अंगूर खाने के फायदे और गुण | Grapes Benefits in Hindi

Grapes / अंगूर एक बलवर्घक एवं सौन्दर्यवर्घक फल है। इसमें मां के दूघ के समान पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। अंगूर में भस्म, अम्ल, शर्करा, गौंद, ग्लूकोज, कषाय द्रव्य, साइट्रिक, हाइट्रिक, रैसेमिक और मौलिक एसिड, सोडियम और पोटेशियम और क्लोराइड मेग्नीशियम आदि होता है। फलों में अंगूर सर्वोत्तम माना जाता है। यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है। साथ ही अंगूर एक सुगंधित लता वाला फल है। अंगूर की पांच जातियां – तीन हरे और दो काले रंग की होती हैं। आइये इस लेख में हम आपको बताते हैं आंगूर के अनेक गुणों और अंगूर खाने के फायदे।

अंगूर खाने के फायदे और गुण | Grapes Benefits in Hindiकहते हैं कि अंगूर का उत्पादन सबसे पहले करीब छह हजार साल पहले यूरोप में हुआ था। फ्रांसीसियों के साथ यह अमेरिका पहुंचे जहां बाद में इसका प्रयोग वाइन बनाने के लिए किया जाने लगा। अंगूर की खासियत है कि इसका प्रयोग रोगी, निरोगी, बच्चे, बूढ़े, युवा, गर्भवती अथवा दूध पिलाने वाली माता, कमजोर या पहलवान सभी कर सकते हैं। अंगूर मधुमेह और कैंसर रोगियों के लिए फायदेमंद है। अंगूर में हेरोस्टिलवेन नामक पदार्थ पाया जाता है जो एण्टीआक्सीडेंट है। अंगूर खून में से शूगर की मात्रा को कम करता है।

इसलिए मधुमेह रोगी के लिए भी अंगूर उपयोगी है। हरे अंगूरों की तुलना में काले अंगूरों में ओरोस्टिलवेन की मात्रा अधिक होती है जिसे खाने से खून का संचार बदलता है। एनीमिया होने पर अंगूर खाने से तुरंत फायदा होता है। अंगूर ग्लूकोज, शुगर, आयरन, खून की कमी को दूर करता है। आधा कप अंगूर रस नित्य पीने से खून की कमी दूर होती है।

अंगूर में मौजूद पोषक तत्व – Grapes vitamins and nutrients in hindi

  • विटामिन ए,सी,बी6
  • गुलुकोस
  • सोडियम
  • पोटेशियम
  • एसिड
  • मैग्नीशियम
  • कैल्सियम
  • आयरन
  • फोस्फोरस
  • सेलेनियम
  • एंटीऑक्सिडेंट्स

अंगूर खाने के फायदे – Grapes Benefits for Health & Skin in Hindi

हार्ट-अटैक से बचने के लिए काले अंगूर का रस एसप्रिन की गोली के समान कारगर है। एसप्रिन खून के थक्के नहीं बनने देती है। काले अंगूर के रस में फलोवोनाइडस नामक तत्व होता है और यह भी यही कार्य करता है।

अंगूर फोडे-फुन्सियों एवं मुहासों को सुखाने में सहायता करता है। अंगूर के रस के गरारे करने से मुँह के घावों एवं छालों में राहत मिलती है।

कैंसर रोग में पहले तीन दिन थोड़े अंगूर का रस सेवन करें फिर धीरे-धीरे एक गलास तक पानी की आदत डालें। टायफाइड बुखार में मुनक्का सेवन करना फायदेमंद रहता है। इससे पेट साफ होता है तथा मल भी जमा नहीं होता।

 अंगूर में पॉली-फेनोलिक फाइटोकेमिकल कंपाउंड पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को न केवल कैंसर से, बल्कि कोरोनरी हार्ट डिजीज, नर्व डिजीज, अल्जाइमर व वाइरल तथा फंगल इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

अंगूर में मिलने वाले पोषक तत्व हमारे पूरे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद रहते हैं। अंगूर में सीमित मात्रा में कैलॉरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, सोडियम, फाइबर, विटामिन ए, सी, ई व के, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक और आयरन भी मिलता है।

आधे सिर के रोगी को जिसमें दर्द सूर्योदय से पहले प्रारम्भ होता है। सूर्य के साथ ही बढ़ता जाता है। इस स्थिति में आधा कप अंगूर का रस सूर्योदय से पहले पीने से सिरदर्द ठीक हो जाता है।

