सिरदर्द के कारण और घरेलु इलाज, उपाय | Headache Treatment in Hindi

Headache / सिरदर्द एक आम समस्या है, पर कई बार ये इतना तेज होता है कि बर्दाश्त कर पाना मुश्‍क‍िल हो जाता है। सिर के किसी भी हिस्से में दर्द हो सकता है और यह दर्द केवल लक्षण होता है जो कि सिर की किसी बीमारी को दर्शाता है। कई बार बहुत ज्यादा तनाव लेने, थकावट होने, भूखे रहने, गर्मी तेज होने या किसी आम शारीरिक समस्या जैसे कि बुखार या जुकाम के कारण भी सिर दर्द हो सकता है। सुबह-सुबह सिर दर्द के साथ उठना मतलब पूरा दिन बर्बाद हो जाना। तो चलिए सिरदर्द से छुटकारा पाने के कुछ घरेलु उपाय जानते हैं..

सिरदर्द के कारण और घरेलु इलाज, उपाय | Headache Treatment in Hindi

सिर दर्द क्यों होता हैं – Headache in Hindi

सिर दर्द असल में नर्वस सिस्टम और गर्दन से जुड़ी हुई समस्या है। सिर का दर्द दिमाग में मौजूद पेन सेंसिटिव स्ट्रक्चर में तनाव होने से होता है। सिर और गर्दन में ऐसी नौ जगह होती हैं जहां पेन सेंसिटिव स्ट्रक्चर होते हैं, जैसे मांसपेशियां, नसें, आंखें, कान, नर्व, आर्टरीज, सबक्यूटेनियस टिश्यू , साइनस, क्रेनियम और म्यूकस मेम्ब्रेन।

सिर का दर्द, दिमाग में रक्त कोशिकाओं और शिराओं के आपस में टकराने से होता है। दर्द के समय रक्त कोशिका की एक निश्चित सिरा और सिर की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और दिमाग को दर्द का सिग्नल भेजती हैं। जिससे सिर दर्द महसूस होता है।

सिरदर्द कितने प्रकार के होते हैं – Types of Headache in Hindi

वैसे तो सिरदर्द कई प्रकार के होते हैं और उनमें से प्रत्येक के अपने विशिष्ट कारण, लक्षण और उपचार के विकल्प होते हैं। आज हम यहां 5 मुख्य तरह के सर दर्द के बारे में जानेंग।

1). माइग्रेन : माइग्रेन सबसे ज्यादा दर्द देने वाला सर दर्द है। चक्कर आना, सिर के एक ओर टीस-टीस दर्द करना, धुंधली दृष्टि, टिमटमाती रोशनियां अथवा टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिखना एक इसके लक्षण है।

2). गुच्छा सिरदर्द : यह एक जलनशीन दर्द देने वाला सर दर्द हैं, कुछ मिनट से लेकर कुछ घंटों तक चलने वाला अत्यधिक अथवा कष्टदायी दर्द होता है।

3). तनाव सिरदर्द (tension headache in hindi): इसमें सिर के दोनों ओर थोड़ा परन्तु पीड़ाकारी दर्द होता है। इसके अलाव इसमें आंखो के पीछे दबाव का अहसास होता है।

4). साइनस सिरदर्द: साइनस सिरदर्द में माथे अथवा गालों में टीस मारने वाला दर्द होता है। इसके आलावा चेहरे पर छूने से दर्द या सूजन होता है।

5). विशाल रक्त-कोशिका सूजन: कनपटियों, सिर के बिल्कुल ऊपर अथवा कानों के पीछे अकस्मात दर्द होना, सिर के ऊपर, दोनों ओर, सामने अथवा पीछे छूने से दर्द अथवा सूजन होना, साथ ही जबड़ों में दर्द, विशेषत: चबाते अथवा बात करते समय होता है।

