इस्लाम धर्म का इतिहास और जानकारी | History Of Islam Dharm In Hindi

इस्लाम धर्म का इतिहास और जानकारी | History Of Islam Dharm In Hindi

इस्लाम धर्म का इतिहास और जानकारी – History Of Islam Dharm in Hindi

Islam Dharm / इस्लाम एक एकेश्वरवादी धर्म है जो अल्लाह की तरफ़ से अंतिम रसूल और नबी, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब सल्ल. द्वारा इंसानों तक पहुंचाई गई अंतिम ईश्वरीय किताब (क़ुरआन) की शिक्षा पर स्थापित है। इस्लाम शब्द का अर्थ है – ‘अल्लाह को समर्पण’। इस प्रकार मुसलमान वह है, जिसने अपने आपको अल्लाह को समर्पित कर दिया, अर्थात इस्लाम धर्म के नियमों पर चलने लगा।

इस्लाम धर्म का आधारभूत सिद्धांत अल्लाह को सर्वशक्तिमान, एकमात्र ईश्वर और जगत का पालक तथा हज़रत मुहम्मद (सल्ल।) को उनका संदेशवाहक या पैगम्बर मानना है। यही बात उनके ‘कलमे’ में दोहराई जाती है – ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह अर्थात ‘अल्लाह एक है, उसके अलावा कोई दूसरा (दूसरी सत्ता) नहीं और मुहम्मद उसके रसूल या पैगम्बर।’ कोई भी शुभ कार्य करने से पूर्व मुसलमान यह क़लमा पढ़ते हैं।

इस्लाम में अल्लाह को कुछ हद तक साकार माना गया है, जो इस दुनिया से काफ़ी दूर सातवें आसमान पर रहता है। वह अभाव (शून्य) में सिर्फ़ ‘कुन’ कहकर ही दुनिया रचता है। उसकी रचनाओं में आग से बने फ़रिश्ते और मिट्टी से बने मनुष्य सर्वश्रेष्ठ हैं। गुमराह फ़रिश्तों को ‘शैतान’ कहा जाता है। इस्लाम के अनुसार मनुष्य सिर्फ़ एक बार दुनिया में जन्म लेता है। मृत्यु के पश्चात पुनः वह ईश्वरीय निर्णय (क़यामत) के दिन जी उठता है और मनुष्य के रूप में किये गये अपने कर्मों के अनुसार ही ‘जन्नत’ (स्वर्ग) या ‘नरक’ पाता है।

इस्लाम धर्म का उदय – Islam Dharm Story in Hindi

इस्लाम का उदय कब हुआ, इस पर अलग-अलग अवधारणाएं हैं। कुछ लोग इसे सातवीं सदी में आरम्भ हुआ मानते हैं तो कुछ मानते हैं कि यह आदिकाल से चल रहा है। एक पक्ष मानता है कि इस्लाम का उदय सातवीं सदी में अरब में हुआ। अंतिम नबी मुहम्मद साहब का जन्म 570 इस्वी में मक्का में हुआ। 613 इस्वी के आसपास उन्होंने लोगों को ज्ञान बांटना आरम्भ किया तो उनके बहुत से अनुयायी बनते चले गए। इसी को इस्लाम की शुरुआत कहा गया। दूसरे पक्ष के विचारक इसे सही नहीं मानते। वे इस्लाम के मूल ग्रंथ कुरआन के आधार पर इसकी शुरुआत देखते हैं। इनके अनुसार इस्लाम आदिकाल से अस्तित्व में है।

कुरआन में पहले इंसान ‘आदम’ का जिक्र है। ‘मुस्लिम’ शब्द का इस्तेमाल हज़रत इब्राहिम (अलैहि।) के लिए किया है, जो लगभग 4 हजार साल पहले एक महान पैगम्बर हुए। कहा जाता है कि हज़रत आदम (अलैहि।) से लेकर हज़रत मुहम्मद (सल्ल।) तक हजारों वर्षों में कई पैगम्बर हुए। इनमें से 26 के नाम कुरआन में हैं। इनके अनुसार, हज़रत मुहम्मद (सल्ल।) इस्लाम के प्रवर्तक(फाउंडर) नहीं थे, बल्कि आह्वाहक (ईश्वर का संदेश फैलाने वाले एक पैगम्बर) थे।

पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब सल्ल.- Paigambar Muhammad Sahab

कुछ विद्वानों के मुताबिक पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्ल. का जन्मदिन हिजरी रबीउल अव्वल महीने की 2 तारीख को मनाया जाता है। 570 ईसवी को शहर मक्का में पैगंबर साहब हजरत मुहम्मद सल्ल. का जन्म हुआ था। मक्का सऊदी अरब में स्थित है। हजरत मुहम्मद सल्ल. के जन्मदिन को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के नाम से मनाया जाता है।

आप सल्ल. के वालिद साहब (पिता) का नाम अब्दुल्ला बिन अब्दुल्ल मुतलिब था और वालिदा (माता) का नाम आमना था। सल्ल. के पिता का इंतकाल उनके जन्म के दो माह बाद ही हो गया था। ऐसे में उनका लालन-पालन उनके चाचा अबू तालिब ने किया। आपके चाचा अबू तालिब ने आपका खयाल उनकी जान से भी ज्यादा रखा।

