पायरिया का रामबाण इलाज | Pyorrhea Treatment in Hindi

Pyorrhea Treatment / पायरिया हमारे मसूड़ों में होने वाली ऐसी बीमारी है जो दांतों के लिए बहुत हानिकारक होती है। इसमें मसूड़ों के छोटे-छोटे छिद्रों से पीब निकलता है। प्रतिदिन दांतो की सफाई न करने से अन्न-कण दांतो में फंसकर सड़न उत्पन्न करते हैं। फलस्वरूप अम्लीय अंश की उत्पत्ति से मसूड़ों में शोथ हो जाता है और पीब निकलने लगती है।पायरिया का रामबाण इलाज | Pyorrhea Treatment In Hindi

पायरिया होने के कारण – Pyorrhea Causes in Hindi

पायरिया होने का सबसे बड़ा कारण हैं दांतों की ठीक से देखभाल न करना। अनियमित ढंग से जब-तब कुछ-न-कुछ खाते रहने के कारण तथा भोजन के ठीक से न पचने के कारण भी होता है। इसके आलावा मांसाहार तथा अन्य गरिष्ठ भोज्य पदार्थों का सेवन, पान, गुटखा, तम्बाकू आदि पदार्थों का अत्यधिक मात्रा में सेवन, नाक के बजाए मुंह श्वास लेने का अभ्यास, भोजन को ठीक से चबाकर न खाना, अजीर्ण, कब्ज आदि पायरिया होने के कारण हैं।

अधिकांश रोगियों में पायरिया की तीन लक्षण देखने में आती है – Pyorrhea Symptoms in Hindi

(1) प्रथम अवस्था में मसूड़ों में हल्का-सा शोथ उत्पन्न होता हैं। दबाने से दर्द होता है और ब्रश और दातुन करने से रक्त निकलने लगता है। धीरे-धीरे दांतो पर मैल की परत जमने लगती है। कुछ दिनों बाद उनके किनारों पर मसूड़ों के पास पीब निकलने लगती है। थोड़े से दबाव या आघात से भी रक्त निकलने लगता है। हर समय अरुचि बनी रहती है।

(2) वह की दूसरी अवस्था में दंतमूल का शोथ बढ़ जाता है। मसूड़ों के रोग ग्रस्त होने से दांतो की शक्ति छीन हो जाती है और दांत हिलने लगते हैं। ऐसे में मसूड़ों से रक्त के साथ पीब निकलने लगती है। पीब के उधर में जाने से पाचन क्रिया विकृति होती है और शरीर में विभिन्न रोगो की उत्पाति होती हैं।

(3) तीसरी अवस्था में रोग अधिक उग्र रुप धारण कर लेता है। अधिक पीब के उधर में पहुंचने से अनेक विकार उत्पन्न होते हैं। रोगी को अमश्य, ज्वर, नेत्र रोग, अग्निमाँघ और संधिशूल आदि रोग हो सकते हैं।

