पेट में गैस के कारण, लक्षण और उपचार – Gastric Treatment in Hindi

पेट में गैस तब बनती है जब पेट में बैक्टीरिया उन कार्बोहाइड्रेट को उत्तेजित कर देते हैं जो छोटी आंत में ठीक से पच न पाए हों। अगर आप ज़्यादा मात्रा में फाइबर युक्त आहार खाते हैं तो आपका शरीर पेट में ज़्यादा गैस बनाना शुरू कर देता है। पेट में गैस बनना पाचन प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा है। इसका मुख्य लक्षण पेट फूलना (fatulence) और पेट में दर्द होता है। यूं तो पेट में गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन बदलता लाइफस्टाइल और दवाओं का अधिक सेवन इसकी मुख्य वजह हो सकता है। आइये जाने पेट में गैस बनने का लक्षण, कारण और घरेलु उपचार।

Gastric Treatment in Hindi

पेट में गैस बनने के कारण – Stomach Gas Causes in Hindi

आयुर्वेद में वायु के पाँच प्रकार बताए गए हैं- प्राण, उदान, समान, व्यान एवं अपान वायु। उदर वायु समान एवं अपान वायु की विकृति से उत्पन्न होती है। लेकिन इसके पीछे बहुत सारे आम कारण होते हैं जिनके वजह से गैस होती है, चलिये इनके बारे में पता लगाते हैं।

  • अत्यधिक भोजन करना।
  • बैक्टीरिया का पेट में ज्यादा उत्पादन होना।
  • भोजन करते समय बातें करना और भोजन को ठीक तरह से चबाकर न खाना।
  • पेट में अम्ल का निर्माण होना।
  • किसी-किसी दूध के सेवन से भी गैस की समस्या हो सकती है।
  • अधिक शराब पीना।
  • मानसिक चिंता या स्ट्रेस।
  • एसिडिटी, बदहजमी, विषाक्त खाना खाने से, कब्ज और कुछ विशेष दवाओं के सेवन
  • मिठास और सॉरबिटोल युक्त पदार्थों के अधिक सेवन से गैस बनता है।
  • सुबह नाश्ता न करना या लम्बे समय तक खाली पेट रहना।
  • जंक फूड या तली-भुनी चीजें खाना।
  • बासी भोजन करना।
  • अपनी दिनचर्या में योग और व्यायाम को शामिल न करना।
  • बीन्स, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल का अधिक सेवन करना।
  • कुछ खाद्य पदार्थों से कुछ लोगों को गैस बन जाता है जबकि कुछ लोगों को उससे कोई गैस नहीं बनता है जैसे; सेम, गोभी, प्याज, नाशपाती, सेब, आडू, दूध और दूध उत्पादों से अधिकांश लोगों को गैस बनती है।
  • खाद्य पदार्थ जिनमें वसा या प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट का प्रतिशत ज्यादा होता है, के खाने से ज्यादा गैस बनती है।
  • भोजन में खाद्य समूह में कटौती की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि आप अपने आप को आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित भी नहीं रख सकते हैं, अक्सर, जैसे ही एक व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, कुछ एंजाइमों का उत्पादन कम होने लगता है और कुछ खाद्य पदार्थों से अधिक गैस भी बनने लगती है।
  • यहां तक कि स्तनपान करने वाले शिशुओं में उदरवायु यानि पेट में दर्द होने की समस्या अक्सर देखी जाती है। उचित प्रकार से स्तनपान न कराने या माता द्वारा वात बढ़ाने वाले आहार लेने से ऐसी समस्या हो जाती है। वहीं भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों में वातवर्धक आहार, फास्ट फूड, जंक फूड इन सब के सेवन से उदरवायु की समस्या देखी जाती है।

पेट में गैस होने पर ये लक्षण नजर आते हैं – Pet me Gas ke Lakshan

  • सुबह जब मल का वेग आता है तो वो साफ नहीं होता है और पेट फूला हुआ प्रतीत होता है।
  • पेट में ऐंठन और हल्के-हल्के दर्द का आभास होना।
  • चुभन के साथ दर्द होना तथा कभी-कभी उल्टी होना।
  • सिर में दर्द रहना भी इसका एक मुख्य लक्षण हैं।
  • पूरे दिन आलस्य जैसा महसूस होता है।
  • सांसों को बदबूदार होना भी लक्षण हैं।

पेट में गैस होने के घरेलु उपचार – Pet me Gas ka Ilaj

1). पेट में गैस की समस्या को दूर करने के लिए अदरक सबसे अच्छा घरेलू उपचार है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व पाएँ जाते हैं जो पेट में होने वाली कब्ज और घेघा (esophagus) की समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं।

2). काली मिर्च का प्रयोग भी पेट में कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में किया जाता है। यह पेट में आमाशय रस के प्रवाह को बढ़ाती है और भोजन के सही तरह से पाचन में मदद करती है। पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कमी से होने वाले पेट दर्द में भी काली मिर्च आराम पहुँचाती है।

3). लहसुन गर्म गुणवत्ता और तेज गंध वाला होता है। इस वजह से यह भोजन के पाचन में मदद करता है और पेट में गैस भी नहीं बनने देता। लहसुन को प्रयोग में लाने के लिए कई तरीके हैं जैसे आप इसे आग में भून कर या फिर इसका जूस बनाकर या भोजन में पकाकर खा सकते हैं। जिन व्यक्तियों को कब्ज की बहुत ज़्यादा समस्या होती है, उन्हें कच्ची लहसुन को उपयोग में लाना चाहिए। ऐसा करने से कब्ज में जल्द ही आराम मिलता है।

4). सेब के सिरके को आमतौर पर अपच का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सेब का सिरका पेट की गैस को दूर करने के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। सेब के सिरके में मौजूद एंजाइम पाचन का इलाज करते हैं और आपके शरीर को अल्कलाइज़ (alkalize) करने में भी मदद करते हैं जिससे आप बेहद आरामदायक महसूस करने लगते हैं और गैस की समस्या भी दूर हो जाती है। ये आपके पेट को हल्का करता है और जल्द आराम भी देता है।

5). बेकिंग सोडा को सोडियम बायोकार्बनेट भी कहा जाता है। ये पेट की गैस को निकालने के लिए प्रभावी एंटासिड की तरह काम करता है। अगर आप इसे नींबू के जूस के साथ मिलाते हैं तो ये मिश्रण और भी ज़्यादा प्रभावी हो जाता है।

6). दालचीनी आपके पेट को हल्का करती है और गैस को दूर करने में भी मदद करती है। दालचीनी गैस्ट्रिक एसिड और पेप्सिन के स्राव को पेट की वाल्स (walls) से दूर करती है जिससे पेट में गैस नहीं बनती।

7). हींग को गैस के लिए बेहद प्रभावी उपाय माना जाता है। इसमें एंटीस्पास्मोडिक और ऐंटिफ्लाटुलेंट के गुण पाए जाते हैं जो अपच और गैस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं।

8). आयुर्वेद के अनुसार, छाछ गैस को निकालने के लिए एक गुणकारी उपाय है। छाछ में प्रोबायोटिक माइक्रोब्स होते हैं जो पाचन को बढ़ाते है और अपच और गैस को कम करते हैं। ये एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या को भी दूर करता है।
9). अजवाइन के बीज में थाइमोल नामक एक यौगिक होता है, जो गैस्ट्रिक रस को स्रावित करता है और पाचन में मदद करता है. गैस की समस्या में पानी के साथ लगभग आधा चम्मच अजवाइन के बीज खा सकते हैं।
10). जीरा पानी गैस्ट्रिक या गैस की समस्या का सबसे अच्छा घरेलू उपचार है. जीरा में आवश्यक तेल होते हैं, जो लार ग्रंथियों को उत्तेजित करते हैं. इससे भोजन ठीक तरह से पचता है. यह पेट में अतिरिक्त गैस के निर्माण को भी रोकता है।

जीवनशैली में बदलाव लाएं – Gastric Treatment at Home in Hindi

  • सुबह उठकर प्राणायाम एवं योगासन करें।
  • भोजन को चबा-चबा कर खाएं, जल्दी-जल्दी भोजन न खाएं।
  • पवनमुक्तासन, वज्रासन तथा उष्ट्रासन करें।
  • सोडा और प्रीजरवेटिव युक्त जूस न पिएं।
  • पानी अधिक पिएं।
  • जंक फूड, बासी भोजन तथा दूषित पानी से जितना हो सके बचें।
  • मिठास या सॉरबिटोल युक्त उत्पादों से बचें, जो चीनी मुक्त मिठाई और कुछ दवाओं में प्रयोग किया जाता है।

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