बादाम खाने के फायदे और नुक़सान | Almond Benefits and Side Effects in Hindi

बादाम आकार में भले ही छोटे हों, लेकिन पोषक तत्वों से समृद्ध होते हैं। नट्स की श्रेणी में बादाम भी शामिल है। बादाम का वैज्ञानिक नाम प्रूनुस डल्शिस, प्रूनुस अमाइग्डैलस है। यह एक तरह का मेवा (Dry Fruits) है। इसे कई भाषाओ में अलग-अलग नाम से जाना जाता हैं। जैसे संस्कृत भाषा में वाताद या वातवैरी, हिन्दी, मराठी, गुजराती व बांग्ला में बादाम, फारसी में बदाम शोरी और बदाम तल्ख, अंग्रेजी में ऑलमंड कहते हैं।

बादाम के फल के अंदर जो बीज होता है उसे खाया जाता है। अंडाकार का बादाम एक सिरे से नुकीला होता है। इसका बीज सफेद रंग का होता है जिस पर भूरे रंग का पतला छिलका होता है। मध्‍य एशिया और चीन में बादाम की उत्‍पत्ति मानी जाती है। संयुक्‍त राज्‍य में सबसे ज्‍यादा बादाम का उत्‍पादन किया जाता है और इसके बाद स्‍पेन एवं ईरान का नाम आता है। भारत में जम्‍मू–कश्‍मीर और हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्‍यादा बादाम का उत्‍पादन होता है।

बादाम को केक, कुकीज, नोगट, कैंडीज, स्‍नैक बार के साथ-साथ डेजर्ट पर टॉपिंग के लिए भी इस्‍तेमाल किया जाता है। बादाम से मक्‍खन, दूध और तेल भी तैयार होता है। इसमें मौजूद गुणों की वजह से आयुर्वेद में भी बादाम को अहम माना गया है। इसी वजह से हमारे बड़े-बुजुर्ग भी प्रतिदिन बादाम खाने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, बादाम खाने से याददाश्त तेज होती है और कई प्रकार की शारीरिक व मानसिक समस्या के लक्षण दूर हो सकते हैं। आइये जाने बादाम खाने के फायदे

Almond Benefits and Side Effects in Hindi

बादाम खाने के फायदे – Almond Benefits in Hindi

1). हृदय रोग के लिए

बादाम के गुण के कारण इसका सेवन हृदय को स्वस्थ रखने के लिए किया जा सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) में प्रकाशित एक शोध में भी होती है। दरअसल, बादाम का सेवन करने से लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल-सी) को कम किया जा सकता है। यह शरीर को नुकसान पहुंचाने वाला कोलेस्ट्रॉल है, जो हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है। साथ ही बादाम के सेवन से शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल-सी) के स्तर को संतुलित रखा जा सकता है। यह हृदय के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

2). डायबिटीज के लिए

बादाम में फाइबर, अनसैचुरेटेड फैट और लो कार्बोहाइड्रेट होता है। साथ ही यह लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स की श्रेणी यानी कम ग्लूकोज वाला खाद्य पदार्थ है। ऐसे में माना जाता है कि बादाम का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज (मधुमेह) के जोखिम से बचा जा सकता है। इस वैज्ञानिक अध्ययन के दौरान पाया गया है कि सुबह नाश्ते में बादाम को शामिल करने से ब्लड ग्लूकोज का स्तर कम हो सकता है।

3). याददाश्त के लिए

याददाश्त बढ़ाने और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में भी बादाम के फायदे हो सकते हैं। बादाम का सेवन करने से बढ़ती उम्र के साथ कमजोर होती याददाश्त और मस्तिष्क से जुड़ी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी से बचाव किया जा सकता है। इसके लिए इसमें पाए जाने वाले टोकोफेरोल, फोलेट, मोनो व पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड और पॉलीफेनोल्स मददगार हो सकते हैं। ये पोषक तत्व उम्र से संबंधित कॉगनिटिव डिस्फंक्शन (याददाश्त कमजोर होना) को रोकने का काम कर सकते हैं।

