चार्टेड अकाउंटेंट ‘CA’ में कैरियर कैसे बनाये | CA Kaise Kare aur CA kaise Bane

हमारा भविष्य हमारे वर्तमान में लिए गए फैसलों (decisions) से बनता है, इसलिए ज़िन्दगी में कोई भी decisions सोच–समझकर लेना चाहिए और जब बात करियर चुनने की हो तो कोई भी फैसला लेने से पहले अपने आप को सोचने–समझने का टाइम दें। और किसी भी कोर्स करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी रख ले। अगर आप चार्टेड अकाउंटेंट (CA) में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो ये पोस्ट ध्यानपूर्वक पढ़े। यहां CA में करियर बनाने सम्बंधित सारे सवालो के जवाब मिल जायेंगे… 

चार्टेड अकाउंटेंट (CA) में कैरियर कैसे बनाये | CA Kaise Kare Course DetailsCA क्या होता हैं – What is CA in Hindi

चार्टर्ड एकाउंटेंसी कोर्स को पूरा कर लेने वाले व्यक्ति को चार्टर्ड अकाउंटेंट या CA कहते है। चार्टर्ड अकाउंटेंट वह होता है जो लोगो को Financial guide करने से लेकर Financial advice, Business accounting, Bank Audit, Tax planning आदि ऐसे कार्य करता है जो Financial sector से जुड़े होते है। किसी भी कंपनी का Tax return करना Balance sheet बनाना आदि कार्य CA के होते है।

CA में करियर बनाने के लिए थोड़ा ज्यादा मेहनत की जरुरत होती हैं। एक CA या तो Self Employed Professional या फिर Public and private sector में Employees का काम करते है। इस क्षेत्र में पैसा के साथ एक प्रॉफेशनल लाइफ भी होता हैं। ये कोर्स करियर बनाने के लिए स्टूडेंट की सबसे अच्छी चॉइस साबित हो सकती हैं।

CA full form in hindi – (Chartered Accountants) 

चार्टर्ड एकाउंटेंसी कोर्स (CA Course process in hindi) –

चार्टर्ड एकाउंटेंसी कोर्स Commercial क्षेत्र का महत्वपूर्ण एंव उच्च स्तर का कोर्स है। यह कोर्स किसी विश्वविध्यालय द्वारा नहीं कराया जाता बल्कि पूरे भारत में इसके लिए एक ही संस्थान “इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (Institute of Chartered Accountants of India – ICAI)” है। यह कोर्स मुख्य रूप से (Accounting), Audit, (Tax Laws), (Corporate and other Commercial Laws), (Cost Accounting) And (Financial Management) आदि विषयों पर केन्द्रित है। यह स्वतंत्र कोर्स है एंव विद्यार्थी चाहे तो इसे स्वंय अध्ययन कर सकता है अथवा चाहे तो प्राइवेट कोचिंग ज्वाइन कर सकता है।

माध्यम (Medium) – CA Course Language

C.A कोर्स को अंग्रेजी (English) माध्यम अथवा हिंदी माध्यम किसी भी माध्यम में किया जा सकता है। इस बात से गुणवता एंव स्तर पर कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कोर्स को हिंदी में करते हो या अंग्रेजी में। आपकी पकड़ जिस लैंग्वेज में अच्छी हैं उसी से करे।

CA में उतीर्ण योग्यताएं (CA Passing Criteria) –

C.A कोर्स का कोई भी एग्जाम उतीर्ण करने के लिए प्रत्येक Group में 50 प्रतिशत कुल औसत अंक लाना आवश्यक है एंव ग्रुप के प्रत्येक विषय में कम से कम 40% अंक लाना आवश्यक है। इसमें चार पेपर होते हैं।

CA कैसे करें – CA kaise kare in hindi

इस कोर्स को दो तरह से किया जा सकता है, या तो इसे 12वीं के बाद शुरू किया जा सकता है अथवा इसे ग्रेजुएशन अथवा CWA कोर्स के इंटरमीडिएट अथवा CS कोर्स के इंटरमीडिएट एग्जाम को पास करने के बाद शुरू किया जा सकता है। अगर इसे 12वीं के बाद शुरू किया जाता है तो इसके लिए CPT (एंट्रेंस टेस्ट) देना पड़ता है लेकिन अगर इसे ग्रेजुएशन अथवा CWA कोर्स के इंटरमीडिएट अथवा CS कोर्स के इंटरमीडिएट एग्जाम को पास करने के बाद शुरू किया जाता है तो इसके लिए CPT (एंट्रेंस टेस्ट) देने की जरुरत नहीं पड़ती।

ग्रेजुएशन के बाद शुरू करने पर भी CPT देने की जरुरत पड़ेगी अगर कॉमर्स ग्रेजुएट ने ग्रेजुएशन में 55% से कम एंव अन्य ग्रेजुएट (आर्ट्स, साइंस) ने ग्रेजुएशन में 60% से भी कम अंक अर्जित किये है। हालाँकि सीए की शुरुआत का सही समय 12वीं पास करने के बाद का ही होता है. सीए की तैयारी के लिए छात्रों को पहले अकाउंटिग में मजबूत पकड़ बनानी चाहिए।

