जामुन के फायदे और नुकसान | Jamun Benefits and Side Effects in Hindi

Jamun Khane ke Fayde – जामुन खाने में तो स्वादिष्ट होता ही साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी होते हैं। जामुन को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है – राजमन, काला जामुन, जमाली, ब्लैकबेरी आदि। इसकी प्रकृति अम्लीय और कसैली होती है, लेकिन इसका स्वाद खाने में मीठा होता है। अम्लीय होने के कारण जामुन को नमक के साथ खाया जाता है। जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है।

Jamun Benefits and Side Effects in Hindi

जामुन में पाए जाने वाले पोषक तत्व – Java Plum Nutritional Value in Hindi

Contents

जामुन में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं। जामुन का सिर्फ फल ही नहीं, इसके पेड़ की छाल, पत्तियां और फल की गुठली भी बहुत फायदेमंद होती है। बड़ों के साथ ही ये फल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।

एक मध्य आकार के जामुन पाए जाने वाले पोषक तत्व –

  • Calories: 30
  • Carbs: 8 grams
  • Fiber: 1 gram
  • Sugars: 7 grams
  • Vitamin A: 5% of the RDI
  • Vitamin C: 10% of the RDI
  • Vitamin K: 5% of the RDI
  • Potassium: 3% of the RDI
  • Copper: 2% of the RDI
  • Manganese: 2% of the RDI

जामुन का वानस्पतिक नाम – Black Plum Botanical Name

जामुन का वानस्पतिक नाम Syzygium cumini (Linn.) Skeels. (सिजीजियम क्यूमिनाइ) Syn-Eugenia jambolana Lam. है, और यह Myrtaceae (मिर्टेसी) कुल का है।

जामुन के फायदे – Plum and Prunes Benefits in Hindi

1). मुँहासे दूर करने में जामुन के फायदे

जामुन के रस का उपयोग पिम्पल्स यानि मुंहासों को कम करने किया जाता है। इसके लिए जामुन या इसकी पत्तियों के रस को त्वचा पर लगाने से ये अधिक मात्रा में तैल को त्वचा पर आने से रोकता है जिससे पिम्पल्स जैसी समस्याओ में आराम मिलता है जामुन में कषाय गुण होने के कारण त्वचा के विकारो में फायदेमंद होता है जब इसको बाहय रूप से उपयोग किया जाता है।

2). मधुमेह रोगी के लिए जामुन के फायदे

डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी या जिन्हें अधिक पेशाब और प्यास लगती है उन्हें जामुन का सेवन करना चाहिए, इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को सामान्य रखने में मददगार है। डायबिटीज के ईलाज मे जामुन की पत्तियां का इस्तेमाल किया जा सकता है और जामुन से शरीर का ब्लड शुगर लेवल सही रहता है। जामुन में oleanolic acid पाया जाता है, जो की शुगर को सही स्तर पर रखने में मदद करता है।

3). हड्डियों के जामुन के फायदे

जामुन मे एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इन्फेक्टिवे और एंटी-मलेरिया प्रॉपर्टीज होती है। जामुन में कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन सी और आयरन होते हैं, जो शरीर की हड्डियों को मजबूत रखते है और शरीर को कैल्शियम की कमी से होने वाली बिमारियों से बचाते है।

4). पाचन क्रिया के लिए

एक स्वस्थ्य शरीर के लिए स्वस्थ पाचन क्रिया का होना बहुत जरूरी है। इसके लिए जामुन की गुठली का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है। जामुन के बीज में क्रूड फाइबर (Crude Fiber) की मात्रा पाई जाती है। क्रूड फाइबर का सेवन बेहतरीन पाचन क्रिया के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसकी पूर्ति आप जामुन के बीज के जरिए कर सकते हैं।

5). पीरियड्स में दर्द से राहत

पीरियड्स में महिलाओं को ब्लीडिंग के दौरान दर्द का भी सामना करना पड़ता है। इस दर्द से निजात पाने के लिए महिलाएं पीरियड्स के दौरान जामुन बीज के पाउडर का सेवन कर सकती हैं, जो उन्हें दर्द से आराम पहुंचाने में मदद कर सकता है। ऐसा इसलिए संभव है, क्योंकि जामुन के बीज में जिंक पाया जाता है, जो पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

6). कब्ज में राहत

कब्ज की समस्या से परेशां हैं तो इससे बचने के लिए भी जामुन बीज का इस्तेमाल आपके काम आ सकता है। दरअसल, जामुन बीज में क्रूड फाइबर की मात्रा पाई जाती है एक वैज्ञानिक रिसर्च के माध्यम से पाया गया है कि कब्ज की समस्या में क्रूड फाइबर आपको लाभदायक परिणाम दिखा सकता है।

7). दांतो और मसूड़ों के मजबूती के लिए

दांतों और मसूड़ों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी जामुन बीज के फायदे देखे जा सकते हैं। जामुन बीज में पाए जाने वाले कैल्शियम का सेवन करने से दांत मजबूत बने रहते हैं और इनका विकास सही से होता है। दांतों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बच्चों और व्यस्क दोनों को कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, विटामिन-सी की कमी से मसूड़ों में सूजन और खून निकलने की समस्या का इलाज भी जामुन बीज में पाए जाने वाले विटामिन-सी के जरिए किया जा सकता है।

