योगा कैसे करे : पूरी जानकारी, इतिहास | How to Do Yoga :Tips in Hindi

Yoga Kaise Kare Tips in Hindi / योग भारत की प्राचीन विरासत है। यह एक आध्यात्मिक प्रकिया है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का कार्य होता है। हिन्दू धर्म का योग से बड़ा ही घनिष्ठ सम्बंध है। हमारे ऋषि-मुनि, तपस्वी आदि योग के माध्यम से ही हज़ारों वर्ष तक कठिन तपस्या में लीन रहते थे। ‘योग’ हिन्दू धर्म, जैन धर्म तथा बौद्ध धर्म में ध्यान प्रक्रिया से सम्बंधित है। आइये जाने योग के बारे में ..

 

Yoga Kaise Kare

योग क्या हैं – What is Yoga 

‘योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे है। योग एक सीधा विज्ञान है। प्रायोगिक विज्ञान है। योग है जीवन जीने की कला। योग एक पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। एक पूर्ण मार्ग है-राजपथ। दरअसल धर्म लोगों को खूँटे से बाँधता है और योग सभी तरह के खूँटों से मुक्ति का मार्ग बताता है।’

योग मन को शांति देता हैं आपकी सेहत का भी ख्याल रखता हैं। एक प्रकार से कहा जाए तो ये सारी प्राब्लम का सल्यूशन हैं। ये आपके शरीर को अंदर और बाहर दोनो दोनो साइड से साफ और मजबूत बनता हैं।

योग का इतिहास – Yoga History in Hindi

पुरातत्त्ववेत्ताओं ने जो साक्ष्य प्राप्त किये हैं, उनसे पता चलता है कि योग की उत्पत्ति 5000 ई. पू. में हुई होगी। गुरू शिष्य परम्परा के द्वारा योग का ज्ञान परम्परागत तौर पर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को मिलता रहा। लगभग 200 ई. पू. में महर्षि पतंजलि ने योग को लिखित रूप में संग्रहित किया और योगसूत्र की रचना की। योगसूत्र की रचना के कारण पतंजलि को योग का पिता कहा जाता है।

‘श्रीमद्भागवदगीता’ प्रतिष्ठित ग्रंथ माना जाता है। इसमें ‘योग’ शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है। कभी अकेले और कभी सविशेषण, जैसे- ‘बुद्धियोग’, ‘संन्यासयोग’, ‘कर्मयोग’ आदि। वेदोत्तर काल में ‘भक्तियोग’ और ‘हठयोग’ नाम भी प्रचलित हो गए हैं। महात्मा गाँधी ने ‘अनासक्ति योग’ का व्यवहार किया है।

योग के प्रकार – Types of Yoga in Hindi

योग की उच्चावस्था समाधि, मोक्ष, कैवल्य आदि तक पहुँचने के लिए अनेकों साधकों ने जो साधन अपनाये, उन्हीं साधनों का वर्णन योग ग्रन्थों में समय-समय पर मिलता रहा। उसी को योग के प्रकार से जाना जाने लगा। योग की प्रमाणिक पुस्तकों में ‘शिवसंहिता’ तथा ‘गोरक्षशतक’ में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है-

  1. मंत्रयोग
  2. हठयोग
  3. लययोग
  4. राजयोग

योगा कैसे करे – Yoga Kaise Kare 

योगा के लिए सही समय  – Yoga Time Table in Hindi

वैसे तो योगा आप किसी भी समय कर सकते हैं पर सुबह के वक़्त योगा करना अच्छा माना जाता है क्योंकी उस वक़्त आप शांत होते है। आपकी उर्जशक्ति सबसे ज़्यादा होती है और उसे पूरे दिन वैसी ही रखने के लिए सहायता करता है। आप कोई भी वक़्त निश्चित कर सकते हे. या तो सबेरे जल्दी, दोपहर के खाने से पहले या फिर शाम को।

सही जगह निश्चित करे – Yoga Tips in Hindi

योगा के लिए आपको बड़े जगह की ज़रूरत नही है. बस आपको ये ख्याल रखना है की योगा आप शांत जगह खुले मे करे तो बहुत अच्छा रहता है। शांत जगह इसलिए करे जिससे आपके दिमाग़ मे कोई बाहरी आवाज़ नही आए. जिससे आपका मान ना भटके। योगा आप चटाई या तौलिया मे बैठ करे।

सिंपल कपड़ो मे योगा करे – Yoga Dress in Hindi

ढीले और आरामदाई कपड़ों पर योगा आसानी से कर सकते है। टाइट कपड़ों पर योगा करना मुश्किल है. आपके महँगे रत्ना (गहने) बगल मे रख दे. और योग करते समय मेकप मे ना रहे.. और जितना हो सके शरीर मे भारी वजन वाले कोई भी चीज़ ना पहने।

खाली पेट मे योगा करे – 

योगा खाली पेट करना ही अच्छा होता है. आप योगा खाना खाने के 2-3 घंटे बाद भी कर सकते हो. क्यों की ऐसा हो सकता है की आप को आज कोई अलग योगा करने थे या फिर आप कुछ यगसन करना भूल गये और खाना ख़ान के बाद आपको याद आए तो आप सोचते है चलो अब कर लेता हू कुछ नही होता, पर ऐसे बिल्कुल मत कीजिए. अगर कोई योगासन रह जाए तो दूसरे दिन करले।

योगा आराम से करे –  

अपने शरीर को सम्मान दे और हर योगासन को नरमी और हसते हुए करे। बहुत ज़ोर से योगा करने से या फिर जल्दी-जल्दी करने से इसके फ़ायदे आपको ज़्यादा होंगे ऐसा नही है। इससे आप सिर्फ़ अपना कठनाई और दर्द बढ़ा लेंगे।

रोजाना अलग-अलग योगासन करे – Yoga Karne ka Tarika

रोजाना अलग-अलग योगासन करे. इसके लिए बेस्ट आइडिया ये है की आप रोजाना 1-2 योगासन करे और हॉलिडे को सब एक साथ करे। योगा को करते समय प्राणायाम या शवसन नियंत्रण बहुत ज़रूरी है।

ज़रूरी नही है की आप सारे योगासन पहले ही दिन करे रहे है, इससे आपके शरीर को कठिनाई आ सकती है। आप पहले ही दिन बहुत थक जाएँगे और दूसरे दिन से आपका दिल करने को नही करेगा सो अगर आप आसानी से कर रहे है तो बेस्ट है।

हर रोज़ अविरोध करे – 

योगा का अभ्यास हर रोज़ करना बहुत ज़रूरी है। इसे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनले और उसके बाद ये आपकी अच्छी सी आदत हो जाएगी। हमेशा याद रखे – 1-2 घंटे कड़ी मेहनत करने से आपको जो नतीजे मिलते है उससे सकारात्मक (पॉज़िटिव) नतीजे दिन मे सिर्फ़ 20 मीं योगा का अभ्यास करने से मिलते है।


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