जर्मनी का इतिहास और महत्वपूर्ण जानकारी | Germany History Information

Germany / जर्मनी यूरोप महाद्वीप में स्थित एक देश है। जिसकी राजधानी बर्लिन है, जो देश का सबसे बड़ा शहर भी है। जर्मनी की उत्तरी सीमा पर उत्तरी समुद्र, डेनमार्क और बाल्टिक समुद्र, पूरब में पोलैंड और चेक गणराज्य, दक्षिण में आस्ट्रिया और स्विट्ज़रलैंड और पश्चिम में फ्रांस, लक्सेम्बर्ग, बेल्जियम और नीदरलैंड है। जर्मनी दुनिया का सबसे क्रूर तानशाह हिटलर का देश हैं।

जर्मनी का इतिहास और महत्वपूर्ण जानकारी | Germany History & Informationजर्मनी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी – Germany Information In Hindi

प्राचीन रोमन डैन्यूब नदी के उत्तर में रहने वाले “बर्बर कबीलों” वाले देशों को गेर्मानिया (Germania) कहा करते थे, जिसके नाम पर अंग्रेज़ी शब्द ‘Germany’ पड़ा। ये कबीले ‘पुरानी जर्मन भाषा’ की बोलियाँ बोलते थे। धीरे-धीरे इनका ईसाईकरण हुआ और जर्मन देश ईसाई पवित्र रोमन साम्राज्य का केन्द्र बन गया। जर्मनी की उत्तर दिशा में उत्तर सागर और बाल्टिक है और दक्षिण में आल्पस लेक कांसटेंस और नदी दक्षिण-पश्चिम सीमा तक है। प्रमुख नदियाँ, दानुबे दि एल्बे, दि वासेर और दि मोसेल्ले हैं।

जर्मनी, अधिकारिक रूप से जर्मन संघीय गणराज्य पश्चिमी यूरोप के केंद्र में स्थित संघीय संसदीय गणराज्य है। जिसमे 16 घटक राज्य का समावेश है, जो 3,57,021 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और यहाँ की जलवायु भी ज्यादातर शीतोष्ण ही रहती है। 82 मिलियन निवासियों के साथ जर्मनी यूरोपियन संघ के सदस्यों में सर्वाधिक जनसँख्या वाला देश है। यूनाइटेड स्टेट के बाद, दुनिया में यह दूसरा सबसे प्रसिद्ध आव्रजन गंतव्य है। देश के दुसरे मुख्य शहरो में हैम्बर्ग, म्युनिक, कोलोन, फ्रँकफर्ट और स्तुत्त्गर्ट शामिल हैं।

जर्मनी एक अत्यंत कुशल श्रम शक्ति, एक बड़े शेयर पूंजी, भ्रष्टाचार का स्तर कम, और नवीनता के एक उच्च स्तर के साथ एक सामाजिक बाजार अर्थव्यवस्था है। यह दुनिया की वस्तुओं का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक, और यूरोप में सबसे बड़ा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में जो भी है दुनिया की चौथी नाममात्र का सकल घरेलू उत्पाद और पीपीपी द्वारा पांचवें एक करके सबसे बड़ा। जर्मनी बहुत से उद्योग और प्रोद्योगिकीय क्षेत्रो का लीडर माना जाता है, और साथ ही यह जर्मनी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक और आयातक देश है। जीवन के उच्च मानक के साथ जर्मनी एक विकसित देश है, जहा बहुत से कुशल और उत्पादित लोग रहते है। देश में ट्यूशन मुक्त शिक्षा प्रणाली भी विकसित की गयी है।

1933 में जर्मनी यूरोपियन संघ का संस्थापक सदस्य बना। यह शेंगेन क्षेत्र का एक भाग है और 1999 में यह यूरोझोन का सह-संस्थापक बना। जर्मनी यूनाइटेड नेशन, नाटो, जी8, जी20 और OECD का भी सदस्य है। देश का राष्ट्रिय सैन्य खर्च दुनिया भर में किये जाने वाले सैन्य खर्च की तुलना में 9 वा सबसे बड़ा है। जर्मनी अपने समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। साथ ही जर्मनी बहुत से प्रभावशाली आर्टिस्ट, दर्शनशास्त्री, संगीतकार, खिलाडी, औद्योगिक लोगो, वैज्ञानिको, इंजिनियर और अविष्कारको का घर है। ये देश 2014 फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना 1-0 से हराकर 22 साल बाद विश्व विजेता बना।

