मुकेश अंबानी की जीवनी | Mukesh Ambani Biography in Hindi

Mukesh Dhirubhai Ambani / मुकेश धीरूभाई अंबानी भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक हैं। फ़ोर्ब्स सूची के अनुसार अगस्त 2016 में लगभग 22.2 अरब डॉलर की निजी सम्पत्ती के साथ दुनिया के छत्तीसवें सबसे अमीर आदमी हैं। मुकेश अंबानी और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक स्वर्गीय धीरू भाई अम्बानी के बेटे हैं। मुकेश इंडियन प्रीमियर लीग की टीम मुंबई इंडियंस के मालिक भी हैं। सन 2012 में फोर्ब्स ने उन्हें ‘दुनिया के सबसे अमीर ‘स्पोर्ट्स ओनर्स’ की सूची में स्थान दिया था। मुकेश अपनी कंपनी के अलावा मुकेश अम्बानी विभिन समितियों के सदस्य, अध्यक्ष तथा प्रतिष्ठित कंपनियों के बोर्ड पर भी रहे हैं। वे भारत के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट बैंगलोर’ के बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

मुकेश अंबानी की जीवनी | Mukesh Ambani Biography in Hindiशुरुवाती जीवन –

मुकेश अम्बानी का जन्म 19 अप्रैल, 1957 में यमन स्थित अदेन शहर में धीरुभाई अम्बानी और कोकिलाबेन अम्बानी के घर हुआ था। उस समय मुकेश के पिता अदेन में काम करते थे। मुकेश अम्बानी के छोटे भाई अनिल अम्बानी हैं और उनकी दो बहने भी हैं – दीप्ती सल्गओंकर और नीना कोठारी। इनके भाई अनिल अम्बानी रिलायंस अनिल “धीरूभाई अम्बानी” समूह के प्रमुख हैं। अंबानी परिवार भले ही इस समय दुनिया के सबसे अमीर परिवारों में एक हैं पर एक समय पूरा अंबानी परिवार 1970 तक मुंबई के भुलेश्वर में 2 बेडरूम के अपार्टमेंट में रह रहा था। बाद में धीरुभाई ने कोलाबा में एक 14 मंजिला अपार्टमेंट ख़रीदा जिसे “Sea Wind” कहा जाता है, जहा अब तक, मुकेश और अनिल अपने-अपने परिवार के साथ अलग-अलग मंजिल पर रह रहे थे।

शिक्षा –

मुकेश अंबानी की प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के पेद्दर रोड स्थित ‘हिल ग्रान्ज हाई स्कूल में हुई। यहाँ मुकेश के करीबी मित्र आनंद जैन उनके सहपाठी थे और इसी स्कूल में उनके छोटे भाई अनिल अम्बानी भी पढ़ते थे। मुकेश अम्बानी ने ‘इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी, माटुंगा’ से केमिकल इंजीनियरिंग ऑफ़ बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री ग्रहण की। इसके पश्चात मुकेश ने एम.बी.ए. करने के लिए स्तान्फोर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया पर एक साल बाद ही अपने पिता धीरुभाई अम्बानी की मदद करने के लिए पढ़ाई छोड़ दी।

करियर की शुरुवात –

1980 के दशक में जब इंदिरा गाँधी की सरकार थी, पी.एफ.वाई. (PFY) का निर्माण निजी क्षेत्र के लिए खोला गया तब रिलायंस ने लाइसेंस के लिए अपनी दावेदारी पेश की और टाटा, बिड़ला तथा 43 और दिग्गजों के बिच लाइसेंस पाने में कामयाबी हासिल की। इस समय मुकेश अंबानी एम.बी.ए की पढाई कर रहे थे पर पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न कारखाने के निर्माण के लिए धीरुभाई अम्बानी ने मुकेश को पढ़ाई के बीच में ही बुला लिया। इसके बाद मुकेश अपनी पढ़ाई छोड़ भारत आ गए और कारखाने के निर्माण में जुट गए।

