स्वतंत्रता दिवस क्यों माने जाता हैं Independence Day Kyu Manaya Jata hai

Independence Day – स्वतंत्रता दिवस भारत के आजादी का दिन हैं, इसी दिन हमें ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त हुई थी। भारत का स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है। आइये जाने 15 august kyu manaya jata hai..
HAPPY INDEPENDENCE

स्वतंत्रता दिवस का इतिहास – Independence Day History in Hindi

अँग्रेजों से पहले भारत पर मुगलों का शासन था। सन् 1600 में जब अँग्रेजों ने व्यापार के उद्देश्य से भारत में प्रवेश किया तो धीरे-धीरे अंग्रेजों ने अपनी कूटनीति के माध्यम से अन्य यूरोपीय व्यापारिक कंपनी को भारत से बाहर खदेड़ दिया और अपने व्यापारिक संस्थाओं का विस्तार किया। लेकिन अंग्रेजो ने देखा कि भारत समाजिक, राजनीतिक और आर्थिक तौर पर बिलकुल ही अस्त-व्यस्त है तथा लोगो में आपसी मतभेद है और इसी मतभेद को देखकर अंग्रेजो ने भारत पर शासन करना शुरू किया।

1757 में प्लासी की लड़ाई में रॉबर्ट क्लाईव के नेतृत्व में ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित कर दिया. इसके साथ ही भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन स्थापित हो गया। 1857 के विद्रोह के बाद, 1858 में भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत हो गया। भारत से ईस्ट इंडिया कंपनी की विदाई के बाद ब्रिटिश क्राउन का भारत पर सीधा नियंत्रण हो गया, जिसे ब्रिटिश राज के नाम से जाना जाता है।

1852 में बहादुरशाह जफर की मृत्‍यु के बाद मुगल शासन का अंत हो गया। आखिरी मुगल बादशाह की मौत के बाद पूरी सत्ता अँग्रेजों के हाथ में आ गई थी। 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत सरकार अधिनियम 1858 के अनुसार भारत पर सीधा आधिपत्य ब्रितानी ताज (ब्रिटिश क्राउन) अर्थात ब्रिटेन की राजशाही का हो गया। इसे दशकों तक कई आंदोलन होते रहे और कितने बीर योद्धाओ ने अपने प्राण की आहुति दी।

सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ का प्रारम्भ महर्षि दयानन्द सरस्वती ने प्रारम्भ किया और अपने प्राणों को भारत माता पर मंगल पांडे ने न्यौछावर किया और देखते ही देखते यह चिंगारी एक महासंग्राम में बदल गयी जिसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, नाना साहेब, ‘सरफ़रोशी की तमन्ना’ लिए रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि देश के लिए शहीद हो गए।

20वीं शताब्‍दी में भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस और अन्‍य राजनीतिक संगठनों ने महात्मा गाँधी के नेतृत्‍व में एक देशव्‍यापी आंदोलन चलाया। इन रास्तों को भारतीय जनता ने समर्थन दिया और स्‍थानीय अभियान ‘राष्‍ट्रीय आंदोलन’ में बदल गए। इनमें से कुछ मुख्‍य आयोजन – ‘असहयोग आंदोलन’, ‘दांडी मार्च’, ‘नागरिक अवज्ञा अभियान’ और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ थे। शीघ्र ही यह स्‍पष्‍ट हो गया कि भारत अब उपनिवेशवादी शक्तियों के नियंत्रण में नहीं रहेगा और ब्रिटिश शासकों ने भारतीय नेताओं की मांग को मान लिया। 90 वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को ‘भारत को स्वतंत्रता’ का वरदान मिला। भारत की आज़ादी का संग्राम बल से नहीं वरन् सत्‍य और अहिंसा के सिद्धांत के आधार पर विजित किया गया।

ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस में इंडियन इंडिपेंडेंस बिल 4 जुलाई 1947 को पेश किया गया था। इस बिल में भारत के बंटवारे और पाकिस्तान के बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। यह बिल 18 जुलाई 1947 को स्वीकारा गया और 14 अगस्त को बंटवारे के बाद 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि 12 बजे भारत की आजादी (Indian Independence) की घोषणा की गई।

आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बने। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को लाल क़िले पर तिरंगा झण्डा फहराया और भाषण दिया। उसी दिन से हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इसी तरह हर वर्ष धानमंत्री प्रातः 7 बजे लाल क़िले पर झण्डा लहराते हैं और अपने देशवासियों को अपने देश की नीति पर भाषण देते हैं। हज़ारों लोग उनका भाषण सुनने के लिए लाल क़िले पर जाते हैं।

15 अगस्त की जानकारी – Independence Day Information in Hindi

15 अगस्त को भारत के सभी विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, राष्ट्रगीत गाया जाता है और इन सभी महापुरुषों, शहीदों को श्रद्धांजल‍ि दी जाती है जिन्होंने स्वतंत्रता हेतु प्रयत्न किए। मिठाइयां बांटी जाती हैं। हमारी राजधानी दिल्ली में हमारे प्रधानमंत्री लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। वहां यह त्योहार बड़ी धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया जाता है। सभी शहीदों को श्रद्धां‍जलि दी जाती है। प्रधानमंत्री राष्ट्र के नाम संदेश देते हैं। अनेक सभाओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कुछ बातें – 15 August Interesting Facts in Hindi

भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन के प्रेस सचिव कैंपबेल जॉनसन के अनुसार मित्र देश की सेनाओं के सामने जापान के आत्म समर्पण की दूसरी वर्षगांठ 15 अगस्त को पड़ रही थी, इस कारण इसी दिन भारत को आजाद करने का फैसला किया गया था।

15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ जोकि भारत और पाकिस्तान की सीमाअओं को निर्धारित करती थी

भारत 15 अगस्त को आजाद जरूर हो गया लेकिन उस समय उसका अपना कोई राष्ट्र गान नहीं था। हालांकि रवींद्रनाथ टैगोर ‘जन-गण-मन’ 1911 में ही लिख चुके थे, लेकिन यह राष्ट्रगान 1950 में ही बन पाया।

जवाहर लाल नेहरू ने ऐतिहासिक भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टनी’ 14 अगस्त की मध्यरात्रि को वायसराय लॉज (मौजूदा राष्ट्रपति भवन) से दिया गया था। हर स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।

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