बिच्छू के काटने पर लक्षण, घरेलु उपचार, सावधानिया | Bichhoo Katne Ka Ilaj

Scorpion / बिच्छू की कम से कम 1500 प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिनमे से सिर्फ 25 प्रजातियाँ ही जहरीले होते हैं इन्ही के काटने के वजह से मनुष्यों को गंभीर हानि पहुँचती है। इसका जहर बहुत ही खतरनाक होता है। उसके काटने के बाद पूरे शरीर में जलन होने लगती है और उसका शिकार बुरी तरह से तड़पने लगता है। आइये जाने बिच्छु के काटने के बाद का लक्षण और इसका घरेलु उपचार..

बिच्छू के काटने पर लक्षण, घरेलु उपचार, सावधानिया | Bichhoo Katne Ka Ilajलक्षण –

बिच्छू के दंश से स्पष्ट रूप से सूजन दिखाई दे भी सकती है और नहीं भी। हालाँकि, हर बिच्छू के दंश के कारण उस समय पर तेज़ दर्द और जलन होगी जो बाद में झुनझुनाहट या सुन्नपन के रूप में बनी रहती है। ये लक्षण भी देखने को मिलता हैं।

  • उल्टियाँ, पसीना आना, या मुंह से झाग आना
  • अनैक्छिक मूत्रत्याग या मलत्याग
  • मांसपेशियों की ऐंठन जिनमे सिर, गर्दन या आँखों की अनैक्छिक गतिविधियाँ या चलने में परेशानी शामिल है
  • अनियमित ह्रदय दर
  • सांस लेने, निगलने, बोलने या देखने में परेशानी होना
  • एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण गंभीर सूजन आना

बिच्छु के काटने पर घरेलु आयुर्वेदिक चिकित्सा कैसे करे – Home Remedy For Scorpion Bites In Hindi

  • जीरा व नमक पीसकर घी और शहद में मिला ले। फिर उसे थोड़ा गर्म करके बिच्छू के डंक मारने के स्थान पर लगा दे। विष तुरंत उतर जाएगा।
  • माचिस की पांच सात तीलियों का मसाला पानी में घिसकर बिच्छू के डंक लगी जगह पर लगाऐं। इसे लगाते ही बिच्छू का जहर तुरंत उतर जाता है।
  • प्याज को मसल कर उसका रस लगाने से बिच्छू के विष की पीड़ा कम हो जाती है।
  • बिच्छू के डंक वाली जगह पर मूली काटकर रगड़ दे। इसका प्रभाव कम हो जाएगा।
  • अर्क कपूर लगाने से बिच्छू का विष तत्काल उतर जाता है।
  • बिछु के काटने पर फिटकिरी घिसकर कटे हुए स्थान पर लगाकर सेकाई कर दे या फिर फिटकिरी को इतना गरम करे की वह पिघलने लगे। उसे दंश के स्थान पर चिपका दे। पूरा जहर चूसने के बाद वर लेप स्वंय ही हट जाएगा।
  • डंक मारने पर इमली का बीज पानी में घिसकर डंसे हुए स्थान पर चिपका दें। दंश खींचने के बाद बीज झाड़कर कर गिर जाएगा।
  • यदि समय पर कुछ भी ना मिले तो तत्काल मिट्टी का तेल लगाने से बिच्छू के विष की पीड़ा कम हो जाती है।
  • जीरे का चूर्ण, दुब के रस के साथ खिलाने से बिच्छू के काटने का विष उतर जाता है।
  • गाय के घी मे सोंठ मिलाकर खिलाने से बिच्छू के विष का प्रभाव कम हो जाता है।
  • बिच्छू के काटने पर लहसुन की 2-3 कलियां छीलकर नमक मिलाकर पीस लें और डंके स्थान पर लेप कर दे शीघ्र लाभ होगा।
  • रतालू के रस में नौसादर मिलाकर बिच्‍छू के डंक पर लगाने से बिच्‍छू का जहर उतरता है। रतालू सूखा हो तो भी चलेगा। आप सूखे रतालू को भी घिस कर लगा सकते हैं। लाभ होगा।
  • नौसादर को पानी में घोलकर फुरैरी से काटे हुए स्थान पर लगाने से विष का प्रभाव कम हो जाता है।
  • नींबू का रस डंक लगे स्थान पर टपकाने से विष का प्रभाव कम हो जाता है।
  • हुल हुल का पत्ता सूंघने से बिच्छू का विष तुरंत नष्ट हो जाता है।
  • पुदीने का रस पीने अथवा उसके पत्‍ते खाने से बिच्‍छू के काटने से होने वाली पीड़ा में आराम मिलता है।
  • डंक के स्थान पर जमालगोटा को पानी में घिसकर लगाने से 10 मिनट में ही विष उतर जाता है।
  • अमृतधारा लगाने से भी बिच्छू का विष उतर जाता है।
  • सत अजवायन को पानी में घोलकर दंशित जगह पर लगाने से विष उतर जाता है।
  • घुड़वच को मुंह में रखकर, बिछु काटे व्यक्ति के कान में 61 बार फूंक देने से बिच्छू का विष तुरंत उतर जाता है। लोग इसे मंत्र-शक्ति समझ बैठते हैं। जबकि ऐसा नहीं हैं।
  • अमलतास के बीजों को जल के साथ घिसकर बिछु के काटे हुए स्थान पर लेप कर देने से शीघ्र लाभ होता है।
  • कुचला को आक के दूध में घिसकर डंक वाले स्थान पर लेप कर देने से बिच्छू का विष शीघ्र उतर जाता है।
  • बिछु के डंक वाले स्थान पर लाल दवा पीस कर डाले। फिर टाटरी पीस कर लगाए। तत्काल विष उतर जाएगा।
  • हल्‍दी की बुकनी अंगों पर डालकर उसका धुआं बिच्‍छू के डंक वाले स्‍थान पर देने से जहर उतरता है।
  • ठंडक जहर के फैलने की गति को धीमा करने में, सूजन, सुन्नता और दर्द को कम करने में मदद करती है। कोल्ड पैक या आइस पैक को एक बार में 10 से 15 मिनट तक लगायें। दंश के 2 घंटों के अंदर इस उपचार को करने पर यह सबसे ज्यादा प्रभावशाली होता है।

