उतर कोरिया का इतिहास और महत्वपूर्ण जानकारी | North Korea History in Hindi

North Korea / उतर कोरिया आधिकारिक रूप से कोरिया जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य पूर्वी एशिया में कोरिया प्रायद्वीप के उत्तर में बसा हुआ देश है। इस देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर प्योंगयांग है। इसकी सीमाएं पश्चिमोत्तर में चीन, पूर्वोत्तर में रूस और जापान से कोरिया जलसन्धि द्वारा पूर्व में अलग है। उत्तर कोरिया, किम इल-सुंग द्वारा स्थापित एक एकल पार्टी कम्युनिस्ट देश है और सम्प्रति उनके बेटे किम जोंग-इल के दूसरे बेटे किम जोंग-उन द्वारा शासित है। उत्तर कोरिया की वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ में सदस्यता है।

उतर कोरिया का इतिहास और महत्वपूर्ण जानकारी | North Korea History In Hindiउतर कोरिया का इतिहास – North Korea History in Hindi

पुरातत्व और भाषाई सबूत यह सुझाते हैं कि कोरियाई लोगों की उत्पत्ति दक्षिण-मध्य साइबेरिया के अल्टायाक भाषा बोलने वाले प्रवासियों में हुई थी, जो नवपाषाण युग से कांस्य युग तक लगातार बहाव में प्राचीन कोरिया में बसते गए। 2 शताब्दी ई.पू. में, चीनी लेखन प्रणाली (कोरियाई में “हंजा”) और 4 शताब्दी ई. में बौद्ध धर्म को अपनाने के कारण कोरिया के तीन साम्राज्यों पर गहरा प्रभाव पड़ा. कोरिया बाद में इन सांस्कृतिक अग्रिमों का एक संशोधित संस्करण पर जापान को पारित कर दिया।

गोरियो राजवंश के बाद से कोरिया एक एकल सरकार द्वारा शासित रहा और गोरियो वंश पर 13वीं शताब्दी में मंगोल हमलों और 16वीं शताब्दी में जोसियो वंश पर जापानी हमलों के बावजूद 20वीं सदी तक इसने राजनैतिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता बनाए रखी. 1377 में, कोरिया ने जिक्जी पेश किया, दुनिया का सबसे पुराना मौजूद दस्तावेज़ जिसे चल धातु प्रकार से मुद्रित किया गया। 15वीं सदी में, कछुए जहाज तैनात किये गए और राजा सेजोंग महान ने कोरियाई वर्णमाला हंगुल प्रख्यापित किया।

जोसियो राजवंश के उत्तरार्द्ध के दौरान, कोरिया की एकान्तवादी नीति ने इसके लिए पश्चिमी उपनाम “साधु साम्राज्य” अर्जित किया। 19वीं सदी के उत्तरार्ध तक यह देश जापान और यूरोप की औपनिवेशिक वृत्ति का लक्ष्य बना। 1905 में रूसो-जापान युद्ध के बाद जापान द्वारा कब्जा कर लिया गया था, पहले प्रान्त पर कोरियाई साम्राज्य का शासन था। 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के समापन के बाद यह सोवियत संघ और अमेरिका के कब्जे वाले क्षेत्रों में बांटा गया था।

उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र संघ के पर्यवेक्षण में 1948 में दक्षिणी चुनाव में भाग लेने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप दो कब्जे क्षेत्रों में अलग कोरियाई सरकारों का गठन हुआ। उत्तर और दक्षिण कोरिया दोनों ही पूरे प्रायद्वीप पर संप्रभुता का दावा किया, जिसकी परिणति 1950 में कोरियाई युद्ध का रूप हुआ।

1953 में युद्धविराम के बाद युद्ध तो खत्म हो गया, लेकिन दोनों देश अभी भी आधिकारिक रूप से युद्धरत हैं, क्योंकि शांति सम्बन्धी कभी भी हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। दोनों देशों में 1991 में संयुक्त राष्ट्र में स्वीकार किया गया था 26 मई 2009 में उत्तर कोरिया ने एकतरफा युद्धविराम वापस लिया।

Kim Il-sung को नार्थ कोरिया का संस्थापक माना जाता हैं। इनके पोते Kim Jong-un अभी नार्थ कोरिया के शासक हैं। इनके पिता किम जोंग II भी नार्थ कोरिया के तानाशाह रहे हैं। उत्तर कोरिया में भले ही तानाशाही हैं पर आज भी यहां चुनाव होते हैं। इस चुनाव में सिर्फ एक उम्मीदवार रहता हैं, जो खुद तानशाह किम जोंग उन हैं।

उत्तर कोरिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी – North Korea Information in Hindi

उत्तर कोरिया की जनसंख्या 23 मीलियन हैं। कोरियाई, उत्तर और दक्षिण कोरिया, दोनों की आधिकारिक भाषा है और (मंदारिन के साथ) यान्बियन स्वायत्त प्रीफेक्चर के चीन के मंचूरिया क्षेत्र में. दुनिया भर में, कोरियाई भाषा के 80 मीलियन बोलने वाले हैं।

किसी ज़माने सोने के प्रचुर मात्रा पाए जाने वाले उत्तर कोरिया अभी दुनिया के सबसे गरीब देशो में गिना जाने लगा हैं। यहां की आधी आबादी गरीबी में जी रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण हैं यहाँ की शासन व्यवस्था, जो की एक शासक द्वारा मन मर्जी तरीके से चलाना।

यहाँ की मुख्य धर्म बौद्ध धर्म हैं, उत्तर कोरिया में अगर आप बाइबिल पढ़ते हुए पाए गए तो आपको मौत की सजा मिल जाएगी। वंहा की मीडिया और यंहा तक कि इंटरनेट पर भी पाबंदियां है। त्तर कोरिया में सिर्फ 3 टीवी चैनल्स हैं। यहां की सरकार नहीं चाहती कि लोगों को बाहरी दुनिया के बारे में पता चले।

पूरी दुनिया से अलग-थलग पड़े इस देश में आइये दिन युद्ध की बात होती हैं। उत्तर कोरिया ने अपना पहला हाइड्रोजन बम परीक्षण करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उत्तर कोरिया का यह परीक्षण दुनिया में आपसी तनाव बढ़ाने का काम कर सकता है। पर उत्तर कोरिया को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि क्या सही है और क्या गलत। उत्तर कोरिया सारे फैसले अपने अनुसार बनाता है और उनको अपने देश की जनता को मानने पर बाध्य भी करता है। उत्तर कोरिया में ऐसे अजीबोगरीब कानून हैं जो दुनिया में कहीं भी नहीं है।

अगर आप ये सोच रहे हैं कि उत्तर कोरिया में अभी वर्ष 2016 चल रहा है, तो आप सरासर गलत हैं। यहां ज्यूस कैलेन्डर चलन में है। वर्तमान में उत्तर कोरिया में 104 वर्ष चल रहा है। दरअसल, उत्तर कोरिया का कैलेन्डर किम जोंग के दादा किम इल-सुंग के जन्म के बाद शुरू होता है।


उत्तर कोरिया के अजीबोगरीब कानून जाने के लिए यहाँ से पढ़े > उत्तर कोरिया के बारे में 30 गजब रोचक तथ्य

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