राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की जीवनी | Ram Nath Kovind Biography in Hindi

Ram Nat Kovind in hindi/ रामनाथ कोविन्द भारतीय राजनीतिज्ञ और भारत के राष्ट्रपति (president of india) हैं। देश के 14वें राष्ट्रपति के लिए 17 जुलाई 2017 को हुए मतदान की 11 राज्यों के वोटों की गणना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने विपक्षी दलों की संयुक्त उम्मीदवार मीरा कुमार को तीन लाख से भी अधिक मतों से पराजित किया और भारत के 14वें राष्ट्रपति बने। 25 जुलाई 2017 को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर ने उन्हें भारत के राष्ट्रपति के पद की शपथ दिलायी। सन 2015 से 2017 तक रामनाथ कोविंद बिहार के गवर्नर भी रहे चुके है।

रामनाथ कोविन्द की जीवनी | Ram Nath Kovind Biography in Hindiरामनाथ कोविन्द का परिचय – Ram Nath Kovind Biography in Hindi

पूरा नाम रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind)
जन्म 1 अक्टूबर 1945
जन्म स्थान परौख, कानपूर देहात जिला, उत्तरप्रदेश, भारत
पिता का नाम स्वर्गीय मैकू लाल
माता का नाम स्वर्गीय कलावती
पत्नी सविता कोविंद
पेशा पॉलिटिशियन एवं अधिवक्ता
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर परौख, कानपूर देहात जिला, उत्तरप्रदेश, भारत
कॉलेज कानपूर यूनिवर्सिटी, कानपूर
शैक्षणिक योग्यता बीकॉम एवं एलएलबी
धर्म हिन्दू
जाति अनुसूचित जाति (कोली – एक बुनकर समुदाय)
प्रसिद्धी के कारण भारत के 14वें राष्ट्रपति

रामनाथ कोविंद एक दलित नेता और साथ ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सदस्य भी है। राष्‍ट्रपति चुनाव जीतने के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘एपीजे अब्‍दुल कलाम जी और प्रणब मुखर्जी ने जिस परंपरा को आगे बढ़ाया है, उस पद पर मेरा चयन मेरी जिम्‍मेदारी और बढ़ा रहा है.’

‘उन्‍होंने कहा, ‘इस पद पर चुना जाना न कभी मैंने सोचा था और न कभी मेरा लक्ष्‍य था लेकिन देश के लिए अथक सेवा भाव मुझे यहां तक ले आया.’ ‘इस पद पर रहते हुए संविधान की रक्षा करना और उसकी मर्यादा बनाए रखना मेरा कर्तव्‍य है। राष्‍ट्रपति पद पर मेरा चयन भारतीय लोकतंत्र की महानता का प्रतीक है। मैं देश के लोगों को आश्‍वस्‍त करना चाहता हूं कि सर्वे भवंतु सुखिन: की तरह मैं भी बिना भेदभाव के देश की सेवा में लगा रहूंगा. आप सभी को धन्‍यवाद.’।

गौरवतलब हैं की भारत के 14वे राष्‍ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद को कुल 522 सांसदों ने वोट किया और इस तरह उन्‍हें 702044 वोट मिले। वहीं उनकी प्रतिद्वंद्वी मीरा कुमार को 367314 वोट मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनाथ कोविंद को राष्‍ट्रपति चुनाव जीतने पर बधाई दी है। पीएम ने मीरा कुमार को भी उनके चुनाव प्रचार और लोकतांत्रिक मूल्‍यों को बनाए रखने के लिए बधाई दी।

राम नाथ कोविन्द का राजनैतिक सफ़र कई मोड़ से गुज़रते हुए देखा जा सकता है। इन्होने कई तरह की भूमिका में देश में भाग लिया है। वे जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं। इन्होने एक समाज सेवी, एक वकील और एक राज्यसभा सांसद के तौर पर काम करते हुए कमज़ोर तबके के लोगों को हर तरह से लाभ पहुँचाने की कोशिश की। राजनीति में भी इन्होने एक अहम् भूमिका निभाई और राज्यसभा में रहते हुए कई पदों पर काम किया।

