गोहद का क़िला, मध्य प्रदेश | Gohad Fort Hindi

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Gohad Fort History in Hindi / गोहद का क़िला, जाट राजा महा सिंह द्वारा 16वीं शताब्दी में बनवाया गया एक ऐतिहासिक किला हैं। यह किला मध्य प्रदेश के भिंड ज़िले में स्थित है। गोहद के किले की बनावट दुर्ग निर्माण कला का अद्वितीय नमूना है। यह मध्य प्रदेश के पर्यटन आकर्षणों में से एक है।

गोहद का क़िला, मध्य प्रदेश | Gohad Fort Hindi

गोहद क़िला की जानकारी – Gohad Fort, Madhya Pradesh in Hindi

Gohad Kila – हाल ही में यूनेस्को ने विश्व के छह देशों की धरोहरों को चिन्हित किया है, जिसमें गोहद के किले को सम्मानजनक स्थिति मिली है। क़िले के महल में की गई शानदार नक्काशियाँ बेहद आकर्षक हैं। क़िले का ‘कछरी महल’ ईरानी कला का एक बेहतरीन नमूना है।

किला एक स्थानीय बेसली नदी के किनारे ऊंचे टीले पर स्थित है। यह राजपूत और जाट स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस किले के निर्माण में ईंट-पत्थर, मिटटी और चूने का उपयोग हुआ है।

किले में ईरानी शैली की नक्काशी, सफेद पत्थर का इस्तेमाल किया गया हैं। यह किला दो भागों में बना है: एक है पुराने किला व इसी किले के सामने दूसरा नया-महल है। पुराने किले से नया-महल के बीच में किले में प्रवेश के लिए पत्थर एवं ईंटों का मार्ग बनाया हुआ है।

गोहद किला का इतिहास – Gohad Fort History in Hindi

पुराना किला : –

किले का निर्माण 1739 ई॰ में जाट राजा भीमसिंह द्वारा करवाया गया था। किले की दीवारों पर श्वेत पत्थर, चूना, गुड़, उड़द, बजरी, कौड़ी, सनबीजा, गोंद आदि से बना श्वेत एवं भूरा प्लास्टर किया गया है। इस प्लास्टर में अनेक आकृतियाँ जैसे मछली, भेड़, कुत्ते, तोता, हिरण, बृक्ष, कमल के फूल, हंस, हाथी, फूलपत्तियां आदि से दीवार पर ईरानी शैली की नक्काशी दिखाई देती है। यह आज भी ठीक स्थिति में है।

पुराने किले में रानीमहल, राजामहल, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, पूजाघर, नृत्यघर और अखाड़ा, स्नानगार, कुआं आदि वर्तमान में क्षतिग्रस्त स्थिति में है। इसके बीच में अखाड़ा है और उसके बीच में एक गोल स्थान है जहां पहलवान लोग कुश्ती किया करते थे। वहीं सामने राजा के बैठने का स्थान है तथा अन्य चारों तरफ लोगों के बैठने का स्थान बने हुए है।

नया महल :-

कालान्तर में नया-महल बना जिसका का निर्माण जाट राजा छत्रपति सिंह द्वारा कराया गया था। नये महल में वर्तमान में तहसील न्यायालय, कोशालय आदि शासकीय भवन लगते हैं। नया-महल की अन्दरूनी दीवारों पर तथा मुख्य द्वार पर सफेद पत्थर एवं चूने का सुंदर प्लास्टर किया है। इस प्लास्टर पर ईरानी शैली में नक्काशी से पेड़-पौधे, पत्तियां आदि बनाए जाकर उत्कृष्ट नक्काशी की गई हैं। नया-महल के खिड़कियां पत्थरों की नक्काशी करके बनाई गई हैं। नया-महल की नक्काशी आज भी दर्शनीय स्थिति में है।

हाल ही में किले पर 70 लाख रुपए जीर्णोद्धार में खर्च हुए हैं। जिसमें लक्ष्मण मंदिर, रानी महल, मेन गेट में जीर्णोद्धार का काम किया गया है। विनोद त्रिपाठी (भिंड)| जाट राजाओं की समृद्धि और वैभव को प्रमाणित करता गोहद का किला यूनेस्को की नजरों में चढ़ा है।

यूनाईटेड नेशन एजुकेशनल साइंटिफिक एंड कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन ने दुनिया के देश आस्ट्रेलिया, चाइना, इंडिया, ईरान, न्यूजीलैंड और सिंगापुर के 16 प्रोजेक्ट इसमें शामिल किए। जिसमें इंडिया के मध्यप्रदेश का गोहद किला भी शामिल है।


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