25 वर्ष की आयु में आप सल्ल.  ख़दीजा नामक एक विधवा से विवाह किया। आप सल्ल.  के जन्म के समय अरबवासी अत्यन्त पिछडी, क़बीलाई और चरवाहों की ज़िन्दगी बिता रहे थे। अतः आप सल्ल. ने उन क़बीलों को संगठित करके एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाने का प्रयास किया। 15 वर्ष तक व्यापार में लगे रहने के पश्चात आप सल्ल. कारोबार छोड़कर चिन्तन-मनन में लीन हो गये। मक्का के समीप हिरा की चोटी पर कई दिन तक चिन्तनशील रहने के उपरान्त उन्हें फरिश्तो के सरदार जिबरील का संदेश प्राप्त हुआ कि वे जाकर क़ुरान शरीफ़ के रूप में प्राप्त ईश्वरीय संदेश का प्रचार करें। तत्पश्चात उन्होंने इस्लाम धर्म का प्रचार शुरू किया।

उन्होंने मूर्ति पूजा का विरोध किया, जिससे मक्का का पुरोहित वर्ग भड़क उठा और अन्ततः आप सल्ल. ने 16 जुलाई 622 को मक्का छोड़कर वहाँ से 300 किलोमीटर उत्तर की ओर यसरिब (मदीना) की ओर कूच कर दिया। उनकी यह यात्रा इस्लाम में ‘हिजरत’ कहलाती है। इसी दिन से ‘हिजरी संवत’ का प्रारम्भ माना जाता है। कालान्तर में 630 ई. में अपने लगभग 10 हज़ार अनुयायियों के साथ हज़रत मुहम्मद (सल्ल।) ने मक्का पर चढ़ाई करके उसे जीत लिया और वहाँ इस्लाम को लोकप्रिय बनाया।

नबूवत मिलने के बाद आप सल्ल. ने लोगों को ईमान की दावत दी। मर्दों में सबसे पहले ईमान लाने वाले सहाबी हजरत अबूबक्र सिद्दीक रजि. रहे। बच्चों में हजरत अली रजि. सबसे पहले ईमान लाए और औरतों में हजरत खदीजा रजि. ईमान लाईं।

632 ईस्वीं, 28 सफर हिजरी सन 11 को 63 वर्ष की उम्र में हजरत मुहम्मद सल्ल. ने मदीना में दुनिया से पर्दा कर लिया। उनकी वफात के बाद तक लगभग पूरा अरब इस्लाम के सूत्र में बँध चुका था और आज पूरी दुनिया में  उनके बताए तरीके पर जिंदगी गुजारने वाले लोग हैं।

सच्चा मुसलमान – Muslims 

इस्लाम के मुताबिक कोई इन्सान तब तक सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता जब तक कि वह पांच कर्मों को पूरा ना करे। इन पांचों में ये शामिल हैं- 1। वह इस बात को माने कि अल्लाह के अलावा कोई अन्य पूज्य नहीं है और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अल्लाह के संदेशवाहक हैं। 2। नमाज़ कायम करे। 3। अनिवार्य धर्म-दान (ज़कात) दे। 4। रमज़ान के महीने का रोज़ा रखे। 5। काबा का हज्ज करे, यदि वह वहां तक पहुंचने में समर्थ हो।

क़ुरान – Quran in Hindi

इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक का नाम क़ुरान है जिसका हिन्दी में अर्थ ‘सस्वर पाठ’ है। क़ुरान हजरत मुहम्मद सल्ल. पर उतारी गई। अल्लाह ने फरिश्तों के सरदार जिब्राइल अलै. के मार्फत पवित्र संदेश (वही) सुनाया। उस संदेश को ही कुरआन में संग्रहित किया गया हैं। क़ुरान शरीफ़ 22 साल 5 माह और 14 दिन के अर्से में ज़रूरत के मुताबिक़ किस्तों में नाज़िल हुआ। क़ुरान शरीफ़ में 30 पारे, 114 सूरतें और 540 रुकूअ हैं। क़ुरान शरीफ़ की कुल आयत की तादाद 6666 (छः हज़ार छः सौ छियासठ) है।  कुरआन को नाजिल हुए लगभग 14 सौ साल हो गए लेकिन इस संदेश में जरा भी रद्दोबदल नहीं है।

मुसलमानों के लिये अल्लह् द्वारा रसूलों को प्रदान की गयी सभी धार्मिक पुस्तकें वैध हैं। मुसलमनों के अनुसार कुरान ईश्वर द्वारा मनुष्य को प्रदान की गयी अन्तिम धार्मिक पुस्तक है। कुरान में चार और पुस्तकों की चर्चा है:

  • सहूफ़ ए इब्राहीमी जो कि इब्राहीम को प्रदान की गयीं। यह अब लुप्त हो चुकी है।
  • तौरात (तोराह) जो कि मूसा को प्रदान की गयी।
  • ज़बूर जो कि दाउद को प्रदान की गयी।
  • इंजील (बाइबल) जो कि ईसा को प्रदान की गयी।

मुसलमान यह मानते हैं कि ईसाइयों और यहूदियों ने अपनी पुस्तकों के सन्दशों में बदलाव कर दिये हैं। वे इन चारों के अलावा अन्य धार्मिक पुसतकों का ईश्वरीय होने की सम्भावना से मना नहीं करते हैं।

नबी और रसूल – 

इस्लाम के अनुसार ईश्वर ने धरती पर मनुष्य के मार्गदर्शन के लिये समय समय पर किसी व्यक्ति को अपना दूत बनाया। यह दूत भी मनुष्य जाति में से होते थे और ईश्वर की ओर लोगों को बुलाते थे। ईश्वर इन दूतों से विभिन्न रूपों से समपर्क रखता था। इन को इस्लाम में नबी कहते हैं। जिन नबियों को ईश्वर ने स्वयं, शास्त्र या धर्म पुस्तकें प्रदान कीं उन्हें रसूल कहते हैं। हजरत मुहम्मद सल्ल. भी इसी कड़ी का भाग थे। उनको जो धार्मिक पुस्तक प्रदान की गयी उसका नाम कुरान है। कुरान में अल्लाह के 25 अन्य नबियों का वर्णन है। स्वयं कुरान के अनुसार ईश्वर ने इन नबियों के अलावा धरती पर और भी कई नबी भेजे हैं जिनका वर्णन कुरान में नहीं है। लगभग सन्सार मे 124000 नबी (दूत) वर्णन कुरान में है। सभी मुसलमान ईश्वर द्वारा भेजे गये सभी नबियों की वैधता स्वीकार करते हैं और मुसलमान, मुहम्मद को ईशवर का अन्तिम नबी मानते हैं।

