अल्सर का कारण, लक्षण, घरेलु उपचार | Ulcer ka Gharelu Ilaj in Hindi

Stomach Ulcer in Hindi / अल्सर का मतलब होता है -घाव, यह शरीर के भीतर कहीं भी हो सकता है जैसे मुंह, पेट, आंतो आदि में। परंतु अल्सर शब्द का प्रयोग प्राय: आंतो में घाव के लिए किया जाता है। इसे पेट का अल्सर या अमाशय छाला भी कहते है। यह घातक रोग है लेकिन उचित आहार से अल्सर एक-दो सप्ताह में ठीक हो सकता है। आइए जाने इसके घरेलू उपचार।

अल्सर का कारण, लक्षण, घरेलु उपचार | Ulcer ka Gharelu Ilaj in Hindiअल्सर क्या हैं? – What is Stomach Ulcer?

हमारे पेट में एक तरह का अम्लीय पदार्थ (एसिड) होता है जो हमारे खाने को पचाने में मदद करता है। लेकिन ये एसिड विषैला होता है, जो हमारे पेट की परत और आंत इफ़ेक्ट करता है, इस एसिड से बचाने के लिए हमारे पेट में कफ की एक परत पेट और आंत को ढक लेती है। जब पेट कमजोर हो जाता है और आंत के पास ये एसिड आ जाता है तब वहां घाव या छाला हो जाता है, इससे पेप्टिक अल्सर उत्पन्न होता है। अल्सर को अमाशय का अल्सर, पेप्टिक अल्सर तथा गैस्ट्रिक अल्सर के नाम से भी जाना जाता हैं।

अल्सर के प्रकार – Abdominal Ulcer Types

  • Gastric ulcer – यह पेट के अन्दर होता है।
  • Oesophageal ulcer – यह आहार नली में होता है।
  • Duedenal ulcer – यह  छोटी आंत के ऊपरी भाग में होता है जिसे Duodenum कहते हैं।

अल्सर होने का कारण – Stomach Ulcer Causes in Hindi

  • अल्सर अधिक गर्म खट्टे, मिर्च मसलों वाला भोजन करने के कारण हो कसता हैं।
  • अधिक चाय, कॉफ़ी तथा शराब का सेवन करने से भी अल्सर होता हैं।
  • रेडिएशन थेरेपी के कारण
  • ज्यादा क्रोध या तनावग्रस्त रहने से भी।
  • एस्पिरिन (Aspirin) या ज्वलनरोधक दवाओं का सेवन के कारण।
  • अधिक मात्रा में शराब, कैफीन और तम्बाकू का सेवन से भी होता हैं।
  • तैलीय और मिर्च मसाले युक्त भोजन का अधिक सेवन के कारण।

अल्सर के लक्षण – Stomach Ulcer Symptoms in Hindi

  • अमाशय तथा पक्वाशय में घाव होना अल्सर का प्रमुख लक्षण हैं।
  • पेट में अधिक दर्द या जलन होना।
  • अल्सर के होने पर मनुष्य की भोजन के प्रति रूचि ख़त्म हो जाती हैं, उसके शरीर में पित्त की मात्रा बढती जाती हैं।
  • कब्ज होना भी अल्सर का एक लक्षण हैं।
  • शरीरिक रूप से अधिक कमजोर होना।
  • सीने और नाभी के बीच जलन या उलटी होना
  • पेट भरा हुआ महसूस होना, और ढेर सारा तरल पदार्थ पी पाने में असमर्थता।
  • अगर पेट का दर्द अल्सर के कारण हो रहा है, तो रात में और जब भी आप भूखे हों, यह अचानक तीव्र हो सकता है।
  • उल्टी, खासकर अगर इसके साथ खून आता हो, तो यह अल्सर की काफी विकसित दशा का एक संकेत हो सकता है।
  • गहरी रंगत का, तारकोल की तरह या गोंद जैसा मल भी गंभीर अल्सर का संकेत हो सकता है।
  • मल में खून।
  • जी मिचलाना और खाने की बिल्कुल इच्छा न करना।

