गुहेरी (आँख में फुंसी) का कारण व घरेलु उपचार Eye Stye Treatment in Hindi

आंखों की ऊपरी या निचली परत पर दाने के रूप में हल्के लाल रंग में छोटी-छोटी फुंसिया उभरता है उसे ही गुहेरी (Guheri) कहते हैं। वैसे तो यह कोई रोग नही है किन्तु इस रोग के होने पर रोगी को बहुत परेशानी होती है। इस रोग को और भी नामो से जाना जाता हैं जैसे – अंजनहारी (Anjanhari), नरसराय। अगर किसी एक पलक पर गुहेरी निकलती है तो उसके पककर फूट जाने के बाद जल्दी ही दूसरी पलक में अंजनहारी निकल आती है। एक के बाद एक अंजनहारी का यह सिलसिला बहुत समय तक चलता रहता है। चिकित्सक के अनुसार विटामिन `A´ और `D` की कमी से गुहेरी निकलती है कभी-कभी तो यह मवाद के रूप में बहकर निकल जाता है पर कभी-कभी बहुत ज्यादा दर्द देते हैं और एक के बाद एक निकलते रहते हैं। गुहेरी पीड़ादायक और कुरूप हो सकती है लेकिन सामान्यतः ये गंभीर नहीं होतीं और घर पर प्रभावशाली रूप से उपचारित (ankho me funsi ka ilaj ) की जा सकती हैं।

गुहेरी (अंजनहारी) का कारण व घरेलु उपचार Eye Stye Treatment in Hindi

आम तौर पर गुहेरी एक ही आंख पर होती है। यह काफी दर्दनाक और परेशान कर देने वाली स्थिति है, लेकिन बहुत कम मामलों में इससे कोई गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है। वहीं, कुछ मामलों में गुहेरी का संक्रमण फैल सकता है। अमूमन ये अपने आप ही ठीक हो जाती है।

गुहेरी के प्रकार – Types of Stye in Hindi

गुहेरी मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं।

  1. बाहरी गुहेरी (External stye) – यह बाहरी पलकों के किनारों पर विकसित होने वाली गुहेरी होती है, जो ज्यादातर रोम कूपों में संक्रमण के कारण होती है। बाहरी गुहेरी आम तौर पर एक पिंपल की तरह दिखाई देती है।
  2. आंतरिक गुहेरी (Internal stye) – यह पलकों के अंदर की तरफ होता है, जो ज्यादार पलकों में तेल का निर्माण करने वाली ग्रंथि के संक्रमण के कारण होती है।

आंख में गुहेरी के कारण – Causes of Stye in Hindi

गुहेरी सामान्यतः संयोगवश होती है लेकिन कभी-कभी यह बाहरी पदर्थों जैसे धूल या मेकअप के संपर्क में आने के कारण भी हो सकती है। आंखों को सुबह-सुबह उठकर साफ पानी से साफ नहीं करने पर अंजनहारी निकलती है। दिन में घूमने-फिरने से, बस या स्कूटर पर यात्रा करने पर धूल-मिट्टी और गाड़ियों का धुंआ जब आंखों में जाता है तो यह आंखों के अन्दर रह जाता है। ज्यादातर औरतें और आदमियों को एक बुरी आदत होती है कि वह घर में या आफिस में काम करते हुए बार-बार अपनी आंखों पर हाथ लगाते हैं। औरते भी रसोई में काम करते हुए अपनी साड़ी के पल्लू से कभी किसी चीज को पोंछकर साफ करती है तो उसी से आंखों को पोंछने लगती हैं। इस तरह धूल-मिट्टी के साथ जीवाणु भी उनके आंखों में लग जाते हैं। जीवाणुओं के फैलने से गुहेरी की उत्त्पति भी होती है। ध्यान रहे कि किसी औरत या आदमी के ज्यादा समय तक कब्ज से पीड़ित रहने से भी गुहेरी की उत्त्पति होती है। अजीर्ण (अपच) रोग से पीड़ित व्यक्ति भी गुहेरी के शिकार बनते हैं। इसके आलावा :-

  • चेहरे पर पुराने या एक्स्पायर्ड कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से।
  • हार्मोनल परिवर्तन के कारन भी होता हैं।
  • ज्यादा मेकअप और रात भर आंख को मेकअप लगा कर रखने के कारण।
  • नींद में कमी या पोषण में कमी से भी हो सकता हैं।
  • आंख में गुहेरी होने के लिए स्टैफिलोकोकस ऑरियस (Staphylococcus aureus) बैक्टीरिया मुख्य रूप से जिम्मेदार है।

आंख में गुहेरी के लक्षण – Symptoms of Stye in Hindi

गुहेरी पलक के किनारे पर होने वाली एक पीड़ादायक, लाल मुहांसे के समान उभार है। कभी-कभी बरौनी के फॉलिकल या पलक की तेल ग्रंथि संक्रमित हो जाती है। यह लाल और अधिकतर पीड़ादायक और सूजनयुक्त होकर सामान्यतः एक सप्ताह या उससे ज्यादा समय में खुद ही ठीक हो जाती है। प्रभावी रूप से दर्द और उत्तेजना होने के बावजूद गुहेरी सामान्यतः हानिरहित होती है।