पायरिया का आयुर्वेदिक इलाज – Payriya Ilaj in Hindi

  • दिन में तीन चार-बार नीम की पत्तियां पानी में उबालकर कुल्ले करें। इससे दांतो की गंदगी साफ होती है, पीब के जीवाणु नष्ट होते हैं तथा मसूड़ा का शोथ ठीक होता है।
  • पोतैशियम परमैग्नेट पानी में मिलाकर कुल्ले करने से तथा नीम का तेल बनाकर मसूड़ों पर लगाने और कुछ देर लार टपककर गुनगुने जल से कुल्ला करने पर मसूड़ों मे लगे जीवाणु नष्ट होते हैं। पीब कम होती है।
  • सिरके मे पानी मिलकर या जामुन की की छाल का क्वाथ बनाकर प्रतिदिन तीन-चार बार कुल्ला करने से पीब से होनेवाले गंदगी नष्ट होती है।
  • भुनी फिटकरी और अकरकरा को सिरके में मिला ले या बारीक पीसकर रख लें। इस मंजन द्वारा दांत साफ करने से पायरिया में बहुत लाभ होता है।
  • तुलसी के पत्ते, बीज, फूल, छाल, जड़ तथा सुपारी व बादाम के छिलके 50-50 ग्राम; काली मिर्च, कपूर, लौंग और फिटकिरी पांच-पांच ग्राम, मुलहटी, पिपरिया मुल व कथा 10-10 ग्राम लेकर सभी को मिला दे। फिर कूट-पीसकर कर कपड़ा मे छान ले। इस मंजन से पायरीया जाता रहेगा और दांतो का हिलना तथा अन्य दंत रोग नष्ट हो जाएंगे।
  • आंवला जलाकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर सरसों के तेल के साथ मंजन करने से पायरिया रोग दूर हो जाता है।
  • 30 ग्राम नमक, एक माशा पोटेशियम परमैंगनेट एवं 20 ग्राम माजफुल का चूर्ण बनाकर रोजाना मंजन करने से पायरिया नष्ट होता है।
  • इलायची, लौंग और खस के तेल को मिलाकर दांतो पर मलने से पायरिया ठीक होकर मुख की दुर्गंध दूर होती है।
  • नीम की कोमल पतिया, काली मिर्च और काला नमक प्रतिदिन प्रात:काल सेवन करने से रक्त शुद्ध होकर पायरिया ठीक हो जाता है।
  • जीरा, सेंधा नमक, हरण,हरड़, सेमल के काँटे, दालचीनी, शुद्ध कुचला,शुद्ध भीलवा, दक्षिणी सुपारी, मौलसिरी की छाल, माजफ़ूल और अकरकारा का समान भाग किसी बंद बर्तन में लेकर आग से जला ले। फिर इन्हे पीसकर मंजन करने से पायरिया सदैव के लिए दूर हो जाता है।
  • सेंधा नमक खूब बारीक पीस ले और उसे ज़रा से सरसो के ते मे मिलाकर अपने दांतो-मसूडो को मले। नित्यप्रति मंजन करने से पायरीया ठीक हो जाएगा।
  • फिटकिरी, खिला हुआ सुहागा और सेंधा नमक – तीनों को महीन पीसकर नित्यप्रति इस चुर्न का मंजन करने से बढ़ा हुआ पायरिया भी नष्ट हो जाता है।
  • कथा, मौलसिरी की छाल, नीम की छाल और सेंधा नमक – सभी का बराबर भाग लेकर कूट-पीसकर कपड़ा से छान ले। इस से मंजन करने से पायरिया ठीक हो जाता है।
  • पीपल की ताजी जटा काटकर नित्य उससे दातुन करने से हिलते हुए दांत भी जम जाते हैं और दुर्गंध का नाश होता है।
  • सेंधा नमक, काली मिर्च और तंबाकू की पत्तियों का बराबर भाग लेकर कूट-पीसकर का कपड़ा से छान ले। इस चूर्ण से मंजन करने पर या इससे सरसों के तेल में मिलाकर रगड़ने से दांतो के सभी रोग दूर हो जाते हैं।

>> अरंडी का तेल 200 मिलीलीटर, 5 ग्राम कपूर, और 100 मिलीलीटर शहद को अच्छी तरह मिला दें, और इस मिश्रण को एक कटोरी में रखकर उसमे नीम के दातुन को डूबोकर दांतों पर मलें और ऐसा कई दिनों तक करें। यह भी पायरिया को दूर करने के लिए एक उत्तम उपचार माना जाता है।

इन चीज़ो का ध्यान रखे –

  • मुंह की अंदरुनी साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • दांतों को अच्छी तरह साफ करें।
  • जीभ को अच्छी तरह साफ करें।
  • हार्ड टूथब्रश का इस्तेमाल नहीं करें।
  • रात को सोने से पहले भी ब्रश करें।

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