इसके बाद मुकेश अंबानी अपने पिता के साथ व्यवसाय में हाथ बटाना शुरू किया। 1981 में उन्होंने रिलायंस को टेक्सटाइल से पोलिस्टर फाइबर और अन्य पेट्रोकेमिकल में भी काम करना शुरू किया। मुकेश अम्बानी ने IT क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रिलायंस इन्फोकॉम लिमिटेड की स्थापना की जो वर्तमान में रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के नाम से जानी जाती है। उन्होंने जब रिलायंस कम्युनिकेशनकी शुरुवात की थी तब यह भारत की विशालतम कम्युनिकेशन कम्पनी थी।

मुकेश ने जामनगर (गुजरात) में बुनियादी स्तर की विश्व की सबसे बड़ी पेट्रोलियम रिफायनरी की स्थापना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सन 2010 में इस रिफायनरी की क्षमता 660,000 बैरल प्रति दिन थी यानी 3 करोड़ 30 लाख टन प्रति वर्ष। लगभग 100000 करोड़ रुपयों के निवेश से बनी इस रिफायनरी में पेट्रोकेमिकल, पावर जेनरेशन, पोर्ट तथा सम्बंधित आधारभूत ढांचा है।

सितम्बर 2016 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर ‘रिलायंस जिओ’ के माध्यम से दूरसंचार के क्षेत्र में कदम रखा हैं। इसके आलावा उन्होंने मुंबई में धीरुभाई इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना भी की है।

मुकेश अंबानी भारतीय व्यापर के प्रभावशाली व्यक्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के अध्यक्ष, मैनेजिंग डायरेक्टर और सबसे बड़े शेयरहोल्डर है। रिलायंस कंपनी विश्व की 500 सौभाग्यशाली कंपनी में शामिल है और मार्केट वैल्यू के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। वो विश्व की सबसे महँगी संपत्ति एन्टीलीया बिल्डिंग में रहते है। उन्होंने अपनी कंपनी का 44.7% स्टैक पकड़ कर रखा है। RIL विशेषतः पेट्रोलियम रसायन (Refining Petrochemical) और तेल और गैस क्षेत्र से समझौता करती है। रिलायंस रिटेल लिमिटेड जो RIL की ही एक सहायक कंपनी है, वह भी भारत की सबसे बड़ी रिटेलर कंपनी है। वे इंडियन प्रीमियर लीग की मुंबई इंडियन टीम के मालिक भी है। 2013 में वह भारत के सबसे अमिर और एशिया के दुसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने। अम्बानी ने अपने इस शीर्षक (भारत के सबसे अमीर व्यक्ति) को 9 सालो तक बरक़रार रखा। इसके आलावा वे बैंक ऑफ़ अमेरिका कारपोरेशन और इंटरनेशनल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ़ फॉरेन रिलेशन के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की तरह सेवा की।

निजी जीवन –

मुकेश अम्बानी का विवाह नीता अम्बानी से हुआ। नीता रिलायंस इंडस्ट्रीज के सामाजिक एवं धर्मार्थ कार्यो को देखती हैं। उनके तीन बच्चे हैं – आकाश, ईशा और अनंत। नीता अंबानी एक गुजराती परिवार से ताल्लुक रखती हैं। नीता के परिवार में संगीत और शास्त्रीय नृत्य को काफी पसंद किया जाता रहा है और उनके परिवार में संगीत और नृत्य काफी मायने रखते हैं। नीता की माता एक प्रख्यात गुजराती लोकनर्तकी थीं।