राजनीतिक संरचना –

यहाँ संघीय शासन व्यवस्था है। संघीय परिषद या उच्च सदन के उन्यासी सदस्यों समेत 3 से 6 सदस्यों की नियुक्ति अल्प अवधि के लिए राज्य सरकारों द्वारा की जाती है। संघीय सभा या निम्र सदन में छ: सौ बासठ सदस्य होते हैं। जिनका निर्वाचन चुनाव द्वारा चार वर्षों के लिये किया जाता है। संघीय सभा जर्मनी के चांसलर का चुनाव करती है तथा चांसलर मंत्रिपरिषद का गठन करता है। राष्टरपति सदन द्वारा मनोनीत किया जाता है।

जर्मनी का इतिहास – Germany History In Hindi

सेल्टों को जर्मनी का प्रारंभिक नागरिक माना जाता है। इसके पश्चात् द्वितीय शताब्दी ई.पू. में जर्मन जनजातियों ने यहाँ बसना शुरु किया। चौथी व पांचवीं शताब्दी ई. में रोमन साम्राज्य पर जर्मन निवासियों ने कई आक्रमण किए। इनमें से एक जनजाति फ्रैंक ने चार्ले मैग्ने के नेतृत्व में पश्चिमी यूरोप में अपना प्रभुत्व स्थापित किया। 843 ई. में बेरहुन की संधि से राइन के पूर्व की भूमि को चार्ले मैग्ने ने जर्मन प्रिंस लुईस को प्रदान कर दी।

14वीं शताब्दी तक पवित्र रोमन साम्राज्य का आशय जर्मन साम्राज्य से ही था, जहाँ के प्रिंस पवित्र रोमन सम्राट को चुनते थे। 1438 में हैम्सबर्ग के अल्बर्ट सम्राट ने और 1806 तक पवित्र रोमन साम्राज्य पर इसी वंश का शासन रहा।

इसी बीच प्रसिया एक शक्तिशाली राज्य के रूप में उभर रहा था। सिलेसिया के मुद्दे पर फ्रेडरिक महान (1740-1786 ई) ने प्रसिया की सेना को संगठित करके ऑस्ट्रिया की मारिया थेरेसा को पराजित किया। वाटरलू की लड़ाई (1816 ई.) में नेपोलियन की पराजय के पश्चात् जर्मनी में प्रभुत्व के लिए ऑस्ट्रिया और प्रसिया के मध्य रस्साकसी चलती रही जिसकी परिणति ऑस्ट्रिया (1866) की पराजय में हुई और उत्तर जर्मन परिसंघ (1867) की स्थापना की गई। इस जर्मन एकता के सूत्रधार प्रसिया के प्रधानमंत्री ओट्टो वॉन बिस्मार्क थे। उन्होंने डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और फ्रांस के खिलाफ युद्ध छेड़कर सम्पूर्ण जर्मनी को एकता के सूत्र में बांधा। 18 जनवरी, 1871 को प्रसिया के सम्राट विल्हेल्म प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया। शक्तिशाली सेना, कुशल नौकरशाही और निष्ठïावान मध्यम वर्ग की सहायता से बिस्मार्क ने एक शक्तिशाली केंद्रीकृत जर्मनी के निर्माण में सफलता प्राप्त की।

1890 में सम्राट विल्हेल्म ने बिस्मार्क को अपदस्थ कर दिया और उपनिवेशवाद की नीति अपनाते हुए शक्तिशाली नौसेना की स्थापना की। प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मनी की जबर्दस्त पराजय हुई (1914-1918)। युद्ध के पश्चात सम्राट कैसर ने नीदरलैण्ड में शरण ली। ऐसी स्थिति में फ्रेडरिक इबर्ट और फिलिप शीडमान के नेतृत्व में सोशल डेमोक्रेट्स ने ‘वेयमार रिपब्लिकÓ की स्थापना की। प्रथम विश्वयुद्ध का सर्वाधिक दुष्परिणाम जर्मनी को झेलना पड़ा। वर्साय की संधि से उसकी सेना समाप्त कर दी गई और उस पर भारी जुर्माना ठोका गया।

ऐसे में एडोल्फ हिटलर का उदय हुआ। 30 जनवरी, 1933 को राष्टï्रपति वॉन हिंडनबर्ग ने हिटलर को चांसलर नियुक्त कर दिया। 2 अगस्त, 1934 को राष्टरपति हिंडनबर्ग की मृत्यु हो गई। हिटलर ने वर्साय की संधि का परित्याग करते हुए जर्मनी का सैन्यीकरण जोर-शोर से शुरू कर दिया। 1935 में उसने जर्मनी को ‘लीग ऑफ नेशन्स’ से बाहर निकाल लिया और राइनलैंड पर कब्जा कर लिया। इसी के साथ उसने जापान और इटली से रिश्ते भी मजबूत किए। मार्च 1938 में जर्मनी ने ऑस्ट्रिया पर कब्जा कर लिया। 1 सितम्बर, 1939 को पोलैण्ड पर जर्मनी के हमले से द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत हुई।

