इन तरीको से 2 मिनट में पकड़े किसी का झूठ | Jhoot Kaise Pakde

किसी व्यक्ति का झूठ पकड़ने के लिए कोई विशेष ज्ञान की जरुरत नहीं पड़ती हैं। उसके हाव-भाव, आवाज़ से उसका झूट पकड़ सकते हैं। हालाँकि झूठे व्यक्ति के पास हज़ार बातें रहते हैं फिर भी कुछ ऐसी खामियां रहती जिसके वजह से झूठ पकड़ा जाता हैं।

इन तरीको से 2 मिनट में पकड़े किसी का झूठ | Jhoot Kaise Pakde

न्याय विश्लेषक न्यायपीठ का चयन करने के लिए झूठ का पता लगाने (lie detection) का उपयोग करते हैं; पुलिस पूछताछ के दौरान इन तरीको का उपयोग करती है। यहाँ तक कि न्ययायाधीश भी सच्चाई जानने के लिए इस का उपयोग करते हैं। आइये जाने झूठे और धोखेबाज़ इंसान को कैसे पकड़े (Jhoot Kaise Pakde)…

लोग झूठ क्यों बोलते हैं

इस सवाल का जवाब लगभग सभी इंसान के पास हैं। हर इंसान अपने जीवन में कभी ना कभी झूठ जरूर बोलता है चाहे किसी भी वजह से बोले। कई बार इंसान को झूठ बोलने का मज़बूरी रहता हैं या किसी को इसका आदत रहता हैं और वो बार-बार झूट बोलते हैं। अपनी गलतियों को छुपाने के लिए सच का सामना नहीं करते। ऐसे व्यक्ति दिल से गंदे होते हैं और जीवनभर पछताते हैं। हालाँकि कई लोग अच्छी तरह से झूठ बोल लेते है तो कोई खराब, लेकिन बोलते सब हैं।

लेकिन अगर कोई व्यक्ति चाहे तो जल्द ही झूठ छोड़ सकता हैं। उसे बस सच्चाई बता के अपनी गलती मान लेना चाहिए। इससे फायदा ये होता हैं की अगली बार गलती करने से पहले वो हज़ार बार सोचेगा की उसे सच बोलना पड़ेगा। और इसी डर के कारण गलती ही नहीं करेगा। और जब गलती नहीं होगा तो झूठ बोलने की नौबत नहीं आएगी।

किसी का झूठ कैसे पकड़े – How To Catch A Liar In Hindi

1). झूठ बोलने वाला व्यक्ति के चेहरे पर गौर करें

जब आपको लगे कि सामने वाला व्यक्ति झूठ बोल रहा है तो उसके चेहरे को गौर से देखें। झूठ बोलते समय चेहरे के भाव बिल्कुल बदल जाते हैं। झूठ बोलते समय गालों का रंग बदल जाता है, क्योंकि भीतर झूठ पकड़े जाने की चिंता से लोग मन ही मन शर्मिदा रहते हैं। इसके अलावा नाक के नकुने फूल जाना, गहरी सांस लेना, बार-बार पलकें झपकाना और होंठ चबाना इस बात की निशानी हैं कि उसके दिमाग ज्यादा चल रहा है। आमतौर पर, जो व्यक्ति झूठ बोल रहा है, उस के हल्का भाव में कष्ट नजर आती है, जिसमें उस की भौंहे माथे की ओर बीच में ऊपर की तरफ खिंच जाती हैं, जिस से माथे पर छोटी-छोटी रेखाएँ नज़र आती हैं।

2). नाक के पोछने और मुँह को ढँकने की तरफ ध्यान दें

झूठ बोलते वक्त लोग नाक को अधिक पोछा करते हैं और सच बोलते वक्त वे इस ओर ध्यान भी नहीं देते। यह शायद एड्रेनलिन (adrenaline) के नाक की कोशिकाओं में हलचल के कारण हो, जिस से नाक में खुजली पैदा होती हो। संभावना है कि झूठ बोलने वाला व्यक्ति अपने झूठ को बाहर आने से रोकने के लिए, एक हाथ से अपने मुँह को बार बार ढँकता है या अपने हाथों को अपने मुँह के पास ही रखता है। यदि चेहरे पर तनाव और होंठों में सिकुड़न हो, तो यह संकेत है कि व्यक्ति को कोई दुःख है।

3). मुस्कुराहट से पकड़ें

मुस्कुराहट भी कई बार सच्ची बात बताने का काम करती है। आप किसी का झूठ पकड़ना चाहती हैं तो इस बात पर ध्यान दें कि सामने वाले मुस्कुरा कैसे रहा है। सच्ची मुस्कुराहट होंठों और आंखों से झांकती है, लेकिन झूठे शख्स की आंखों में मुस्कुराहट नहीं होती। सिर्फ होंठो पर दिखती हैं।