4). वजन घटाने में

अनेक पोषक तत्वों से प्रचुर, बादाम वजन घटाने में भी अत्यंत सहायक है। इसका थोड़ा सा ही सेवन करने से आपका पेट भर जाता है और आप ज्यादा खाने से बच जाते हैं, साथ ही में ज़िंक और विटामिन बी की मौजूदगी की वजह से आपका शुगर खाने का भी कम मन करता है। क्लीनिकल न्यूट्रीशन के यूरोपीय जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग 1.5 औंस बादाम रोज़ाना नियमित रूप से चार हफ़्तों के लिए खाते हैं, उनके वजन में काफी अच्छा सुधार पाया गया है।

5). गैस के लिए

चूँकि बादाम फाइबर से भरपूर होते हैं, ये ना केवल कब्ज़ से राहत दिलाते हैं परंतु कब्ज़ से बचाव भी करते हैं। इसका सेवन करने से कॉलन कैंसर होने की संभावना बहुत हद तक कम हो जाती है। अच्छी मात्रा में तेलीय प्रदार्थ होने की वजह से यह सीने में जलन का भी एक सक्षम उपचार है। रोजाना रात में बादाम भिगा दें और उसे सुबह-सुबह खाएं। इससे कब्ज की समस्या दूर हो जाएगी और एसिडिटी व पेट में सूजन जैसी परेशानी भी नहीं रहेगी।

6). स्किन के लिए

बादाम ना केवल त्वचा को पोषित, सुन्दर, जवां व झुर्रियों से मुक्त रखता है, अपितु यह त्वचा के रंग को भी निखारता है। इसके तेल से त्वचा की मसाज करने से सनबर्न और अन्य त्वचा-सम्बंधित विकारों को भी कम किया जा सकता है। अच्छी बात तो यह है कि बादाम के तेल से मसाज करने से आपकी त्वचा तेलिये नहीं बनती और ना ही पिम्पल्स होने का खतरा होता है। इसके लिए सरसों, बादाम, वचा, तथा सेंधा नमक को पीसकर चेहरे पर लेप करें। इससे चेहरे की झुर्रियां (झाईयां) मिटती हैं।

7). बालों के लिए

एक बादाम अनेक बालों की समस्याओं का हल है, चाहे वो बाल झड़ने की समस्या हो या रूसी की। बादाम विटामिन ई, बायोटिन, मैंगनीज, तांबा, फैटी एसिड जैसे बालों के लिए अनुकूल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। बादाम में निहित ज़िंक नई कोशिकाओं के नवीकरण को बढ़ाता है, बालों को झड़ने से बचाता है और उन्हें मज़बूत व घना बनाने में योगदान देता है। इसके तेल से मालिश करने से आपके बाल सुनहरे व लंबे भी होते हैं। लैवेंडर के तेल के साथ मिलाकर सिर की मसाज करने से दोमुँहे बाल कम होते हैं, रूसी समाप्त हो जाती है और बालों का झड़ना भी बंद हो जाता है। महिलाएं बालों में जुएं होने के कारण बराबर परेशान रहती हैं। ऐसे में बादाम का इस्तेमाल बहुत ही फायदेमंद हो सकता है। कड़वे बादाम को पीसकर सिर पर लेप करें।

8). आंतो के लिए

पाचनतंत्र को स्वस्थ रखने में आंतों का बहुत बड़ा योगदान होता है। आंतों के स्वस्थ रहने पर पेट भी स्वस्थ तरह से काम करता है। जो लोग आंतों से संबंधित रोग से ग्रस्त हैं, उन्हें बादाम को अंजीर के साथ पीसकर खाना चाहिए। इससे आंतों की समस्याएं ठीक होती है।

9). हड्डियों के लिए

हड्डी के स्वास्थ्य के लिए दो पोषक तत्व अत्यंत आवश्यक होते हैं – फास्फोरस और कैल्शियम, और बादाम में दोनों ही अच्छी मात्रा में निहित हैं। इसमें मैग्नीशियम, मैंगनीज और पोटेशियम भी है, जो स्वस्थ और मज़बूत हड्डियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) और अन्य हड्डी से सम्बंधित रोगों से बचने के लिए रोज़ाना साबुत बादाम खाएं या फिर बादाम वाला दूध पियें। छोटे बच्चों की बादाम के तेल से मालिश करने से उनकी हड्डियां मज़बूत होती हैं।

