॉइड की समस्या, गर्भनिरोधक दवाओं का अधिक सेवन, सर्दी-जुकाम और दर्द की दवाओं का अधिक सेवन शराब, सिगरेट, ड्रग्स आदि का नशा करने से होता हैं।

इसके आलावा बढ़ती उम्र के साथ-साथ High BP होने का रिस्क भी बढ़ता जाता है और आपके परिवार में किसी को हाई बीपी है तो आपको भी ये बीमारी होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

उच्च रक्तचाप का घरेलु आयुर्वेदिक इलाज – High Blood Pressure Ka Gharelu Ilaj In Hindi

  • उच्च रक्तचाप में सुबह खाली पेट 4 छुहारे खूब चबा चबा कर खाएं। इसके बाद आधा घंटे तक कुछ न खाए पीए। सोते समय भी ऐसा ही करें। यह हाई ब्लड प्रेशर को सामान्य करता है।
  • तरबूज के बीज की गिरी तथा खसखस अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। इसका रोजाना सुबह एक चम्‍मच सेवन करें। इससे हाई ब्लड प्रेशर सामान्य हो जायेगा।

 

  • उच्च रक्तचाप में नारंगी का सेवन लाभकारी होता है। ऐसे रोगी को दो-तीन दिन तक नारंगी का जूस पिलाएं तथा कोई अन्य पेय या भोजन ना दे। हाई ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाएगा।
  • उच्च रक्तचाप में रोगी को तरबूज का रस देना अमृत के समान होता है। तरबूज का काट कर उसपर सेंधा नमक बुरक दे। फिर उसके बाद उसके गुर्दे को मथकर रस निकाल ले। तीन-चार दिन में ही ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है।
  • ब्लड प्रेशर कम करें के लिए सबसे अच्छे सप्लीमेंट हैं – कोएंजाइम Q10, ओमेगा-3, मछली का तेल, लहसुन, कर्कुमिन, अदरक, कैयेंन।, नागफनी, मैग्नीशियम और क्रोमियम।
  • गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खाएं, आटे से चोकर न निकालें।
  • सुबह शाम पपीते की 2-3 फांके खाली पेट रोज खाने से उच्च रक्त चाप की प्रॉब्लम दूर हो जाती है।
  • 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण रात को सोने से पहले गर्म पानी के साथ रोज नियमित रूप से लेने पर उच्च रक्तचाप की शिकायत नहीं होती है।
  • पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं। 15 दिन में लाभ नजर आने लगेगा।
  • तीन ग्राम मेथीदाना पावडर सुबह-शाम पानी के साथ लें। इसे पंद्रह दिनों तक लेने से लाभ मालूम होता है।
  • लहसुन की एक कली बारीक पीसकर रोजाना सुबह चाट लेने से उच्च रक्तचाप सामान्य हो जाता हैं।
  • दो चम्मच शहद में, एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर सुबह शाम पीने से उच्च रक्तचाप कम हो जाता है।
  • रोजाना सुबह तीन दाने चिरौंजी चबाकर खाने और ऊपर से ताजा पानी पीने से उच्च रक्तचाप नार्मल होने लगता है।
  • तीन ग्राम मेथीदाना पावडर सुबह-शाम पानी के साथ लें। इसे पंद्रह दिनों तक लेने से उच्च रक्तचाप में लाभ मालूम होता है।
  • सौंप,जीरा और मिश्री को सामान्य मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक-एक चम्मच चूर्ण सुबह-शाम लेने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।
  • आंवले का रस रोज नियमित रूप से लेने पर उच्च रक्तचाप नहीं होता। आंवले का कसैला तत्व, ह्रदय के आसपास की चर्बी हटा देता है। इस से उच्च रक्तचाप शीघ्र ही सामान्य हो जाता है।
  • अजमोद की 20 ग्राम ताजी पत्तियों को ढाई सौ ग्राम पानी में उबालने के बाद उसे छानकर पी जाए। इसी प्रकार दिन में तीन बार यह पानी पिए। इससे उच्च रक्तचाप में बहुत लाभ मिलता है।
