पेट में कीड़े होने के लक्षण और घरेलु उपचार Pet ke Kide ka Ilaj

कई बार किन्ही कारणों से पेट में कीड़े हो जाते हैं जिनसे काफी पीड़ा होती है। इसकी शिकायत बच्चों बड़ो सभी को होती है। पेट के कीड़े सामान्यत: कब्ज करने वाले भोजन, मांस एवं खट्टे-मीठे पदार्थ अधिक खाने से पैदा होते हैं। इनके कारण शरीर में ज्वर, पेट में दर्द, जी मिचलाना, चक्कर आना, दस्त लगना, गुदा में कांटे से चुभना आदि लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं। जब ये कीड़े लार्वे फेफडे तक पहुंच जाते हैं, तो दमा रोग भी हो सकता है। सबसे अधिक यह समस्या बच्चों में होती है जिस कारण उनमें पेट दर्द, भूख न लगना और वजन घटने जैसे लक्षण नजर या महसूस होते हैं। आइये जाने पेट में कीड़े होने का कारण, लक्षण और घरेलु उपचार…

पेट में कीड़े होने के लक्षण और घरेलु उपचार Pet ke Kide ka Ilaj

पेट के कीड़े कितने प्रकार के होते हैं – Types of Stomach Bacteria or Worms in Hindi

वैसे तो पेट का कीड़ा 20 प्रकार के होते हैं लेकिन सबसे ज्यादा पेट में तीन प्रकार के कीड़े हो जाते है- इनमें से फीता कृमि और हुक वार्म अधिक पीड़ादायक होते हैं। फ्लैटवॉर्म जिनमें शामिल हैं: टेपवर्म या फीता कृमि, फ्लूक. राउंडवॉर्म्स जिनमें शामिल हैं: एस्कारियासिस, पिनवर्म हुकवर्म. यदि सही प्रकार से इलाज न किया जाये तो अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती है।

पेट में कृमि होने के कारण – Causes of Stomach Worms in Hindi

पेट में कीड़े होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमे सबसे अधिक दूषित खान-पान के सेवन की वजह से होता है जैसे- अधपक्का मीठ-मास खाने में, अन्य गलत खान-पान, गन्दे हाथों से भोजन करना, खुले में रखे हुए भोजन को खाना, अधिक मीठा खाना, दिन भर सिर्फ आराम करना और परिश्रम न करने से पेट में कीड़े हो जाते हैं। इसके आलावा साफ-सफाई सही नहीं करना, दूषित चीजों को चुने से भी पेट में कीड़े हो सकते हैं।

पेट में कीड़े होने के लक्षण – Intestinal Worms Symptoms in Hindi

  1. जीभ सफेद और आंखे लाल हो जाना।
  2. ओंठ सफेद, गालों पर धब्बे और शरीर में सूजन आदि के लक्षण दिखाई देते हैं।
  3. गुदाद्वार तथा उसके आस-पास की त्वचा पर खुजली-सी होती है।
  4. मल में खून आना और उल्टीी आने लगता है।
  5. सांस लेने में तकलीफ
  6. नींद में दांत पीसना
  7. शरीर का रंग काला होना
  8. खाने में अरुचि
  9. बुखार होना
  10. पेट में दर्द होना
  11. दस्त होना
  12. शारीरिक विकास मंदता
  13. मतली, उल्टी, पेट फूलना या गैस बनना भी इसके लक्षण हैं

पेट में कीड़े का घरेलु आयुर्वेदिक इलाज – Stomach Worm Ayurvedic Treatment in Hindi

नीम के कड़वे पत्ते और जरा सा हींग मिलाकर चबाने तथा उसका रस चूसने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

प्याज का रस पिलाने से बालकों के पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं। यह अनेक लोगों द्वारा आजमाया हुआ नुस्खा है।

राइ का पानी पिलाने से पेट में नन्हे कीड़े (कृमि) मर जाते हैं।

अंकोल के पेड़ के जड़ की छाल को बारीक पीसकर चूर्ण बनाकर सेवन करने से पेट के कीड़ें समाप्त हो जाते हैं।

गाजर को पीस कर, एक छोटे कप की मात्रा बराबर रोज सुबह खाएं. गाजर पेट में मौजूद सभी तरह के इन्फेक्शन को आसानी से दूर कर देता है।

पेट के कीड़े को नष्ट करने के लिए हल्दी का काढ़ा बनाकर खिलाएं।

दो तीन रत्ती हींग को अजवाइन और ग्वारपाठा के गूदे के साथ देने पर पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

कमीला और बायविंडग – दोनों को बराबर-बराबर लेकर पीस ले। बच्चों को 1 ग्राम और बड़ों को 3 ग्राम सोने के पूर्व तीन रात दूध से दें। कीड़े मर कर पेट के बाहर आ जाएंगे।

पपीते के बीज का सेवन करना पेट के कीड़ों को मारने का बढ़ि‍या इलाज है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को इससे परहेज करना चाहिए।

भात के माड़ में बायविंडग और त्रिफला (हरड़ ,बहेड़ा एवं आंवला) का चूर्ण डालकर पीने से पेट के कीड़े का नाश होता है। साथ ही पाचन क्रिया ठीक हो जाती है।

छ: माशे खुरासानी अजवायन को छा ग्राम बासी पानी में पीसकर, उसमें एक तोला पुराना गुड़ मिलाकर पी जाए। पेट के सारे कीड़े नष्ट हो जाएंगे।

नीम के पत्तों का रस शहद में मिलाकर पीने से भी कीड़े मर जाते हैं।

ढक के पत्तो का रास शहद में मिलकर पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

