आंध्र प्रदेश की जानकारी, तथ्य, इतिहास | Andhra pradesh information in hindi

Andhra Pradesh / आंध्र प्रदेश भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित राज्य है। क्षेत्र के अनुसार यह भारत का चौथा सबसे बड़ा और जनसंख्या की दृष्टि से आठवां सबसे बड़ा राज्य है। ऐतिहासिक दृष्टि से राज्य में शामिल क्षेत्र आंध्रपथ, आंध्रदेस, आंध्रवाणी और आंध्र विषय के रूप में जाना जाता था। आइये जाने आंध्र प्रदेश के बारे में और अधिक जानकारी.. 

Andhra Pradeshआंध्र प्रदेश की जानकारी एक नजर में  – Andhra pradesh Information, Facts & History In Hindi

1). आन्ध्रप्रदेश की स्थापना 1 नवम्बर 1956 को हुई थी।

2). इसकी राजधानी हैदराबाद है तथा सबसे बड़ा शहर भी हैदराबाद है।

3). आन्ध्रप्रदेश में विधानसभा की 175 तथा लोकसभा की 25 सीटें है।

4). यहाँ का क्षेत्रफल 160,205,वर्ग किमी तथा यहाँ 13 जिले है।

5). आन्ध्रप्रदेश का जनसंख्या घनत्व 310 प्रति वर्ग किमी है।

6). आंध्र प्रदेश के उत्तर में उड़ीसा राज्य और छत्तीसगढ़, पश्चिम में महाराष्ट्र और कर्नाटक, दक्षिण में तमिलनाडु और पूर्व में लगभग 975 किलोमीटर की तट रेखा बंगाल की खाड़ी है।

7). यहाँ की जनसंख्या 49,386,799, है।

8). आन्ध्रप्रदेश की साक्षरता 67.77% है जिसमें 75.57% पुरुष तथा 59.75% महिलाएं है।

9). आंध्रप्रदेश की प्रमुख भाषा तेलुगु, अंग्रेजी, उर्दू, हिंदी और तमिल है।

10). यहाँ के प्रमुख पर्यटन स्थल विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति है।

11). राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए आय का मुख्य स्रोत कृषि रही है। भारत की चार महत्वपूर्ण नदियां, यथा गोदावरी, कृष्णा, पेन्ना और तुंगभद्रा राज्य में सिंचाई प्रदान करते हुए प्रवहित होती हैं। चावल, गन्ना, कपास, मिर्ची (काली मिर्च), आम और तम्बाकू स्थानीय फसल हैं।

12). आंध्रप्रदेश के प्रमुख उधोग धंधे सूचना तकनिकी उधोग, खदान और वस्त्र उधोग आदि हैं।

13). इस राज्य में दो प्रमुख नदियाँ बहती हैं, गोदावरी और कृष्णा।

14). तेलुगू आंध्रप्रदेश की राजभाषा है, जो 88.5% जनसंख्या द्वारा बोली जाती है।

15). कुचिपूड़ी राज्य का सर्वाधिक प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य रूप है।

16). आंध्र प्रदेश भारत के सबसे अधिक सिनेमा हॉल वाला राज्य है।

17). आंध्र प्रदेश में राजमार्ग 42,511 कि.मी., राष्ट्रीय राजमार्ग 2949 कि॰मी॰ और जिला सड़कें 1,01,484 कि॰मी॰ हैं।

18). आंध्र प्रदेश के विषय में प्रारंभिक विवरण ऐतरेय ब्राह्मण (लगभग 2000 ईसा पूर्व) में मिलता है। इसमें उल्लेख हैं कि आंध्र प्रदेश के निवासी मूल रूप से आर्य जाति के थे और उत्तर भारत में रहते थे, जहां से वे विंध्य पर्वतों के दक्षिण तक चले गए और कालान्तर में अनार्यो के साथ घुल मिल गए।

