सेंट जॉन्स चर्च कोलकाता का इतिहास | St. John Church History in Hindi

St. John Church History in Hindi / सेंट जॉन्स चर्च, पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में स्थित एक ब्रिटिशकालीन चर्च हैं। इस चर्च को उत्तर भारत का सबसे पुराना चर्च होने का गौरव प्राप्त है। ब्रिटिश भारत में कोलकाता के प्रभावी रूप से राजधानी बनने के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा बनवाई गयी कुछ पहली सार्वजनिक इमारतों में से एक था। यह कोलकाता के पर्यटक स्थलों में एक हैं।

सेंट जॉन्स चर्च कोलकाता का इतिहास | St. John Church History in Hindi

सेंट जॉन्स चर्च का इतिहास – St. John Church Kolkata History in Hindi

राजभवन के उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित इस चर्च, का निर्माण 1784 में एक सार्वजनिक लॉटरी के माध्यम से जुटाये गये 30,000 रुपयों से शुरू किया था और यह निर्माण कार्य 1787 में पूरा हो गया।

आरंभ में इस चर्च का निर्माण ब्रिटिश सेना द्वारा मेरठ में पदस्थ ब्रिटिश सिपाही और अधिकारी के अध्यात्मिक और धार्मिक जरूरतों को ध्यान में रख कर किया गया था। चर्च का निर्माण विशिष्ट अंग्रेजी शैली में किया गया है और यह आकर्षक लॉन से घिरा हुआ है। स्थानीय लोग यहां नियमित रूप से आते हैं और विशेषकर रविवार को यहां खूब भीड़ उमड़ती है।

सेंट जॉन चर्च का उपयोग 1847 तक कलकत्ता (कोलकाता) के अंग्रेज़ी कैथेड्रल के रूप में किया गया और इसके बाद सेंट पॉल कैथेड्रल को अंगरेज़ी कैथेड्रल के रूप में स्थापित किया गया। सेंट जॉन्स चर्च को सेंट मार्टिन-इन-द-फील्ड्स ऑफ लंदन के अनुसार मॉडल किया गया था।

संत जॉन चर्च 175 फीट ऊँचा है। यह चर्च क़रीब 200 वर्ष पुराना है। संत जॉन चर्च बीबीडी बाग़ में स्थित है। यह ग्रीक शैली में बना हुआ है। इसी चर्च में कोलकाता शहर के संस्‍थापक जॉब चारनाक की समाधि है।


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