दांतो की सड़न का कारण और घरेलु इलाज Tooth Decay Treatment in Hindi

दांत कैल्शियम ,फॉस्फोरस और अन्य खनिज से मिलजुलकर बने होते है। दांतों में सड़न की समस्या बेहद आम बात हैं। दांतों पर कीटाणुओं द्वारा निर्मित सफेद पापड़ी अर्थात प्लॉक ही दांतो में सड़न का कारण है। यह दांतो के इर्द-गिर्द, बीच में तथा मसूड़ों के नीचे बनता है। इसके आलावा कुछ लापरवाही के कारण भी दांत सड़ जाते हैं।

दांतो की सड़न का कारण और घरेलु इलाज Tooth Decay Treatment in Hindi

दांत सड़ने के मुख्य कारण –

  • कार्बोहायड्रेट और शक्कर की मात्रा अधिक सेवन करने से
  • टॉफ़ी, मिठाई, पोटैटो चिप्स का सेवन
  • दांतों की ठीक तरह से सफाई ना करना
  • मुँह में मौजूद बैक्टीरिया के वजह से
  • तीखे और मसालेदार चीजों का सेवन करने से

दांतो की सड़न दूर करने के घरेलु उपचार – Danto ki Sadan ka Ilaj

एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच अदरक का रस और थोड़ा-सा नमक मिलाकर घूंट भरे। 15 मिनट मुंह में रखने के बाद उसे पि जाएं। दांतों की सड़न, मसूड़े की सूजन और बदबू समाप्त हो जाएगी।

बिस बून्द लहसुन का रस एक चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से दांतों की सड़न, दर्द एवं बदबू दूर होती है।

अपामार्ग की जड़ और खदिर की छाल पीसकर थोड़े से पानी में उबालें। इस पानी को ठंडा करके नियमित रूप से कुल्ले करने से दांतों की सड़न दूर होती है।

नीम कैविटी के इलाज के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी एंटी-बैक्‍टीरियल गुण बैक्‍ट‍ीरिया के कारण होने वाली कैविटी को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह दांतों और मसूड़ों को स्‍वस्‍थ और मजबूत बनाने में भी मदद करता है। दांतों और मसूड़ों पर नीम के पत्तों के रस रगड़ें, कुछ मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें।

हल्दी को कैविटी और दर्द से राहत प्रदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के साथ एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण मसूढ़ों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ बैक्‍टीरियल संक्रमण के कारण दांतों के गिरने की समस्‍या को भी रोकता है। प्रभावित दांत पर थोड़ा सा हल्‍दी पाउडर लगाकर इसे कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से अच्‍छे से कुल्‍ला कर लें।

दांतो के सड़न से बचाव –

  • दांतों को साफ़ रखने के लिए आपको सहीं तरीके से ब्रश करना, फ्लॉस करना और माउथवाश का प्रयोग करना चाहिए।
  • दांतो की सफाई करते समय आईने के सामने खड़े हो कर ब्रश करें ताकि आप देख सके दांतों की सफाई सही से हो रही है या नहीं।
  • रोजाना 2 बार दांतों को साफ़ करें, एक बार सुबह और एक बार रात्रि को।
  • ब्रश ज्यादा जोर-जोर से ना रगडे और 2 मिनट से ज्यादा ना करें। ब्रश करने का सहीं तरीका सीखे।
  • माउथवाश का प्रयोग करें।
  • रात को सोने से पहले एक बार दांतों के बीच में फ्लॉस (floss) से सफाई करें।
  • मीठा और चिपचिपा प्रदार्थ कम खाएं।
  • केक, पेस्ट्री, टाफी, चिप्स कम खाएं और अपने भोजन में साबुत अनाज का भी प्रयोग करें।
  • सोडा युक्त कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करें।
  • बीडी, सिगरेट और तंबाकू का नशा छोड़ें।
  • खाना खाने के बाद कुल्ला करना न भूले, इससे दांतो पर कीड़े नहीं होंगे।
  • अगर 6 महीनों तक ब्रश करने के बाद भी आपका ब्रश खराब नहीं हुआ है, तब भी नया ब्रश खरीदने में देरी ना करें। टूथब्रश अलग-अलग आकार, लम्बाई और गुणवत्ता के आते हैं। लेकिन डेंटिस्ट्स का ऐसा मानना है कि सही टूथब्रश की लम्बाई 25.5 से 31.9 मिलीमीटर होनी चाहिए और चौडा़ई 7.8 से 9.5 मिलीमीटर होनी चाहिए।
  • पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ को अपने आहार में शामिल करें, क्योंकि यह आपके दांतों में मौजूद बैक्‍टीरिया से लड़ने में सहायता करता है। खासकर अपने आहार में, हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। इसके अलावा नारियल तेल, एवोकैडो, वसा युक्त खाद्य पदार्थ, नट और बीज का भी सेवन करें। यह दांतों के कैविटी से लड़ने में आपकी करता है।

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1 thought on “दांतो की सड़न का कारण और घरेलु इलाज Tooth Decay Treatment in Hindi”

  1. बहुत बढ़िया जानकारी दी आपने, क्योंकि आज-कल दांतों के साथ बहुत सारी समस्याएं हो रही हैं। धन्यबाद

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