4). चेहरे की चिंता को पकड़े

यदि बोलते समय वह बेहद आराम से बैठा है, उसके चेहरे पर कोई चिंता नहीं है तो इसका मतलब है वह झूठ नहीं बोल रहा। लेकिन इसके विपरीत यदि बात करते समय अचानक वह अपने हाथ-पांव हिलाने लगे, हाथों को जेब के भीतर डाल ले या फिर पांव को बैठे-बैठे हिलाने लगे तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है।

5). आवाज के बदलाव को पहचानें

हालांकि झूठ बोलने वाला कई बार इतनी सफाई से झूठ बोलता है कि आप उसकी आवाज से उतार-चढ़ावों को पहचान नहीं पातीं, लेकिन आप अगर बोलने की गति और सांस के पैटर्न पर गौर करें तो पाएंगी कि झूठ बोलते वक्त इन दोनों में या बढ़ोतरी होती है या फिर कमी। आवाज़ की थरथराहट भी बोले गए झूठ को बखूबी व्यक्त कर देती है। अचानक आवाज़ की टोन का बदल जाना, या फिर जानबूझकर कुछ छुपाते हुए जल्दी में बात करना। इतना ही नहीं, आवाज़ की हिचकिचाहट भी झूठ का पर्दाफाश कर देती है।

6). बातों को घुमाना

कुछ पल की शांति और फिर दोबारा उकसाने पर वह इंसान बातों को घुमाते हुए जब सामान्य गति से तेज़ अंदाज़ में बात करता है तो तुरंत भांप लें कि वह इंसान आपको झूठी पट्टी पढ़ा रहा है। जो व्यक्ति झूठ बोलता हैं वो हमेशा टॉपिक्स चेंज करने का कोशिश करता हैं और जरा सी बात में जोर-जोर से चिल्लाने लगता हैं। इससे साफ जाहिर हैं की व्यक्ति झूठ बोल रहा हैं। साफ शब्दों में कहे तो यदि वह झूठ को जबर्दस्ती सच बताने की कोशिश करेगा तो वह चिल्लाने जैसी वाणी का प्रयोग करेगा। या फिर वह बोलते समय हिचकिचाएगा, तब उसकी वाणी से झूठ साफ झलकता है।

7). आंखों में देखें

जब कोई इंसान झूठ बोलता है तो वो सामने वाले की आंखों में देखकर बात नहीं कर पाता है। बात करते समय उसकी नजरें झुकी रहती है क्योंकि उसे डर होता है कि कहीं उसका झूठ पकड़ ना लिया जाए।

8). बातो को गौर करे

एक सच्चा व्यक्ति अक्सर अपने द्वारा दी गई जानकारी से अविश्वास के भाव को हटाने के लिए और अधिक अच्छे से विवरण देता है। और जो धोखा देने की कोशिश कर रहा है, वो ज़्यादा कुछ तो नहीं बताएगा, लेकिन अपनी बात को बार-बार ज़रूर दोहराएगा। यदि झूठा बार-बार वही बात दोहरा रहा है, तो यह शायद झूठ ही होगा। जब कोई व्यक्ति झूठ बनाता है, तब वह ऐसे बातों या मुहावरों को याद करने की कोशिश करता है, जो कि विश्वास लायक लगें। जब उस व्यक्ति से समझाने को बोला जाता है तब वह फिर से उसी प्रकार के विश्वास दिलाने लायक वाक्यों का उपयोग करता है।

9). बालों में हाथ फेरना

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि झूठ बोलते समय लोग बार-बार अपने बालों पर हाथ फेरते हैं या उंगलियां चटकाते हैं क्योंकि उनके अंदर डर होता है कि कहीं उनका झूठ पकड़ ना लिया जाए। इसका मतलब यह है कि वह झूठ बोल रहा है।

10). आत्मविश्वास की कमी

ईमानदार शख्स की बॉडी लैंग्वेज आत्मविश्वास से भरपूर होता है, जबकि झूठ बोलने वाला बार-बार अपनी बांह चढ़ा कर बात करता है। उसके पैर या तो अंदर की मुड़े होते हैं या फिर वह उनका मूवमेंट कम से कम रखता है। उसके हाथ भी अक्सर पीछे बंधे रहते हैं क्योंकि वह अपनी बेचैनी को किसी को दिखाना नहीं चाहता।

