कान दर्द जल्दी ठीक करने के घरेलु उपचार | Ear Pain Treatment in Hindi

Ear Pain / कान का दर्द होना एक आम बीमारी हैं पर इसमें असहनीय दर्द होता है। कान में दर्द कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। सर्दी, लगातार तेज और कर्कश ध्वनि, कान में चोंट, कान में कीडा घुसना या संक्रमण, कान में अधिक मैल जमा होना या नहाते समय कान में पानी प्रविष्ठ होना इनमें से किसी भी कारण से कान में रोग हो सकता है। सर्दी या बरसात के मौसम में भी कान के रोग हो जाते है। अगर इनका समय से इलाज नहीं किया गया तो सुनने की शक्ति पर असर पड़ सकता है। कान शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसकी रचना जटिल और अत्यंत नाजुक है। थोड़ी सी लापरवाही बहरापन का कारण बन सकता हैं। इसलिए इसका उपचार ध्यानपूर्वक करना जरुरी हैं।

जल्दी कान दर्द ठीक करने के घरेलु उपचार | Ear Pain Treatment in Hindiकान के रोग के लक्षण – Symptoms of Ear Disease

  • काम सुनाई देना.
  • कान में खुजली होना.
  • बार-बार कान सुन होना.
  • लगातार कान में दर्द होना.
  • कान में भारीपन महसूस होना.
  • सर दर्द होना.

कान दर्द के घरेलु उपचार – Kan Dard ka Gharelu Upay in Hindi

1). लहसुन : लहसुन कानो में दर्द ठीक करने के लिए प्राकृतिक औषधि हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीबायोटीक से कानो में इन्फेक्शन दूर होता हैं।
  • कान के दर्द अथवा कान में फुंसी हो जाने से मैल जमा हो जाता है। इसके लिए एक पाव तिल्ली के तेल में 30 ग्राम लहसुन की कलियों को धीमी आग पर पकाएं। जब लहसुन काली पड़ जाए तो उस तेल को छान लें। कान के दर्द में इसकी कुछ बूंदे कानों में डालकर रुई से बंद कर दें। कई दिनों के प्रयोग से कान का मैल फूल जाता है और फुंसिया साफ हो जाती है।
  • लहसुन की दो कलीयों को अच्छी तरह से पीसकर इसमें एक चुटकी नमक मिलाकर वूलेन कपडे से बनायी गयी पुल्टीस को दर्द वाले हिस्से पर रखें ,जल्दी ही दर्द में आराम होगा।
  • 10 मिलि तिल के तेल में 3 लहसुन की कली पीसकर इसे किसी बर्तन में गरम करें। फिर छानकर शीशी में भरलें। इसकी 4-5 बूंदें जिस कान में समस्या हो उसमें टपका दें। कान दर्द में लाभ प्रद नुस्खा है।
2). अदरक : लहसुन, प्याज की तरह अदरक भी कान दर्द दूर करने में सहायक औषधि है।
  • अदरक के रस में नींबू का रस मिलाएं और इसकी चार पांच बूंदें कान में डालें। आधे घंटे के बाद कान को रुई से साफ कर दें।
  • अदरक का रस निकालकर दो बूँद कान में टपका देने से भी कण के दर्द एवं सूजन में लाभ मिलता है।
3). प्याज : प्याज एक एन्तिबैक्टेरिया व एंटीसेप्टिक होने के कारण, कानो में दर्द ठीक करने के लिए लाभदायक हैं।
  • प्याज का रस निकाल लें,अब रुई के फाये को इस रस में डुबोकर इसे कान के उपर निचोड़ दें, इससे कान में उत्पन्न सूजन, दर्द, एवं संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है।
  • कान-दर्द में प्याज का रस गरम करके कानों में बूंद-बूंद करके टपकाना चाहिए। इससे कान-दर्द में आराम मिलेगा।
  • थोड़ीसी प्याज को किस लें, अब इसे साफ कपड़े में लपेट लें। अब इसे कान में उपर 5-10 min रखें। दिन में कई बार ये प्रक्रिया दोहराएँ। जल्द ही आराम मिलेगा।
4). तुलसी : तुलसी कान दर्द ठीक करने के लिए रामबाण औषधि हैं।
  • तुलसी के पत्तों का रस कपूर में मिलाकर हल्का गर्म कर लें और कान में डालें कान का दर्द खत्म हो जाएगा।
  • तुलसी की ताज़ी पतियों को निचोड़कर दो बूँद कान में टपकाने से कान दर्द से राहत देता है।
5). केले : केले के फायदे अनेक हैं पर केला कान दर्द में राहत देने के लिए भी जाना जाता हैं।
  • केले की पेड की हरी छाल निकालें। इसे गरम करके सोते वक्त इसकी 3-4 बूंदें कान में डालें। कान दर्द की यह बहुत ही उम्दा दवा है।
  • केले के पत्ते का रस और समुंद्रफेन मिलाकर शीशी में भरकर रख ले। इसकी दो-दो बूंदे कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।
6). सरसों का तेल : सरसों का तेल का तेल कान दर्द में तुरंत राहत देती हैं।
  • दो या तीन बूँद सरसों का तेल कान में डालने से कान के संक्रमण में तुरंत लाभ मिलता है।
  • एक मूली के बारीक टुकडे करके उसे सरसों के तेल में पकावें। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें। कान दर्द में इसकी 2-4 बूंदे दिन में 3-4 बार टपकाने से जल्दी ही आराम मिलता है।
7). राई : राई का तेल कानों में डालने से कान के फोड़े-फुंसी ठीक हो जाते हैं। इससे दर्द में भी आराम मिलता है।

8). अजवाईन : अजवाईन का तेल और तिल का तेल 1:3 में मिलाएं, इसे मामूली गरम करके कान में 2-4 बूंदे टपका दें। कान दर्द में यह बहुत उपयोगी है।

9). मुलहठी : मुलहठी कान दर्द में उपयोगी है। इसे घी में भूनकर बारीक पीसकर पेस्ट बनाएं। फिर इसे कान में लगाएं। कुछ ही मिनिट में दर्द बिलकुल समाप्त होगा।

10). मैथी : पांच ग्राम मैथी के बीज को एक बडा चम्मच तिल के तेल में गरम करें। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें। अब इसे 2 बूंद दूध के साथ कान में टपकादें। कान पीप का यह बहुत ही कारगार इलाज माना जाता है।

11). गर्म पानी सिकाई – शीत की वजह से होने वाले कान के दर्द में गर्म पानी की सिकाई बहुत कारीगर है। एक बोतल में गर्म पानी भरें अब इसे टोवल में लपेटकर कान के आसपास सिकाई करें। ऐसा करने से कान के अंदर का दर्द बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।

12). तुलसी या पेपरमिंट : ये वास्तविक जड़ी-बूटी वाला उपचार है। दोनों के लिये आपको रस निकालने की आवश्यकता पड़ेगी। इस प्रक्रिया में उन्हें पीसना और हल्का गरम करना शामिल होता है। पेपरमिंट के तेल को कान के चारो ओर लगाना चाहिए जबकि तुलसी के रस को कान के अन्दर डाला जा सकता है।


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