सम्प्रदाय – Muslim Sects 

इस्लाम में दो मुख्य सम्प्रदाय – शिया और सुन्नी मिलते हैं। मुहम्मद साहब की पुत्री फ़ातिमा और दामाद अली के बेटों हसन और हुसैन को पैगम्बर का उत्तराधिकारी मानने वाले मुसलमान ‘शिया’ कहलाते हैं। दूसरी ओर सुन्नी सम्प्रदाय ऐसा मानने से इन्कार करता है। मिलने जुलने आने जाने में सलाम का रिवाज है। सलाम करने वाला “अस्स्लामु अलैक़मु” कहता है जिसका अर्थ है तुम पर ख़ुदा की तरफ़ से सलामती हो, इसका जवाब है। “व अलेकुम अस्सलाम” अर्थात तुम पर सलामती हो।

भारत में इस्लाम का प्रवेश – Islam in India

712 ई. में भारत में इस्लाम का प्रवेश हो चुका था। मुहम्मद-इब्न-क़ासिम के नेतृत्व में अरब के मुसलमानों ने सिंध पर हमला कर दिया और वहाँ के ब्राह्मण राजा दाहिर को हरा दिया। इस तरह भारत की भूमि पर पहली बार इस्लाम के पैर जम गये और बाद की शताब्दियों के हिन्दू राजा उसे फिर हटा नहीं सके।

‘इस्लाम’ को शुरुआत ही से सबका विरोध सहना पड़ा। उसने निर्भीकतापूर्वक जब दूसरों के मिथ्याविश्वासों का खण्डन किया, तो सभी ने भरसक इस्लाम को उखाड़ फैंकने का प्रयत्न किया। सचमुच जिस प्रकार का विरोध था, यदि उसी प्रकार की दृढ़ता मुसलमानों और उनके धर्मगुरु ने न दिखाई होती तो कौन कह सकता है कि इस्लाम इस प्रकार संसार के इतिहास को पलट देने में समर्थ होता।


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123 thoughts on “इस्लाम धर्म का इतिहास और जानकारी | History Of Islam Dharm In Hindi”

  1. वह धर्म कैसा जो अपने नियमो मे बंध कर रहने को मजबूर करे. इसको कबूलो वरना मरो. हमेशा इस्लाम हिंदुत्व क विरोध करता है क्योंकि हिन्द्तुत्व सनातनी है जो खुद अपनी सोच पाहुंच को आगे बड़ने देता है कभी बान्धता नही. या ये नही केहता की जो मै कहूँ वो सही, बल्कि ये केहता है जो तुम मानो वही सही.

    1. sorry but me aapse sehmat nahi hu…………
      apne marji ki karne k liye ye koi samajik tatv nahi balki dharm hai

      aur samy badalta hai insan badal raha h uski soch bhi jayada badal rahi h
      kuch to apne ko he bhagwan mante he….is liye sab ke liye dharm hai
      taki sab ek saman rahe…..

      1. Lekin duniya mein Muslim see khRab dharm nahi Hai koi or ye sabhi jante Hai ki marna tereeiost or matam manana sab Muslim ka kaam Hai gandgi hoti Hai janha ye rahte Hain

        1. Munazir Hussain Mansuri

          Sun be Arif tu chahe Arif ho ya naam badalkr likhne bala hindu tu pahle terrorist ki paribhasha bata phir bataunga ki terrorist kon he Hindu, musalman ya phir isayi.Rahi bat Muslim dharam ki toh voh vaise hi shantipurbak faila Jaise ki AJ failta Chala ja raha he.jis trh se use balpurbak kuchla ja raha he utna hi failta ja raha he.

          1. bhai islam ko balpurvak kisne kuchala??????? ulta islamik vichardhara ke logo ne pure world me jabran dharm badalwaya.

    2. mere bhai agar aap aapni soch se chalo ge toh
      ek waqt aisa bhi aaye ga jab apki soch haavi hokar
      chori
      rape
      gali
      marpeet
      chugli
      muthmarna
      gandi film dekhna
      sood kana
      jua khelna
      gareeb ko satana
      jalan rakhe
      sharab piye

      or yeh sab islam haram hai
      allah se darne wala musalmaan yeh sab kaam nahi karega\

      or jo koi bhi aapko yeh karte mile musalmaan toh aap kahena
      kya aapke nabi ne yahi bataya hai
      ok bhai thank you
      assalam walaikum

    3. Yeh relijon nahi sukun ka ek center hai or sidha ek raste par chalna manjil dekha deta hai kya fayda 10 jagag batkne se, understand bro.

