महेंद्र सिंह धोनी की जीवनी | About MS Dhoni Biography In Hindi

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MS Dhoni Biography / महेंद्र सिंह धोनी एक सफल भारतीय क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  थे। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी ट्वेंटी कप, 2007-08 कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज, बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी और 2011 आईसीसी वर्ल्ड कप जीते। 

महेंद्र सिंह धोनी की जीवनी | About MS Dhoni Biography In Hindiअपनी आक्रामक शैली से मैच जिताने वाले महेन्द्र सिंह धोनी न सिर्फ एक क्रिकटर हैं बल्कि भारत के सबसे सफल कप्तानों में एक हैं। उनकी जितनी तारीफ की जाए शायद काम ही होगा। उन्होंने कई रिकार्ड्स भी बनाये जैसे किसी भी कप्तान की तुलना ने उन्होंने भारत को एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक जीत दिलाई और साथ ही एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में भारत को लगातार जीत दिलाते रहने वाले वे अकेले कप्तान है।

प्रारंभिक जीवन – Early Life Of Mahendra Singh Dhoni In Hindi

महेंद्र सिंह धोनी /Mahendra Singh Dhoni का जन्म 7 जुलाई, 1981 को झारखण्ड (उस समय बिहार) के रांची में हरमू नामक स्थान पर हुआ था। उनके पिता का नाम पान सिंह व् माता श्रीमती देवकी देवी हैं। उनके पैत्रक गाव, लावली उत्तरखंड के अल्मोरा जिले के अंतर्गत लामगढ़ा ब्लाक में है। उनके माता-पिता उत्तरखंड से रांची चले आए जहा उनके पिताजी श्री पान सिंह मेकोन कंपनी जे जूनियर मैनेजमेंट वर्ग में काम करने लगे। धोनी की एक बहन है जिनका नाम है जयंती और एक भाई है जिनका नाम नरेन्द्र है। धोनी एक मध्यवर्गीय परिवार से बिलोंग करते थे इसलिए उनका शुरूआती जीवन स्त्रग्ग्ल करते हुवे बिता।

धोनी भले ही आज सफल क्रिकेटर के तौर पर जाने जाते हैं, पर वे बचपन में अपना ज्यादा समय फुटबॉल और बॅडमिंटल में बिताया करते थे। धोनी की शुरूआती शिक्षा जे वी एम, श्यामली, रांची में हुआ जहां उन्होंने बैडमिंटन व फुटबॉल में अपना अच्छा प्रदर्शन दिखाया जिस कारण वे जिला व क्लब लेवल में चुने गए थे। धोनी अपने फुटबॉल टीम के गोलकीपर भी रहे चुके हैं। उनका गोलकीपर के तौर पर अच्छा प्रदर्शन को देखते हुए फुटबॉल टीम के ही कोच ने उन्हें क्रिकेट में हाथ आजमाने के लिए भेजा था। हालांकि धोनी उससे पहले कभी क्रिकेट नहीं खेला था, फ़िर भी धोनी ने अपने विकेट-कीपिंग के कौशल से सबको प्रभावित किया और कमांडो क्रिकेट क्लब के नियमित विकेटकीपर बने।

क्रिकेट क्लब में उनके अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें 1997-98 सीज़न के वीनू मांकड़ ट्राफी अंडर सिक्सटीन चैंपियनशिप में चुने गए जहां उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। दसवीं कक्षा के बाद ही धोनी ने क्रिकेट की ओर विशेष ध्यान दिया। धोनी बहुत मजाकिया स्वभाव के हैं, वे अपने शरारत से हमेशा लोगो को खुश रखते हैं, उन्हें लोग प्यार से माहि भी कहते हैं।

घर की स्थिति को देखते हुए उनके पिता पान सिंह चाहते थे की धोनी कोई अच्छी नौकरी करे, जिस कारन उन्हें रेलवे में टी.टी की नौकरी करना पड़ा। वहां भी उन्होंने अपने क्रिकेटर होने का जौहर दिखाया। धोनी दक्षिण रेलवे के 2001 से 2003 तक खरगपुर रेलवे स्टेशन पर टीटीई (ट्रेन टिकेट एग्जामिनर) रह चुके है।

