सावन ‘श्रावण’ माह में नहीं करने चाहिए ये 10 काम Shravan Maas

Shavan Mahina – सावन के इस पवित्र महीना भगवन शिव को समर्पित हैं। इस माह में विधि पूर्वक शिवजी की आराधना करने से, मनुष्य को शुभ फल भी प्राप्त होते हैं। इसी वजह से देशभर के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहेगी। शास्त्रों के मुताबिक इस माह में भगवान विष्णु पाताल लोक में रहते हैं और संसार के पालनहार के रूप में शिव जी ही कार्य करते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना करते समय कुछ कामों को करने से बचना चाहिए।

Shrwan Sawan Ke Mahine Me Nahi Kare Ye 10 KaamShrwan Sawan Ke Mahine Me Nahi Kare Ye 10 Kaam

1). इन्हे सेवन ना करे

शिव कृपा पाने के लिए पूरे महीने सात्विक भोजन करना चाहिेए इस कारण सावन के महीने में मांस,मदिरा,प्याज और लहसुन का सेवन बंद कर देना चाहिए। सावन के महीने में इन सबके सेवन को पाप माना जाता है। धर्म शास्त्रों में मान्यता है कि सावन में हरी सब्जी का त्याग कर देने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। लेकिन सावन में साग में पित्त बढ़ाने वाले तत्व की मात्रा बढ़ जाती है। यही कारण है कि सावन में साग खाना वर्जित माना गया है। साथ ही कीट-पतंगों की संख्या बढ़ जाती है जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।

2). शिवलिंग पर न चढ़ाएं हल्दी

शिवजी की पूजा करते समय ध्यान रखें कि शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए। हल्दी जलाधारी पर चढ़ानी चाहिए। हल्दी स्त्री से संबंधित वस्तु है। शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए। जलाधारी स्त्री तत्व से संबंधित है और ये माता पार्वती की प्रतीक है।

3). सांड या गाय को ना मारे

इस महीने में अगर घर के दरवाजे पर सांड या गाय आ आए तो उसे मार कर भगाने की बजाय कुछ खाने को दें। सांड को मारना श‌िव की सवारी नंदी का अपमान माना जाता है।

4). बुरे विचारो से बचे

सावन माह में किसी भी प्रकार के बुरे विचार से बचना चाहिए। बुरे विचार जैसे दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए योजना बनाना, अधार्मिक काम करने के लिए सोचना, स्त्रियों के लिए गलत सोचना आदि। इस प्रकार के विचारों से बचना चाहिए, अन्यथा शिवजी की पूजा में मन नहीं लग पाएगा। मन बेकार की बातों में ही उलझा रहेगा। शास्त्रों में स्त्रियों के लिए गलत बातें सोचना महापाप बताया गया है। सावन माह में अच्छे साहित्य या धर्म संबंधी किताबों का अध्ययन करना चाहिए, इससे बुरे विचार दूर हो सकते हैं।

5). दूध के सेवन से रखें परहेज

सावन में संभव हो तो दूध का सेवन न करें। यही बात बताने के लिए सावन में शिव जी का दूध से अभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई होगी। वैज्ञानिक मत के अनुसार इन दिनों दूध वात बढ़ाने का काम करता है। अगर दूध का सेवन करना हो तब खूब उबालकर प्रयोग में लाएं। कच्चा दूध प्रयोग में नहीं लाएं। सावन में दूध से दही बनाकर सेवन कर सकते हैं। लेकिन भाद्र मास में दही से परहेज रखना चाहिए क्योंकि भाद्र मास में दही सेहत के लिए हानिकारक होता है।

6). सावन में बैंगन खाना भी वर्जित माना गया है

सावन में महीने में साग के बाद बैंगन भी ऐसी सब्जी है जिसे खाना वर्जित माना गया है। इसका धार्मिक कारण यह है कि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्घ कहा गया है। यही वजह है कि कार्तिक महीने में भी कार्तिक मास का व्रत रखने वाले व्यक्ति बैंगन नहीं खाते हैं। वैज्ञानिक कारण यह है कि सावन में बैंगन में कीड़े अधिक लगते हैं। ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सावन में बैंगन खाने की मनाही है।

7). लोगों का अपमान न करें

सावन माह में इस बात का ध्यान रखें कि बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाई-बहन, जीवन साथी, माता-पिता, मित्र और ज्ञानी लोगों का अपमान न करें। शिवजी के माह में इस बात का पालन जरूर होना चाहिए, अन्यथा शिवजी की कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है। शिवजी ऐसे लोगों से प्रसन्न नहीं होते हैं जो यहां बताए गए लोगों का अपमान करते हैं। ये सभी लोग हर स्थिति में सम्मान के पात्र हैं, हमेशा इनका सम्मान करें।

8). सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए

पूजा के लिए सुबह-सुबह का समय सबसे अच्छा रहता है, इस कारण यदि आप शिवजी की कृपा पाना चाहते हैं तो सुबह बिस्तर जल्दी छोड़ देना चाहिए। जल्दी जागें और स्नान आदि कार्यों के बाद शिवजी की पूजा करें। यदि देर तक सोते रहेंगे तो इससे आलस्य बढ़ेगा। सुबह जल्दी उठने से वातावरण से स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। सुबह के समय मन शांत रहता है और इस वजह से पूजा पूरी एकाग्रता से हो पाती है। एकाग्रता से की गई पूजा बहुत जल्दी शुभ फल प्रदान करती है।

9). क्रोध न करें

क्रोध से मन की एकाग्रता और सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। इस आवेश में लिए गए फैसले भी अधिकतर नुकसानदायक ही होते हैं। ये एक बुराई है और इससे बचना चाहिए। शिवजी के कृपा पाने के लिए खुद को शांत रखना बहुत जरूरी है। क्रोध से मन अशांत हो जाता है और ऐसे में पूजा नहीं की जा सकती है।

10). पति-पत्नी ध्यान रखें ये बातें

अधिकतर परिवारों में पति-पत्नी के बीच वाद-विवाद, छोटी-छोटी लड़ाइयां अक्सर होती रहती हैं। ये आम बात है, लेकिन जब छोटी-छोटी बातें बढ़ जाती हैं तो पूरा घर अशांत हो जाता है। सावन माह में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर में क्लेश ना हो। जिन घरों में क्लेश होता है, अशांति रहती है, वहां देवी-देवता निवास नहीं करते हैं। सावन माह में शिवजी की कृपा चाहते हैं तो घर में प्रेम बनाए रखें और एक-दूसरे की गलतियों को भूलकर आगे बढ़ें। घर में शांति रहेगी तो जीवन भी सुखद बना रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। प्रसन्न मन से पूजा करेंगे तो मनोकामनाएं भी जल्दी पूरी हो सकती हैं।


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