रवि शास्त्री की जीवनी | Ravi Shastri Biography in Hindi

Ravi Shastri  / रवि शास्त्री प्रसिद्ध पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कप्तान हैं। रवि शास्त्री 1981 से 1992 के दौरान टेस्ट मैचों और एकदिवसीय मैचों के लिए भारतीय टीम का हिस्सा रहे। वर्तमान समय में रवि शास्त्री उम्दा कमेंटेटर हैं। रवि शास्त्री ने एक बाएं हाथ के गेंदबाज के रूप में अपना करियर शुरू किया था और बाद में वे ऑलराउंडर के रूप में टीम में कमाल करते रहे। 

रवि शास्त्री की जीवनी | Ravi Shastri Biography in Hindiरवि शास्त्री की जीवनी – Ravi Shastri Biography in Hindi

परिचय –

पूरा नाम
रविशंकर जयद्रिता शास्त्री
जन्म तिथि
27 मई 1962
गृहनगर
मुंबई, महाराष्ट्र
पिता का नाम
एम. जयद्रथ शास्त्री
माता का नाम
लक्ष्मी शास्त्री
कोच
बी डी देसाई
वनडे डेब्यू
25 नवम्बर 1981
टेस्ट डेब्यू
21 फ़रवरी 1981
बल्लेबाजी शैली
दाएं हाथ के बल्लेबाज
गेंदबाजी शैली
स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स

प्रारंभिक जीवन –

रवि शास्त्री का जन्म 27 मई 1962 को मुंबई (बॉम्बे) में हुआ। उनका पूरा नाम रविशंकर जयाद्रिथा शास्त्री हैं। रवि शास्त्री के पिताजी डॉक्टर थे। इस कारण घर में बच्चों को पढ़ाई की तरफ ज़्यादा से ज़्यादा ध्यान देने को कहा जाता था। जब रवि शास्त्री बहुत छोटे थे तब वे गिल्ली-डंडा, कंचे और फुटबॉल-हॉकी खेलने में ही ज़्यादा समय बिताते थे।

रवि शास्त्री को दोस्तों के साथ बाहर खेलकूद में ही ज़्यादा मजा आता था। बचपन में रवि शास्त्री के पास ही खेलने का ज़्यादातर सामान था और किसी भी खेल में आउट हो जाने पर वे खेल बंद कर देते थे तो सारे दोस्त उनकी बात मानकर उन्हें एक मौक़ा और दे देते थे। क्रिकेट में भी जब वे आउट हो जाते थे तो बैट लेकर भाग जाते थे। फिर उनके दोस्त उन्हें घर से मनाकर लाते थे कि अच्छा चलो एक बार बल्लेबाज़ी और कर लेना। ये बातें तबकी हैं जब वे बहुत छोटे थे। फिर बड़ा होने पर उन्हें मालूम हुआ कि हार-जीत खेल का हिस्सा है।

उनकी पढाई डॉन बास्को हाईस्कूल, माटुंगा से हुई। जब रवि शास्त्री 9वीं में थे, तब स्कूल की क्रिकेट टीम बनी और उनके कोच देसाई सर ने उन्हें क्रिकेट सीखने में खूब मदद की। उनकी वजह से ही वे क्रिकेटर बन सके। उनकी स्कूल की टीम ने चैंपियनशिप भी जीती थी और वह पहली ट्रॉफी थी जिसने उन्हें बहुत उत्साहित किया था। यह ट्रॉफी जीतने के बाद ही वे तय किये थे कि अब उन्हें एक अच्छा क्रिकेटर बनना है और देश के लिए क्रिकेट खेलनी है। उनका यह निर्णय आगे चलकर सही साबित हुआ और वे देश के लिए क्रिकेट खेला भी।

शास्त्री ने जिस कॉलेज से अध्ययन किया, वहां से कई अच्छे क्रिकेटर निकले हैं। आरए पोद्दार कॉलेज के आखिरी साल में रवि शास्त्री बॉम्बे से रणजी के लिए चुने गए, तब उनकी उम्र 17 वर्ष और 292 दिन थी। वे मुंबई के सबसे कम उम्र के क्रिकेटर थे।