8). खून की कमी को पूरा करे

विटामिन सी और आयरन से भरपूर जामुन शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ने ऑक्सीजन के वहन की क्षमता बढ़त जाती है। इससे शरीर में खून की कमी पूरी होती है और आप स्वस्थ रहते हैं। जामुन में मौजूद आयरन खून को शुद्ध करने में भी मदद करता है।

9). मोटापा कम करे

जामुन में भारी मात्रा में फाइबर होता है और कैलोरी बहुत ही कम होती है। इसमें विटामिन सी, आयरन, फास्फोरस, मैग्नीशियम और फोलिक एसिड भी पाया जाता है। ये शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है, जिससे आपको बार-बार भूख का एहसास नहीं होता है। इसका नियमित सेवन बढ़ते हुए वजन को कम करने में काफी मदद करता है।

10). इम्यूनिटी बूस्ट करता है

जैसा की जामुन में विटामिन, मिनरल, एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत करके शरीर का स्टैमिना बढ़ाते हैं।

11). दिल के लिए फायदेमंद

पोटैशियम से भरपूर जामुन, दिल के लिए बेहद फायदेमंद होता है। प्रति 100 ग्राम जामुन में लगभग 55 मिलीग्राम पोटेशियम मौजूद होता है। हाई ब्लड प्रेशर, दिल से जुड़ी बीमारी और हार्ट स्ट्रोक जैसी समस्याओं के खतरे को दूर रखने में ये फल फायदेमंद होता है। जामुन धमनियों को भी स्वस्थ रखता है और उसे सख्त होने से रोकता है।

12). नशा दूर करने में

जामुन के पत्ते नशा दूर करने के भी काम आ सकते हैं। जामुन के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाले और पीढ़ित व्यक्ति को देने से उसे लाभ मिलता है।

13). इंफेक्शन को रोकता है

जामुन में एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफेक्टिव और एंटी मलेरियल जैसे गुण होते हैं। जामुन में मैलिक एसिड, टैनिन, गैलिक एसिड, ऑक्सैलिक एसिड और बेट्यूलिक एसिड भी मौजूद होते हैं। इसके सेवन से शरीर कॉमन इंफेक्शन से दूर रहता है।

14). बवासीर या पाइल्स के दर्द में

बवासीर या पाइल्स से परेशान हैं तो जामुन के कोमल कोपलों के 20 मिली रस में, थोड़ी-सी शक्कर मिला लें। इसे दिन में तीन बार पीने से बवासीर से बहने वाला खून बन्द हो जाता है।

15). गठिया में भी राहत

गठिया के दर्द से परेशान हैं तो इसके दर्द को कम करने के लिए जामुन की जड़ को उबालकर, पीस लें। इसे जोड़ों पर रगड़ने से जोड़ों के दर्द में लाभ मिलता है।

जामुन के नुकसान – Side Effects of Jamun in Hindi

जामुन खाने के भी कुछ नुक्सान है। चलिए जानते हैं-

  • जामुन की गुठली में कार्बोहाइड्रेट की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है, जिसका अधिक सेवन करने से वजन बढ़ सकता है
  • जामुन के बीज में विटामिन-सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जिसका अधिक सेवन आपका पेट खराब कर सकता है और आपको डायरिया भी हो सकता है
  • कुछ जामुन के बीज में कीड़े भी हो सकते हैं, इसलिए देखकर खाएं।
  • जामुन का पका हुआ फल अधिक खाने से पेट और फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
  • जामुन का सेवन स्वाभाविक रूप से रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है, इसलिए सर्जरी से पहले या बाद में जामुन को खाने से बचना चाहिए।
  • विशेषज्ञों के अनुसार एक बार में 200 ग्राम से अधिक जामुन का सेवन नुकसानदायक है।

जामुन का इस्तेमाल कैसे करें? – How to Use Jamun in Hindi?

जामुन का इस्तेमाल खाने में और आयुर्वेदिक इलाज के लिए किया जाता हैं। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए जामुन का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

खली पेट जामुन खाने फायदे  – Khali pet Jamun khane Ke fayde

जामुन को कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए। दरअसल जामुन वातकारी है, अगर इसे खाली पेट खाया गया तो पेट में अफारा और गैस की समस्या हो जाती है जो लंबे समय तक नहीं जाती। उसी तरह जामुन को दूध के साथ भी कभी नहीं खाना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – FAQ

Q. जामुन के गुठली की क्या फायदे होते हैं? (Jamun Seed Benefits in Hind)

Ans- जामुन की गुठली भी लाभदायक है। जामुन की गुठली सर्दी, खांसी, बुखार और त्वचा की समस्याएं जैसे चकत्ते और मुंह, गले, आंतों और जननांगों में अल्सर, दस्त मधुमेह में लाभकारी होती है।

Q. जामुन का सिरका क्या सेहत के लिए फायदेमंद होता है?

Ans – जामुन के फलों से ही सिरका तैयार किया जाता है। जामुन सिरका पाचन तंत्र के लिए अच्छा होता है।

Q. जामुन कहां पाया जाता है और उगाया जाता है?

जामुन का पेड़ जंगलों और सड़क किनारे सबसे ज्यादा पाया जाता है। इसे बगीचों और खेतो में लगाया जाता हैं।

Q. जामुन किस रोग की दवा है

Ans – जामुन मधुमेह (डायबिटीज), पथरी, लीवर, तिल्ली और खून की गंदगी को दूर करता है।

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