    4. jo bhi ho hum ko koi nahi tode payega kyu ki islam acha rasta dikhata he… tum kya dekho ge muslamano ko ja k dekh lo ajmer me lakho log jese ke muslim/ hindu/SIKH /ISAI sab jaat k waha aate he … kyu ki islam right he isliye or baat karte ho muslmano ki

  2. Sanatan dharmne jo adyatma ka sandesh diya wo Islam me nahi dikhta. Islam dharm me kisi badsha ne lagaye huye niyam kanoon hi dikhate he jo dharm ke nam par pury duniyapar raj karna chatahe. Islam kabul karna matalab gulam hone Jaisa hai

    1. Esi koi baat nhi h islam sirf or sirf kuran e pak or allah ke niymo par chalta h agar kai insaan apni marji se niyam bnata h or bole ki mere btaye niyam par chlo to ye galat h or wo insan musalmaan nhi ho sakta

  3. हमने सभी धर्म पढ़ कर एक ही निष्कर्ष निकाला “धर्म जोड़ता है इंसान से इंसानो को निष्कर्ष एक ही है भगवन एक है

    1. रवि कुमार

      ऐसा क्या अच्छा है इस्लाम मे बताओगे क्या

      1. Islaam dharm wo hai jo ek allah ko mante hai hum US bhagwan ko nahi mante hai Jo 16000 hazar istrio auroto ka balatkaar karte hai aur chardte hai hum us bhagwan ko nahi manta Brahma bishnu apni beti par buri nazar dalte hai aur unse balatkar. Karte hai mai jhut nahi bolraha hu sastro me likha hai.

        1. Are o Babu …. Bde Pak kaam h na tumhare ….Jo apni hi bahno se Shadi kr ke aapas me hi bjate ho.
          Ek to 3-4 shadiya krte ho pr wo bhi Apne hi ristedaro me tabhi to Muslims ki tadaad bd rhi h.1600 saal huwe h bs Islam Ko or aaj dunia me Sabse jyada Muslim hai.

          1. islam,
            main
            sirf
            ek maa
            or ek maa ka dodh piye hua apas main bhai bahen hai
            agar banda apne rishtedaro main yani moosi
            bua
            chacha
            taau
            mama
            ke bachcho se shadi karta hai toh bahut faida hai
            1.hum unhe bachpan se jante hai or unki kami or khubi hame pata hoti hai toh hamko pata raheta hai kaise rahena hai isske saath.
            2.aapsi rishte majboot hote hai
            3.jab miya biwi main koi ladai hoti hai toh devorce hone ke chance kam hote hai wo aise ki dono ke ghar walo ki taraf se zoor yahi hota hai ki talak na ho

            yahi wajah hai ki shadi apas main hoti hai

        2. Or kya Janta hai Hindu Dharma k bare….Jo esa kh rha .
          Shrimad Bhagwat Gita me kaha gya ki jab jab duniya me musibat aayegi tab tab Bhagwan Dharti pe kisi kisi na kisi roop me aayenge .Or unke Dharan ke liye bhakto me chah or sachi bhakti hoti hai….
          ese hi dwapar yug me Sri Krishna ji aae thy or Dharti ka uddhhar Kiya.
          Or Jin 16000 ki tu baat kr rha h na wo sab Apne pichle Janam me risimuni thy Jo Bhagwan bhakti krte thy or Bhagwan se agle Janam Stri bn k unki dasi bnane ka wardan paya tha.

          Or Sri Vishnu ji koi beti nhi h.
          Or pata bhi h sri brahma ji Kon h ?
          Ye Jo bramhand h na vohi brahma ji h…..Or Devi sarwati unki beti nhi Balki unka Sakti Swaroop h Jo duniya ki Rachna k liye prakat Hui thi.

        3. are o babu , mere shastro ke gyata. 16000 ka balatkaar nahi kiya ek vyakti ki kaid se chudaya tha , phir un striyo ne unhe apna pati maan liya. waise balatkaar ke rachana to musalmano ne ki hai agar yakeen na ho to mugalo ki durdaant kahaniya pad lo, aur suno ye jo india main musalmaan hai wo sab converted hain dusre dharmo se jo ki muglo ko jajiya nahi de paye, jo log kamjor aur gareeb the wo tut gaye aur unhone jajiya na dene ke avaj main islam kabool kar liya. abhi jo india main musalmaan hain wo sab wahi hain.

        4. मेरा इस्लाम कहता है…
          अपने मज़हब की लाख तारीफ करो
          मगर किसी भी दूसरे मज़हब की एक भी बुराई मत करो
          दूसरे के बुजुर्गों को बुरा मत कहो।
          नही तो वो जवाब में तुम्हारे बुजुर्गों को बुरा कहेंगे
          हम हिंदुस्तान में रहते है हम हिंदुस्तानी है
          हम एक घर (भारत) में रहते है अगर हम आपस में लड़ेंगे तो बाहर वाला (पाकिस्तान, चीन) फायदा उठा लेगा

          हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब आपस में भाई-भाई
          फिर केसी हतापई क्यू जुल्म की बदली है छाई

        5. Usko manate ho jo apni hi bahano se Shadi karate hai or unhi se bachche pada karate hai or jinko bahane kahate ho Ushi k sath sex karate ho. Jo apne pada hai ap Usko kah rhe ho par me WO kah rha hun jo ap khud karte ho.

        6. Konsa Shashtra pfha hai be tune

          Aur jis Islam ki tu baat krta hai usi pe Chalkar IS wale Atanwadi paida ho rahe hai
          Jo khud Musalmano ko Maar Rahe hai

          Are Arab me to Pakistani aur Bangladesiyo ko Muslmaan bhi nahi Mante
          Aur tum Bakwas Krte ho Samanta ki

          72Huro ke Naam pe Atankwadi Nirdosh Logo Ko marte hai

          Aur Ha agar tu sach me shashtra aur ved padh leta to tu Kabhi bhi Snatan Dharm ke Baare me esa nahi bolta

      2. Jis din samaj gye islam ko aap to is tarha kai sawal nhi kroge aaj islam kai liye hum ko btaya jata hai ye terrorist hote hai Jihad karwata hai asi picture hmare mind mai create kar di gye wo is liye ki ager koe bhi Islam Religious kai baare mai kuch bhi bole to aap us kai baare mai ye he socho ki ye bahut he bura religious hai iski identity mai btata hu aaj pure dunilya mai log islam kai pichhe pde hai wo is liye ke is religious mai asa kuch to hai jo logo ko hazam nhi hota .