सिर दर्द होने का कारण – Cause of Headache

  1. जब व्यक्ति किसी चीज को लेकर खुद पर दबाव महसूस करता है या किसी स्थिति या परिस्थिति को लेकर असमंजस में होता है। ऐसे में उसका मन अशांत हो जाता है और दिमाग पर ज्यादा गहरा प्रभाव पड़ता है जिसके कारण तनाव होता है और सिर दर्द होने लगता है।
  2. सिर की नसों से अधिक खून बहने के कारण सिर दर्द हो सकता है।
  3. रक्तचाप (ब्लडप्रैशर) बढ़ जाने या कम होने पर भी सिर दर्द होता है।
  4. बुखार में मस्तिकावरणगत धमनियों में फैल जाने के कारण सिर दर्द होता है।
  5. अधिक गुस्सा करने से दिमाग पर जोर पड़ता है जिससे सिर दर्द होता है।
  6. नींद कम आने और नींद न आने से सिर दर्द होता है।
  7. खून में जहरीले द्रव्य बनना, मूत्र रोग, कब्ज और अपच आदि पैदा होने के कारण सिर दर्द होता है।
  8. सिर में फोड़ा, सूजन और पानी भरने से सिर दर्द होता है।
  9. आंखों की कमजोरी एवं आंख, कान, नाक, गले और दांतों के रोग होने पर भी सिर दर्द होता है।
  10. बुखार, सर्दी-जुकाम, गर्मी की अधिकता, खून की कमी, दिमाग की कमजोरी, खून में खराबी, शरीर के किसी अंग का रोगग्रस्त होना, मधुमेह आदि रोगों के कारण भी सिर दर्द होता है।
  11. अधिक काम करने, एक ही काम को लगातार करने तथा एक ही वातावरण में लम्बे समय तक रहने के कारण भी सिर दर्द होता है।
  12. अधिक देर तक किताब पढ़ने, बिस्तर पर लेट कर टेलीविजन देखने और धूप में अधिक देर तक घूमने से सिर दर्द होता है।
  13. इसके अलावा भी और कई कारण हो सकते हैं।

सिर दर्द से राहत पाने के कुछ उपाय – Sir me Dard ke Upay

  • गर्मियों में ठंडे तेल की मालिश भी सिर दर्द से राहत दे सकती है।
  • नींद पूरी ले, इससे सिर दर्द ठीक हो जायेगा।
  • सिर को हल्के हाथों से दबाकर भी सिर दर्द से राहत मिल सकती है।
  • अपना ध्यान कहीं और दर्द से हटाकर कहीं और लगाने की कोशिश करें, जैसे हल्का संगीत सुनें।
  • गहरी सांसे लेने से भी सिर दर्द से राहत मिलती है।
  • बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट को रोज खाएं, इससे तनाव कम होता है और दिमाग मजबूत होता है।
  • गर्मी हैं तो ठंडा पानी पीएं और सर्दियां हैं तो सिर को ठंड से बचाकर रखें।
  • चाय या कॉफी पीकर देखें, इनमें मौजूद कैफीन से भी सिर दर्द में आराम मिलता है।
  • ध्यान या योग करने से भी सिर दर्द में राहत मिलती हैं।

सिर दर्द ठीक करने के घरेलु आयुर्वेदिक इलाज – Sar Dard ka Ramban Ilaj

सिरदर्द में हरा धनिया पीसकर सिर पर लेप करना चाहिए जल्दी आराम मिलेगा।

पुष्कर मूल एक कुदरती जड़ी बूटी है। इसे चंदन की तरह घिसकर लेप बना लें और सिर पर लगाएं। इसके लेप को माथे पर लगाने से सरदर्द में काफी राहत मिलता है।

लौंग को पीसकर थोड़ा गर्म करके ललाट और कनपटी पर लगाने से सिर दर्द तुरंत दूर हो जाता है।

चाय में नींबू मिलाने से भी सिर दर्द से राहत पाई जा सकती है। इसके लिए नींबू को चाय में निचोड़कर पीना चाहिए। इससे जल्दी आराम मिलता है।

अदरक बहुत असरदार है। अदरक और नीम्बू के रस को बराबर मात्रा में मिलाएं और दिन में 2 बार पियें। आपको तुरंत आराम मिलेगा| इसके अलावा अदरक पाउडर (सौंठ) में पानी मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे माथे में लगायें| अदरक का कुछ टुकड़ा लेकर मुंह में चबाते रहें।

