कर्नाटक के दर्शनीय व पर्यटन स्थल | Karnataka Tourism in Hindi

‘एक राज्य – कई दुनियां’ के रूप में जाना जाने वाला कर्नाटक राज्य दक्षिण भारत का प्रमुख पर्यटन केंद्र है। यह पर्यटन की दृष्टि से भारत का चौथा सबसे लोकप्रिय राज्य है। इस राज्य में प्राकृतिक सुंदरता और विरासत का सटीक मिश्रण है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू (पहले बैंगलोर के नाम से जाना जाता था) भारतीय सॉफ्टवेयर उद्योग का हब होने की वजह से देश के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक है। कर्नाटक राज्‍य में पर्यटन बढ़ने के कारण, वर्तमान में यहां भारी संख्‍या में रिसॉर्ट, टूरिस्‍ट प्‍लेस आदि बन गए है जिनसे पर्यटकों को यहां आकर आनंद आता है।

कर्नाटक के पर्यटन स्थल की जानकारी | Karnataka Tourism in Hindi

कर्नाटक के पर्यटन – Karnataka Tourism Information in Hindi

कर्नाटक, भौगोलिक रूप से तटीय क्षेत्र में बंटा हुआ है जैसे – कारावली पहाड़ी क्षेत्र या मालेनाडु क्षेत्र। यह क्षेत्र, पश्चिमी घाट पर स्थित है और इसे भी बायालुसीमे में उत्‍तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। कर्नाटक राज्‍य में कुल 30 जिले है। इस राज्‍य में सैर करने के लिए कई पर्यटन स्‍थल है।

अपने विस्तृत भूगोल एवं लम्बे इतिहास के कारण कर्नाटक में बड़ी संख्या में पर्यटन आकर्षण भरे हुए हैं। राज्य में जहां एक ओर प्राचीन शिल्पकला से परिपूर्ण मंदिर हैं तो वहीं आधुनिक नगर भी हैं, जहां एक ओर नैसर्गिक पर्वतमालाएं हैं तो वहीं अनान्वेषित वन संपदा भी है और जहां व्यस्त व्यावसायिक कार्यकलापों में उलझे शहरी मार्ग हैं, वहीम दूसरी ओर लम्बे सुनहरे रेतीले एवं शांत सागरतट भी हैं।

कर्नाटक राज्य को भारत के राज्यों में सबसे प्रचलित पर्यटन गंतव्यों की सूची में चौथा स्थान मिला है। राज्य में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे अधिक राष्ट्रीय संरक्षित उद्यान एवं वन हैं, जिनके साथ ही यहां राज्य पुरातत्त्व एवं संग्रहालय निदेशलय द्वारा संरक्षित 752 स्मारक भी हैं। इनके अलावा अन्य 25,000 स्मारक भी संरक्षण प्राप्त करने की सूची में हैं।

सरल शब्दों में, कर्नाटक में पर्यटन मुख्य रूप से राज्य के चार भौगोलिक क्षेत्रों में बंटा है। इनके नाम हैं- उत्तरी कर्नाटक, हिल स्टेशन, तटीय कर्नाटक और दक्षिण कर्नाटक।

राज्य में 25 वन्य जीवन अभयारण्य एवं 5 राष्ट्रीय उद्यान हैं। इनमें से कुछ प्रसिद्ध हैं: बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान, बनेरघाटा राष्ट्रीय उद्यान एवं नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान। हम्पी में विजयनगर साम्राज्य के अवशेष तथा पत्तदकल में प्राचीन पुरातात्त्विक अवशेष युनेस्को विश्व धरोहर चुने जा चुके हैं। इनके साथ ही बादामी के गुफा मंदिर तथा ऐहोल के पाषाण मंदिर बादामी चालुक्य स्थापात्य के अद्भुत नमूने हैं तथा प्रमुख पर्यटक आकर्षण बने हुए हैं।