  4. Bhai 570 se phle to islam tha hi nhi
    Fir pegmber bhai kis dharm k the or unke mom papa kis dharm se the
    Plz yr bhai hon iska true ans. Do main bhot din se is que. Ka ans. Dhundne ki kosis kr ra

    1. भाई मेरे इस्लाम धर्म के अनुसार – दुनिया जब से बना हैं इस्लाम धर्म उसी समय से हैं, पर समय के साथ कभी इस्लाम धर्म फैलता था तो कभी जेहालियत फैला जाता था. इसी तरह जब मोहम्मद शाहब का जन्म हुआ उस समय जेहालियत फैला हुआ था। लेकिन अल्लाह के हुकम पर मोहम्मद शाहब ने दुनिया में इस्लाम धर्म का विस्तार किये. और इस तरह से इस्लाम धर्म फैला।

      1. Aap log allah ki baat karte ho. Pehle yeh to batao ki allah hai kya. Kaun hai. Astitva kya hai allah ka. Jo tum log allah allah ki ratt laga rakhi hai…

        1. tumhare Jese log hi Hindu aur Muslim ke bich me fight karate he.apni soch Ko Badlo aur kisi bhi Dharm ke rachnatmak Ko Bura may bolo..is soch se India aage badhega.

          1. Rawal Devendrakumar

            bhai bilkul sahi.sab logo ka bhagwan Allah ya God sab ek hi hain. jo hum sabse bahot pyaar karte hain.

        2. Sab se badi baat to ye hai ki allah sirf ek hai 34cr.. aur aap ye batao hindu dharm ne kya sikhaya ?? Lardki cherdna krishn bhagwan . Chal kerna indar bhagwan. Apni patni ko bejat kerna ram bhagwan. Sare aap kapde utarn na ye bhi kisi bhagwan ne bataya. Aur to aur rawan bhi bhagwan hi h . Ab tum batao kya ye bhagwan h

          1. mere bhai santan dharma wo hai jiska koi ant nahi. kabhi fursat ho to santam dharma ko pad lena , 19600000 saal pahle 5 alag alag vichardhara ko manne wale log the jo ki ganesh, shiv, surya, shakti, vishnu ki puja karte the kalantar main jab logo ne bataya ki sab ishwar ek hi hai jo ki nirakar hain. tab unhone ek mat banaya aur yah sab 19600000 sal pahle hua tha 1400 saal pahle nahi ok, aur aapke 124000 masenger aaye the unke naam bata sakte ho???? agar aap 124000 masenger ke naam gina do to main unke dwara kiye gaye balatkaar gina doonga, aab suno jab 1400 saal main 124000 masenger aa gaye to 1.96 lack saal main to kitne devta aayenge aaprox 172 carore yahan to 34 cr hi hain , aur suno 34 crore nahi hain 34 koti ( koti ke 2 arth hai prakar aur carore) ke hai,

        3. Munazir Hussain Mansuri

          Sun be Arif tu chahe Arif ho ya naam badalkr likhne bala hindu tu pahle terrorist ki paribhasha bata phir bataunga ki terrorist kon he Hindu, musalman ya phir isayi.Rahi bat Muslim dharam ki toh voh vaise hi shantipurbak faila Jaise ki AJ failta Chala ja raha he.jis trh se use balpurbak kuchla ja raha he utna hi failta ja raha he.

    2. Bhai ap question krne se pehle bta de Hindu dhram nhi h sanatan dhram h…ap bta diye apke dhram me bhagwan god Allah kon h or agr wo shiv h to shiv kiski Bhakti me leen the

    3. Bhai dunia me phle koi Dharma nhi tha pr Bhagwan zaroor thy .
      Dunia waise hi ji rhi thi r dunia me kuch log thy Jo ek jagah baith kr apna Mann shant krne ke liye Dhyan (meditation) Kiya krte thy or uske zariye unhone Bhagwan ke baare me kuch kuch Jaana or logo logo bataya but kuch ne iska virodh Kiya or kuch ne Mana.
      Phir dheere dheere dunia me atyachar bnde lga toh Bhagwan avtar leker Dharti par aaye or logo ka dukh dur Kiya or kaha ki jab jab dunia musibat me hogi tab tab Mai kisi na kisi roop me zaroor aaunga is tarah phir logo Ko Bhagwan ke baare me pta chla .dunia k nirmaan k baare me pta chla….is tarah dunia me Sabse pahle waidik Sanatan varnashram Dharma aaya. Jise har koi Manta tha.
      Fir aise hi dunia dheere dheere aage bdti rhi naye logo ka Janam hota rha log dunia k kone kone me bsne Lage aise hi alag alag sabhyatain Bani or alag alag Bhasa Bani…..Or un shabyatao k Kai Dharma Guru bhi bne jisne vaidik Sanatan varnashram Dharma k tukde kr diye.kuch log Apne tarike se Bhagwan Ko manane Lage or kuch un shabyatao k Guru ya paigumbaro ke tarike se.is tarah Kai Dharmo ka Janam huwa.