इसके आलावा आंख में गुहेरी होने पर ये लक्षण नजर आ सकते हैं-

  • पलक पर एक कोमल गांठ या फुंसी दिखाई देती है, पलक में सूजन होना।
  • आंखों में सूखापन महसूस होना।
  • गांठ बड़ी हो जाती है, गांठ फूटने के बाद अगर उसमें से द्रव निकल रहा है, तो वह गाढ़ा हो सकता है, या उसमें त्वचा के छोटे-छोटे टुकड़े जैसी सामग्री हो सकती है।
  • पलक के उपर पीले या लाल रंग की गांठ बनना।
  • गुहेरी पलकों के किनारे पर निकलती है, जहां बाल उगते हैं।
  • पलक में लाली होना।
  • प्रकाश के प्रति अतिसंवेदनशीलता।
  • आंख भारी महसूस होना, खासकर पलकें झपकाते समय।
  • कई बार धुंधला भी दिखाई दे सकता है।
  • आंख में दबाव महसूस होना।
  • आंख में खुजली महसूस होना।
  • पलकों का असाधारण रूप से नीचे झुकना, जिसके चलते दृष्टी तक बाधित हो जाएं।
  • पलक झपकाते समय दर्द महसूस होना।
  • गुहेरी निकलने पर आंख में कुछ गिरने का अहसास हो सकता है, क्योंकि पलक पर सूजन होने से वह आंख की सतह को छू सकती है।

गुहेरी से बचाव के उपाय – Prevention of Stye in Hindi

गुहेरी आम तौर पर स्टैफीलोकोकल बैक्टीरिया (staphylococcal bacteria) के कारण होते हैं, यह बैक्टीरिया अक्सर त्वचा की सतह पर पाया जाता है। इसलिए स्वच्छ हाथ और चेहरा धोने से गांठ बनने या फिर से आने से रोकथाम की जा सकती है। आंखों में जलन ना करने वाले साबुन और साफ पानी के साथ अपनी आंखों को धीरे-धीरे साफ करें, ऐसा करने से गुहेरी में से द्रव निकलने में मदद मिलती है। जैसे ही आप धीरे-धीरे स्क्रब करते हैं, तो उस समय अपनी आंखें बंद कर लें ऐसा करने से आंखों में जलन आदि नहीं होती है।

गुहेरी का घरेलु उपचार – Home Remedies for Stye in Hindi

guheri ka permanent ilaj

रसौत घिसकर लगाने से आंखों की गुहेरी जल्दी ठीक हो जाती है।

लौंग को घिसकर पानी के साथ मिलाकर गुहेरी पर लगाने से बस शुरुआत में थोड़ी जलन महसूस होती है तथा बाद में गुहेरी समाप्त हो जाती है।

छोटी हरड़ को गुलाबजल में घिसकर लेप करने से गुहेरी की सूजन और दर्द जल्दी मिट जाता है।

आम के पत्तों को डाली से तोड़ने पर जो रस निकलता है उस रस को गुहेरी पर लेप करने से गुहेरी जल्दी समाप्त हो जाती है।

अरहर की दाल को पानी के साथ घिसकर लगाने से गुहेरी ठीक हो जाता है।

इमली के बीजों के ऊपर का लाल छिलका हटाकर पानी के साथ घिसकर, गुहेरी पर लगाने से बहुत लाभ होता है।

बेर के ताजे पत्तों को तोड़कर उसके डंठल का रस गुहेरी पर लगाने से लाभ होता है।

5 ग्राम रसांजन को बहुत बारीक पीसकर उसमें शहद और 10 ग्राम गुलाबजल मिलाकर शीशी में रखें। इस मिश्रण को रोजाना 3 से 4 बार बूंद-बूंद करके आंखों में डालने से गुहेरी समाप्त हो जाती है।

छुहारे के बीज को पीसकर पानी के साथ गुहेरी पर दिन में 2 से 3 बार लेप करने से बहुत लाभ होता है।

नीम की खाल को पीसकर पानी के साथ दिन में दो बार लेप करने से अंजनहारी जल्दी पककर फूट जाती है।

आंखों की पलकों पर होने वाली फुंसी पर तुलसी के रस में लौंग घिसकर लगाना चाहिए।

अमरूद के पत्‍ते गुहेरी के लिए बहुत अच्‍छे घरेलू उपाय माने जाते हैं। पत्‍तों में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पलक की सूजन और लाली को कम करने में मदद करते हैं। समस्‍या होने पर गर्म पानी से दो या तीन अमरूद के पत्‍तों को धो लें। फिर साफ कपड़े को इस पानी में डूबोकर, अतिरिक्‍त पानी निचोड़ लें। फिर अमरूद के पत्‍तों को गर्म कपड़े में रखकर अच्‍छी तरह से लपेट लें। इसे हल्‍का ठंडा होने दें, और फिर उसमें से एक पत्‍ता बाहर निकाल लें और प्रभावित हिस्‍से पर लगा लें। और पांच मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अन्‍य पत्तियों के साथ भी ऐसे ही करें। तीन से चार दिन के लिए दिन में दो बार इस उपाय को करें।