CA Course Details in Hindi (CPT – IPCC – Articleship Training – GMCS – C.A Final)

1). Common Proficiecy Course (CPT) Level –

सर्वप्रथम CPT के लिए ICAI के पास रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है एंव रजिस्ट्रेशन के कुछ दिनों बाद ICAI द्वारा स्वीकृति पत्र (Confirmation Letter) एंव इसकी books, डाक द्वारा भेज दी जाती है। ICAI द्वारा CPT की परीक्षा वर्ष में दो बार जून एंव दिसंबर माह में करायी जाती है। CPT की परीक्षा देने के लिये परीक्षा से कुछ महीने पूर्व exam फॉर्म भरना पड़ता है। CPT परीक्षा में 200 marks बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते है और पास होने के लिए कम से कम 100 marks लाने अनिवार्य होते है और प्रत्येक विषय में कम से कम 40% मार्क्स अनिवार्य है। ग्रेजुएशन (कॉमर्स में न्युनत्तम 55% एंव अन्य में न्यूनतम 60% अंक) अथवा CWA कोर्स के इंटरमीडिएट अथवा CS कोर्स के इंटरमीडिएट एग्जाम को पास कर चुके विद्यार्थियों को CPT (एंट्रेंस टेस्ट) देने की जरुरत नहीं पड़ती एंव वे सीधा IPC कोर्स से शुरू कर सकते है।

2). IPCC Level (Integrated Professional Competence Course) – 

CPT एग्जाम पास करने के बाद अथवा ग्रेजुएशन (कॉमर्स में न्युनत्तम 55% एंव अन्य में न्यूनतम 60% अंक) अथवा CWA कोर्स के इंटरमीडिएट अथवा CS कोर्स के इंटरमीडिएट एग्जाम को पास कर चुके विद्यार्थियों को IPCC के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होता है एंव रजिस्ट्रेशन के कुछ दिनों बाद ICAI द्वारा स्वीकृति पत्र (Confirmation Letter) एंव इसकी books, डाक द्वारा भेज दी जाती है।

IPCC में 2 ग्रुप होते है जिसमें कुल मिला कर 7 विषय है। IPCC की परीक्षा वर्ष में 2 बार मई एंव नवम्बर में होती है। इस परीक्षा में एक बार में दोनों ग्रुप साथ में पास किये जा सकते है अथवा एक बार में केवल 1 ग्रुप पास किया जा सकता है एंव दूसरा ग्रुप अगली बार में पास किया जा सकता है। IPCC के एग्जाम से पूर्व ICAI द्वारा करवाए जाने वाले कुछ ट्रेनिंग प्रोग्राम जैसे 100 घंटे की ITT(Information Technology Traning) एंव 35 घंटे का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आदि करने होते है (इसकी evm Orientation की details में जानकारी आपको CA करते वक्त वेबसाइट पर मिल जाएगी)। IPPC की परीक्षा से पूर्वे CPT की तरह इसमें भी एग्जाम फॉर्म भरना होता है।

3). Articleship Training –

IPCC के Ist ग्रुप अथवा दोनों ग्रुप को पास करने के बाद 3 वर्ष की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। यह ट्रेनिंग Practice कर रहे Chartered Accountant के under की जाती है।

4). GMCS (General Management and Communication Skills) –

यह एक 15 दिन का कोर्स होता है जिसकी डिटेल भी आपको एग्जाम के टाइम मिल जाएगी. यह क्लियर करे।

5). CA Final Course n Hindi –

यह CA कोर्स का अंतिम चरण है| IPCC के दोनों groups को pass कर लेने के बाद एंव 2 वर्ष व 6 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरी कर लेने के बाद CA Final की परीक्षा दी जा सकती है। इसके लिए सर्वप्रथम रजिस्ट्रेशन करवाना होता है एंव रजिस्ट्रेशन के कुछ दिनों बाद ICAI द्वारा स्वीकृति पत्र (Confirmation Letter) एंव इसकी books, डाक द्वारा भेज दी जाती है। परीक्षा से पूर्व एग्जाम फॉर्म भरना होता है। CA Final में 2 ग्रुप होते है जिसमें कुल मिला कर 8 विषय है। CA Final की परीक्षा वर्ष में 2 बार मई एंव नवम्बर में होती है। इस परीक्षा में एक बार में दोनों ग्रुप साथ में पास किये जा सकते है अथवा एक बार में केवल 1 ग्रुप पास किया जा सकता है एंव दूसरा ग्रुप अगली बार में पास किया जा सकता है।