प्रारंभिक जीवन – Early Life of Ram Nath Kovind in Hindi

राम नाथ कोविन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की (वर्तमान में कानपुर देहात जिला ), तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में 01 अक्टूबर 1945 को हुआ था। इनके पिता का नाम स्वर्गीय मैकू लाल और माता का नाम स्वर्गीय कलावती हैं। रामनाथ कोविंद अपने पांच भाइयों, मोहन लाल कोविंद, शिवबालक, रामस्वरूप, प्यारेलाल में सबसे छोटे हैं। कोविन्द का सम्बन्ध कोरी या कोली जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है।

राम नाथ कोविन्द की शुरूआती शिक्षा गांव से ही हुई। इसके बाद इन्होने कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई की। कानपुर यूनिवर्सिटी (अब छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर) से बीकॉम अौर इसके बाद डीएवी लॉ कॉलेज से वकालत की पढाई की। इसके बाद वे दिल्ली प्रस्थान कर गए जहां जाकर इन्होने आईएएस की परीक्षा निकालने की कोशिश की, शुरु में दो बार असफलता लगने के बाद इन्होने हार नहीं मानी और तीसरी बार पुनः आईएएस एंट्रेंस की परीक्षा दी. इस बार ये सफल हुए, हालांकि इन्हें आईएएस पद नहीं मिला था। इन्होने नौकरी नहीं की और नौकरी की जगह लॉ का अभ्यास करने लगे।

रामनाथ कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की शुरुआत की। फिर दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में 16 साल तक प्रैक्टिस की। 1971 में दिल्ली बार काउंसिल के लिए नामांकित हुए। दिल्ली हाईकोर्ट में 1977 से 1979 तक केंद्र सरकार के वकील रहे थे। 1980 से 1993 तक केंद्र सरकार की स्टैंडिग काउंसिल में थे। भाजपा की सरकार में सुप्रीम कोर्ट के जूनियर काउंसलर के पद पर रहे।

इनका विवाह 30 मई 1974 को सविता कोविंद के साथ हुआ था। इन दोनों के एक बेटा और एक बेटी है। बेटे का नाम प्रशांत और बेटी का नाम स्वाति है।

राजनैतिक करियर – Ram Nath Kovind Career in Hindi

1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने पर रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव बने। इसके बाद भाजपा के संपर्क में आए और कुछ समय बाद इन्होने बीजेपी ज्वाइन कर ली। कोविंद को पार्टी ने साल 1990 में घाटमपुर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। हालांकि, उनकी हार हुई। 2007 में उन्हें प्रदेश की राजनीति में सक्रिय करने के लिए भोगनीपुर सीट से चुनाव लड़ाया गया, लेकिन किस्मत ने धोखा दिया और वह फिर हार गए।

1994 में कोविंद यूपी से पहली बार राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए। वह 12 साल तक राज्यसभा सांसद रहे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया। वह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं। कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में रही है। छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काम किया।

कोविंद आदिवासी, होम अफ़ेयर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, क़ानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के चेयरमैन भी रहे। गवर्नर्स ऑफ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के भी सदस्य रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्तूबर 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया।

इसके आलावा इन्होने डॉ भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य के तौर पर भी काम किया। कोल्कता के इंडियन इंस्टिट्यूट को मैनेजमेंट के मेम्बर ऑफ़ बोर्ड के पद पर भी काम किया। साथ ही इन्होने साल 2002 के अक्टूबर में यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

वह हरिद्वार में गंगा के तट पर स्थित कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए समर्पित संस्था दिव्य प्रेम सेवा मिशन के आजीवन संरक्षक भी हैं। वकील रहने के दौरान कोविंद ने गरीब दलितों के लिए मुफ़्त में क़ानूनी लड़ाई लड़ी।

रामनाथ कोविंद ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने गरीबो की भलाई के लिए अपना पुश्तैनी मकान गाँव वालों को दान कर दिया, जो अब बारातघर के रूप में प्रयोग किया जाता है। दलितों के मध्य इनकी गहरी पैठ को देखते हुए साल 2012 के उत्तरप्रदेश चुनाव में श्री राजनाथ सिंह ने उत्तरप्रदेश के दलित क्षेत्रों में पार्टी प्रचार के लिए इनकी मदद ली थी। घाटमपुर के कुष्मांडा देवी मंदिर में भक्तों के लिए पीने के पानी की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने ही नलकूप लगवाया था। क्षेत्र के विकास के लिए हर समय सक्रिय रहने का ही परिणाम है कि उन्हें एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने की खबर पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

