अरुणाचल प्रदेश की जानकारी, इतिहास | Arunachal pradesh information in hindi

Arunachal pradesh / अरुणाचल प्रदेश भारत का एक उत्तर पूर्वी राज्य है। अरुणाचल का अर्थ हिन्दी मे “उगते सूर्य का पर्वत” है (अरूण+अंचल)। अरुणाचल प्रदेश का ज्यादातर इलाका पहाड़ी है। ये बेतरतीब और कठिन है, ये गहरी घाटियों से लेकर हिमालय पर्वत की उंचाई तक है। विविध प्रकार की वनस्पति और जीव-जंतु अरुणाचल प्रदेश की मुख्य विशेषता है। आइये जाने अरुणाचल प्रदेश के बारे में और अधिक जानकारी..

arunachal pradeshअरुणाचल प्रदेश की जानकारी एक नजर में  – Arunachal Pradesh History, Facts & Information In Hindi

1). अरुणाचल प्रदेश की स्थापना 20 फरवरी 1987 को हुई थी

2). अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ‘ईटानगर’ है

3). अरुणाचल प्रदेश प्रदेश में विधानसभा की 60 लोकसभा की 2 राज्यसभा की 1 सीटें हैं राज्य में 12 प्रशासनिक जिले हैं।

4). अरुणाचल प्रदेश की मुख्य भाषा हिन्दी और असमिया है

5). अरुणाचल प्रदेश का क्षेत्रफल 83,743 वर्ग किमी है

6). यहाँ का जनसंख्या घनत्व 17 प्रति वर्ग किमी है

7). अरुणाचल प्रदेश की जनसंख्या 13.82.611 है जिनमें 7,20,232 पुरुष तथा 6,62,379 महिलाएं हैं

8). अरुणाचल प्रदेश की साक्षरता 66.95% है जिनमें 73.69% पुरुष तथा 59.57% महिलाएं हैं

9). अरुणाचल प्रदेश में हिन्दू धर्म के लगभग 34.6% इसाई धर्म के लगभग 18.7% और बोद्ध धर्म के लगभग 13% निवासी हैं

10). अरुणाचल प्रदेश मुख्यत दोन्यीपालो धर्म के लगभग लाेग 30.7% है

11). अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल तवांग, परशुराम कुंड, बोद्ध मंदिर, भीष्कनगर का किला, बोमडिला , ईटानगर, आकाशगंगा वॉटरफॉल आदि है

15). कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का स्तंभ है। दालें, चावल, गेहंू, गन्ना, मक्का, बाजरा, तिलहन और अदरक की फसलें यहां होती हैं।

13). अरुणाचल प्रदेश की सीमाएँ दक्षिण में असम दक्षिणपूर्व मे नागालैंड पूर्व मे बर्मा/म्यांमार पश्चिम मे भूटान और उत्तर मे तिब्बत से मिलती हैं

14). राज्य की मुख्य नदी ब्रह्मपुत्र है, जिसे अरुणाचल प्रदेश में सियांग के नाम से जाना जाता है और इसकी सहायक नदियां तीरप, लोहित, सुबनसीरी और भरेली हैं।

15). यहां तलहटी की जलवायु सबट्रापिकल है और पहाड़ों की उंचाई की ओर बढ़ते हुए तापमान तेजी से कम होता जाता है। यहां साल भर में बारिश का औसत 2,000 से 4,000 मिलीमीटर का है।

16). अरुणाचल प्रदेश प्रदेश के नागरिकों के जीवनयापन का मुख्य आधार कृषि है

17). अरुणाचल प्रदेश में 330 किलोमीटर लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग (सड़क मार्ग) है

18). अरुणाचल प्रदेश त्योहारों के अवसर पर पशुओं की बलि चढ़ाने की प्रथा है

19). अरुणाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था ‘झूम’ खेती पर ही मुख्यत: आधरित है

20). जिस क्षेत्र में आज अरुणाचल प्रदेश है उसका जि़क्र पुराणों में मिलता है, लेकिन राज्य के प्रारंभिक इतिहास के बारे में कुछ ज्यादा नहीं जाना जाता।

21). सोलहवीं सदी में असम के अहोम राजा द्वारा अरुणाचल प्रदेश के हिस्से पर कब्जा कर लिया गया था।

22). सन् 1912 में यह क्षेत्र नाॅर्थ ईस्टर्न फ्रंटीयर ट्रेक्ट ;एनइएफटीद्ध के नाम से असम की एक प्रशासनिक इकाई बन गया और सन् 1954 में एनइएफटी नाॅर्थ ईस्ट फ्रंटीयर ऐजेंसी बन गया।

23). सन् 1947 में भारत की आजादी के बाद से चीन, पूर्व और पश्चिम कामेंग, लोअर और अपर सुबनसीरी, पूर्व और पश्चिम सियांग और लोहित के पूरे इलाके पर अपना दावा करता रहा है, उसका तर्क है कि उसने कभी भी मैकमोहन लाइन को स्वीकार नहीं किया जो कि ब्रिटिशों की नाराजगी का कारण भी बना।

24). सन् 1954 में एनइएफटी नाॅर्थ ईस्ट फ्रंटीयर ऐजेंसी बन गया। इसकी तिब्बत से लगी उत्तरी सीमा सन् 1913 से विवादित है।

25). सन् 1965 के पश्चात असम के राज्पाल के द्वारा यहाँ का प्रशासन गृह मंत्रालय के अन्तर्गत आ गया था।

26). सन 1972 में अरुणाचल प्रदेश को केंद्र शासित राज्य बनाया गया था और इसका नाम ‘अरुणाचल प्रदेश’ किया गया। इस सब के बाद 20 फ़रवरी 1987 को यह भारतीय संघ का 24वां राज्य बनाया गया।

27). अरुणाचल प्रदेश की ज्यादातर आबादी एशियाई मूल की है और इनकी तिब्बत और म्यांमार के लोगों से शारीरिक समानता दिखती है। विशिष्ट भौगोलिक विभाजन के साथ यहां कई दर्जन जनजातियां और उप जनजातियां हैं।

28). पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश में मुख्य जनजातियां निस्सी ;नीशी या डबलाद्ध, सुलुंग, शेरडेपेन उर्फ मोन्पा, आपा तानी और हिल मेरी हैं। आदि राज्य का सबसे बड़ा जनजाति समूह है और इसका कब्जा केन्द्रीय क्षेत्र पर है।

29). प्राकृतिक आश्चर्य कहे जाने वाले इस राज्य में कई लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैैं। अरुणाचल प्रदेश की कुछ मशहूर जगहें ईटानगर, तवांग, बोमडिला, भिस्माकनगर और आकाशगंगा हैं। राज्य में चार राष्ट्रीय उद्यान और सात वन्यजीव अभ्यारण्य हैं जो कि पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र हैं।

30). राज्य में पर्यटकों के आकर्षण के स्थान बोमडिला, तवांग और उसके पास स्थित भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ है। ईटानगर, खुदाई में मिले ईटा किले के अवशेषों और आकर्षक गंगा झील के लिए प्रसिद्ध है। मलिनिथन और भिस्माकनगर राज्य के दो महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थान हैं और परशुराम कुंड प्रमुख तीर्थ स्थल है। चांगलांग जिले के नमदाफा वन्यजीव अभयारण्य में दुर्लभ हूलाॅक लंगूर पाए जाते हैं।


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