दुनिया की बेहतरीन टॉप 10 ख़ुफ़िया एजेंसीया Intelligence Agency

Intelligence Agency

दुनियाभर के हर देश अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहता हैं. और दुनिया के करीब हर देश की अपनी एक खुफिया एजेंसियां हैं, जो अपने देश की सुरक्षा की खातिर कुछ भी करने को तैयार रहती हैं। ये दुश्मन देशों के हर मंसूबे को खत्म करने की कोशिश करती हैं और उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार रहती हैं। ऐसे में आज हम आपको दुनियाभर की 10 टॉप खुफिया एजेंसियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

  1. पाकिस्तानी इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई (ISI)

ISI Pakistanपाकिस्तानी इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई (इंटर-सर्विसेस-इंटेलीजेंस) दुनिया की नंबर एक खुफिया एजेंसी है। अमेरिकी मीडिया क्राइम न्यूज ने 1948 में स्थापित आईएसआई को दुनिया की बेहतरीन और सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी माना है। पूर्व में इसका मुख्यालय रावलपिंडी में था और इसे इंटेलीजेंस ब्यूरो के नाम से जाना जाता था। वर्तमान में इसका मुख्यालय इस्लामाबाद के शहराह ए सोहरावर्दी में है। हालांकि, आईएसआई पर आए दिन आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। भारत में हुए कई आतंकी हमलों में आईएसआई के एजेंट्स का हाथ बताया जा रहा है।

 

2. अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA)

CIA America

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी) का गठन 1947 में किया गया था। इसका मुख्यालय वाशिंगटन के पास वर्जीनिया में स्थित है। ये अमेरिका ही नहीं दुनिया में सबसे ज्यादा सक्षम और ताकतवर मानी जाती है। सीआईए के अलावा अमेरिका में तीन एजेंसियां एनएसए, डीआईए और एफबीआई हैं, लेकिन सीआईए का काम साइबर क्राइम, आतंकवाद रोकने समेत विदेशों से सूचना इकट्ठा करना है। 2013 में वाशिंगटन पोस्ट ने सीआईए को सबसे ज्यादा बजट वाली खुफिया एजेंसी बताया था।

 

3. एमआई- 6 ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई- 6 (MI6)

MI6

एमआई- 6 ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी है, इसे दुनिया में तीसरी सबसे ताकतवर और खतरनाक खुफिया एजेंसी माना जाता है। यूं तो सबसे पुरानी खुफिया एजेंसियों में से एक मी6 की स्थापना 1909 में की गई थी, लेकिन 1994 में दुनिया के सामने इसका अस्तित्व सामने आया। एमआई 6 का काम आतंकवादियों के बारे में देश के आंतरिक और बाहरी हिस्से से जानकारियों जुटाना है। यूँ तो नाकामी के किस्से भी हैं. सद्दाम हुसैन के इराक में व्यापक जनसंहार के हथियारों के भंडार होने की जानकारी एमआई 6 की सबसे शर्मनाक नाकामयाबियों में से रही।

 

4. रूस की प्रमुख खुफिया एजेंसी एफएसबी (FSB)

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रूस की प्रमुख खुफिया एजेंसी फेडरल सिक्युरिटी सर्विसेज (एफएसबी) चौथे स्थान पर है। इसकी स्थापना 12 अप्रैल 1995 को हुई थी, जिसका मुख्यालय मॉस्को में है। एफएसबी के करीब ढाई लाख सदस्य हैं, जो खुफिया से जुड़े मामलों के अलावा एफएसबी बॉर्डर से जुड़े मामलों पर भी गहरी नजर रखते हैं।

 

5. जर्मनी की ख़ुफ़िया एजेंसी बीएनडी (BND)

BND

बीएनडी (बंडेस्नआर्किटेंडीस्ट) फेडरल इंटेलीजेंस सर्विस, जर्मनी की एक संघीय खुफिया एजेंसी है, जो दूसरे विश्व युद्ध से पहले स्थापित की गई थी। हजारों करोड़ के बजट में काम करने वाली यह एजेंसी जासूसी करने में आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल करती है। इस एजेंसी का मुख्य काम देश को आंतरिक और बाहरी खतरों से सुरक्षित रखना है। इसका मुख्यालय म्यूनिख के पास पुलाच में है।

