उल्टी होने का कारण और घरेलु उपचार | Vomiting Treatment in Hindi

Vomiting in Hindi/ उल्टी होना एक आम समस्या हैं इसके कोई बहुत बड़े साइड इफ़ेक्ट भी नहीं है। फिर भी जरुरत से ज्यादा उलटी हो तो डॉक्टर से मिलना जरुरी हैं। हालाँकि उलटी बच्चे हों या बड़े सब को पस्त कर देती है। उल्टी होना शरीर से विजातीय पदार्थ निकालने की एक शारीरिक प्रक्रिया है। आइये जाने उलटी (Vomiting) के कारण और घरेलु इलाज…

उलटी होने कारण और घरेलु उपचार | Vomiting Treatment in Hindiउल्टी होने के कारण – What Caused Vomiting in Hindi

Vomiting / उल्टी होने के कई कारण हो सकते हें जैसे, जरुर से ज्‍यादा खाना, ज्‍यादा शराब पीना, गर्भावस्‍था, पेट की गड़बड़ी, बीमारी, एसिडिटी, यात्रा या माईग्रेन आदि। गर्मी के मौसम में उल्‍टी होना आम बात होती है क्‍योंकि शरीर पूरी तरह से खाए गए भोजन को पचा नहीं पाता या फिर फूड प्‍वॉइजनिंग भी एक कारण हो सकता है। इसके आलावा कई लोगो को गाड़ियों में लम्बी सफर करने से भी होती हैं।

सिर दर्द के कारण भी उल्टी होती है। इसके आलावा तापमान संबंधित बीमारी जैसे थकावट के कारण शरीर का तापमान बढ़ना, अधिक तेज धूप, या गर्मी के कारण उल्टी हो सकती है। कैंसर, अपेंडिसाइटिस, किडनी स्टोन जैसी बीमारी और बहुत देर भूखे रहने के वजह से भी हो सकती हैं।

अक्सर देखा गया हैं की उलटी होने से पहले मतली होती हैं। उल्टी वास्तव में एक ऐसा रिफ्लक्स है जो मस्तिष्क के संकेत पर काम करता है। उल्टी के संकेत शरीर में कई कारणों से हो सकता हैं जैसे – गंध, स्वाद, विभिन्न बीमारियां, भावनाएं (जैसे डरना), दर्द, चोट, संक्रमण, भोजन से होने वाली जलन, चक्कर आना आदि जैसे शारीरिक परिवर्तन।

हालाँकि उल्टी और मतली से होने वाली परेशानियां इनके होने के कारण पर निर्भर करती हैं। फूड पाइज़निंग (food poisoning), समुद्री जहाज पर रहने से (sea sickness), सफर करने से (motion sickness) और कैंसर थैरेपी आदि इन सभी कारणों से होने वाली उल्टी और मतली काफी हानिकारक हो सकती है, क्योंकि इनसे शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण (डिहाईड्रेशन)) हो सकती है।

कई बार लोग उल्टी रोकने के उपाय के लिए उल्टी की दवा भी लेते हैं जिसका असर कुछ वक्त तक ही रहता है और कुछ मामलों में इन दवाइयों का उल्टा असर भी हो जाता है।

गर्भावस्था में उल्टी आना या कैंसर के उपचार की वजह से उल्टी और मतली की समस्या आम हो सकती है। लगभग आधी से ज्यादा गर्भधारण करने वाली महिलाओं को उल्टी और मतली सुबह के समय प्रभावित करती है, जिसे सुबह की बीमारी (मॉर्निंग सिकनेस; Morning sickness) कहा जाता है।

उल्टी आने के लक्षण – Nausea and Vomiting Symptoms in Hindi

शरीर की जिस तरह की बनावट होती है, उसमें पेट में जब कभी कोई अनावश्यक पदार्थ जमा हो जाता है, तो पेट उसे बाहर निकाल देता है। इसी वजह से उल्टी होती है। अक्सर जब भी ऐसा महसूस होता है कि उल्टी आने वाली है, तो ऐसा लगता है की यह भावना पेट से आ राइ है। लेकिन वास्तव में इस भावना पर ज्यादातर नियंत्रण मस्तिष्क का ही होता है। उलटी आने से पहले, मतली होने की सम्भावना रहती हैं। इसके अलाव सर दर्द भी हो सकती हैं।

उल्टी के घरेलु आयुर्वेदिक इलाज – Desi Nuskhe for Vomiting in Hindi

नींबू को काट कर उस पर चीनी छिड़क कर चूसने से पेट के भीतर अन विकार खत्म हो जाता है और उल्टी रुक जाती है।

यदि गर्भवती स्त्री सुबह सवेरे मुंह धोकर हल्के गुनगुने पानी में नींबू का रस खाली पेट में पिएं तो उल्टी नहीं होती है।

गर्मी के मौसम में बर्फ का पानी पीने से उल्टी बंद हो जाती है।

अदरक हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और इसका उपयोग करने से उलटी भी नहीं होती है।

भुने हुए चने का सत्तू खाने से उल्टियां बंद हो जाती है।

चावल के मांड के साथ तीन छोटे चम्मच बेलगिरी का रस पीने से उल्टी में तत्काल लाभ होता है।

सौंफ हमारे पाचन को सही रखता है इसमें भी एंटीबायोटिक प्रॉपर्टीज होती है जो उलटी को रोकती है।

