योगी आदित्यनाथ की जीवनी | Yogi Adityanath Biography in Hindi

Yogi Adityanath in Hindi/ योगी आदित्यनाथ जिनका पूरा नाम अजय सिंह बिष्ट (Ajay Mohan Bisht) हैं जो की गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महन्त तथा राजनेता हैं एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री हैं। गोरखपुर से लोकसभा संसद योगी आदित्यनाथ भारतीय राजनीति में अपने कट्टर हिंदुत्व की राजनीति के लिए विख्यात हैं। ये भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राजनीति करते हैं। इनका कथन ‘एक हाथ में माला एक हाथ में भाला’ इनके कट्टरवाद को दर्शाता है। आदित्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं। ये हिन्दू युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं।

योगी आदित्यनाथ की जीवनी | Yogi Adityanath Biography in Hindi

Yogi Adityanath ka Jeevan Parichay 

योगी आदित्यनाथ 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहाँ के 21वें मुख्यमन्त्री पद की शपथ ली। वे 1998 से लगातार भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और 2014 लोकसभा चुनाव में भी यहीं से सांसद चुने गए थे। पहली बार जब ये संसद बने थे उस समय इनकी उम्र 26 साल थी जो सबसे कम उम्र में संसद बनने का रिकॉर्ड हैं।

योगी आदित्यनाथ की क्षवि कुछ ऐसी बन गई कि वह जहां खड़े हो जाते वहीं सभा शुरू हो जाती। योगी जो बोल देते वह उनके समर्थकों के लिए एक तरह का कानून बन जाता है। यहां तक कि होली और दीपावली कब मनान है इसका एलान योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से करते हैं। आपको बता दें कि गोरखपुर में हिंदुओं का त्योहार एक दिन बाद मनाया जाता है। गोरखपुर और आसपास के इलाके में योगी आदित्यनाथ और उनकी हिंदू युवा वाहिनी की ही चलती है। बीजेपी में भी योगी की ऐसी धमक है।

योगी आदित्यनाथ की प्रारंभिक जीवन – Eraly Life of Yogi Adityanath in Hindi

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचूड़ गाँव के गढ़वाली राजपूत परिवार में  हुआ। इसका बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट हैं। इनके पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट है जो एक फॉरेस्ट रेंजर थे, तथा इनकी मां का नाम सावित्री देवी है। अपनी माता-पिता के सात बच्चों में तीन बड़ी बहनों व एक बड़े भाई के बाद ये पांचवें थे एवं इनसे और दो छोटे भाई हैं। योगी आदित्यनाथ बचपन में ही संन्यास ले चुके हैं और उनकी शादी नहीं हुई हैं।

योगी आदित्यनाथ की शिक्षा – Yogi Adityanath Education in Hindi

इन्होंने 1977 में टिहरी के गजा के स्थानीय स्कूल में पढ़ाई शुरू की व 1987 में यहाँ से दसवीं की परीक्षा पास की। सन् 1989 में ऋषिकेश के श्री भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज से इन्होंने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। 1990 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते हुए ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। 1992 में श्रीनगर के हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से इन्होंने गणित में बीएससी की परीक्षा पास की। कोटद्वार में रहने के दौरान इनके कमरे से सामान चोरी हो गया था जिसमें इनके सनत प्रमाण पत्र भी थे। इस कारण से गोरखपुर से विज्ञान स्नातकोत्तर करने का इनका प्रयास असफल रह गया। इसके बाद इन्होंने ऋषिकेश में पुनः विज्ञान स्नातकोत्तर में प्रवेश तो लिया लेकिन राम मंदिर आंदोलन का प्रभाव और प्रवेश को लेकर परेशानी से उनका ध्यान अन्य ओर बंट गया।

1993 में गणित में एमएससी की पढ़ाई के दौरान गुरु गोरखनाथ पर शोध करने ये गोरखपुर आए एवं गोरखपुर प्रवास के दौरान ही ये महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आए थे जो इनके पड़ोस के गांव के निवासी और परिवार के पुराने परिचित थे। अंततः ये महंत की शरण में ही चले गए और दीक्षा ले ली। 1994 में ये पूर्ण संन्यासी बन गए, जिसके बाद इनका नाम अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ हो गया। 12 सितंबर 2014 को गोरखनाथ मंदिर के पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के निधन के बाद इन्हें यहाँ का महंत बनाया गया। 2 दिन बाद इन्हें नाथ पंथ के पारंपरिक अनुष्ठान के अनुसार मंदिर का पीठाधीश्वर बनाया गया।

छात्र नेता के रूप में इनका सबसे पहला प्रदर्शन 1990 के दशक में हुई। गोरखपुर शहर के मुख्य बाज़ार गोलघर में गोरखनाथ मंदिर से संचालित इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ छात्र एक दुकान पर कपड़ा ख़रीदने आए और उनका दुकानदार से कुछ विवाद हो गया। दुकानदार पर हमला हुआ, तो उसने रिवॉल्वर निकाल ली। दो दिन बाद दुकानदार के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग को लेकर एक युवा योगी की अगुवाई में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया और वे एसएसपी आवास की दीवार पर भी चढ़ गए। इसके बाद उन्होंने अपने सफर की सुरुवात की।