शरीर के किसी भी भाग से रक्त स्राव होने पर अंगूर के एक गिलास ज्यूस में दो चम्मच शहद घोलकर पिलाने पर रक्त की कमी को पूरा किया जा सकता है जिसकी कि रक्तस्राव के समय क्षति हुई है।

अंगूर आंख के फोटोरिसेप्टर की रक्षा करते हैं और धब्बेदार अध: पतन और अन्य नेत्र संबंधी बीमारियों को रोकने में मददगार हैं।

गुर्दे के दर्द में अंगूर के ताजा पत्ते लगभग 50 ग्राम पानी में पीसकर थोड़ा नमक मिलाकर छान लें रोगी को पिलाने से दर्द में लाभ होता है।

अंगूर का गूदा ” ग्लूकोज व शर्करा युक्त ” होता है। विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में होने से अंगूर का सेवन भूख बढाता है, पाचन शक्ति ठीक रखता है, आँखों, बालों एवं त्वचा को चमकदार बनाता है।

अंगूर से बढ़ती उम्र के साथ चहरे पर आने वाली झुरियां दूर होती है। इसके लिए आप रोज नहाने से पहले अंगूर के पल्प को सर्कुलेशन मोशन में चहरे पे लगायें, 20 min बाद इसे ठन्डे पानी से धो लें।

अंगूर त्वचा को सॉफ्ट बनाता है. इसे स्किन बिलकुल एक बेबी की तरह सॉफ्ट हो जाती है। इसके लिए अंगूर के पल्प को चेहरे पर स्क्रब की तरह लगाना चाहिए।

एनीमिया में अंगूर से बढकर कोई दवा नहीं है। उल्टी आने व जी मिचलाने पर अंगूर पर थोडा नमक व काली मिर्च डालकर सेवन करें।

अंगूर में विभिन्न पोषक तत्व आपके हड्डियों को पोषित कर उसे मजबूत व स्वस्थ बनाते हैं। तांबा, लौह, मैंगनीज जैसे पोषक तत्व हड्डी गठन (Bone Formation) और उन्हें मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

पेट की गर्मी शांत करने के लिए 20-25 अंगूर रात को पानी में भिगों दे तथा सुबह मसल कर निचोडें तथा इस रस में थोडी शक्कर मिलाकर पीना चाहिए।

भोजन के आघा घंटे बाद अंगूर का रस पीने से खून बढता है और कुछ ही दिनों में पेट फूलना, बदहजमी आदि बीमारियों से छुटकारा मिलता है।

अंगूर थकान से लड़ने के लिए और ऊर्जा के स्तर में सुधार के लिए एक आदर्श नाश्ता माना जाता है। अंगूर उच्च गुणवत्ता वाले विटामिन एवं मैग्नीशियम, फास्फोरस, लौह और तांबा जैसे खनिजों से भरपूर होता है। यह सभी पोषक तत्व एक साथ काम कर, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं, ऊर्जा प्रदान करते हैं और थकान से लड़ते हैं।

अंगूर खाने के कुछ अन्य लाभ –

  • अंगूर खाने से याददाश्त मजबूत होती है।
  • अंगूर ग्लूकोज, आयरन और खून की कमी को दूर करता है।
  • चेचक के रोगी को अंगूर खिलाने से उसे आराम होता है।
  • अंगूर से हाई ब्लडप्रेशर भी कण्ट्रोल में रहता है।
  • मधुमेह की बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए भी अंगूर एक अच्छा फल है, जिसे वो आसानी से खा सकते है।
  • अंगूर में मौजूद एंटीओक्सिडेंट तत्व शरीर में मौजूर कैंसर के कीटाणु से लड़ कर उन्हें बाहर निकालते है।
  • अंगूर में लुटीन होता है, जो आँख के लिए जरूरी व् अच्छा माना जाता है।

अंगूर खाने के नुक्सान –

अंगूर फलों में सर्वोत्तम तो है ही परंतु इसके दुष्प्रभाव भी है। आइये जाने इसे खाने के नुक्सान…
  • वैसे तो अंगूर में बहुत ही कम कैलोरीज होती हैं परंतु इसका बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ किलो वजन बढ़ सकता है।
  • यदि आपका शरीर फ्रुक्टोज (फलों के रस से निर्मित चीनी) संवेदनशील है तो इसका सेवन करने से लिवर और किडनी की कार्यशीलता पर प्रभाव पर सकता है।
  • इसके ज्यादा सेवन से गैस की शिकायत भी हो सकती है।
  • अंगूर को पकाकर खाने से बचें क्योंकि खाने बनाने की प्रक्रिया के दौरान यह अपने पोषक तत्व खो देता है और उतना लाभकारी नहीं रहता।

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