गर्भवती स्त्री के पेट में पानी की गीली पट्टी रखने से भी उल्टी बंद हो जाती है।

लौंग को आंच पर थोड़ा भून कर मुंह में रखकर चूसने से उल्टी रुक जाती है।

नारंगी के छिलकों का चूर्ण बनाकर, 3 ग्राम की मात्रा लेकर शहद के साथ चाटने पर उल्टी रुक जाती है।

हरे धनिया या पुदीने की चटनी रोगी को दिन में चार-पांच बार देने से उल्टियां रुक जाती है।

इलायची की छाल को तवे पर जलाकर शहद के साथ चाटने से उल्टी नहीं होती है।

तुलसी के रस को शहद के साथ मिलाकर देने से उल्टियां बंद हो जाती है।

दूध को फाड़ कर छान लें और उसके पानी में मिश्री डालकर थोड़ा थोड़ा पिलाया उल्टी रुक जाएगी।

आधा पाव पानी में एक तोला शहद मिलाकर पिलाने से उल्टी बंद हो जाती है।

लोहे की कील को आग पर गर्म करके पानी में बुझा ले इस पानी को पिलाने से उल्टी बंद हो जाती है।

गुनगुने घी में बताशे डुबो डुबो कर खाने से उल्टी रुक जाती है।

मीठे अनार के रस में मिश्री मिलाकर पीने से उल्टी बंद हो जाती है।

गाय के दूध में मुलहटी और लाल चंदन मिलाकर पिलाने से उल्टी रुक जाती है।

गेरू को आग पर खूब लाल करके पानी में बुझा दें और फिर उस पानी को पिलाए। उल्टी बंद हो जाएगी।

सिरका और काला नमक मिलाकर चटाने से भी उल्टी रुक जाती है।

हींग को पानी में घोलकर पेट पर उसकी हल्की हल्की मालिश करें उल्टी शीघ्र ही बंद हो जाएगी।

खाली पेट में हाइपर एसिडिटी बनने की वजह से भी उल्टीे होने लगती है। ऐसे में आप चावल को पानी में उबाल लें और फिर उसके पानी को निकाल कर ठंडा कर के पी लें।

अगर यात्रा के दौरान आपकी उल्टियां रूकने का नाम नहीं लेती हैं, तो लहसुन की दो कलियां चबाने से आपको बहुत आराम मिलेगा।

लौंग 5 व मिश्री 10 ग्राम को खूब महीन पीसकर 30 ग्राम पानी मिलाकर पीने से उबकाई या बदहजमी मिटती है।

ध्यान रहे लौंग की प्रकृति गर्म होती है, इसके ज़्यादा सेवन से बवासीर या अन्य रोग हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ ज़रूरत के समय ही या एक लिमिट में ही इसका उपयोग करना चाहिए।

उल्‍टी जैसे ही महसूस हो, उसी समय दो इलायची निकाल कर खाने से आराम मिलेगा। इससे पेट की एसिडिटी शांत हो जाएगी और खाना हजम होने में भी आसानी होगी।

Treatment of Vomiting in Hindi – How to Stop Vomiting in Hindi

  • बार-बार उल्टी आने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। अगर आप पानी उबालकर ठंडा करके पिएंगे तो यह फायदेमंद रहेगा। उल्टी रोकने और शरीर में पानी की कमी ना होने देने का यह तरीका सबसे सस्ता है। इसको आप किसी भी वक्त कर सकते हैं। इससे आपकी उल्टी रुक जाएगी।
  • खाना खाने के बाद सौंफ खाने का चलन लगभग हर भारतीय घर में है। सौंफ पाचन शक्ति में सुधार करता है और पेट की समस्या से राहत दिलाने का काम कर सकता है। इसमें मौजूद एंटी-एमेटिक (antiemetic) गुण उल्टी और मतली जैसी समस्या से भी राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। भोजन करने के बाद आप थोड़ी सौंफ का सेवन सीधे कर सकते हैं।

मतली में क्या परहेज करना चाहिए? What to avoid during Vomiting in Hindi?

भारी भोजन अथवा जिसको पचाने में समय लगे ऐसे भोजन का सेवन करने से बचें, अगर आप सफर में जा रहे हैं तो, ज्यादा तेल मसालेदार खाने से बचे। अगर गर्म भोजन की गंध से आप बीमार महसूस करते हैं, तो ठंडे भोजन और भोजन को ठंडा करके खाएं। खाना खाने के तुरंत बाद लेटें या सोएं नहीं, सिर को उंचाई पर रखते हुऐ आराम करें।

उलटी होने के बाद क्या खाना चाहिए? What to eat during Vomiting in Hindi?

उल्टी होने के बाद अगर सावधानी नहीं राखी जाएँ तो फिर से उल्टी की समस्या हो सकती है। इसलिए सबसे ज्यादा जरूरी है खान-पान का ध्यान रखना। नीचे जानिए उल्टी होने के बाद आप क्या-क्या खा सकते।

  • खूब पानी पीएं ताकि आपको डिहाइड्रेशन न हो।
  • बिना तेल-मसाले वाला खाना न खाएं बल्कि सादा खाना खाएं।
  • फलों का सेवन करें।
  • भारी खाना न खाएं बल्कि हल्के खाने का सेवन करें।
  • हल्के स्वादिष्ट बिस्किट, वाटर बिस्किट, क्रीम बिस्किट आदि, इन सभी को पचाने में आसानी होती है।
  • कम वसा वाली सब्जियां और चिकन अपनी अधिक नमकीन सामग्री के कारण पेट को सही रखने में मदद करती है।

और अधिक लेख –

1 thought on “उल्टी होने का कारण और घरेलु उपचार | Vomiting Treatment in Hindi”

Leave a Comment

Your email address will not be published.