बेलूर तथा हैलेबिडु में होयसाल मंदिर क्लोरिटिक शीस्ट (एक प्रकार के सोपस्टोन) से बने हुए हैं एवं युनेस्को विश्व धरोहर स्थल बनने हेतु प्रस्तावित हैं। यहा बने गोल गुम्बज तथा इब्राहिम रौज़ा दक्खन सल्तनत स्थापत्य शैली के अद्भुत उदाहरण हैं। श्रवणबेलगोला स्थित गोमतेश्वर की 17 मीटर ऊंची मूर्ति जो विश्व की सर्वोच्च एकाश्म प्रतिमा है, वार्षिक महामस्तकाभिषेकउत्सव में सहस्रों श्रद्धालु तीर्थायात्रियों का आकर्षण केन्द्र बनती है।

कर्नाटक के जल प्रपात एवं कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान “विश्व के 1001 प्राकृतिक आश्चर्य” में गिने गये हैं। जोग प्रपात को भारत के सबसे ऊंचे एकधारीय जल प्रपात के रूप में गोकक प्रपात, उन्चल्ली प्रपात, मगोड प्रपात, एब्बे प्रपात एवं शिवसमुद्रम प्रपात सहित अन्य प्रसिद्ध जल प्रपातों की सूची में शम्मिलित किया गया है।

यहा अनेक खूबसूरत सागरतट हैं, जिनमें मुरुदेश्वर, गोकर्ण एवं करवर सागरतट प्रमुख हैं। इनके साथ-साथ कर्नाटक धार्मिक महत्त्व के अनेक स्थलों का केन्द्र भी रहा है। यहां के प्रसिद्ध हिन्दू मंदिरों में उडुपी कृष्ण मंदिर, [[सिरसी का मरिकंबा मंदिर, धर्मस्थल का श्री मंजुनाथ मंदिर, कुक्के में श्री सुब्रह्मण्यम मंदिर तथा शृंगेरी स्थित शारदाम्बा मंदिर हैं जो देश भर से ढेरों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। लिंगायत मत के अधिकांश पवित्र स्थल जैसे कुदालसंगम एवं बसवन्ना बागेवाड़ी राज्य के उत्तरी भागों में स्थित हैं। श्रवणबेलगोला, मुदबिद्री एवं कर्कला जैन धर्म के ऐतिहासिक स्मारक हैं। इस धर्म की जड़े राज्य में आरंभिक मध्यकाल से ही मजबूत बनी हुई हैं और इनका सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण केन्द्र है श्रवणबेलगोला।

अगर आप कर्नाटक में सुंदर स्‍थलों, आश्‍चर्यजनक पहाडि़यों की सैर करना चाहते है तो कुर्ग की यात्रा करें। कुर्ग को भारत का स्‍कॉटलैंड कहा जाता है। यह कर्नाटक का एक महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थल है। यहां स्थित चिकमागालुर में कॉफी की पैदावार भी काफी ज्‍यादा होती है। इसके अलावा, केम्‍मानागुडी में झरने पाएं जाते है, कुद्रेमुख में हरियाली देखने को मिलती है। यहां का चिक्‍मागलुर जिला सबसे सुंदर माना जाता है, यह एक प्रसिद्ध हिल स्‍टेशन है। इनमें से कुछ हिल स्टेशनों का ऐतिहासिक महत्व तो है ही धार्मिक महत्व भी है।

जो पर्यटक, साहसिक गतिविधियों में रूचि रखते है, वह यहां के एडवेंचर प्‍वाइंट की सैर कर सकते है। कर्नाटक आकर कैम्‍प – भीमेश्‍वरी, गालीबोर और डोडामक्‍की आदि की सैर करें। यहां आकर पर्यटक, क्‍लाइबम्बिंग और ट्रैकिंग कर सकते है। होन्‍नेमारूदु, शिवगंगे, शिवसमुद्रम, संगम आदि में जाकर पर्यटक नाव की सवारी, रिवर राफ्टिंग, कोरासेली राइडस और अन्‍य जल की गतिविधियां कर सकते है।