  5. Islam, ekeshwarwad ka Arabic version mart hai. Jab Sansar wale, ekeshwarwad ko chhod kr pattharo ko poojne lge, to ekeshwarwad ko revive krne k lie ishwar ne messengers ko is sansar me bheja, like Bhagwan Ram, Bhagwan Shiva, Masih, Mosses. Lekin fir bhi jb logo ne in prophets k Jane k bad ek Aur nirakar Ishwar ko fir se chhodkr inhi prophets ki murtiyan bana kr poojne lge to finally prophet Mohammad ko is sansar me bhejna pda with Quraan.
    Ishwar ka motive sirf ye hai k hum ek nirakar bramh ko pooje na anek. Read properly Vedas, Bible, Tora n Quran.
    Hindu brothers can ask with any Prist of arya samaj sanatan mandir for details of prachin Hinduism which is now in Arabic called Islam

    1. abe tujhe ab kon sa jajiya dena pad raha hai, ye sab to jajiya ke mare hain( jajiya mean wo tax jo muglon ne lagaya tha non muslim par, jo jajiya de deta tha wo theek other wise muslim dharma kabool kar leta tha aur jo ye dono kaam nahi kar pata tha use maut ke gaath utar diya jata tha). tu kahe ko mara jaa raha hai

    2. U are a real human being
      Superb bro be Muslim
      Aslaam walaikum ,I am also a Hindu but I believe in Islam and in alaaah

  6. Boss… God ek belief hai.. jo manta hai aastik nai toh nastik hai…
    Is topic k naam pr hindu muslim and baki bhaiyon k beech samanata hai ki sb god pr believe karte hain.. bs difference ye hai ki alag alag naam s..

  7. God ko aaj tak kisi ne nahin dekha sab jo sunte hain wahee bolte hain god WO cheej hain Jo dikhtee nahee sirf mahsoos ki jatee hain har ek cheej main Allah hain aur hum insano ko dharm ke naam per ladayee nahee karnee cahiye

  8. Prahlad Hindu (sanatana dharma

    Tum sabhi mulle Allah SE esliye darte ho kyuki agar uske khilap gaye to nark milega ye konsa dharma hai bhai jisme logo ko dara dhamka kar rakha jata hai or kaha jata hai ki agar aisa kiya ya vaisa kiya to tume saja Allah dega or rahi baat Allah ki to ye hai kon or kaisa dekhta hai wo kya logo SE darta hai Jo dharti par kabhi nhi aaya sirf vahi se message deta rahta hai

    1. q bhai hwavdarti hae kiya insano se Jo sirf Hume sans deti has samne dikhti nahi waese hi Allha hae aur hum dikhne ka wada bhi kiya hae aur hum musalmano ka eman gayeb pe ospe nahi Jo 34 caror ki shakal me putle bane baethe hae

  9. i am muslim and proud of me ………
    i am indian muslim
    aap kya jante ho islam ke baare mai jo aisi aisi baate kar rahe ho…..

  10. aap logo ko koi haq nahi islam dharam ke bare mai galat bolne ka
    hum aapke dharam ke baare nahi bolte to aapko bhi koi haq nahi…..
    undestood ……
    samagh mai aagaya

  11. All religion believe in humanity but we distort these principles to fulfill these motives .Mohamad Sahab ki bat Achi Hain lekin ajkal Dharam Ka use Apne selfish motive Pura Karne me lite hits Hain jaisa ki badshah karter the

  12. Bhai dekho bat esi hai bas ham iswar ke khilone hai bas koi use iswar ke rup me pujta hai to koi allha to koi god etc

  13. Hahaha …kisi ko koi kaam nhi kyaa ase topic pe behas krr rhe jiska koi ant hi nhi.. dharm ki bate karte ho.sabhi dharm ek hi bat karte…ke karm kro.. dusro ko tng mtt kro..sada jiban jio..mil jul kar rho…bas itna kro to allah bhi khush ishwar bhi khus aur god bhi…

    Ab btao kis ka dharm ye bat nhi kehta???

  14. Doston 1 chhoti si baat se aap samajh jayenge Ki Islam Ki Haqeeqat woh kuch esi hai for example: Kai Car Companies Car banati hai or sath mein Manual Ready Karti Hain Hum Sb K liye Jismein Sab Kuch Likha Hota Basic se Advance Tak Car Kese Start Karein Car Kitni Speed Mein Chalaye. Car Mein Petrol Konsa Dalna Hai. Seat Belt Ka use kese Krna Hai, etc. Tabhi insaan in sb instruction ko follow karke 1 accha driver ban skta hai or car chalana seekhta hai. Issey Yeh Baat Sabit hoti hai ki hum sb car k barey mein kuch nhi jaan skte jb tk car bnane waley insaan uskey baarey mein humein na btayein. or iske viprit hum bina instruction k car chlayein bina kisi se seekhe toh hamara accident ho jayega. car bhi bekaar or hum bhi bekaar. ese hi Islam mein Allah ne Insaan bnaye or sath mein Quran Utara Aur insaan banane wala behtar janta hai ki humein kese chlna hain. for Example Ki Humein Kese Rehna Hai. Kese Khana Hai. Kese Kaam Karna Hai Kesa Sulooq Karna Hai Logon K Sath .etc. or jo in sb baaton pr nhi chlta woh apna hi nuksaan karta for example: Allah Kehta Hai Hamesha Sach Bolo log jhooth bolte hain aur burey fanste hain. kai examples or hain.

  15. इस article में कुछ mistake hai
    Jaise faristo ka आग से banna
    Nabi ki paidais ki date etc
    Isliye ye article theek nhi……

  16. Agar apni marji ka dharam hota to apni matlab ke liye chori karna aur khoon karna bhi dharm ka hissa banjata Islam dharam sirf hak baat ke liye dabao dalta hai

  17. Munazir Hussain Mansuri

    Gunjan madam ALLAH kya he .yeh bat toh apko Apke Hindu dharam ke bh bata denge Jo nirakar eshwar ki aradhana krte hain moortipuja nahi.zyada janna he toh smprk karain 7500646259

  18. सभी की अपनी समझ और ज्ञान के हिसाब से बाते ठीक है। किसी भी धर्म को जानने से पहले खुद को जानना जरूरी है कि में कौन हूँ ?
    एक बॉडी या रूह(आत्मा)?
    हिन्दू मानते हें कि उनका पुनर्जन्म होता है और मुस्लिम नहीं मानते। हिन्दू भूत प्रेत के साये को मानते हें और मुस्लिम भी शाये या हवा को मानते हें।

