बच्चो में कब्ज ‘मलावरोध’ घरेलु उपचार, लक्षण – Bachho me Kabj ka Ilaj

Bacho me kabj ka ilaj in hindi – माँ के अनुचित आहार-विहार के कारण उसका दूध दूषित हो जाता है जिससे बच्चे की पाचन शक्ति खराब होकर वायु विकार युक्त हो जाती है। इसमें मल का सुख जाना, मल त्याग का अभाव, पेट में दर्द, गुड़गुड़ाहट, उल्टी आदि होतो हैं। इसके आलावा बोतल से दूध पीने वाले शिशुओं में स्तनपान करने वाले शिशुओं की तुलना में कब्ज होना ज्यादा आम है। यह अक्सर तब होता है, जब शिशु ठोस आहार खाना शुरु करते हैं। वैसे तो यह समस्या इतनी गंभीर नही होती, लेकिन फिर भी इससे बच्चे को परेशानी जरूर होती है। इसीलिए ऐसे में, एक तो बच्चे के खान-पान में सावधानी बरतनी बहुत जरूरी होती है।

बच्चो में कब्ज (मलावरोध ) होने के घरेलु उपचार, लक्षण , Bachho Me Kabj

कब्ज के प्रकार – Children Constipation Types in Hindi

कब्ज मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं?

  1. एक्यूट कॉन्सटीपेशन (यह कब्ज बच्चों में दो सप्ताह से कम समय तक रहता हैं, इसे एक्यूट कब्ज (constipation) कहते हैं।)
  2. क्रॉनिक कॉन्सटीपेशन (यह कब्ज बच्चों में दो सप्ताह से ज्यादा समय तक रहता हैं, इसे क्रॉनिक कब्ज (constipation) कहते हैं।)

छोटे बच्चों में कब्ज के लक्षण – Symptoms of Children Constipation in Hindi

  • मल त्याग से पहले या पॉटी करते समय शिशु का रोना और असहजता, चिड़चिड़ापन या दर्द होना
  • सूखी, कठोर और गोली जैसी पॉटी होना, जिसे बाहर निकालने में शिशु को मुश्किल हो रही हो
  • एक सप्ताह में तीन से भी कम बार मल त्याग करना
  • बदबूदार गैस और मल निकलना
  • भूख कम लगना
  • पेट कड़ा हो जाना
  • एक सप्ताह से तीन से कम बार मल त्याग करना।
  • पैरों या सर में दर्द होना

बच्चों में कब्ज होने के कारण – Causes of Constipation in Kids in Hindi

माँ के अनुचित आहार-विहार के कारण उसका दूध दूषित हो जाता है जिससे बच्चे की पाचन शक्ति खराब होकर वायु विकार युक्त हो जाती है। इसमें मल का सुख जाना, मल त्याग का अभाव, पेट में दर्द, गुड़गुड़ाहट, उल्टी आदि होतो हैं। इसके आलावा बोतल से दूध पीने वाले शिशुओं में स्तनपान करने वाले शिशुओं की तुलना में कब्ज होना ज्यादा आम है।

इसके अलावे कब्ज होने के और भी कारण –

  • आहार में परिवर्तन होने, जैसे- बच्चे के भोजन में पर्याप्त फाइबर युक्त फल और सब्जियां या तरल पदार्थ नहीं होने पर कब्ज की समस्या हो सकती है।
  • शरीर में पानी की कमी से भी कब्ज हो सकती हैं।
  • डेयरी का दूध तथा अन्य उत्पाद भी बच्चे में कब्ज पैदा करने में सहायक होते हैं।

बच्चों में कब्ज के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Constipation in Kids in Hindi 

नीम के तेल का फाहा गुदा मार्ग में लगाने से मालवरोध दूर होता है।

किसमिस को पानी में भिगो कर खाने से मलावरोध की समस्या से निजात मिलता है।

रात को बीज निकाला हुआ छुहारा पानी में भिगो दें और सुबह उसे पानी में मसलकर निचोड़ ले। छुहारे को फेंक दे। वह पानी बच्चे को आवश्यकता अनुसार देने से मलावरोध दूर हो जाता है।

मुनक्के का पानी (सबसे पहले मुनक्के को पानी में भिगो दें, जब वह फूल जाए तो इसे मसलकर पानी छान लें) बच्चे को दिन में 2 से 3 बार पिलाएं। इससे बच्चों की कब्ज की समस्या ठीक हो जाती है।

बड़ी हरड़ को पानी के साथ पत्थर पर घिसकर उसमें मूंग के दाने के बराबर काला नमक डालें। इससे गुनगुना गर्म करके बच्चे को एक दो चम्मच दिन में तीन बार देने से मलावरोध दूर होता है।

शरीर में फाइबर की मात्रा ज्‍यादा होने पर कब्‍ज की शिकायत नहीं होती है। सब्‍जी और फल भी कब्‍ज की दिक्‍कत से बचाते है। बच्‍चे को तरल पदार्थ पिलाने से भी उसे आराम मिलेगा। खाली पेट गर्म दूध पिलाने से भी बच्‍चे को कब्‍ज से आराम मिलेगा।

अमरूद और पपीता कब्ज के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। अमरूद और पपीता को किसी भी समय खाया जा सकता है।

रोजाना गर्म पानी में एक चम्मच शहद डाल कर बच्चें को पीने के लिए दें, इससे कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।