कैसे पहुंचे –

कर्नाटक भारत के कुछ सबसे आधुनिक राज्यों में से एक है। इसमें सड़क, रेलवे और हवाई यातायात का संगठित नेटवर्क है। परिवहन सुविधाओं ने राज्य के पर्यटन क¢ विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कर्नाटक में न तो बहुत ज्यादा गर्मी है और न बहुत ज्यादा ठंड। जून से सितंबर तक मानसून जरूर सक्रिय रहता है। अक्टूबर से जनवरी तक का वक्त राज्य में यात्रा करने के लिए अच्छा है। राज्य में इस दौरान मौसम कष्टकारी नहीं होता। राज्य में औसतन अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज होता है।

कर्नाटक के पर्यटन स्थल – Karnataka Tourist Place in Hindi 

संगनकल्लू

कर्नाटक के बेलारी ज़िले में स्थित संगनकल्लू से नव- पाषाणयुगीन तथा ताम्र- पाषाणयुगीन संस्कृतियों के प्रमाण मिले हैं। 1872 ई. में इस स्थल से घर्षित पाषाण कुल्हाड़ियाँ प्राप्त हुई हैं। 1884 ई. में इस स्थल के नजदीक एक पहाड़ी पर शैल चित्र तथा उकेरी गई मानव, हस्ति, वृषभ, पक्षी तथा तारों की आकृतियों की खोज की गई। इस क्षेत्र में दो राखी-ढेरियाँ पाई गई हैं। प्रथम राखी ढेरी के उत्खनन में तीन चरण अनावृत्त किए हैं।

नंजनगूड

नंजनगूड प्राचीन तीर्थनगर कर्नाटक में कावेरी की सहायक काबिनी नदी के तट पर मैसूर से 26 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यह नगर 10वीं और 11वीं शताब्दी में गंग चोल वंश के समय से ही विख्यात रहा है। इस नगर में श्रीकांतेश्वर नंजुनदेश्वर (शिव) को समर्पित एक प्रसिद्ध मन्दिर है। सम्भवतः यह कर्नाटक का सबसे बड़ा मन्दिर है।

हम्पी

यूनेस्को की विश्व विरासत की सूची में शामिल हम्‍पी भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। 2002 में भारत सरकार ने इसे प्रमुख पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। हम्पी में स्थित दर्शनीय स्थलों में सम्मिलित हैं- विरुपाक्ष मन्दिर, रघुनाथ मन्दिर, नरसिंह मंन्दिर, सुग्रीव गुफ़ा, विट्ठलस्वामी मन्दिर, कृष्ण मन्दिर, प्रसन्ना विरूपक्ष, हज़ार राम मन्दिर, कमल महल तथा महानवमी डिब्बा आदि।

कर्नाटक में अन्य घूमने के लिए जगहें

  • कूर्ग हिल स्टेशन
  • महाबलेश्वर मंदिर, गोकर्ण
  • मैसूर पैलेस, मैसूर
  • गोल गुंबज, बीजापुर
  • दरिया दौलत बाग
  • ख्वाजा बंदे नवाज दरगाह, गुलबर्गा
  • जोग फॉल्स
  • मागोद फॉल्स
  • शिवनसमुद्र फॉल्स
  • इरुप्पु फॉल्स
  • लालगुड़ी फॉल्स
  • नृत्यग्राम डांस विलेज
  • गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब बिदार
  • गोकर्ण के समुद्री तट
  • मुरुदेश्वर तट
  • करवाड़ तट
  • मल्लिकार्जुन मंदिर, पट्टडाकल
  • बांदीपुर नेशनल पार्क
  • बादामी में गुफा मंदिर
  • आइहोले के चट्टानों में बने मंदिर

और अधिक लेख –

Leave a Comment

Your email address will not be published.