सावधानिया –

  • बिच्छू अपने डंक या दंश को घाव में नहीं छोड़ता, इसलिए इसे निकालने की जरूरत नहीं पड़ती।
  • प्रभावित भाग के आस-पास से कपडे हटा दें और धीरे-धीरे धोएं। इससे उस स्थान के आस-पास उपस्थित बचा हुआ जहर निकल जाता है संक्रमण की सम्भावना को कम करने के लिए घाव को साफ़ रखें।
  • अन्य चोटों के समान ही बिच्छू के दंश से बने घाव को भी कभी भी ह्रदय से ऊपर उठाकर नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे जहर बहुत तेज़ी से आपके सिस्टम में फ़ैल सकता है। प्रभावित हिस्से को ह्रदय के स्तर पर या उससे नीचे रखें और ह्रदय की गति को तेज़ होने से रोकने के लिए शिकार हुए व्यक्ति की गतियों को न्यूनतम रखें जिससे जहर तेज़ी से नहीं फ़ैल पाएगा।
  • परिस्थिति के मुताबिक निर्णय लेते हुए आवश्कता पडऩे पर डॉक्टर से भी सलाह लें। जब किसी को बिच्छू काट ले तो तुरंत उस जगह को करीब चार उंगल ऊपर से किसी कपड़े से या रस्सी से बांध देना चाहिए। ताकि उसका जहर खून के साथ शरीर के बाकी हिस्सों में न फैले। इसके बाद किसी साफ सेफ्टी पिन या चिमटी को गर्म करके त्वचा में घुसे ड़ंक को निकाल देना चाहिए।
  • जब आप ऐसी जगह पर जाएँ जहाँ बिच्छू पाए जाते हों तो छोटी चट्टानों के समेत अँधेरे स्थानों पर जाने से बचें। अपने जूते पहनने से पहले हमेशा चेक कर लें। बिच्छू मुख्य रूप से गर्म, गीले और अँधेरे स्थानों को पसंद करते हैं।

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