किडनी में दर्द का कारण और घरेलु उपचार Kidney Pain Treatment in Hindi

Kidney Pain Treatment in Hindi – गुर्दों का हमारे शरीर में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। शरीर की गंदगी बाहर करने के अलावा गुर्दों का काम हमारे शरीर में बनने वाले अम्ल की मात्र को भी निर्धारित करना होता है, ताकि हमारा रक्तचाप नियंत्रित रहे। गुर्दों की एक खास बात यह होती है कि वे बिना किसी बड़ी वजह के दर्द नहीं देते। मतलब अगर आपके गुर्दों में या उनके आसपास के हिस्सों में दर्द हो रहा हो तो इसे नजर अंदाज बिलकुल नहीं करना चाहिए। यहां तक कि दुनिया में प्रचलित किडनी की गंभीर बीमारियों में से ज्यादातर में दर्द का लक्षण नहीं होता।

पेट की खराबी, प्रदूषित भोजन तथा अम्लीय पदार्थों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। इससे गुर्दों से शोथ हो जाता है। इसी बात को चिकित्सक यूं कहते हैं कि गुर्दे में जब क्षारीय तत्त्व बढ़ जाते हैं तो उसमें सूजन आ जाती है। फलस्वरूप वहां दर्द होने लगता है।

गुर्दो में दर्द (Kidney Pain) होना एक बड़े बीमारी का लक्षण हो सकता हैं, जैसे – गुर्दे में पथरी, यूटीआई संक्रमण, पेशाब की नली में रुकावट, पेज किडनी आदि। इसलिए समय रहते इसका उपचार करना ही समझदारी होगा। निचे कुछ गुर्दो में दर्द के आयुर्वेदिक उपचार दिए जा रहे हैं….

Kidney Pain Treatment in Hindi, Gurde me Dard ka Ilaj in Hindi, Home Remedies for Kidney Pain, गुर्दो में दर्द का कारण और घरेलु उपचार

किडनी में दर्द के कारण – Causes of Kidney Pain in Hindi

किडनी में दर्द के कई कारण हैं, जैसे –

  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन.
  • किडनी में रक्त के थक्के होना.
  • गुर्दे में घाव होना.
  • किडनी में इंफेक्शन होना.
  • किडनी में स्टोन होना.
  • किडनी ट्रॉमा.
  • किडनी में खून का रिसाव होना.
  • किडनी में कोई घाव या जखम हो जाना.

किडनी में दर्द होने के लक्षण – Symptoms of Kidney Pain in Hindi

किडनी का दर्द हल्का भी हो सकता है और तेज भी, दर्द का तीव्रता समस्या की गंभीरता पर निर्भर करती है, और किडनी का दर्द मरोड़े के दर्द जैसा महसूस होता है। इसके लक्षण हैं –

  • पेट में दोनों तरफ और कमर में दर्द रहना.
  • दर्द जो आपकी कमर तक फैलता है.
  • पेशाब में खून आना या पेशाब करते समय दर्द होना.
  • बार-बार पेशान जाना.
  • झागदार पेशाब आना.
  • ब्लैडर इंफेक्शन.
  • उल्टी और जी मिचलाना.
  • बुखार आना, ठंड लगना.
  • चक्कर आना, थकान महसूस करना.
  • सांस में बदूब आना.
  • मुंह में मेटल जैसा स्वाद आना.
  • सांस लेने में तकलीफ महसूस करना.
  • हाथों और पैरों की सूजन और आंखों के आसपास सूजन.
  • सूखी और खुजली वाली त्वचा.

गुर्दो में दर्द का घरेलु उपचार – Gurde me Dard ka Ilaj in Hindi

आइये जाने Home remedies for kidney pain in hindi.

50 ग्राम अंगूर की बेल के पत्ते पानी में पीसकर छान लें। इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर रोगी को पिलाए गुर्दे के दर्द में तड़पता मरीज भी ठीक हो जाएगा।

गाजर और ककड़ी या गाजर और शलजम का रस पीने से गुर्दे की सूजन, दर्द व अन्य रोग ठीक होते हैं। यह मूत्र रोग के लिए भी लाभकारी होता है।

तुलसी की पत्तियों 20 ग्राम, अजवायन 20 ग्राम, सेंधा नमक 10 ग्राम और तुलसी की पत्ती 10 ग्राम छांव में सुखा लें। फिर उन्हें खुद पीसकर चूर्ण बना लें। सुबह और शाम गुनगुने पानी से 2 2 ग्राम चूर्ण पिलाए। एक ही खुराक में गुर्दे के दर्द में आराम आ जाएगा।

हरी चाय (ग्रीन टी) पीने से भी किडनी दर्द को कम किया जा सकता है।

तुलसी का जूस को पानी में मिलाकर पीना भी फायदेमंद होता है। खासकर, जब किडनी में पथरी होने के कारण दर्द हो रहा हो।

पानी की कमी से भी दर्द होता हैं, इसलिए शरीर में पानी की मात्रा बनाये रखे।

किडनी के दर्द का इलाज – Kidney Pain Treatment in Hindi

किडनी के दर्द का इलाज (kidney ke dard ke ilaj) इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके लिए डॉक्टर सबसे पहले यूरिन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड या फिर सीटी स्कैन के जरिए समस्या को पहचानने की कोशिश करते हैं। किडनी में संक्रमण होने पर, संक्रमण के प्रकार के आधार पर आपको डॉक्टर कुछ अलग-अलग एंटीबायोटिक दवाइयां दे सकता है. वहीं, अगर आपकी स्थिति काफी गंभीर है, तो डॉक्टर हॉस्पिटल में एडमिट होने की भी सलाह दे सकता है। इलाज में पेल्विस या पेट का एमआरआई भी शामिल है।

किडनी के दर्द से बचाव – Prevention of Kidney Pain in Hindi

अगर आपको लगातार पेट के दोनों तरफ दर्द हो और ऊपर बताए गए लक्षण नजर आ रहे हैं, तो किसी भी गंभीर स्थिति से बचने के लिए सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। किडनी में संक्रमण, पीकेडी, यूरिन इंफेक्शन कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कारण हैं, जिससे आपको किडनी में दर्द हो सकता है।

  • अपने खाने में सोडियम या नमक का सेवन नियंत्रण में रखें। इसका मतलब है कि आपको पैकेज्ड / रेस्टोरेंट के खाद्य पदार्थों से भी परहेज करना होगा।
  • स्वस्थ भोजन करें और अपना वजन नियंत्रित रखें। अपने गुर्दे की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के जमाव को रोकने के लिए अपने शरीर के कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित जाँच करवाएँ।
  • धूम्रपान गुर्दे के रोग की प्रगति में बहुत ही जोखिम कारकों में से एक है। यहां तक कि 1 सिगरेट पीने से पहले से कमजोर किडनी को और नुकसान पहुंच सकता है।
  • रोजाना नहीं तो हफ्ते के 7 दिनों में से कम से कम 5 दिन जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग, रैकेट गेम्स जैसे खेल खेलें जो रोजाना लगभग 45 मिनट तक का हो और इस तरह हल्की-फुल्की कसरत करे। इससे और भी कोई बीमारी नहीं होगी।

और अधिक लेख –

Leave a Comment

Your email address will not be published.