कर्णाटक की जानकारी, तथ्य, इतिहास | Karnataka information in hindi

Karnataka / कर्नाटक जिसे कर्णाटक भी कहते हैं, दक्षिण भारत का एक राज्य है। कर्नाटक को पहले स्टेट आॅफ मैसूर कहा जाता था बाद में सन् 1973 में इसका नाम कर्नाटक रखा गया। इस क्षेत्र में मिले पाषाण युग के कुल्हाड़ों और बड़े छुरों के अवशेषों से यह साबित होता है कि इस राज्य का इतिहास कितना पुराना है। कर्नाटक की राजधानी, बंगलौर भी देश में आईहब के नाम से जानी जाती है। आइये जाने कर्नाटक के बारे में और अधिक जानकारी… 

Karnatakaकर्णाटक की जानकारी एक नजर में  – Karnataka Information, Facts & History In Hindi 

1). कर्नाटक की स्थापान 1 नवंबर 1956 को हुई थी।

2). इस राज्य की राजधानी बंगलूरू हैं।

3). इस राज्य में जिलाें की संख्या 30 है।

4). इस राज्य की राजकीय भाषा ‘कन्नड’ है।

5). कर्नाटक का क्षेञफल 191791 वर्ग किलो मीटर है।

6). कर्नाटक की प्रमुख नदीयां कावेरी, तुंगभद्रा, कृष्णा, मलय प्रभा, और शरावती हैं।

7). कर्नाटक का सबसे ऊॅचा स्थल चिकमंगालूर जिले का मुल्लयन गिरी पर्वत है।

8). विश्व का पहला परिवार नियोजन क्लिनिक इसी राज्य में खोला गया था।

9). देश के तिलहन के उत्पादन में कर्नाटक का पांचवां स्थान है।

10). राज्य की राजधानी बंगलूरू को भारत की सिलिकॉन वैली भी कहा जाता है।

11). कर्नाटक में सडकों की लंबाई 215849 किमी है।

12). राज्य का राजकीय पशु ‘हाथी’ है।

13). राज्य का राजकीय वृक्ष ‘चंदन’ का वृक्ष है।

14). राज्य का राजकीय फूल ‘कमल’ है।

15). राज्य का राजकीय पक्षी ‘इंडियन रोलर’ है।

16). राज्य के सबसे बडे शहर बंगलूरू, हुबली, मंगलौर, मैसूर, हसन हैं।

17). राज्य की प्रमुख फसलें चावल, धान, ज्वार, रागी, बाजरा, मक्का, गेहॅू, आदि हैं।

18). इसकी सीमाएं पश्चिम में अरब सागर, उत्तर पश्चिम में गोआ, उत्तर में महाराष्ट्र, पूर्व में आंध्र प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में तमिल नाडु एवं दक्षिण में केरल से लगती हैं।

19). प्राचीन एवं मध्यकालीन इतिहास देखें तो कर्नाटक क्षेत्र कई बड़े शक्तिशाली साम्राज्यों का क्षेत्र रहा है। इन साम्राज्यों के दरबारों के विचारक, दार्शनिक और भाट व कवियों के सामाजिक, साहित्यिक व धार्मिक संरक्षण में आज का कर्नाटक उपजा है।

20). कर्नाटक में महापाषाण और नवपाषाण संस्कृति के साक्ष्य भी मिले हंै। हड़प्पा में पाया गया सोना भी इसी राज्य से आयात किया गया था।

21). इन तथ्यों ने विद्वानों और शोधकर्ताओं को आश्वस्त किया कि सिंधु घाटी सभ्यता और प्राचीन कर्नाटक के बीच संबंध थे।

22). ईसा पूर्व तीसरी सदी के पहले राज्य का बड़ा हिस्सा नंदा राजवंश का भाग था। उसके बाद वह मौर्य साम्राज्य का हिस्सा हो गया। इसके बाद चार सदियों तक राज्य के एक बड़े हिस्से पर सातवाहन का राज रहा।

23). सातवाहन का राज खत्म होने पर देशी राजवंशों का शासन आया जैसे पश्चिम गंगा और कदंब और फिर इस राज्य को राजनीतिक अस्तित्व मिला।

24). सन् 1565 में कर्नाटक और दक्षिण भारत के अन्य भागों ने भूराजनैतिक बदलाव देखा।

25). भारत को आजादी मिलने के बाद जयचमराजेन्द्र वोडेयार ने अपने राज्य की भारत में विलय की अनुमति दी। सन् 1950 में मैसूर भारत का राज्य बन गया।

26). पर्यटन के लिहाज़ से कर्नाटक भारत की एक लोकप्रिय जगह है। आप यहां प्राचीन और पुराने मंदिरों की बड़ी श्रृंखला, आकर्षक पहाड़, आधुनिक शहर, विशाल समुद्र तट और बड़े जंगल देख सकते हैं।


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