उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की जीवनी | Venkaiah Naidu Biography in Hindi

Venkaiah Naidu  / वेंकैया नायडू एक भारतीय राजनेता और वर्तमान में 5 अगस्त 2017 को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में गोपालकृष्ण गाँधी को पराजित करके वे भारत के 13वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। नायडू भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मोदी सरकार में भारत सरकार में शहरी विकास, आवास तथा शहरी ग़रीबी उन्‍मूलन तथा संसदीय कार्य मंत्री भी रहे हैं। इससे पहले, वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं। वेंकैया नायडू 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की जीवनी | Venkaiah Naidu Biography in Hindiप्रारम्भिक जीवन –

वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई 1949 को चावटपलेम, नेल्लोर जिला, आंध्र प्रदेश के एक कम्मा परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम रंगैया नायडू और माता का नाम रामानम्मा था। वे एक किसान परिवार से सम्बन्ध रखते हैं। इन्होंने वी. आर. हाई स्कूल, नेल्लोर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और वी.आर. कॉलेज से राजनीति तथा राजनयिक अध्ययन में स्नातक किया। ये स्नातक प्रतिष्ठा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुये। तत्पश्चात इन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की।

14 अप्रैल, 1971 को उषा से शादी की. उनके एक बेटा और एक बेटी है। बेटे का नाम हर्षवर्धन जबकि बेटी का नाम दीपा वेंकट है।

वेंकैया नायडू का करियर –

वेंकैया नायडू बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य रहे। एक छात्र नेता के रूप में उन्होंने वर्ष 1973-1974 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर राजनीति में अपना कैरियर शुरू किया। 1974 में वे आंध्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुये। कुछ दिनों तक ये आंध्र प्रदेश के छात्र संगठन समिति के संयोजक भी रह चुके हैं। वेंकैया नायडू की पहचान हमेशा एक ‘आंदोलनकारी’ के रूप में रही है। वे 1972 में ‘जय आंध्र आंदोलन’ के दौरान पहली बार सुर्खियों में आए। इन्होंने इस दौरान नेल्लोर के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेते हुये विजयवाड़ा से आंदोलन का नेतृत्व किया। छात्र जीवन में उन्होने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रभावित होकर आपातकालीन संघर्ष में हिस्सा लिया। वे आपातकाल के विरोध में सड़कों पर उतर आए और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। आपातकाल के बाद वे 1977 से 1980 तक जनता पार्टी के युवा शाखा के अध्यक्ष रहे।

साल 1980-85 के बीच ये भाजपा के आन्ध्रप्रदेश राज्य के विधान नेता रहे। इसके अलावा 1988- 93 के बीच आन्ध्र प्रदेश क्षेत्र के बीजेपी अध्यक्ष भी रहे। इसके बाद 1993- 2000 तक बीजेपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और इसी समय बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड के महासचिव, प्रवक्ता भी रहे। इसके उपरांत इन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लिए राज्य और केंद्र स्तरीय कई पदों पर कार्य किये और साल 1998 में इन्हें कर्नाटक के राज्यसभा सांसद के रूप में नियुक्त किया गया।

आंध्र प्रदेश में भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेता वेंकैया नायडू वर्ष 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आंध्र प्रदेश विधानसभा में उदयगिरी चुनाव क्षेत्र से दो बार 1978-1983 में विधायक चुने गए थे। सन् 1998 में कर्नाटक से राज्यसभा के सदस्य चुने गए। दक्षिण भारत के नेता होते हुए भी इन्होने अपनी रैलियों में हिंदी बोलने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इनकी राजनीतिक विचारों को समझ सकें। वर्ष 1999 के आम चुनाव में अटल सरकार बनने के बाद वैंकेया को कैबिनेट मंत्रालय में शामिल किया गया। जिसमे उन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया। इस मंत्रालय के कार्यभार को पूरा करते हुए इन्होने ‘प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना’ और इसी तरह के अन्य योजनाओं को पूरा करते हुए देश का विकास किया। वर्ष 2005 में पार्टी उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए गए।

वेंकैया नायडू को 2004 और 2010 में कर्नाटक राज्यसभा पद में नियुक्त किया गया। साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद नरेंद्र मोदी सरकार में इन्होने शहरी विकास मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

वेंकैया नायडू बीजेपी के कद्दावर नेता हैं। वे गरीबो के मदद करने में भी सबसे आगे रहे हैं। उनकी अपनी एक संस्था ‘स्वर्ण भारत ट्रस्ट’ के नाम से चलती है। यह संस्था ग़रीबों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का और युवाओं के लिए सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग देने का कार्य करती है।

भारत के उपराष्ट्रपति पद –

भारत के सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक संघ (एनडीए) ने 17 जुलाई 2017 को उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया है। महात्मा गांधी के पौत्र एवं पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी विपक्ष के उम्मीदवार थे। 5 अगस्त 2017 को हुए चुनाव में गोपालकृष्ण गाँधी को पराजित करके वे भारत के 13वें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए। वैसे आंकड़ों के खेल में वेकैंया नायडू का उपराष्ट्रपति चुना जान लगभग तय था। वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले जबकि गोपालकृष्ण गांधी को 244 मत मिले। विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्‍ण गांधी को 272 वोटों से हराया।

वेंकैया नायडू उपराष्‍ट्रपति बनने वाले आरएसएस की पृष्‍ठभूमि के दूसरे नेता हैं। इससे पहले बीजेपी के नेता भैरों सिंह शेखावत (1923-2010) इस पद के लिए 2002 में चुने गए थे। वह देश के 11वें उपराष्‍ट्रपति चुने गए।

एक नजर में वेंकैया नायडू का करियर –

  • 1973-1974 : अध्यक्ष, छात्र संघ, आंध्र विश्वविद्यालय
  • 1974 : संयोजक, लोक नायक जय प्रकाश नारायण युवजन चतरा संघर्ष समिति, आंध्र प्रदेश
  • 1977-1980 : अध्यक्ष, जनता पार्टी की युवा शाखा, आंध्र प्रदेश
  • 1978-85 : सदस्य, विधान सभा, आंध्र प्रदेश (दो बार)
  • 1980-1985 : नेता, आंध्र प्रदेश भाजपा विधायक दल
  • 1985-1988 : महासचिव, आंध्र प्रदेश राज्य भाजपा
  • 1988-1993 : अध्यक्ष, आंध्र प्रदेश राज्य भाजपा
  • 1993 – सितंबर, 2000 : राष्ट्रीय महासचिव, भारतीय जनता पार्टी, सचिव, भाजपा संसदीय बोर्ड, सचिव, भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति, भाजपा के प्रवक्ता
  • 1998 के बाद : सदस्य, कर्नाटक से राज्यसभा (तीन बार)
  • 1 जुलाई 2002 से 30 सितंबर 2000 : भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री
  • 5 अक्टूबर 2004 से 1 जुलाई 2002 : राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
  • अप्रैल 2005 के बाद : राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी
  • 26 मई 2014 : शहरी विकास और संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री
  • 5 अगस्त 2017 भारत के तेरहवें उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए।

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