  • मूली का नियमित सेवन उच्च रक्तचाप में लाभ पहुंचाता है।
  • सर्पगंधा बूटी की जड़ को छाया में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण का आधा चम्मच दिन में तीन बार पानी के साथ लें। उच्च रक्तचाप की सर्वश्रेष्ठ घरेलू औषधि है।
  • तरबूज का रस एक या दो चाय के प्याले दिन में तीन बार पिए। इसके आलावा तरबूज के बीजों का रस पीना भी लाभदायक है। इसके लिए तरबूज के बीजों को छाया में सुखा लें। इन सूखे बीजों में से दो चम्मच बीज रोज निकाल कर कूट पीस ले। फिर उन्हें आधा गिलास पानी में डालकर उबाल लें। इसके बाद 1 घंटे तक पानी में ठंडा होने दें। तत्पश्चात चम्मच से पानी को भली प्रकार हिलाकर छान लें और पी जाएं। इस तरीका से 1 दिन में तीन बार जरूर पानी पिए। 10 -15 दिनों में उच्च रक्तचाप से पूरा आराम मिल जाता है।
  • गरम पानी में एक नींबू का रस निचोड़ कर उसमें आधा चम्मच शहद मिलाए। इस पानी में सहद उस समय मिलाना है, जब पानी हल्का सा गर्म रह जाए। इसी प्रकार दिन में तीन बार नींबू का पानी पिए। इस से 15 दिनों में उच्च रक्तचाप सामान्य स्तर पर रहने लगता है।
  • आंवले का मुरब्बा खाने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है एक आंवला सुबह तथा एक शाम को खाएं।
  • लहसुन की चार कलियां छीलकर रात को शीशे के एक गिलास शुद्ध जल में डाल दें। सुबह इन कलियों को खा कर उनका पानी ऊपर पि ले। 1 सप्ताह में ही उच्च रक्तचाप नियंत्रण में आ जाता है।
  • दो सेब रोज खाने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।
  • नमक रहित चौलाई की अधपकी सब्जी दिन में दो बार खाकर उच्च रक्तचाप से मुक्त हुआ जा सकता है। इसका प्रयोग 1 सप्ताह तक बराबर करें।
  • पानी में नमक डालकर छिलके वाला आलू उबाले। इस प्रकार उबाले गए चार आलू सुबह और चार आलू शाम को खाएं। इन में नमक नहीं मिलाए। उच्च रक्तचाप सामान्य हो जाएगा।
  • आधा गिलास गाजर और आधा गिलास पालक का रस मिलाकर पिए। इस प्रकार सुबह-शाम इन रसों को सेवन करने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।
  • सुबह-सुबह 20 ग्राम नीम की पत्तियों का रस लेने अथवा 10 पत्तियां चबाने से उच्च रक्तचाप 7 से 15 दिन के अंदर नार्मल हो जाता है। ध्यान रखें कि यह नीम भारतीय कड़वा नीम हो।
  • नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट चलें। रोजाना चलने से ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है।
  • मध्यम और बिना चर्बी वाला आहार खाएं और उत्तेजकों से बचें: कैफीन, ज्यादा मात्रा में चॉकलेट, चीनी, सफ़ेद कार्ब्स, कैंडी, चीनीयुक्त पेय और आहर में उपस्थित अतिरिक्त फैट से बचें। बहुर अधिक मांस, दूध के उत्पाद और अंडे खाने की अपेक्षा शाकाहारी आहार अधिक लेने की कोशिश करें।
  • सिगरेट के धुएं में निकोटिन जैसे उत्तेजक पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकते हैं। अगर आप धूम्रपान करना बंद कर दें तो आप अपने ह्रदय को अधिक स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकते हैं और अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारियों जिनमे फेफड़ों का कैंसर भी शामिल है, की संभावनाओं को कम कर सकते हैं।

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