बायविडंग का चूर्ण पांच माशे से अथवा 5 ग्राम, एक तोले अर्थात 10 ग्राम शहद में मिलाकर चाटने से पेट के कीड़े मरकर मलद्वार से निकल जाते हैं।

नींबू के पत्तों का रस शहद मिलाकर चाटने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

5 ग्राम ढाक के बीज लेकर मट्ठे के साथ रात को निगल जाए। सुबह मल में पेट की मृत्यु दिखाई देंगे। यह आजमाया हुआ नुस्खा है।

पेट की क्रमी को दूर करने में हल्दी भी काफी अच्छी होती है. हल्दी से पेट के अन्य विकार जैसे गैस, दर्द, मरोड़ आदि भी दूर हो जाते है।

दही में कमीला मिलाकर पीने से सभी तरह के पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

काले जीरे का चूर्ण, शहद में मिलाकर चाटने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

नारियल का छिलका (दाढ़ी) पानी में औटाकर सुबह निराहार पीने से पेट के कीड़े मरकर बाहर निकल जाते हैं।

दो ग्राम नौसादर को देशी घी में मिलाकर खाने से कीड़े नष्ट हो जाते हैं।

सुबह-सवेरे उठकर पहले थोड़ा सा गुड़ खाए। फिर कुछ देर बाद बासी जल में खुरासानी अजवायन पीसकर उस जल को भी पि जाए। पेट के सभी कीड़े मर जाएंगे।

जैतून का तेल पिलाने और गुदा लगाने से बच्चों को चुनचुने कीड़े नहीं काटते। वे नष्ट होकर मॉल के साथ बहार निकल जाते हैं।

कच्ची हल्दी को गुड में मिलाकर खिलाने से बच्चों के पेट के कीड़े मर जाते हैं।

दो पके टमाटर काटकर, उसपर पीसी काली मिर्च और सेंधा नमक बुरकर सुबह खाली पेट खा ले। उसके बाद 2 घंटे तक कुछ ना खाए पेट के सारे कीड़े नष्ट हो जाएंगे।

लॉन्ग में एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होती है, जो पेट के कीड़े मारने में सहायक है, इससे भविष्य में किसी भी तरह के इन्फेक्शन नहीं होते है। इसी वजह से लॉन्ग को खाने के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में सबको दिया जाता है।

दो टमाटरों में नमक और काली मिर्च लगाकर रोज सुबह 15 दिन तक खाए। पेट के कीड़े मरकर बाहर निकल जाएंगे। इसे 3 साल से कम उम्र के बच्चों को ना दे। बड़े बच्चे को रात में दूध जरुर पिलाएं।

अनार के दाने व उसके छिलके दोनों ही बहुत फायदेमंद होते है. उसके छिल्कों को सुखाकर उसका पाउडर बना लें, अब दिन में 2-3 बार 1-1 चम्मच इस पाउडर को खाएं। इससे बहुत जल्द पेट को आराम मिलेगा. इसके अलावा आप अनार का भी सेवन कर सकते है।

सूरजमुखी के लगभाग 4 ग्राम बीजों को पीसकर खाने से पेट के कीड़े मरकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।

केसर और दालचीनी को बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीसकर छोटी-छोटी गोलियां बनाकर सेवन करने से आंतों के कीड़े और पेट के दर्द में लाभ मिलता है।

पेट में कृमि होने पर टमाटर को काटकर उसमें सेंधानमक और काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सेवन करने से भी लाभ होता है।

पेट के कीड़ों से बचने के उपाय – Stomach Worms Home Remedies in Hindi

पेट के कीड़े के डॉक्टरी इलाज की बात की जाएँ तो, इंसान और पशुओं को राउंड वॉर्म, हुक वॉर्म, फ्लूक और टेप वॉर्म जैसे परजीवी कृमियों से बचाने के लिए एंटी हेलमिंटिक दवा दी जाती है। लेकिन अगर हम कुछ एहतिहात बरते तो इससे बच सकते हैं। जैसे उन स्थानों में जाने से बचें, जहां कीड़े पनपते हैं। जैसे मिट्टी, पेड़-पौधे। बच्चे बाहर खेलकर आएं तो हाथ को अच्छी तरह साफ करें। छोटे बच्चों को गन्दी चीज छूने या मुंह में लेने से रोकें। घर में आने वाली पत्तेदार सब्जियों को कई बार पानी से धोएं। खाना पकाते समय साफ सफाई बरतें। बाहर का खाना खाने से बचें। मांस मछलियों को अच्छी तरह पकने पर ही खाएं। फल को भी अच्छी तरह देख कर खाएं। और मीठे एवं चिपचिपे पदार्थों का सेवन कम करें।

पेट में कीड़े से नुकसान – Intestinal Worms Risks & Complications in Hindi

पेट के कीड़े शरीर में हमला करते हैं तो शरीर में बीमारी बढ़ जाती है। पेट के कीड़े से अंगों के कार्य बधित होता हैं। वजन घटता हैं और मस्तिष्क के केंद्रिय तंत्रिका प्रणाली में भी प्रभाव पड़ता हैं। अधिकांश मामलों में ये मल के जरिए बाहर निकल जाते हैं। बच्चों की सेहत पर इनका ज्यादा असर होता है। बच्चे खाते या दूध पीते हैं, लेकिन इसके पौष्टिक तत्व उनके शरीर को नहीं मिलते हैं। इसलिए समय रहते इसका इलाज जरुरी हैं।


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