    इस को यों समझा जा सकता है-

    जब कोई लेडीज़ गर्भवती होती है तो गर्भ में 4 माह तक बच्चे की बॉडी बन कर तैयार हो जाती है॥ जब वह लेडीज डॉक्टर चैकअप कराती है तो डॉक्टर कहता है कि अभी बच्चे में हार्ट बीट नहीं आई है। जिसका मतलब है बेबी की बॉडी तो तैयार है लेकिन उस बॉडी में अभी बेबी नहीं आया है। और जब वह बेबी (रूह) उस बॉडी में आ जाती है तो माँ को भी उस के पेट में पाँव चलने का आभाष हो जाता है।

    फिर वह बेबी(रूह) जन्म ले अपने लाइफ का रोल प्ले कर एक दिन उस बॉडी से चली जाती है।

    वही बेबी (रूह) जब बिना बॉडी के होती है तो हम उसे भूत या शाया कह देते है।

  19. Bhagvan ne , har ek vastu me praniyome , insanome , or sabhi karyome asankh vividh prakar ( variety )banaye jinka koi hisab nahi , to khud ke nam or Roop ke liye wo kanjusi batayega ye bat kuch pagalpan ki nahi lagti ? Jay hind.

  20. Jitne bhi Mandir ya masjid Gurudwara Jo bhi he usme chadawa hum chadate he unka Nirman hum krate he or poojte bhi hum he pahle chaattano Ko todkar paththar nikalte he usi Ko masjid or Mandir or murtiyo me tapdil karte he uski sthapna bhi hum krate he or Pooja bhi hum hi unki security safty karte he agr Bhagwan ya aallah apni safty khood kyu Ni kr leta bhut esi bhi jagah he Jahan koi Ni jata waha pR Bhagwan ki Murti pR bhi kutte mutte he or masjid pR bhi agr koi Ishwar he to unhe sadbudhdhi kyu Ni deta

  21. abdul gani shaikh

    kuch glut muslmano ke glut kamon se islam ko bura sumza jata hei , agr skaratmuk drusti se hjrt Mohammad(s.a.s.)ke jivn ko dekhen aur Quran ko pden to enke sty aur mhatv ko smzha ja skta hei.

  22. Are you crazy guys!!!!!!! What are you trying to do guys just live your lives with your trust whether it’s in Hinduism or Muslism. who the hell are you to talk like this about any religion you all are well educated and matured you all have your own choices so please grow up Live your lives happily

  23. in paglo ko ye nhi pta k sab kuch hmaare ander hai or hum sbke ander agar hum maane tohhh bhagwan nhi tohhh kuch nhi agar hum maane tohhh jbhi sb h apne ap ko smjho jaaano saara universe hmaare he ander h
    koi dharm koi religion kuch nhi hota hmne maana tabtak dharm h nhi maana tohhh nhi isliye Na kuch bura hai jab tak hum smjhe nhi sb acha socho acha lgega
    no Hindu no Muslim kuch nhi hota ye sb or iske ans tum khud he apne ap ko de skte ho know yourself

  24. MdNuhunabi Shaikh

    हमारे मोहम्मद(से) ने कहा
    कि जो आदमी बरो कि इज्जत नहीं करता और छोटे को आदर नहीं करता वह मेरा दिल में नहीं है।

  25. anup jamil singh robert ye mera nam hai

    Hindu Muslim sikh Esai ya jo koi bhidharam ke log hai sab malik ke banaye bande hai

  26. AAP SAB BHAI BAHAS MAT KARO PLZZ BUS THODA SA SOCH KAR DEKHO MERE PYARE BHAIYO ISLAM KISI KO GULAM NHI BANATA BALKI HAR US BURE KAAM SE ROKTA HAI JISE TUMHE OR BAKI SAB KO NUKSAN HAI
    AAJ DEKHO KITNE LOG SHARAB JUYE JAISI AADTO ME PADE HAI JISKI VAJH SE UNKE GHAR KI SUKH SHANTI BHANG HAI ISLIYE ISLAM ME WINE OR JUA HARAM HAI AISI ISLAM ME HAR WO CHEEZ HARAM HAI JISE INSAN KO NUKSAN HAI AAJ POORE DESH ME AAP DEKHO YOGA KE BENFIT YOGA KE BENFIT KA SHOR MACHA HUA HAI ALAG ALAG KE TYPE KE KITNE YOGA HOTE HAI AGAR SARE YOGA KARNE BAITH JAO TO POORA DIN BHI KAM HO JAYE AAO ISLAM ME DEKHO KI US RABBE KAYNAT NE NAMAZ JAISI NEMAT APNE BANDO KO DI HAI AGAR AAP DO RAKAT NAMAZ PADHTE HO TO AAPKI FULL BODY KI EXCERCISE HO JATI HAI OR AISI BEMISAL EXCERCISE JO HAME TAMAM BIMARIO SE MAHFOOZ RAKHTI HAI AAJ AGAR TUMHE KOI EK GHAR DE DE TO AAP USKA AHSAN ZINDAGI BHAR NHI BHOOLOGE JAB BHI AAP USE MILOGE IZZAT SE SALAM DUA KAROGE
    OR JRA DEKHO EK BAAR KHUD KO YE AANKHE 500 MEGA PIXEL KI DO DO AANKHE HATH PAIR AAWAZ FACE HEART MIND TARH TARH KE FAL FRUITS OXYGEN TARH TARH KI BESHUMAR CHEEEZO SE TUMHE NAVAZA HAI BADALE ME KYA MANGA US RAB NE SHARAB NA PIYO JUA NA KHELO ZINA NA KARO BADNIGAHI NA KARO MA BAAP KA ADAB KARO BADO KI IZZAT KARO JHOOT NA BOLO HASAD NA KARO CHUGLI MA KARO CHORI NA KARO OR BHUT SE GALAT KAAM SE ROKA HAI OR NAMAZ ROZE KA HUKM DIYA JISME BHI HMARA FAYDA HAI YE HAI ISLAM JO ZINDAGI JEENE KA SAHI RASTA BATATA HAI
    BUS MERE PAYARE BHAIYO MAI AAP LOGO SE EK REQUEST KARTA HU EK BAAR ISLAM KO ACCHI TARH SE JANNE KI KOSHISH KARO AAPKI DUNIYA SABR JAYEGI