बिहार का राज्यपाल – Ram Nath Kovind Bihar Governor 

कोविंद को 8 अगस्‍त 2015 को बिहार का गवर्नर नियुक्‍त किया गया। उस वक्त नीतीश कुमार ने विरोध दर्ज किया था। उनका कहना था यह नियुक्ति उनसे सलाह के बगैर की गई। राष्ट्रपति उम्मीदवार चुने जाने के बाद 20 जून 2017 को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

भारत के राष्ट्रपति – President of India Ram Nath Kovind 

श्री कोविन्द का नाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 19 जून 2017 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धी राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। और इस तरह से 17 जुलाई को हुए मतदान में वे देश के राष्ट्रपति चुने गए। वे 20 जुलाई 2017 को भारत के 14 वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। 25 जुलाई 2017 को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर ने भारत के राष्ट्रपति के पद की शपथ दिलायी।

रामनाथ कोविन्द से जुड़े तथ्य – Ram Nath Kovind Facts and Information in Hindi

  • रामनाथ कोविंद अपने कॉलेज दिनों में ही सामाजिक और राजनितिक कार्यो से जुड़े गए थे। इन्होने अनुसूचित जाति- जनजाति, अल्पसंख्यक और महिलाओं के अधिकार के लिए आवाज उठाना शुरू कर दिया था।
  • इन्होने अपने 12 वर्ष के राज्यसभा के सांसद के तौर पर कार्यरत रहते हुए इन्होने पिछले तबकों में शिक्षा फैलाने पर विशेष जोर दिया।
  • इन्होने वकालत के दौरान अनुसूचित जाति- जनजाति और महिलाओं के लिए क़ानूनी रूप से मिलने वाली कई मुफ्त सुविधाओं को पहुँचाया। इनके ही प्रयासों से दिल्ली में ‘फ्री लीगल ऐड सोसाइटी’ जैसी संस्था अस्तित्व में आ सकी।
  • सांसद रहते हुए उन्होंने सांसद निधि से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्कूल के भवनों का निर्माण कराया और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में योगदान दिया।

FAQ

Q : रामनाथ कोविंद कौन है ?

Ans : भारत के तत्कालिक राष्ट्रपति

Q : रामनाथ कोविंद का पूरा नाम क्या है?

Ans : श्री रामनाथ कोविन्द

Q : रामनाथ कोविंद का जन्म कहां हुआ था ?

Ans : कानपुर के पास स्थित परौख गाँव में

Q : रामनाथ कोविंद भारत के कितने राष्ट्रपति हैं?

Ans : 14वें राष्ट्रपति

Q : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल कब तक है?

Ans : 25 जुलाई 2017 –

Q : भारत का राष्ट्रपति कौन है ?

Ans : राम नाथ कोविंद जी

Q : रामनाथ कोविंद जी राष्ट्रपति कब बने ?

Ans : जुलाई, सन 2017 में

Q : रामनाथ कोविंद की उम्र कितनी है ?

Ans : 76 साल

Q : क्या रामनाथ कोविंद की पत्नी ब्राह्मण है ?

Ans : नहीं कोली जाति की हैं

Q : कोविंद कौन सी जाती है?

Ans : अनुसूचित जाति (कोली – एक बुनकर समुदाय)

Q : रामनाथ कोविंद का घर कहां है ?

Ans : राजभवन पटना, बिहार

Q : रामनाथ कोविंद कहां के रहने वाले हैं ?

Ans : कानपूर के पास स्थित परौख गाँव के

Q : रामनाथ कोविंद के पिता का नाम क्या है ?

Ans : मैकू लाल

Q : रामनाथ कोविंद की पत्नी का नाम?

Ans – सविता कोविंद

Q : राम नाथ कोविंद बेटी?

Ans : स्वाति कोविंद


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3 thoughts on “राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की जीवनी | Ram Nath Kovind Biography in Hindi”

  1. CHINAR singh CHANOTRA

    The above history of kovind not clear the dalit caste or other, It is suspected point. Why, kindly clear.

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