धनिये के बीज या सूखे धनिये के पानी से धोएं: एक घंटे के लिए धनिया बीज को पानी में भिगोकर रख दें और फिर बीजों को छानकर अलग कर दें और उस पानी का उपयोग अपनी आँख को धोने के लिए करें। ऐसा कहा जाता है कि इन बीजों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो गुहेरी की सूजन को कम करते हैं।

आलू का उपयोग करें: एक आलू को पीसकर पेस्ट बना लें और एक साफ़, नर्म कपडे पर फैला लें। अब, गुहेरी की सूजन को कम करने के लिए इसे लगायें।

हल्‍दी कई रोगों की दवा होती है. इसमें मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह दर्द को कम कर सकती है। आंख की गुहेरी से राहत पाने के लिए पैन में 2 कप पानी और 1 चम्मच हल्दी डाल कर इसे अच्छी तरह से उबाल लें। फिर इसे ठंडा करके आंख पर सूखे और साफ कपड़े से लगाएं। इससे बहुत जल्दी आराम मिलता है और दर्द भी कम हो जाता है।

गुहेरी का आयुर्वेदिक इलाज – Guheri ka Ayurvedic Ilaj

एलोवेरा को त्वचा संबंधी कई तरह के रोगों को दूर करने के लिए लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा में होने वाली जलन को भी कम करता है और स्किन इंफेक्‍शन से होने वाले रोगों को भी दूर रखता है। आंख की गुहेरी से राहत पाने के लिए एलोवेरा काफी कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए एलोवेरा जैल को निकालकर आंख पर लगाएं और 20 मिनट बाद साफ पानी से धो लें. एलोवेरा में मौजूद तत्व बैक्टीरिया को खत्म करने और इंफेक्‍शन को रोकने में मदद करते हैं।

इन बातों का ख्याल रखे – Eye me Funsi ka Ilaj

गुहेरी की दर्द्युक्त सूजन को गर्म सेंक से राहत दी जा सकती है | गर्म पानी में एक साफ़ टॉवल या अन्य किसी कपडे को डुबाकर गर्म सेंक बनायें। सेंक को अपनी आँखों के ऊपर रखें और 5-10 मिनट के लिए रखा रहने दें।

अच्छी तरह से अपने हाथ धोएं और फिर गर्म पानी से एक कॉटन बॉल या साफ़ हाथों के द्वारा गुहेरी को कोमलता से साफ़ करें। आप विशेष प्रकार के पलक साफ़ करने के स्क्रब या पतले आंसू रहित बेबी शैम्पू का उपयोग भी कर सकते हैं।

आप खुद गुहेरी को दबाएँ या फोड़ने की कोशिश न करे।

अगर आप करेक्टिव (corrective) लेन्सेस पहनते हैं तो गुहेरी होने पर कांटेक्ट लेंस के स्थान पर चश्मा पहनें।

गुहेरी के इलाज़ के समय यह ज़रूरी है कि आपकी आँखों को पर्याप्त विश्राम मिले।

गुहेरी होने के तुरंत पहले उपयोग किये गये मेकअप या अन्य नेत्र संपर्क की वस्तुओं को बाहर फेंक दें। इससे आपको पुनःसंक्रमण से बचने में मदद मिल सकती है।

कीटाणुओं को दूर रखने के लिए अपने मेकअप टूल्स और एप्लीकेटर को प्रत्येक कुछ उपयोग के बाद ही साफ़ करें।

जब तक आपकी आंख पूरी तरह से ठीक ना हो जाएं, अपनी आंखों को पूरी तरह स्वच्छ रखें और किसी भी प्रकार का कॉस्मेटिक या मेकअप ना लगाएं।

रोज कम से कम 6-8 घंटे की नींद लें। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी आई ड्राप या मलहम का इस्तेमाल न करें।

डॉक्टर को कब दिखा लेना चाहिए?  Eye Stye Treatment in Hindi

अगर गर्मी के साथ सेंकने पर भी कुछ दिनों तक गुहेरी में कोई सुधार नहीं आता या इलाज होने के बावजूद फिर से विकसित हो रही है, तो इस स्थिति में बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर से मिले। गुहेरी के लिए डॉक्टर कुछ प्रकार की आंखों में डालने की एंटिबायोटिक दवाएं या पलकों पर लगाने की एंटिबायोटिक क्रीम लिख सकते हैं।

FAQ

Q : गुहेरी कितने दिन में ठीक होती है?

Ans : इलाज करने पर गुहेरी दो दिन में ठीक हो जाता हैं।

Q : आंख में गुहेरी क्यों हो जाती है?

Ans : आंखों की पर्याप्त साफ सफाई न करना, आई मेक-अप के कारण, गंदे कॉन्टैक्ट लेंसेस के कारण, आंखों में लगातार ड्रायनेस के कारण, स्ट्रेस और टेंशन के कारण, बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण गुहेरी हो सकती है।


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