 

6. भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (RAW)

RAW INDIA

भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) को दुनिया की छठवें नंबर की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी माना गया है। इसकी स्थापना 1968 में की गई थी, जिसका मुख्यालय दिल्ली में है। इस एजेंसी की खासियत यह है कि भारत के प्रधानमंत्री के अलावा किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है। रॉ विदेशी मामलों, अपराधियों, आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी रखती है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) भी देश की सुरक्षा के लिए काम करती है। इन दोनों एजेंसियों ने मिलकर कई बड़े आतंकी हमलों को नाकाम किया है। रॉ ने पाकिस्तान के तात्कालीन सैन्य प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ और उनके चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अजीज के बीच हुई बातचीत को टेप करने में सफलता पाई। इस टेप के बाद साबित हो गया कि कारगिल घुसपैठ में पाकिस्तान की भूमिका थी।

 

7. फ्रांस की खुफिया एजेंसी डीजीएसई (DGSE)

DGSE

दुनिया की सातवीं सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी डीजीएसई (डायरेक्शन जनरल डी ला सिक्युरिटी), फ्रांस है। एजेंसी का दावा है कि उसने अब तक फ्रांस में 15 आतंकी हमलों को अपनी खुफिया जानकारियों के दम पर रोका है। निकोबार नेटवर्क के जरिये इस एजेंसी ने सोवियत संघ के टी-72 टैंकों की बनावट के बारे में तमाम जानकारी हासिल कर ली। भारत को 43 मिराज 2000 लड़ाकू विमान बेचने में भी इस एजेंसी का बड़ा रोल रहा। प्रशांत महासागर में 1985 में फ्रांस के परमाणु परीक्षण के खिलाफ ग्रीन पीस के विरोध को रोकने की कोशिश में इस एजेंसी ने ऑकलैंड में रैनबो वॉरियर जहाज को डुबो दिया।

 

8. ऑस्ट्रेलियन खुफिया एजेंसी एएसआईएस (ASIS)

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ऑस्ट्रेलियन सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस (एएसआईएस) ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसी है। इसकी स्थापना 13 मई 1952 को की गई थी, जिसका मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया के केनबरा में स्थित है। इसका काम ऑस्ट्रेलिया के हितों को रक्षा करना और बढ़ावा देना है। एएसआईएस का काम इसके लिए विदेशों से जरूरी सूचना एकत्र करना है। इसकी तुलना अमेरिका के सीआईए और यूके की खुफिया एजेंसी एमआई-6 से की जाती है।

 

9. चीन की खुफिया एजेंसी एमएसएस (MSS)

MSS Chine

एमएसएस (मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्यूरिटी), चीन की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी है, जिसका मुख्यालय चीन के गृहमंत्रालय के पास है। इसकी काम भी बाकी देशों की खुफिया एजेंसी की तरह है, लेकिन यह देश को राजनैतिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए काम करती है। इसकी स्थापना 1983 में हुई थी। इसकी खासियत यह है कि जितनी बारीकी से यह अपने देश के नागरिकों की हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखती है, उतना ही मजबूत तंत्र इसका विदेशों में भी है।

 

10. इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसॅड (MOSSAD)

MOSSAD

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसॅड को दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया एजेंसियों में गिना जाता है, जिसकी स्थापना 1949 की गई थी। इसका डायरेक्टर सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है। मोसॅड मुख्यत: आतंकी विरोधी घटनाओं को अंजाम देती है और सीक्रेट ऑपरेशंस चलाती है, जिसका उद्देश्य देश की रक्षा करना होता है। मोसॅड के खाते में भी कामयाबी के कई किस्से जुड़े हैं। बहुत ही क्रूरता से अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मोसॅड कुख्यात है।

 

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