कैलाश सत्यार्थी जीवनी – Biography In Hindi Of Kailash Satyarthi

Biography In Hindi Of Kailash Satyarthi,

Biography In Hindi Of Kailash Satyarthi – नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता कैलाश सत्यार्थी का परिचय :


नाम    –  कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi)
जन्म   –  11 जनवरी, 1954 विदिशा, मध्य प्रदेश, भारत
शिक्षा   –  सम्राट अशोक प्रौद्योगिकी संस्थान, विदिशा
व्यवसाय  –  बाल अधिकार कार्यकर्ता, प्रारंभिक बाल शिक्षा कार्यकर्ता
उपलब्धि  –  नोबेल पुरूस्कार विजेता,
राष्ट्रीयता  –  भारतीय.

Kailash Satyarthi – कैलाश सत्यार्थी को बाल अधिकारों की रक्षा एंव बाल श्रम के विरूद्ध लड़ाई के लिए वर्ष 2014 में उन्हें पाकिस्तान की मलाला युसुफ़जई के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। कैलाश सत्यार्थी ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ चलाते हैं। उन्होने विश्व भर में लाखो बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य किया। पेशे से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर रहे कैलाश सत्यार्थी ने 26 वर्ष की उम्र में ही करियर छोड़कर बच्चों के लिए काम करना शुरू कर दिया था। सत्यार्थी राष्ट्रिय ही नही बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाल कामगारों से काम कराने का विरोध करते है। उनका ये मिशन लगभग 144 देशो मे सक्रिय हैं।

निजी जीवन :-

कैलास सत्यार्थी का जन्म 11 जनवरी 1954 को भारत में मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में हुआ था। उनका वास्तविक नाम कैलास शर्मा है। उनके परिवार में उनकी पत्नी सुमेधा, पुत्र, पुत्रवधू तथा पुत्री हैं।

उन्होंने गवर्नमेंट बॉयज हायरसेकण्ड्री स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और सम्राट अशोक टेक्नोलॉजिकल इंस्टिट्यूट, विदिशा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की और फिर हाई-वोल्टेज इंजीनियरिंग में उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि प्राप्त की।

कैलाश बचपन से ही दूसरों के प्रति बेहद सहयोगी रहे और हमेशा दूसरों की मदद करते थे। जब वे 11 वर्ष के थे, तब उन्होंने इस बात को गौर किया की बहुत से बच्चे किताबें न होने के कारण पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इसलिए उन्होंने एक ठेला लेकर पास (अपनी कक्षा उत्तीर्ण) होने वाले बच्चों की किताबें एकत्रित करते थे और उन्हें जरूरतमंदों तक पहुँचाते थे।

मिशन :-

कैलाश को कभी भी राजनीति में रूचि नहीं थी। उनका शुरू से ही मानना था कि समाज में बदलाव के लिए राजनीति नहीं समाजसेवा की आवश्यकता है। कैलाश ने समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए. अपनी आवाज जन-जन तक पहुंचाने का निश्चय किया। इसके लिए उन्होंने ‘सघर्ष जारी रहेगा’ नामक पत्रिका की शुरूआत की। इस पत्रिका के माध्यम से उन्होंने दबे-कुचले लोगों और बंधुआ मजदूरों की पीड़ा को आवाज दी और समाज का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया।

इसके बाद उन्होने स्वामी अग्निवेश के साथ मिल कर ‘बंधुआ मुक्ति मोर्चा’ का गठन किया। इस संस्था के लगभग 20 हजार सदस्य हैं। जो कालीन, कांच, ईंट भट्ठों, पत्थर खदानों, घरेलू बाल मजदूरी तथा साड़ी उद्योग जैसे खतरनाक उद्योंगों में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराता है। वर्तमान में देश भर के 12 राज्यो में ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की राज्य इकाईयां हैं। कैलाश सत्यार्थी ने बचपन बचाओ आन्दोलन को सफल बनाने के लिए ‘बाल मित्र ग्राम’ की परिकल्पना की है। इसके तहत किसी ऐसे गांव का चयन किया जाता है जो बाल मजदूरी से ग्रस्त हो। बाद में उस गांव से धीरे-धीरे बाल मजदूरी समाप्त की जाती है तथा बच्चों का नामांकन स्कूल में कराया जाता है। इसके बाद इन बच्चों की ‘बाल पंचायत’ का गठन किया जाता है। शहरों में यह योजना ‘बाल मित्र वार्ड’ के नाम से संचालित किया जा रहा है।

कैलाश सत्यार्थी के इस मिशन मे बाल श्रमिकों को छुड़ाने के दौरान उन पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए हैं। 17 मार्च 2011 में दिल्ली की एक कपड़ा फ़ैक्ट्री पर छापे के दौरान उन पर हमला किया गया। इससे पहले 2004 में ग्रेट रोमन सर्कस से बाल कलाकारों को छुड़ाने के दौरान उन पर हमला हुआ।

इस समय वे देश-विदेश के विभिन्न संगठनो से मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। जिसमें लाखो लोगों ने शामिल होकर बाल मजबूरी समाप्त करने का प्रण लिया। उनके इस प्रयास ने रंग भी लाई हैं। सार्क के सदस्य देशों ने बाल मजदूरी पर एक कार्यबल बनाने की घोषणा की है। इस समय वे ‘ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर’ (बाल श्रम के ख़िलाफ़ वैश्विक अभियान) के अध्यक्ष भी हैं।  कैलाश सामाजिक कार्यों के अतिरिक्त वे एक अच्छे पाकशास्त्री (कुक) भी हैं।

इस कार्य के लिए सत्यार्थी को बहुत से पुरस्कार और सम्मानों से विश्व जगत में नवाजा गया है :-

 2015 – हॉवर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा “साल का सर्वश्रेष्ट परोपकारी का सम्मान”.
 2015 – अमित यूनिवर्सिटी, गुरगाव द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि.
 2014 – नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Prize)
 2009 – लोकशाही का सर्रथक पुरस्कार (डिफेंडर ऑफ़ डेमोक्रेसी अवार्ड US)
 2008 – अल्फोन्सो कामिन इंटरनेशनल अवार्ड (स्पेन)
 2007 – इटालियन राज्यसभा का गोल्ड मेडल
 2007 – US स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा हीरो का सम्मान.
 2006 – आज़ादी पुरस्कार (फ्रीडम अवार्ड, US)
 1999 – फ्राइडरिच एबर्ट स्तिफ्टउंग अवार्ड (जर्मनी)
 1998 – गोल्डन फ्लैग अवार्ड (नीदरलैंड)
 1995 – रोबर्ट एफ. कैनेडी ह्यूमन राईट अवार्ड (US)
 1995 – द ट्रम्पटर अवार्ड (US)
 1994 – द आचेनेर इंटरनेशनल पीस अवार्ड (जर्मनी)
 1993 – एलेक्टेड अशोका फेलो (US)

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