अल्सर के घरेलु उपचार – Home Remedies for Stomach Ulcer in Hindi

अल्सर के रोगी को ऐसा आहार देना चाहिए जिससे पित्त न बने। कब्ज और अजीर्ण न होने पाए।

अल्सर होने पर एक पाव ठंडे दूध में एक पाव पानी मिलाकर पीने से कुछ ही दिनों में आराम आ जाता है।

2 चम्मच अजवायन, 3 चम्मच धनिया पाउडर, 2 चम्मच जीरा पाउडर और एक चुटकी हिंग पाउडर लें और इन सबको मिला लें। अब इस चुर्ण का सेवन भोजन करने के पश्चात् करें. जल्द ही आपको इस रोग से मुक्ति मिल जायेगी।

आंतों का अल्सर होने पर हींग को पानी में मिलाकर इसका ‘एनिमा’ रोगी को देना चाहिए। साथ ही उसे हल्के सुपाच्य पथ्य देनी चाहिए।

दो केले लें और उन्हें छिल लें. इसके बाद इन केले के गुदे को मैश कर लें और उसमें थोडा सा तुलसी के पत्तों का रस मिला दें। इसके बाद इसका सेवन करें। आपको अल्सर के रोग में काफी राहत मिलेगी।

दिन में दो बार एक छोटा गिलास संतरे का रस पियें। संतरे का रस रोजाना पीने से घाव जल्द ही भर जाएगा।

दिन में 1 बार लहसून की 2-3 कलियाँ को पानी के साथ खाएं। इसका सेवन कुछ दिनों तक रोज करें।

अल्सर से जल्द छुटकारा पाने के लिए के लिए 2 चम्मच आंवले का पिसा हुआ चुर्ण लें और इसे रात को पानी में भिगोकर सो जाएँ। इसके बाद एक चम्मच पीसी हुई सोंठ लें, 2 चम्मच मिश्री का पाउडर लें। अब इन सभी को उस पानी में मिला दें। इसके बाद इस पानी का सेवन करें। अल्सर में काफी लाभ होगा।

1 हफ्ते तक रोज नारियल का पानी पियें। साथ ही रोज नारियल के कुछ टुकड़ों का सेवन करें। जल्द ही आराम मिलेगा।

अगर अल्सर के रोग से पीड़ित व्यक्ति दिन में एक बार आंवले के मुरब्बे के रस में आधा गिलास अनार का जूस मिलाकर पियें तो भी उसे इस रोग से जल्द ही आराम मिल जाता हैं।

आँवले का मुरब्बा पेट के अल्सर में फायदेमन्द है। इसका सेवन करें। पेट के अल्सर की बीमारी में यह आपको मदद पहुंचाता है।

आधी पत्तागोभी और 2 गाजर को काटकर थोडा पानी मिलाकर मिक्सी में पीस कर जूस बना लें। अब ½ कप जूस को खाना खाने से पहले और सोने से पहले रोज पिए। कुछ दिन तक रोज ऐसा करें। लेकिन रोज ताजा जूस बनाकर ही पियें।

कच्चे केले की सब्जी बनाकर एक चुटकी हींग मिलाकर खाएँ। यह एक असरदार उपाय है, जो पेट के अल्सर रोग में फायदेमंद है।

पेट में हुए छालों को ठीक करने में बकरी का दूध काफी फायदेमंद होता है। एक गिलास कच्चा दूध दिन में दो-तीन बार पीने से दर्द में जल्दी लाभ होता है।

लाल मिर्च पेट की अल्सर का इलाज करने के लिए बहुत प्रभावी उपाय है। एक पब्लिश्ड लेख के अनुसार लाल मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन पेट के एसिड के स्राव को कम करता है, अल्काली के उत्पादन को प्रोत्साहित करता है और म्यूकस के स्राव और गैस्ट्रिक म्यूकोसल रक्त के प्रवाह को उत्तेजित करता है। इस प्रकार से अल्सर का इलाज होता है और उसे रोका भी जाता है।

Note:- पेट दर्द और उल्टी जैसे लक्षणें के कारण अल्सर के रोगी को बहुत परेशानी होती है। पेट के अल्सर का इलाज समय पर ना करने से यह कैंसर में भी परिवर्तित हो सकता है। इसलिए बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करे।


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