6). Membership –

CA Final की परीक्षा उतीर्ण कर लेने एंव ICAI द्वारा करवाये जाने वाले GMCS Program को पूरा कर लेने पर ICAI से Membership प्राप्त हो जाती है एंव इसके बाद वह अपने नाम के आगे CA लगा सकता है।

CA करने के बाद कैरियर कैसे बनाये – CA Jobs Career in hindi

CA करने के बाद, अगर आप इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते है तो आपके पास मुख्य रूप से 2 विकल्प होते है। पहला विकल्प है की आप स्वंय अपना ऑफिस खोलकर प्रैक्टिस (practice) शुरू करें एंव स्वतंत्र (independently) रूप से कार्य करें। दूसरा विकल्प यह होता है कि आप किसी कम्पनी या अन्य संस्थान में नौकरी (Job) करें। इसके अलावा इस क्षेत्र में कई अन्य करियर के विकल्प मौजूद है।

CA बनने के बाद आप कंपनियों में फाइनेंस अकाउंट एवं टैक्स डिपार्टमेंट में फाइनेंस मैनेजर, अकाउंट मैनेजर, फाइनेंशियल बिजनेस एनालिस्ट, ऑडिटिंगइंटरनल ऑडिटिंग, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीईओ, फाइनेंस डायरेक्टर, फाइनेंशियल कंट्रोलर, चीफ अकाउंटेंट, चीफ इंटरनल ऑडिटर जैसी पोजिशन पर काम कर सकते हैं।

इन बातों को ध्यान में रखकर CA की तैयारी करें – CA ki tayari kaise kare

पेपर पैटर्न समझें : सीए बनने के लिए जो कैंडिडेट तैयारी करते है उनके लिए मेरी पहली सलाह है कि वे पहले पेपर के पैटर्न को अच्छी तरह से समझने की कोशिश करें। अक्सर लोग कहते हैं कि बहुत कम छात्र ही सीए की परीक्षा पास कर पाते हैं। उसका सबसे बड़ा कारण यही है कि अधिकतर कैंडिडेट पैटर्न को जाने बिना तैयारी में लग जाते हैं।

अकाउंटिंग/इकोनॉमिक्स पर रखें फोकस : छात्रों को दोनों ही विषयों का एक-एक पेपर हल करना होता है। एक तरह से सफलता का पूरा दारोमदार इन्हीं दोनों विषयों पर टिका होता है। इन विषयों के लिए खास तैयारी की जरूरत होती है। छात्र तैयारी के संदर्भ में चाहे जो फॉर्मूला अपनाएं, पर इतना याद रखें कि ये दोनों प्रश्न पत्र नजरअंदाज न होने पाएं। इस पर अतिरिक्त समय खर्च करें और अपनी आधारभूत जानकारी को बढ़ाएं।

नेगेटिव मार्किंग से सावधान : सीपीटी में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है। गलत उत्तर दिए जाने पर एक चौथाई अंक काट लिए जाएंगे, इसलिए छात्र पहले उन्हीं प्रश्नों का जवाब दें, जो उन्हें अच्छी तरह से पता हों। जिनका जवाब नहीं मालूम है, उन्हें छोड़ कर आगे बढ़ जाएं। बाद में समय बचने पर उन्हें एक बार देख लें। हो सकता है कुछ सवालों का जवाब पता चल जाए।

कोर्स में बदलाव : आज सीए का कोर्स इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, पर्सनेलिटी डेवलपमेंट और कम्युनिकेशन स्किल जैसी कई चीजों से जुड़ गया है। पहले ये सब चीजें नहीं थीं। प्रवेश परीक्षा का भी रूप बदला है। अब इसे ऑनलाइन मोड में भी लाया गया है। पहले के मुकाबले प्रोफेशनलिज्म बढ़ा है।

कैसे पढ़ें : नियमित पढ़ाई बहुत जरूरी है। कई बार इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना पढ़ते हैं, बल्कि पढ़ते वक्त आप कितना समझ पाते हैं। एक व्यवस्थित तरीके से स्टडी रूटीन को फॉलो करना बहुत जरूरी है।

CA ki fees kitni hoti hai

CA की फीस चेंज होते रहती हैं। अभी इंटरमीडिएट के लिए 27200 रूपये फीस हैं और CA फाइनल कोर्स में रजिस्ट्रेशन के लिए 32300 रूपये फीस हैं।

CA ki salary

CA में सैलरी आपके अनुभव के अनुसार बढ़ेगी। शुरुवाती समय में 5 -7 लाख का पैकेज मिलता हैं। कुछ साल के अनुभव के 25 लाख का भी पैकेज मिलता हैं।


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10 thoughts on “चार्टेड अकाउंटेंट ‘CA’ में कैरियर कैसे बनाये | CA Kaise Kare aur CA kaise Bane”

  1. Sir 2.6 year ki practice institute ki taraf se bataye gye ca ke under me krni hoti h ya hum apne jankar ca ke under me kar sakte gain
    plz rply jarur krna sir

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