हालांकि धोनी भले ही रेलवे में जॉब करते थे, पर उनका दिल हमेशा क्रिकेट के तरफ ही रहता था। जॉब के साथ क्रिकेट में समय निकालने में उन्हें बहुत कठिनाई होती थी। जिस कारन अंत: में उन्होंने रेलवे की नौकरी छड़ी दी और अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाया, और शायद धोनी अगर ऐसा न किये होते तो आज हमें इतना सफल कप्तान और क्रिकेटर भारत को नहीं मिलता।

कैरियर – 

धोनी झारखंड क्रिकेट टीम में 1998- 99 के दौरान अपना योगदान दिया और भारत-ए टीम के लिए 2004 में हुए केन्या दौरे का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित हुए। त्रिदेशीय श्रृंखला में पाकिस्तान-ए टीम के खिलाफ धोनी ने गौतम गंभीर के साथ मिलकर कई शतक बनाये और उस साल के अंत में भारतीय राष्ट्रीय टीम में चयनित हुए।

धोनी उन विकेटकीपरों में से एक है जिन्होंने जूनियर व भारत के ए क्रिकेट टीम से चलकर राष्ट्रीय दल में प्रतिनिधित्व किया। धोनी साधारणतः माध्यम वर्ग के बल्लेबाज है लेकिन मैच की दशा और दिशा देखकर वे अपने बेटिंग स्टाइल को बदलते रहते है। क्यूकी एक कप्तान की तरह ये उनकी जवाबदारी रहती थी। वो एक शक्तिशाली हीटर और सबसे तेजी से रन बनाने वाले बल्लेबाजो में से एक है। उनका हैलीकॉपटर शॉट बहुत ही ज्यादा फेमस हुआ।

2005 में अपने पाँचवे एक दिवसीय मैच में पाकिस्तान के खिलाफ धोनी ने 148 रनों की जबर्दस्त पारी खेली थी। ये किसी भारतीय विकेट-कीपर के द्वारा बनाया गया सर्वोच्च स्कोर है। साल के अंत में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 183 उस * रन बनाकर उसने ना सिर्फ़ ख़ुद का बनाया रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि एक दिवसीय मैचों की दूसरी पारी में बनने वाला अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड भी कायम किया था। सीमित ओवरों के प्रारूप में धोनी की सफलता ने उनका स्थान भारतीय टेस्ट टीम में पक्का कर दिया और 2005-06 के अंत में हुए एक दिवसीय क्रिकेट में अपने अनुकूल प्रदर्शन से धोनी को आईसीसी एक दिवसीय रेटिंग में नम्बर 1 बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।

2007 के वर्ल्ड कप के बाद धोनी ने द्विपक्षीय एकदिवसीय टूर्नामेंट में बंगलादेश के खिलाफ मैन ऑफ़ द सीरीज़ का खिताब जीता। फिर 2007 में इंग्लैंड दौरे के लिए धोनी को एक दिवसीय टीम का उप-कप्तान बनाया गया।

इसके बाद 2007 में ही राहुल द्रविड़ के जगह पर धोनी को कप्तानी का कमान शौपा गया। अपनी कप्तानी में धोनी ने भारतीय टीम को श्रीलंका और न्यू-ज़ीलैण्ड में पहली दफा जीत का स्वाद चखाया। उनकी कप्तानी में, भारत ने 2007 ICC World Twenty-20, CB सीरीज 2007-08, एशिया कप 2010, 2011 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2013 ICC चैंपियंस ट्राफी जीती। 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में धोनी ने 79 गेंदों में नाबाद 91 रन की पारी खेली जो भारत को विश्व चैंपियन बनाने के लिए बहुत मदतगार साबित हुई। वे भारत के दूसरे ऐसे कप्तान हैं जिनकी कप्तानी में भारत ने वर्ल्ड कप जीता, और वे पहले कप्तान हैं जिनकी कप्तानी में भारत ने पहला ट्वेंटी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप जीत हैं। 2013 में,इंग्लेंड में जब भारत ने चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में इंग्लेंड को पराजित किया था, उसी वक़्त धोनी भारत को तीनो सिमित-ओवर की ट्राफी(वर्ल्ड कप चैंपियंस ट्राफी और वर्ल्ड ट्वेंटी-ट्वेंटी) दिलाने वाले पहले कप्तान बन गये थे। 2013 में, उनकी कप्तानी में भारत 40 सालो बाद पहली ऐसी टीम बनी जिसने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैचों में वाइट-वाश किया था। ये दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बन गये जिनके पास आईसीसी के सभी कप है।