योगी आदित्यनाथ ने 22 साल की उम्र में अपने पारिवारिक जीवन को स्वीकार किया और एक भिक्षु बन गए। एक स्थान पर भगवान की पूजा करने के बजाय, उन्होंने पूरे क्षेत्र में घूमने और जागरूकता फैलाने का विकल्प चुना।

yogi adityanath childhood

राजनीतिक जीवन – Yogi Adityanath Poltical Career in Hindi

वैसे उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र जीवन से ही हो गई थी। गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल करने तक उनकी गिनती अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रखर कार्यकर्ताओं के रूप में होने लगी थी। नाम के अनुरूप बाल्यावस्था से हर काम की तेजी से अजय ने न सिर्फ अपने अजेयभाव का प्रदर्शन किया बल्कि कम उम्र में संत पंथ को अपनाकर न सिर्फ आदित्यनाथ बन गए बल्कि वोटों की शक्ल में आम लोगों का दिल जीतकर 1998 में सबसे कम उम्र सांसद बनने का गौरव भी हासिल किया।
अप्रैल 2002 में इन्होंने हिन्दू युवा वाहिनी बनायी। 2004 में तीसरी बार लोकसभा का चुनाव जीता। 2009 में ये 2 लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर लोकसभा पहुंचे। 2014 में पांचवी बार एक बार फिर से दो लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर ये सांसद चुने गए। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने योगी आदित्यनाथ से पूरे राज्य में प्रचार कराया। इन्हें एक हेलीकॉप्टर भी दिया गया। भरी बहुमत से बीजेपी ने उत्तर प्रदेश चुनाव जीता। इसके बाद 19 मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश के बीजेपी विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुनकर मुख्यमंत्री पद सौंपा गया।
उनके मुख्यमंत्री बनने पर कई लोगो ने बधाई दी। केंद्र सरकार में शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडु ने कहा कि योगी आदित्यनाथ एक ईमानदार व्यक्ति हैं और उनकी प्रतिबद्धता पर कोई उंगुली नहीं उठा सकता है। वहीं एक ही सीट पर 5 बार जीत हासिल करना छोटी बात नहीं है। इससे पता चलता है कि वे लोकप्रिय नेता हैं।
योगी आदित्यनाथ का काम करने का तरीका भी और नेताओ से बिलकुल अलग हैं। ये कोई भी बड़े-से-बड़ा फैसला लेने में हिचकिचाते नहीं हैं। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते ही इन्होने कई बड़े फैसले जनता के हित में लिए।

हिंदू युवा वाहिनी का किया गठन – Hindu Yuva Vahini Yogi Adityanath

राजनीति में आने के बाद योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी का भी गठन किया। जिसके बाद योगी ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ अपनी एक मुहिम छेड़ी। अपनी कट्टर हिंदुत्व की क्षवि के चलते उन्होंने कई बार विवादित बयान दिए। इन बयानों की वजह से योगी कई बार विवादों में भी आए। हालांकि इन विवादों के बाद योगी की ताकत लगातार बढ़ती गई। 2007 में जब गोरखपुर में दंगे हुए तब योगी को मुख्य आरोपी बनाकर उनकी गिरफ्तारी हुई। हालांकि इसके बाद काफी कोहराम मचा और इसके बाद योगी पर कई मुकदमे भी दर्ज किए गए।

योगी आदित्यनाथ पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन मामलों में कुछ दंगे भड़काने का आरोप, हत्या की कोशिश, बहुत खतरनाक हथियारों को रखने का आरोप, ग़ैर क़ानूनी तरह से सभा लगाना आदि है। इसके अलावा इन पर और भी आरोग लगाये गए।

योगी पर जानलेवा हमला –

योगी आदित्यनाथ पर 7 सितंबर 2008 को आजमगढ़ में जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वह बाल-बाल बचे। गोरखपुर दंगों के दौरान गिरफ्तार भी किए गए। दरअसल मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा राज कुमार अग्रहरी की जान चली गई थी। डीएम ने बताया की वह बुरी तरह जख्मी है, तब अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से मना कर दिया, लेकिन आदित्यनाथ उस जगह पर जाने के लिए अड़ गए। आदित्य नाथ ने पहले तो एक अहिंसक धरना दिया, लेकिन योगी की बातों ने उनके कुछ अनुयायियों को भड़का दिया, और उन लोगों ने मिलकर वहाँ पर स्त्थित एक मज़ार में आग लगा दी। इसके बाद शहर में कर्फ्यू लग गया। तब उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की।

अगले दिन उन्होंने शहर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने की घोषणा की, लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ्तारी दी। उनपर कार्यवाही का असर हुआ और मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा। यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फैल गए। उनकी गिरफ्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी और पुलिस का तबादला हो गया।

कुछ विवाद – Yogi Adityanath controversy

उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विवादों से चोली दामन का साथ रहा है। उनके अब तक के राजनीतिक करियर ने उनको बहुत से विवादों ने घेरे रखा।

धर्मान्तरण –

सन 2005 में योगी आदित्यनाथ पर क्रिस्टियन लोगों को धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा था। इन पर आरोप था कि ये ईसाई धर्म के लोगों को किसी विशेष तरह से हिन्दू धर्म में बदलने की कोशिश कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के एटा नामक जगह पर इन्होने लगभग 1800 ईसाइ धर्म के लोगों को हिन्दू धर्म में परिवर्तित कर दिया था।

शाहरुख खान पर विवादित बयान

असहिष्णुता के मुद्दे पर किंग खान को आड़े हाथों लेते हुए योगी ने कहा था कि शाहरुख को याद रखना चाहिए कि वो जिस देश में रहते हैं वहां की बहुसंख्यक आबादी हिंदुओं की है। अगर देश के हिंदू उनकी फिल्में देखना बंद कर दें तो वो दूसरे आम मुसलमानों की तरह मिनटों में फुटपाथ पर आ जाएंगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शाहरुख खान, आतंकी हाफिज सईद की तरह बोल रहे हैं। आदित्यनाथ ने यहां तक कह दिया था कि अगर शाहरुख को देश में इतनी ही असहिष्णुता दिख रही है तो वो शौक से पाकिस्तान जा सकते हैं।


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