10). कोलेस्ट्रॉल के लिए

नियमित रूप से बादाम खाने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रण में रहता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ावा मिलता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में 2002 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि बादाम खाने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को 15 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं।यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभा सकता है, इसी वजह से छिलके रहित और छिलके सहित बादाम खाने के फायदे में कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रण को भी शामिल किया जाता है।

11). स्पर्म के लिए

वीर्य संबंधी विकार कई लोगों की जिंदगी को नीरस बना देता है। ऐसा भी देखने को मिलता है कि जिस किसी व्यक्ति को वीर्य संबंधित समस्याएं होती हैं, उनको पिता बनने में परेशानी होने लगती है। इससे उनकी पारिवारिक जीवन से खुशियां खत्म होने लगती है। बादाम खाने के फायदे यहां भी मिलते हैं। ऐसे लोग बादाम का इस्तेमाल कर सकते हैं। बादाम की गिरी का सेवन करने से वीर्य विकार खत्म होते हैं।

12). पीरियड्स में

मासिक धर्म के समय दर्द होना, महिलाओं को होने वाली एक ऐसी समस्या है, जिससे प्रायः सभी महिलाएं पीड़ित रहती हैं। ऐसे में बादाम को पीसकर उसका पेस्ट बना लें। इसे योनि में रखने से मासिक धर्म के समय होने वाली पीड़ा खत्म होती है।

13). महिलाओं के लिए

अनेक महिलाएं यह शिकायत करती हैं कि मां बनने के बाद, उनको शिशु के पीने जितना दूध नहीं हो रहा। ऐसी महिलाओं को बादाम का इस्तेमाल करना चाहिए। महिलाएं को 3-5 ग्राम बादाम के चूर्ण को, दूध में मिलाकर सुबह और शाम सेवन करना है। इससे स्तनों में दूध की वृद्धि होती है।

बादाम में पाएं जाने वाले पोषक तत्व – Almond Nutrition Facts in Hindi

फाइबर – 3.5 gm
प्रोटीन – 6 gm
फैट – 14 gm
विटामिन E – 37%
मैगनीज – 32%
मैग्नीशियम – 20%
इसके अलावा इसमें कॉपर, विटामिन B2 व फास्फोरस भी होता है, मतलब एक मुट्ठी में इतने सारे फायदे आपको मिलेंगे| इसमें 161 कैलोरी, 2.5 कार्बोहाइड्रेट होता है।

बादाम खाने का सही तरीका – Badaam Khane ke Fayde aur Sahi Tarika

बादाम को गुनगुने पानी में भिगोकर रात भर के लिए रख दें और सुबह छीलकर खा लें। विशेषज्ञों की मानें तो बादाम को खाने का सही तरीका रात में भिगाकर सुबह खाना है। ऐसा करने से सुबह यह नर्म होने के साथ चबाने में आसान भी हो जाता है। इसके अलावा आपके शरीर को भी बादाम पचाने में आसानी होती है।

आप दिन भर में 10 बादाम खा सकते हैं लेकिन खाली पेट सिर्फ बादाम खाने से बचना चाहिए।

बादाम खाने के नुक़सान – Almonds Side Effects in Hindi

  • बहुत अधिक मात्रा में बादाम को सेवन करने पर इसकी मात्रा शरीर में 1000 मिलीग्राम तक पहुंच सकती है, जिससे डायरिया, मोटापा और आंखों में धुंधलापन, सिर दर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • जरुरत से ज्यादा बादाम का सेवन अगर आप कर रहें हैं तो आपके शरीर के में टॉक्सिक लेवल बढ़ सकता है, क्योंकि कड़वे बादाम में हाइड्रोकायनिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो की आपके नर्वस सिस्टम को धीमा करना और सांस संबंधी बिमारियों को भी पैदा कर सकती है, जो की शरीर के लिए घातक हो सकती है।
  • ज्यादा बादाम खाने से शरीर की इम्युनिटी कम होती है, जिससे एलर्जी और अन्य स्किन प्रॉब्लम हो सकती है।
  • बादाम में ऑक्जेलेट होता है। ज्यादा मात्रा में खाने से किडनी की समस्या बढ़ सकती है।
  • इसमें हाइड्रोसायनिक एसिड होता है, अधिक मात्रा में खाने से फूड पॉयजनिंग की संभावना भी बनी रहती है।
  • बादाम की तासीर गर्म होती है, ज्यादा मात्रा में खाने से पेट की गर्मी बढ़ा सकती है।

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