  27. kudrat ne jo diya hai usme kuchh bdlauo krke dikhao to mane ha ye dharam hai otherwise accept nature every things made by man but we are lakir ke fakir and foolish if you know it is a planed business not any religion on earth made by God ok. So we all are humans and we couldn’t spend the life without water,Air, earth, heat and sky So try to understand whose religion give we us these things.

  28. Hindu dharm sab se nicha dharn hai tum log k pass bhagwan ke photos kaha se aye us dor me to camera bhi nahi tha…
    Sab se accha our uncha hai Islam dharm.

  29. किसी भी धर्म के बारे में तथ्यपूर्ण जानकारी के लिए एक बार सत्यार्थप्रकाश अवश्य पढें……

  30. Kisi bhi bhai bhen ko koi bhi islamic sawal krna ho ya koi bhi unknowns muslim bhai bhen ko kisi bhi bat per confusion ho to wo apna sawal comment me bhej skta hai ya phr wo whatsaap per bat ker skta hai ya +91-9058376315 ya e-mail krein [email protected]

    1. ग्रेट गुज्जर

      भाई एक बात बताओगे हिंदुस्तान वो जगह थी जहा नारी की बहुत इज्जत करते थे यहाँ यह बलात्कार जैसी घटिया काम कोण लाया
      हिस्ट्री पड पहले

  31. mere hindu or muslim bhaiyo me ek hindu hunn..
    Aap log befaltu m behesh kr rahe ho itni choti se baat insaan ko nahi smjhti hai kyaa..
    Bhaiyo aap apni dharam ki lakh tarif kare pr ek burayi bhi na kare dushre dharm ka ye baat dono dharm ke liye hai hindu or muslim..
    hindu bhaiyo ka koi haq nahi ki hum muslim dharm ko bura bhla ya glt kahen wahi muslim bhi nahi keh skta or islam me kha bhi gya hai ki aapne dhram ki tarif karo pr ek burayi na karo dushre dharmo ki..
    or dosto kya bhagwan allah god lga rkha haii..
    choti se baat smjh nhi aati hai aap logo ko , muslim or hindi aalag aalag dharm hai pr muslim or hindi insaan he kehlate hai hna , ussi trah allah, bhagwan, god naam alag alag hai pr sb ek h hai..
    sb apni jgah brabr hai..
    or kisi ko dushre dharm pr khna haq nahi hai jo aap sb khre hai ki islam kya hai , hindu kya hai , blki me khta hunn koi bhi ye ykin se nahi keh skta ki usse hindu dhrm ache se pta h ya islam dhrm ache pta hai..
    soo plzzz frnd don’t argu with eachother..
    we are all indians brother and sisters..
    itna sb khne ke baad bhi ye baate nahi smjh aayi ho kisi ko toh aap me insaaniyat naam ki chiz nahi hongii..
    Thank you..

  32. India k musalmaan nikle to sab hindu me se hai gareeb gharo k logo per dawab dalker mugal unhe hindu banate thy aaj k mulle ye bhul gye ki wo bhi ek hindu h or unke dada paradad hindu bance k hai…apne papa ko bhul jate h

  33. bhaiyo sabhi dharam apni jagah sahi hai. depend karta hai aap ke uper dharam ko aap kis najariye se
    dekh rahe ho. mujhe to sabhi dharamo mei eshwar ka sandesh dikhta hai. ab aap kis najariye se dekhte ho vo aapke uper hai.

  34. Jis din samaj gye islam ko aap to is tarha kai sawal nhi kroge aaj islam kai liye hum ko btaya jata hai ye terrorist hote hai Jihad karwata hai asi picture hmare mind mai create kar di gye wo is liye ki ager koe bhi Islam Religious kai baare mai kuch bhi bole to aap us kai baare mai ye he socho ki ye bahut he bura religious hai iski identity mai btata hu aaj pure dunilya mai log islam kai pichhe pde hai wo is liye ke is religious mai asa kuch to hai jo logo ko hazam nhi hota .

  35. tune kon sa sastra padha h be…
    shree krishna ne 16000 shadiyan ki kyuki unhone khud apne ap ko krishna ki sharan me diya taki unka uddhar ho sake…or bramha vishnu ne kon si apni betiyo k sath galat kam kiya h …
    mujhe lgta h tu kuran ko chhod kr hmare granth jyada pdta h wo v pta nhi kon se ghatiya musalman ne ulte granth likh k bta diya tujhe k ye hindu dharm k granth h …tum musalman atankwadi the suru se or hmesa rhoge..
    tum musalmano ki oukat tumhare ghatiya bato se hi dikhti h …
    tujhe dikhta nhi tere us mohammd ne hinduo me murti puja ka virodh krke islam failaya….or kuch gaddar hindu jo apne dharm ki ijjat na kr sake wo tum jaise ghatiya bn gye …tu v hindu ki hi oulad h beta….islam to hmare sanatan dharm k baad aya h teri nasl kis ishvi me paida hui ye dekh le…
    badaa aya hmare dharm pr sawaal uthane wala..

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