जिगर में सूजन के कारण, लक्षण, घरेलु उपचार Liver Swelling Treatment in Hindi

Liver Swelling / जिगर की सूजन प्राय: गलत खान-पान के वजह से होती है। इस रोग में जिगर के कोशो में काफी कमी और निष्क्रियता आने से उस पर सूजन आ जाती है। धीरे-धीरे वह कुछ सिकुड़कर छोटा तथा कठोर हो जाता है। आरंभिक अवस्था में रोगी को अक्सर अपच की शिकायत रहती है। कभी-कभी उसे उबकाई आने और वमन होने की तकलीफ हो जाती है। शरीर का वजन कम होने लगता है और भूख नहीं लगती। पेट में दर्द भी अनुभव हो सकता है।

यदि रोग की शुरुआत में ही उचित परहेज और दवा ना की जाए तो रोगी की त्वचा में पीलापन आ जाता है। हल्का बुखार रहने लगता है। पेट की नसें फूल जाती है। शरीर की तथा चेहरे की त्वचा पर मकड़ी के जाले से हल्के चिन्ह दिखाई देने लगते हैं। पेट फूला हुआ रहता है। शरीर और मस्तिष्क में बहुत थकावट रहती है। भूख बिल्कुल नहीं लगती। रोगी की इस बढ़ी हुई अवस्था का उचित इलाज ना करने पर प्राय: मृत्यु हो जाती है।

जिगर बढ़ने का कारण, लक्षण, घरेलू उपचार Liver ka Badhna in Hindi, जिगर में सूजन के कारण, लक्षण, घरेलु उपचार Liver Swelling Treatment in Hindiजिगर की सूजन होने का कारण –

जिगर की सूजन का प्रमुख कारण भोजन को चबाए बिना निगल जाना, फ़ास्ट फ़ूड, ठूंस-ठूंसकर तेल, मिर्च, मसालेदार पदार्थों तथा खट्टी, चटपटी चीजों का सेवन करना होता है। रात्रि का भोजन करने के बाद अधिक देर तक जागकर कार्य करने से भी जिगर में सूजन उत्पन्न हो सकती है। दिनभर कुछ न कुछ खाते रहने से भी पाचन क्रिया विकृत होकर जिगर में सूजन का कारण बन जाती है।

लक्षण –

  • पेट में सूजन आना.
  • शरीर में थकावट.
  • छाती में जलन होती है भारीपन महेसुस होता है.
  • पेट में जल्दी गैस बनने की समस्या.
  • शरीर में आलसपन आना.
  • शरीर में कमजोरी आना.
  • लीवर बड़ा हो जाता है.
  • मुह का स्वाद ख़राब होता है.

जिगर में सूजन का घरेलु आयुर्वेदिक इलाज – Liver Swelling Treatment in Ayurveda in Hindi

1). अच्छी क्वालिटी की पक्की हुई जामुन 300 ग्राम प्रतिदिन खाली पेट में खाएं। शाम को सूर्यास्त से पूर्व पूर्व 200 ग्राम खाएं यह यकृत के सभी रोगों में लाभदायक सिद्ध होती है।

2). गाजर का रस एक छोटा गिलास और पालक का रस एक चाय का प्याला पर परस्पर मिलाकर उसमें बहुत हल्का सा नमक व काली मिर्च डालकर पिए। इन दोनों रसों का सेवन इतनी ही मात्रा में दिन में दोनों समय करें। सप्ताह में 3 दिन इस रस का तथा इसी प्रकार 4 दिन गाजर और खीरे के मिले-जुले रस का प्रयोग करें। इसे भी दिन में दो बार ले। इन रसो का सेवन सूर्यास्त से पूर्व करने से जिगर की सूजन में लाभ होता है।

3). सूखे आंवले का चूर्ण 4 ग्राम या आंवले का रस 25 ग्राम एक छोटे गिलास सुद्ध जल में अच्छी तरह मिलाकर दिन में 4 बार सेवन करें। शीघ्र ही जिगर सूजन खत्म होकर कायापलट हो जाएगी।

4). गाजर का रस एक छोटा गिलास और पालक का रस एक चाय का प्याला भर परस्पर मिलाकर उसमें बहुत हल्का सा नमक व काली मिर्च डालकर पिए । इन दोनों रसों का सेवन इतनी ही मात्रा में दिन में दोनों समय सुबह और शाम करें।

 

 

5). नींबू के चार टुकड़े करें और उनके बीज निकालकर फेंक दें। अब एक एक टुकड़े में क्रमश काली मिर्च का चूर्ण, काला नमक, सौंठ का चूर्ण एवं मिश्री का चूर्ण भरकर चीनी की एक प्लेट में रख दे। इसके ऊपर दूसरी चीनी की प्लेट रखकर मंदी आंच में गर्म करें। दोनों प्लेट चीनी, सीसे या पत्थर की बनी होनी चाहिए, किसी धातु की नहीं। 8 घंटे बाद नींबू को तवे पर रखकर पुन: मंदी आंच में गर्म करके थोड़ी देर रुक कर उसे चूसे ले। उपयुक्त विधि से दिन में दो बार नींबू का सेवन कम से कम 7 दिन तक करने से जिगर के रोगी को लाभ अनुभव होने लगता है। इसका उपयोग 21 दिन तक करने से जिगर की सूजन पूरी तरह ठीक हो जाती है।

6). बड़ी-पीली हरड़ को पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की डेढ़-डेढ़ ग्राम मात्रा की गोलियां पुराने गुड(डेढ़-डेढ़ ग्राम) के साथ बना ले। एक-एक गोली दिन में दो बार ले। इनका सेवन पैंतालीस दिन तक करने से बढ़े हुए जिगर के रोग में प्रयाप्त लाभ मिलता हैं। इस से बढ़ी हुई तिल्ली भी ठीक हो जाती है।

7). पपीते के बीजों को सुखाकर बारीक चूर्ण बना लें। एक चम्मच लेकर इसमें आधा नींबू मिलाकर सेवन करने से जिगर की सूजन में लाभ मिलता है।

इन बातों का ख्याल रखे –

  • सिगरेट और शराब का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से लिवर सिरोसिस जैसे गंभीर रोग होने का खतरा रहता है, इसलिए इनका सेवन कम करें।
  • 6 घंटे से कम की नींद लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और लिवर से जुड़े रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
  • सही दिनचर्या का पालन न करना, देर से उठना और देर से सोना भी लिवर को प्रभावित करते हैं।
  • तनाव से भी लिवर की कार्य क्षमता प्रभावित होती है जिसका सीधा प्रभाव पाचन प्रक्रिया पर होता है।
  • पर्याप्त मात्रा में ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन।
  • ढेर सारा पानी (उबला हुआ या बोतलबंद), फलों का जूस।
  • अत्यधिक तले हुए भोजन से बचने की कोशिश करें।

और अधिक लेख –

2 thoughts on “जिगर में सूजन के कारण, लक्षण, घरेलु उपचार Liver Swelling Treatment in Hindi”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *