एलोवेरा के फायदे और नुकसान – Aloe Vera Benefits and Side Effects in Hindi

कई तरह के सौंदर्य प्रसाधनों में इस्तेमाल होने के कारण एलोवेरा (घृतकुमारी) को सुपरफूड कहा जाता है एवं इसे रहस्यमयी पौधे के रूप में भी जाना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में एलोवेरा की उपयोगिता और लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है। एलोवेरा के औषधीय गुणों की अगर बात की जाए तो इसमें एंटीसेप्टिक, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और ऐसे ही कई अन्य गुण मौजूद हैं। इसके साथ ही इसमें विटामिन ए और फोलिक एसिड जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। यह एक हेल्थ टॉनिक की तरह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। यह एकमात्र पौधा पाचन क्रिया में सुधार से लेकर, रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने के साथ-साथ डायबिटीज जैसी बीमारी में भी लाभकारी परिणाम दिखा सकता है। दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों में पाए जाने वाले एलोवेरा को देश-विदेश के अलग-अलग हिस्सों में कई नामों से जाना जाता है। इसका वानस्पतिक नाम Aloe vera (Linn.) Burm.f. (एलोवेरा) Syn-Aloe barbadensis Mill. है।

Aloe vera

एलोवेरा का पौधा छोटा होता है जिसके पत्ते मोटे, गूदेदार होते हैं और यह चारो तरफ लगे होते हैं। एलोवेरा (Aloe Vera) के पत्ते के आगे का भाग नुकीला होता है और इसके किनारों पर हल्के कांटे होते हैं। पत्तों के बीज से फूल का दंड निकलता है जिस पर पीले रंग के फूल लगे होते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में एलोवेरा के फायदे के बारे में कई सारी अच्छी बातें बताई गई हैं। आइये जाने एलोवेरा के फायदे।

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एलोवेरा के कितने प्रकार होते हैं? – Types of Aloe vera in hindi

एलोवेरा के कई प्रकार हैं। इसमें कुछ इस प्रकार हैं – लो बरबडेंसिस (Aloe Barbadensis), टाइगर एलो, क्लाइम्बिंग एलो, एलो डेस्कइंगसी (Aloe Descoingsii), रेड एलो।

एलोवेरा के फायदे – Aloe Vera Benefits in Hindi

1). वजन कम करने के लिए – Aloe Vera Benefits for Skin in Hindi

बाहर का खाना और सही ढंग से शारीरिक क्रिया न करने से वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर एलोवेरा जूस का सेवन किया जाए, तो कुछ हद तक इस परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित चूहों पर किए एक शोध के अनुसार, एलोवेरा में मौजूद एंटी-ओबेसिटी गुण की वजह से डाइट के कारण होने वाली मोटापे की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। इसके अलावा, यह ऊर्जा खपत को बढ़ाता है और शरीर में फैट को कुछ हद तक कम कर सकता है .

2). ब्लड शूगर को कम रखता है – Aloe Vera for Blood Suger in Hindi

कुछ समय पहले ही सामने आई एक स्‍टडी के अनुसार, यदि आप टाइप टू डायबटीज से ग्रसीत हैं तो इसमें (aloevera gel) एलोवेरा जेल आप के लिए बहुत लाभदायक हो सकता है। एलोवरा जेल का सेवन करने से ब्लड शूगर लेवल कम रहता है। हालांकि अगर आपकी डॉक्टर के द्वारा ब्लड शूगर की दवाई चल रही है। तो इसका सेवर डॉक्टर की सलाह पर ही लें। इसकी वजह बिना डॉक्टरी सलाह के एलोवेरा के सेवन से ब्लड शूगर जरूरत से ज्यादा कम हो सकता है। जो शरीर के लिए काफी खतरनाक होता है।

3). बालों से दूर करता है डैंड्रफ – Aloe Vera for Dandruff in Hindi

एलोवेरा जेल स्किन के साथ ही बालों के लिए भी काफी फायदेंमंद है। इसमें एंटी फंगल और मॉश्चराइजिंग प्रॉपर्टीज होती है। जो बालों में लगने पर डैंड्रफ को दूर कर देती है। इसके साथ ही यह चेहरे से लेकर शरीर की त्वचा पर लगाने से उसे बेदाग बनाने के साथ साथ ही हाइड्रेट भी रखता है। एलोवेरा जेल सन बर्न के इफेक्ट को भी कम करता है।

4). कब्ज के लिए एलोवेरा – Aloe Vera ke Fayde Kabj ke Liye

कई लोग कब्ज के लिए तरह-तरह की दवाइयां लेते हैं, जिसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे में अगर प्राकृतिक चीजों का सेवन किया जाए, तो कब्ज की परेशानी से राहत मिल सकती है। यहां हम कब्ज में एलोवेरा खाने से क्या होता है, यह जानकारी दे रहे हैं। कब्ज की स्थिति में एलोवेरा का रस फायदेमंद हो सकता है। एलोवेरा में लैक्सेटिव गुण (Laxative – पेट साफ करने का गुण) मौजूद होता है।

5). कोलेस्ट्रॉल के लिए एलोवेरा के गुण – Aloe Vera Good for Cholesterol

एलोवेरा का सेवन कोलेस्ट्रॉल के लिए भी लाभकारी हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, एलोवेरा के सेवन से न सिर्फ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम हो सकता है, बल्कि लिवर कोलेस्ट्रॉल भी कम हो सकता है।

6). मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए घृतकुमारी आसव – Ghritkumari ke Fayde for Brain

एलोवेरा के फायदे की अगर बात की जाए तो यह मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। एलोवेरा न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी (Neurodegenerative Disease – तंत्रिका से जुड़ी), मिर्गी और मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए प्रभावकारी हो सकता है । इसके अलावा, एक अध्ययन के मुताबिक, एलोवेरा स्मरण शक्ति को बेहतर करने में मददगार हो सकता है.

7). मुहांसे दूर करने में सहायक  – Benefits of Aloe vera for Pimples in Hindi

एलोवेरा का चेहरे पर उपयोग करना सबसे ज्यादा प्रचलित है। इसमें  सूजन रोधी गुण होते हैं जिस वजह से यह मुहांसों के इलाज में काफी असरदार है। इसमें मौजूद एंजाइम त्वचा की नमी को सील कर देते है और उनके ऊपर एक एंटीबैक्टीरियल परत बना देते हैं जिससे किसी भी तरह के बैक्टीरियल संक्रमण से त्वचा का बचाव होता है।

8). बालों को बढ़ाने में मददगार – Aloe Vera Benefits for Hair in Hindi

एलोवेरा का इस्तेमाल बालों को बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है। एलोवेरा में एक ऐसा एंजाइम पाया जाता है जो सिर की त्वचा को तमाम तरह की बीमारियों से बचाती है जिससे बालों का झड़ना कम हो जाता है। यह प्राकृतिक रुप से नए बालों के बनने में और पहले से मौजूद बालों के विकास में मदद करती है। यह एक आयुर्वेदिक औषधि है जो सिर की त्वचा में मौजूद बालों की जड़ों में रक्तप्रवाह बढ़ा देती है जिससे बाल अधिक मजबूत होते हैं।

9). बवासीर के दर्द और जलन को कम करने में सहायक – Aloe Vera Treat for Bawasir in Hindi

बवासीर होने पर मलद्वार के आस पास वाले हिस्से में मस्से निकल आते हैं जिनमें बहुत अधिक खुजली और जलन होती है। एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताएं होती हैं और यह मस्सो में होने वाली सूजन और जलन को कम करने में बहुत लाभकारी है। इसके लिए आप एलोवेरा की थोड़ी मात्रा लें और इसे ऊँगलियों की मदद से मलद्वार के चारों तरफ लगाएं और ऊँगलियों से हल्की मसाज करें।

10). रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए एलोवेरा – Aloe Vera Increase Immunity in Hindi

बदलते मौसम के साथ कई बार लोग जल्दी बीमार हो जाते हैं। ऐसे में एलोवेरा का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है। नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट (National Cancer Institute) के अनुसार, एलोवेरा इम्यून बूस्टर की तरह भी काम कर व्यक्ति को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.

11). मधुमेह के लिए – Aloe Vera Benefits for Diabetes in Hindi

एलोवेरा का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज से ग्रस्त मरीज का ब्लड शुगर लेवल कुछ हद तक संतुलित हो सकता है। दरअसल, एलोवेरा का एंटी-डायबिटिक गुण मधुमेह में प्रभावकारी हो सकता है। एलोवेरा जूस भी शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है।

एलोवेरा के अन्य फायदे – Aloe Vera ke Fayde in Hindi

  • एलोवेरा में पाए जाने वाले सैकराइडस तनाव को कम करने में मदद करता है। हर रोज सुबह हल्के गुनगुने पानी में एक चम्मच एलोवेरा के रस को मिलाकर पीने से मस्तिष्क की कोशिकाओं को राहत मिलती है।
  • एलोवेरा का सेवन दिल की समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित होता है। इसके अलावा यह कैंसर के उपचार में ली जाने वाली दवाई डॉक्सोरूबिसिन के दुष्प्रभाव से होने वाली समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है।
  • एलोवेरा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं। ये सूजन को दूर करने में कारगर होते हैं। अगर मांसपेशियों में खिंचाव आ गया हो तो तुरंत एलोवेरा जूस का सेवन करें।
  • एलोवेरा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के चलते यह गठिया रोग में भी फायदेमंद है।
  • एलोवेरा मुंह में बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए भी उपयोग किया जाता है।
  • घाव भरने का इलाज, एलोवेरा के सबसे बड़े लाभों में से एक हो सकता है। यह फाइब्रोब्लास्ट्स के प्रसार में सुधार कर घाव भरने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
  • कान दर्द में भी एलोवेरा से लाभ मिलता है। एलोवेरा के रस को हल्का गर्म करके लगाने से, कान दर्द ठीक हो जाता हैं।

एलोवेरा के नुकसान – Aloe Vera ke Nuksaan in Hindi

  • एलोवेरा जेल के ज़्यादा इस्तेमाल से स्किन पर रैशेज, खुजली और रेडनेस हो सकती है।
  • डिहाईड्रेशन हो सकता हैं।
  • एलोवेरा जूस में पाए जाने वाले लेक्सेटिव के कारण शरीर में पानी की कमी या डिहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है। लेक्सेटिव का प्रयोग आमतौर पर कब्ज या पेट साफ न होने पर किया जाता है।
  • हृदय गति को अनियमित कर सकता है।
  • एलोवेरा जूस के सेवन से शरीर में पोटेशियम के लेवल में कमी आ सकती है। इससे हार्ट बीट का अनियमित हेाना, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर बड़ी उम्र के और बीमार लोगों को एलोवेरा जूस के सेवन से दूर रहने की सलाह दी जाती है।।
  • पेट में दर्द हो सकता है।
  • एलोवेरा जूस के सेवन के बाद पेट में गड़बड़ी आने की​ शिकायत बेहद आम होती है। एलोवेरा में पाया जाने वाले लेटेक्स के कारण पेट में बहुत ज्यादा मरोड़ उठने और दर्द होने की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको पेट से जुड़ी समस्याओं की मेडिकल हिस्ट्री रही है तो एलोवेरा जूस का सेवन बिल्कुल भी न करें।
  • एलोवेरा के रस को सावधानी से ना पिया जाय तो एलर्जी हो सकती है। गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं भूलकर भी ऐलोवेरा के जूस का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे गर्भवती महिलाओं में गर्भाशय के संकुचन का खतरा रहता है और गर्भपात और जन्म दोष हो सकता है।
  • एलोवेरा जूस का सेवन करने से ब्लड प्रेशर लो हो जाता है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर लो रहता है उन्हें एलोवेरा जूस के सेवन से परहेज करना चाहिए।

एलोवेरा का जूस बनाने की विधि – Aloe Vera Juice Kaise Banaye 

एलोवेरा जूस बनाने के लिए पहले एक एलोवेरा काट लें। इसके बाद चाकू की मदद से इसका छिलका हटा दें और जैल को ग्राइंडर में निकाल लें। इसके बाद इसे 2-3 मिनट अच्छी तरह से ग्राइंड कर लें। आपका एलोवेरा जूस बनकर तैयार है। इसे आप ऐसे ही ताजा-ताजा पी लें। एलोवेरा जूस पीने के तरीके की बात की जाए तो इसमें स्वाद के लिए नींबू या अदरक मिला सकते हैं। स्वाद के लिए इसे अन्य जूस के साथ मिलाकर भी पी सकते हैं, लेकिन इसके लैक्सेटिव प्रभाव का ध्यान जरूर रखें।

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