कब्ज का आयुर्वेदिक तरीके से इलाज करने के लिए ईसबगोल का उपयोग करें। 10 ग्रा. ईसबगोल भूसी 100 ग्रा. दही में घोल लें। सुबह-शाम में खाने से कब्ज की शिकायत खत्म (bacho ki kabj ke gharelu upay) हो जाती है।

आप कब्ज की दवा के रूप में नींबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक कप हल्के गर्म पानी में 1 नीम्बू निचोड़कर पिलाएं। इससे आंतों में जमा हुआ मल बाहर निकलता है।

बच्चे को कब्ज होने पर उसे एक ग्लास संतरे के जूस में आधा ग्लास पानी, दिन में दो बार पिलाएं। यह कब्ज की दवा है।

आलू बुखारा कब्ज को बहुत जल्दी काटता है। यदि आलू बुखारा उपलब्ध है तो बच्चे को जरूर खिलाएं।

कब्ज की समस्या में बच्चों का खान-पान – Children’s Diet in Constipation Problem in Hindi

अगर बच्चा छह महीने से कम उम्र का है, तो उसे कब्ज से बचाने के लिए मां का दूध सबसे बेहतर है। वहीं, अगर बच्चा छह माह से ज्यादा का है, तो उसे फाइबर युक्त भोजन देना जरूरी है। जैसे –

  1. बच्चों को अधिक से अधिक फलों का सेवन करना चाहिए, जैसे-पपीता, संतरा, खजूर, नारियल, अमरूद, अंगूर, सेब, खीरा, गाजर, चुकन्दर, बेल, अखरोट, अंजीर आदि।
  2. सब्जियों में गाजर व चुकंदर, फूलगोभी, गोभी, ब्रोकली, बीन्स व दालें, पालक, आलू और बटरनट स्क्वैश खिलाएं
  3. खजूर, किशमिश, अंजीर और ओट्स, स्टील कट ओट्स आदि का सेवन करा सकते हैं।
  4. बच्चा अगर थोड़ा बड़ा हैं तो सुबह के समय में उठते ही 1-2 गिलास पानी पिलाएं और सोच के लिए भेजे।
  5. कब्ज से पीड़ित बच्चों को सुबह के समय में खुली हवा में रोजाना सैर कराएं।

कब्ज की समस्या होने पर इन चीजों से बचे – Avoid These in Children’s Constipation Problem in Hindi

  1. फास्ट फूड जैसे- बर्गर, फ्रैंच फ्राइज और पिज्जा खाने से बचना चाहिए। इसके आलावा कब्ज से ग्रस बच्चों को मैदा, बेसन, तली-भुनी, मिर्च मसालेदार खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना (home remedies for constipation in kids) चाहिए।
  2. बच्चों को चाय एवं कॉफी का भी अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। इसके आलावा रेड मीट का सेवन बन्द करा दें, क्योंकि इसमें आयरन बहुत कम पाया जाता है। इससे रोगी को ज्यादा नुकसान पहुँचता है।
  3. बच्चों को चाय एवं कॉफी का भी अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। इसके आलावा रेड मीट का सेवन बन्द करा दें, क्योंकि इसमें आयरन बहुत कम पाया जाता है। इससे रोगी को ज्यादा नुकसान पहुँचता है।
  4. बच्चे या माता को धूम्रपान आदि से बचना चाहिए।

बच्चों के कब्ज की समस्या से जुड़े सवाल-जवाब – FAQ Related Constipation in Children

Q. एक महीने के बच्चे को कब्ज के लिए क्या देना चाहिए?

Ans – एक महीने से छोटे बच्चे को कब्ज होना इस बात का संकेत देता है कि उसे पर्याप्त मात्रा में ब्रेस्ट मिल्क नहीं मिल रहा है। ऐसे में आपको उसे और अधिक स्तनपान कराने की जरूरत होगी।

Q. बेबी को पॉटी न आये तो क्या करे?

Ans – बच्चे को पॉटी ना आये तो किसी अच्छे डॉक्टर से मिले, अगर समस्या हलकी हैं तो ऊपर दिए गए घरेलु उपचार को आजमाएं।

Q. क्या बच्चे को कब्ज दूर करने के लिए घुट्टी (ग्राइप वॉटर) दे सकती हूं?

Ans – बिलकुल नहीं, बच्चों में ग्राइप वॉटर नहीं देना चाहिए। यह अन्य कई परेशानियों का कारण बन सकता है।

Q. अधिक समय तक कब्ज रहने से कौन-सा रोग हो सकता है?

Ans – बवासीर होने का एक महत्वपूर्ण कारण कब्ज है। इसके अलावा कब्ज गुदा से संबंधित कई रोगों को जन्म देता है। इसलिए डॉक्टर से मिले।

Q. 4 मंथ बेबी को पॉटी न आये तो क्या करे?

मुनक्के का पानी (सबसे पहले मुनक्के को पानी में भिगो दें, जब वह फूल जाए तो इसे मसलकर पानी छान लें) बच्चे को दिन में 2 से 3 बार पिलाएं। इससे बच्चों की कब्ज की समस्या ठीक हो जाती है।

Please Note :- बेहतर इलाज के लिए और जब बच्चों में कब्ज 4-5 दिन से अधिक रहे, और मल त्यागने के समय खून निकले, या रक्त मिला मल आए तो डॉक्टर से तुरन्त सम्पर्क करना चाहिए।


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