11). झूठ पकड़ने के लिए सवाल पूछें

जब कोई आपसे झूठ बोले तो उससे सवाल पूछने में बिल्कुल ना हिचकें। कई बार लोग सवाला का जवाब देने में इतने उलझ जाते हैं कि सच्चाई जुबान पर आ जाती है। कई बार सवाल पूछने पर झूठ बोलने वाला इधर-उधर झांकने लगता है, यह स्वाभाविक है, लेकिन साधारण सवाल पूछने पर भी सामने वाला इधर-उधर देखे, नजरें न मिलाए तो यह एक बड़ी पहचान है। साथ ही झूठे लोग सवालों को टालने की कोशिश करते हैं अधूरे जवाब देते हैं।

12). व्यक्ति के द्वारा किसी बात को बीच में ही अधूरा छोड़ने पर ध्यान दें

जब कोई चालाक झूठा व्यक्ति अपने ऊपर से सब का ध्यान हटाना चाहता या चाहती है तब वह बीच में ही अवरोध डाल कर वाक्य को पूरा किए बिना ही किसी और चीज़ के बारे में बात करना शुरू कर देता है।

13). पसीना देखें

जब लोग झूठ बोलते हैं तो उन्हें और ज़्यादा पसीना आता है। असल में झूठ निर्धारित करने के लिए किए गए पालीग्राफ परीक्षण (सभी फिल्मों में उपयोग होता है “लाई डिटेक्टर”) में पसीने को आँकना भी झूठ निर्धारित करने का एक तरीका है। हालाँकि यह सच्चाई जानने का विश्वसनीय तरीका नही है। कुछ लोग घबराहट, शर्मिंदगी या ऐसी कोई परिस्थिति जिस में उन्हें सामान्य से ज़्यादा पसीना छूटता है, के कारण भी ज़्यादा पसीना छोड़ते हैं। यह एक ऐसा संकेत है, जिसे और भी प्रतीकों जैसे कि कंपन या कांपना, शर्माना और कुछ निगलने में कठिनाई के साथ देखा जाता है।

14). गुस्सा पर ध्यान दें

किसी इंसान का उस के अपने शरीर से या फिर उस के आस पास की चीज़ों के कारण गुस्सा होना, उस के झूठ बोलने का प्रतीक होता है। झूठ पकड़े जाने के डर से उत्पन्न ऊर्जा के परिणामस्वरूप गुस्सा जन्म लेती है। अपनी बेचैनी की ऊर्जा को बाहर निकालने के लिए, झूठे लोग अक्सर कुर्सी, रूमाल या अपने शरीर के किसी हिस्से के साथ बहुत ही गुस्सा दिखाई देते हैं। जैसे हाथ काटना, अपने चीजों फाड़ना

पुराणों में वर्णित हैं झूठे व्यक्ति को पकड़ने का तरीका

वैसे झूठ पकड़ने के कई तरीके बताए गए हैं। बॉडी लैंग्वेज के माध्यम से आजकल झूठ पकड़ना सिखाया जाता है। कुछ तरकीबें बताई जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं पुराणों में भी वर्णित हैं झूठ बोलने वालो लोगो के झूठ पकड़ने का तरीका। भगवान विष्णु के परम भक्त और उनकी सवारी माने जाने वाले भगवान गरुण द्वारा रचित गरुण पुराण में कुछ ऐसे तर्क दर्ज हैं। जिसके माध्यम से सच और झूठ के ऊपर से पर्दा उठाया जा सकता है।

ये केवल 7 तरीके हैं, दूसरे शब्दों में कहें तो ये 7 संकेत हैं जिन्हें भांपकर आप सच और झूठ का फर्क जान सकते हैं। यदि आपसे वार्तालाप कर रहे इंसान में आप इनमें से एक भी संकेत पाएं, तो सावधान हो जाएं। हो ना हो वह आपसे झूठ बोल रहा है। गरुड़ पुराण में वर्णित एक श्लोक में कहा गया है – “अकारैरिंगितैर्गत्या चेष्टया भाषितेन च। नेत्रवक्त्रविकाराभ्यां लक्ष्यतेर्न्गतं मनः।।“ अर्थात्… 1. शरीर के आकार, 2. संकेत, 3. गति, 4. चेष्टा, 5. वाणी, 6. नेत्र व 7. चेहरे की भाव-भंगिमाओं से किसी भी व्यक्ति के मन की बातें समझी जा सकती हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, झूठ पकड़ने का पहला संकेत हमें व्यक्ति के शरीर का आकार देता है। जब आप किसी स्त्री या पुरुष से किसी खास विषय पर बात करते हैं, तो उसके शरीर के आकार यानि कि उसकी कद-काठी के आधार पर वह क्या सोच रहा है, इसका पता लगाया जा सकता है।


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