मुकेश अम्बानी का निवास – Mukesh Ambani House History in Hindi

एक समय था जब अंबानी परिवार मुंबई के भुलेश्वर में दो कमरों के मकान में रहता था। इसके बाद धीरुभाई ने मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में एक 14 मंजिल ईमारत। अब मुकेश अम्बानी अपने परिवार के साथ दक्षिण मुंबई के अल्टमाउंट रोड पर स्थित अपने 27 मंजिली ईमारत ‘एंटीलिया’ में रहते हैं। इसे दुनिया का सबसे महंगा मकान माना जाता है। लगभग 600 कर्मचारियों का दल इस ईमारत की देख-रेख में जूता रहता है। इसके नाम अटलांटिक ओसियन स्थित इसी नाम के एक पौराणिक टापू पर रखा गया है। पूरा घर सूर्य और कमल की विषयवस्तु पर आधारित है। इमारत में सूर्य और कमल का आकार बनाने के लिए उत्कृष्ट सामानों जैसे दुर्लभ लकड़ी, संगमरमर और क्रिस्टल का इस्तेमाल किया गया है। मुंबई के करीब 500 बेडरूम फ्लैट के बराबर एरिया में फैला हैं यह घर।

सम्मान और पुरस्कार – Mukesh Ambani Awards and Achievements

  • मई 2004 में एशिया सोसाइटी, वॉशिंगटन डी सी द्वारा उन्हें एशिया सोसाइटी लीडरशिप अवार्ड प्रदान किया गया
  • इंडिया टुडे के मार्च मई 2004 अंक में द पॉवर लिस्ट मई 2004 में मुकेश अम्बानी ने लगातार दूसरे साल पहला स्थान हासिल किया
  • फोर्च्यून पत्रिका के अगस्त 2004 अंक में सबसे शक्तिशाली कारोबारियों की एशिया पॉवर 25 सूचि में मुकेश को 13वां स्थान मिला
  • वौइस् एंड डाटा पत्रिका ने सितम्बर 2004 में उन्हें ‘टेलिकॉम मैंन ऑफ़ द ईयर’ चुना
  • अक्टूबर 2004 में टोटल टेलिकॉम ने दूरसंचार के क्षेत्र में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर मुकेश अम्बानी को वर्ल्ड कम्युनिकेशन अवार्ड दिया
  • नवम्बर 2004 में प्राईस वाटर हाउस कूपर्स द्वारा कराये गए एवं फाइनेंशियल टाइम्स लन्दन में प्रकाशित सर्वे में मुकेश अम्बानी को चार सीईओ में दूसरा स्थान मिला
  • मुकेश अम्बानी को एन डी टी वी द्वारा साल 2007 का ‘बिज़नसमैंन ऑफ़ द ईयर चुने गए
  • यूनाईटेड स्टेटस-इंडिया बिज़नस कौंसिल (USIBC) ने वाशिंगटन में मुकेश अम्बानी को 2007 में “ग्लोबल विज़न” लीडरशिप अवार्ड दिया
  • सन 2007 में चित्रलेखा पर्सन ऑफ़ द ईयर -2007 पुरस्कार से सम्मानित किया गया
  • 2010 में, उन्हें एनडीटीवी इंडिया और फाइनेंशियल क्रॉनिकल द्वारा ‘बिज़नेसमैन ऑफ द ईयर’ ने ‘बिजनेस लीडर ऑफ द ईयर’ नाम दिया था।
  • 2010 में, उन्हें पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय द्वारा ‘स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग और एप्लाइड साइंस डीन के पदक’ के साथ पेश किया गया था।

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3 thoughts on “मुकेश अंबानी की जीवनी | Mukesh Ambani Biography in Hindi”

  1. Monika chauriwar

    Sir you are gret sir .sir mera nam monika h mai apne life me bhot presan hu muje aapke jesa banana k aapke jesa muje bi kuc krna h or bhot bada banna h par muje samj me nhi ara ki mai ky kru esa mai har bar har wokt socti ki mai ek ladki hu esa ky kar skti mai ki apne ghrwalo k liy kuc kar saku sir mai ek vidwa ladki hu meri age 24 h mere hasbend ki date 12 agust 2015 me hue jab mai 22 ki ti maine 18 sal me sahdi ki ti mera ek baca h 5 sal ka mai bhot akeli padgi hu muje kuc samjra nhi ki esa konsa bijness kru mai ki apne bace ko achi jindgi de saku muje kuc samjme nhi ara h plz sir aap meri madt kar sakte ho to aap muje bata ne ki kosis kare .

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