द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी को आरंभ में शानदार सफलताएं मिलीं, किंतु बाद में उसे जबर्दस्त पराजय का सामना करना पड़ा। 8 मई, 1945 को जर्मनी ने मित्र राष्टरों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिटलर के आदेश पर लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या की गई।

युद्ध की समाप्ति के बाद मित्र राष्टरों ने बॢलन कांफ्रेंस के द्वारा जर्मनी को चार भागों में बाँट दिया। सं.रा. अमेरिका व सोवियत संघ के मध्य जर्मनी को लेकर तीखे मतभेद उभरे। 31 मई, 1948 को सं.रा. अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस इत्यादि ने तीन पश्चिमी क्षेत्रों को आपस में मिलाकर एक जर्मन राज्य स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।

23 मई, 1949 को सोवियत हिस्से वाले जर्मनी को फेडरल रिपब्लिक ऑफ जर्मनी घोषित करके बोन को उसकी राजधानी बनाया गया। वहाँ सोवियत यूनिटी (कम्युनिस्ट पार्टी) के नेतृत्व में एक दलीय शासन व्यवस्था की स्थापना की गई। 7 अक्टूबर, 1949 को एक केंद्रीकृत संविधान को अपनाया गया।

दोनों जर्मन देशों के मध्य अविश्वास की खाई उस समय और गहरा गई जब 1961 में पूर्वी जर्मनी ने बर्लिन दीवार का निर्माण कराया। ऐसी परिस्थितियों में पश्चिमी जर्मनी अमेरिका व यूरोपीय देशों के और करीब आ गया।

1982 में क्रिश्चियन डेमोक्रेट पार्टी के हेलमुट कोल पश्चिमी जर्मनी के नए चांसलर चुने गए। इनके शासनकाल के दौरान पश्चिमी जर्मनी ने आॢथक विकास की नई बुलंदियाँ छुईं। 1989 में पूर्वी जर्मनी में कम्युनिस्ट पार्टी का पतन हो गया। 9 नवम्बर, 1989 को बॢलन दीवार तोड़ दी गई। जुलाई, 1990 में सोवियत राष्टï्रपति मिखाइल गोर्बाचोव द्वारा नर्म रुख अपनाने के बाद दोनों जर्मन राष्टï्रों के एकीकरण का रास्ता प्रशस्त हो गया। 3 अक्टूबर 1990 को पूर्वी जर्मनी का पश्चिमी जर्मनी में एकीकरण हो गया।

जर्मनी के बारे में सामान्य ज्ञान – General Knowledge Of Germany In Hindi  

(1) जर्मनी का एकीकरण बिस्‍मार्क ने किया।

(2) बिस्‍मार्क प्रशा के शासक विलियम प्रथम का प्रधानमंत्री था।

(3) जर्मनी का सबसे शक्तिशाली राज्‍य प्रशा था।

(4) बिस्‍मार्क जर्मनी का एकीकरण प्रशा के नेतृत्‍व में चाहता था।

(5) विलियम को जर्मन संघ के सम्राट का ताज 8 फरवरी 1871 ई. को पहनाया गया।

(6) बिस्‍मार्क को सबसे अधिक डर फ्रांस से था।

(7) जर्मनी की राष्ट्रीयता का संदेशवाहक नेपोलियन बोनापार्ट को माना जाता है।

(8) जर्मनी के आर्थिक राष्ट्रवाद का पिता फ्रेडरिक लिस्‍ट को माना जाता है।

(9) जर्मनी की राष्ट्रीय सभा को डायट के नाम से जाना जाता था।

(10) डायट फ्रेंकफर्ट में होती थी।

(11) जर्मन साम्राज्‍य पर ऑस्ट्रिया का शासन 1815-1850 ई. तक रहा।

(12) जर्मन साम्राज्‍य में ऑस्ट्रिया का चांसलर मेटरनिख था।

(13) राके, बोमर और लसर दार्शनिकों ने एकीकृत जर्मन राष्ट्र के निमार्ण में अहम भूमिका निभाई।

(14) फ्रैंकफर्ट संविधान सभा का गठन मई 1848 ई. में हुआ।

(15) विलियम प्रथम के शासन में प्रशा का रक्षामंत्री वानरून था।

(16) विलियम प्रथम के शासन में प्रशा का सेनापति वान माल्‍टेक था।


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