इंडियन प्रीमियर लीग में भी धोनी का दबदबा रहा। वे चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान बने 2010 और 2011 के सीजन में इतिहास रचा और 2010 और 2014 की चैंपियंस लीग ट्वेंटी ट्वेंटी भी जीती। दिसम्बर 2014 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लेली। धोनी ने हमेशा नए प्लेयर को चांस दिया हैं उन्हें आगे खेलने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। धोनी ने 4 जनवरी 2017 को भारतीय एकदिवसीय टीम और 20-20 टीम की कप्तानी छोड़ दी।

शादी – 

धोनी ने साक्षी सिंह रावत से शादी की जो उनकी स्कुल समय से मित्र थी। शादी के समय, साक्षी होटल मैनेजमेंट की पढाई कर रही थी और प्रशिक्षक की तरह तेज बंगाल कोलकाता में काम कर रहीं थी। 2015 को धोनी एक बेटी “जीवा” के पिता बने।

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड्स – Records Held by MS Dhoni in International Cricket: Hindi

  • विकेटकीपर धोनी पहले भारतीय हैं जिनके नाम 350 शिकार (261 कैच, 89 स्टंपिंग्स) हैं. उनसे आगे सिर्फ कुमार संगकारा (482), एडम गिलक्रिस्ट (472) और मार्क बाउचर(424) ही हैं। कोई दूसरा भारतीय उनके आस-पास भी नहीं है।
  • धोनी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में अब तक कुल 14,706 (तीनों फॉर्मेट जोड़कर) रन बनाए हैं।
  • धोनी ने अपने करियर की शुरुआत में ही श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की पारी खेली थी। वनडे में किसी भी विकेटकीपर-बल्लेबाज द्वारा खेली गई ये सबसे बड़ी पारी है। दूसरे नंबर पर एडम गिलक्रिस्ट की 172 रनों की पारी है।
  • धोनी सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक कुल 302 छक्के लगे हैं।
  • धोनी की कप्तानी में भारत ने 107 वनडे और 27 टेस्ट मैच जीते हैं। दूसरे नंबर पर सौरव गांगुली हैं, जिनकी कप्तानी में 76 वनडे मैच और 21 टेस्ट मैच भारतीय टीम ने जीते।
  • भारत ने धोनी की कप्तानी में 50-50 ओवरों का वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती है. ऐसा कारनामा करने वाले वो विश्व के इकलौते कैप्टन हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 224 रनों की पारी खेलने वाले धोनी इकलौते ऐसे भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जिसने टेस्ट मैच में इतनी बड़ी पारी खेली हो।

पुरूस्कार और सम्मान – Awards 

  • 2007 में राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड।
  • 2008 और 2009 में ICC ODI प्लेयर ऑफ़ द इयर(दो बार ये पुरस्कार जितने वाले पहले खिलाडी)।
  • 2009 में भारत के चौथे सिविलियन का सम्मान उन्हें प्राप्त है।
  • 2009 के ICC वर्ल्ड टेस्ट इलेवन और ICC वर्ल्ड ODI इलेवन के कप्तान के रूप में भी उन्हें  रखा गया है।
  • कपिल देव के बाद वे दुसरे भारतीय खिलाडी है जिन्हें इंडियन आर्मी का भी सम्मान पद मिला है।
  • 2011 में मोनफोर्ट यूनवर्सिटी द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि दी गयी।
  • 2011 में, दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में धोनी भी सामिल थे।
  • 2012 में, दुनिया के सबसे महंगे खिलाडियों में 16 वे नंबर पर थे।

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