19). इतिहासकारों के अनुसार आंध्र प्रदेश का नियमित इतिहास 236 ईसा पूर्व से मिलना शुरू होता है। 236 ईसा पूर्व में ही सम्राट अशोक का निधन हुआ था और उसके बाद के समय में सातवाहन, शक, इक्ष्वाकु, पूर्वी चालुक्य और काकतीय ने इस तेलुगु भाषी देश पर राज्य किया।

20). 240 ई. पू. के लगभग आंध्रों ने दक्षिण में एक स्वतंत्र राज्य स्थापित किया था जो धीरे-धीरे भारत-प्रायद्वीप भर में विस्तृत हो गया। इन्होंने विजातीय क्षत्रपों को हरा कर गोदावरी, बरार, मालवा, काठियावाड़ और गुजरात तक आंध्र सत्ता का विकास किया।

21). आंध्र-नरेशों में गौतमीपुत्र शातकर्णी बहुत प्रसिद्ध हुआ जो 119 ई0 के लगभग राज करता था। आंध्र-राज्य की प्रभुसत्ता 225 ई0 के लगभग तक रही। इस समय दक्षिण भारत के समुद्रतट पर कई बड़े बंदरगाह थे जिनके द्वारा रोम-साम्राज्य से भारत का व्यापार चलता था।

22). आंध्र-देश का आंतरिक शासन-प्रबंध भी बहुत सुव्यवस्थित और लोकतंत्रीय सिद्धांतों पर आधारित था जिसका प्रमाण इस प्रदेश के अनेक अभिलेखों से मिलता है।

23). इनके बाद में विजयनगर और कुतुबशाही शासकों का शासन रहा और उनके बाद मीर कमरूद्दीन के शासन में 17 वीं शताब्दी से अंग्रेज़ों ने देश के कई भागों को अपने नियंत्रण में ले लिया और मद्रास प्रांत की स्थापना कर दी।

24). औपनिवेशिक भारत में, उत्तरी सरकार ब्रिटिश मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा बन गए। अंततः यह क्षेत्र तटीय आंध्र प्रदेश के रूप में उभरा.

25). बाद में निज़ाम ने ब्रिटिश को पांच क्षेत्र सौंपे, जो अंततः रायलसीमा क्षेत्र के रूप में उभरा. निज़ाम ने स्थानीय स्वायत्तता के बदले में ब्रिटिश शासन को स्वीकार करते हुए विशाल राज्य हैदराबाद के रूप में आंतरिक प्रांतों पर नियंत्रण बनाए रखा.

26). 1947 में ब्रिटिश साम्राज्य से भारत स्वतंत्र हुआ. हैदराबाद के मुसलमान निज़ाम ने भारत से अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखना चाहा, लेकिन इस क्षेत्र के लोगों ने भारतीय संघ में शामिल होने के लिए आंदोलन शुरू किया।

27). 5 दिनों तक चलने वाले ऑपरेशन पोलो के बाद, जिसको हैदराबाद राज्य की जनता का पूरा समर्थन प्राप्त था, 1948 में हैदराबाद राज्य को भारत गणराज्य का हिस्सा बनने के लिए मजबूर किया गया।

28). 1 नवम्बर 1956 को आंध्र प्रदेश राज्य के निर्माण के लिए आंध्र राज्य का विलय हैदराबाद राज्य के तेलंगाना प्रांत से किया गया। हैदराबाद राज्य की विगत राजधानी हैदराबाद को नए राज्य आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाया गया।

29). आंध्र एक जाति का नाम है। ऋग्वेद की कथा के अनुसार ऋषि विश्वामित्र के शाप से उनके 50 पुत्र आंध्र, पुलिंद और शबर हो गए। संभवत: आंध्र जाति के लोग आर्य क्षत्रिय थे।

30). आंध्र प्रदेश की जलवायु गर्म और नम है। राज्य की जलवायु का निर्धारण करने में दक्षिण पश्चिम मानसून की प्रमुख भूमिका है। लेकिन आंध्र प्रदेश में सर्दियां सुखद होती हैं। यह वह समय है जब राज्य कई पर्यटकों को आकर्षित करता है।


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