सिर दर्द में दालचीनी का तेल मस्तक पर मलने से आराम मिलता है।

मुलेठी सरदर्द में काफी काम करता है। मुलेठी को पीसकर चूर्ण बना लीजिए। इस चूर्ण को नाक के पास ले जाकर सूंघें। इससे सरदर्द छू-मंतर हो जाएगी।

सर्दी में सिर दर्द होने पर दालचीनी का तेल माथे पर लगाकर मलने से सिर दर्द ठीक हो जाता है।

पुदीना हर तरीके से ठंडक देता है। इसे खाने से शरीर में ठंडक मिलती है और पेट भी सही रहता है। पुदीना हमें ताजगी देता है। ताज़ी पुदीना पत्ती पीस कर पेस्ट बना लें और इसे माथे पर लगायें| कुछ देर बाद साफ कर लें।

सर्दी में सिर दर्द होने पर तुलसी की चाय पीनी चाहिए। केसर, जावित्री, सोंठ और बालछड़ को घी में मिलाकर सिर पर लेप करने से भी सिर दर्द दूर हो जाता है।

पीपल के पत्ते, सोंठ, मुलैठी और सौंफ सबको पीसकर चूर्ण बना लीजिए। उसके बाद इस चूर्ण में एक चम्मुच पानी मिलाकर गाढा लेप बना बना लीजिए। इस लेप को माथे पर लगाइए। सरदर्द खत्म हो जाएगा।

गर्मी में सिर दर्द होने पर मिश्री मिलाकर सौंफ का आरक या गुलाब का अर्क पिलाएं। बादाम, चंदन, कपूर, कलमी, शोरा और गेरू पीसकर सिर पर लेप करें सिर दर्द जाता रहेगा।

सरदर्द में सरसों तेल काफी असरदार होता है। माथे के जिस हिस्से में दर्द हो रहा हो उस तरफ वाले नाक में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डाल दीजिए और उसके बाद जोर से सांसों को ऊपर की तरफ खींचिए। इससे सरदर्द से काफी राहत मिलेगी। ध्यान रहे सरदर्द होने पर बिस्तर पर लेटकर दर्द वाले हिस्से को बेड के नीचे लटका कर नाक में तेल लेना चाहिए।

सरदर्द में तेल की मालिश बहुत असरदार होती है। मालिश से सिर की रक्त धमनियों में रक्त प्रवाह सही से होने लगता है और सरदर्द तुरंत छू-मंतर हो जाती है। ध्यान रहे सिर की मालिश हर्बल तेल से ही करें और सरदर्द होने पर तेल को हल्का गर्म कर लेना चाहिए ताकि यह जल्दी असर करे।

काफी मात्रा में शराब पीने से अक्सर लोगों को हैंगओवर हो जाता है। हैंगओवर में काफी तेज सरदर्द होता है। ऐसी स्थिति में नींबू पानी काफी काम करता है। शराब ज्यादा पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और नींबू पानी पीने से शरीर में पानी की कमी भी दूर होती है और सरदर्द भी ठीक होता है।

मसालेदार चाय सरदर्द के लिए एक रामबाण की तरह काम करता है। इसे घर में भी आसानी से बनाया जा सकता है। यह एक उत्‍तेजक पेय पदार्थ है जो दिमाग को सचेत करता है। चाय में थोड़ी अदरख, लौंग और इलाइची मिला कर उबाल दें। हो गया गरमागरम मसालेदार चाय तैयार। मसालेदार चाय को गरमागरम ही पीना चाहिए। इससे आपका सरदर्द तो गायब होगा ही साथ में आप तरोताज़ा भी महसूस करेंगे।


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3 thoughts on “सिरदर्द के कारण और घरेलु इलाज, उपाय | Headache Treatment in Hindi”

  1. मैं के छोटे से फर्म में काम करती हूँ और वह पर ac चलता है. जब से मैंने काम करना शुरू किया तब से मेरा सर बहुत दुखता है पीछे से, इसको सही करने के कोई उपाय बताये.

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