रवि शास्त्री ने क्रिकेट से पहले बहुत से खेलों में हाथ आजमाए। जब वे बड़े हो रहे थे तब वे टेनिस भी खेलते थे। खेलों के प्रति रुचि जगाने में उनका स्कूल डॉन बॉस्को का भी बड़ा योगदान रहा, क्योंकि यहाँ उन्हें तरह-तरह के खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। गिल्ली-डंडा और टेनिस से होते हुए सबसे आखिर में उनकी गाड़ी क्रिकेट पर आकर रुकी।

क्रिकेट करियर की शुरुवात – Ravi Shastri Life Story in Hindi

रवि शास्त्री शुरुआती दिनों में बॉम्बे के लिए खेलते थे। उनकी कप्तानी में बॉम्बे ने रणजी ट्रॉफी पर भी कब्जा किया। शास्त्री ग्लैमोर्गन के लिए काउंटी क्रिकेट के 4 सीजन में भी खेले।

टेस्ट क्रिकेट में शुरुआत के 8 महीनों के भीतर ही शास्त्री बल्लेबाजी के 10वें स्थान से ओपनिंग बल्लेबाज बन गए। उनके शांत और समझदारी से खेलने के तरीके के कारण उन्हें यह स्थान मिला था। अपने करियर के अंत तक वे बल्लेबाजी के हर स्थान पर खेल चुके थे। उन्होंने खुद माना कि बैटिंग के चलते उनकी बॉलिंग पर कम ध्यान वे दे पाए। इससे उनकी बॉलिंग प्रभावित हुई। हालांकि 1981 में ईरानी ट्रॉफी में उनका 101 रन पर 9 विकेट का रिकॉर्ड करीब 20 साल तक कायम रहा।

रवि शास्त्री ने टीम इंडिया की ओर से 80 टेस्ट और 150 वनडे मुकाबले खेले हैं। साल 1985 में रवि शास्त्री ने चैंपियन ऑफ चैंपियन ट्राफी जीती थी जो कि आस्ट्रेलिया में हुआ था।

शास्त्री मैचों में ओपनिंग करते थे या मिडिल ऑर्डर में आते थे। उनके करियर का खास पल उनके ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ चुने जाने पर था। वे 1985 की वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया में इस खिताब से नवाजे गए थे। इस दौरान उन्होंने वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स के 1 ओवर में 6 छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।

साल 1985 के शारजाह कप को कोई नहीं भूल सकता है क्योंकि फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराया था वो भी मात्र 125 रन बनाकर। उस मैच के हीरो शास्त्री ही थे और इसके बाद लंबे वक्त तक वो भारते उप कप्तान रहे और जब गावस्कर ने कप्तानी छोड़ी तो शास्त्री को पर्मानेंट रूप में कप्तानी हासिल हो गई।

रवि शास्त्री को काफी काबिल कप्तान माना गया, परंतु उनकी क्रिकेट बाहर की इमेज ने उनके करियर को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा वे जरूरी मौकों पर फॉर्म खो देते थे। इसके चलते उन्होंने केवल 1 टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी की।

स्टाइल – Ravi Shastri in Hindi

एक बल्लेबाज के तौर पर रवि शास्त्री अपने प्रसिद्ध चपाती शॉट (पैड्स पर फ्लिक a flick off the pads) के साथ डिफेंसिव रहे, परंतु वे अपने स्ट्राइक रेट को आवश्यकता के अनुसार बढ़ा लेते थे। रवि शास्त्री को उनके कद का बहुत फायदा मिला। उनके 6 फीट 3 इंच होने के कारण जहां वे फास्ट बॉलरों के विरुद्ध कुछ ही शॉट खेल पाते थे वहीं स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ वे बहुत तेज उठाकर शॉट मारते थे।

शास्त्री को क्रिकेट का कुतुबमीनार कहा जाता था क्योंकि वो tall, timeless, solid काम करते थे। इन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 9 घंटे और 21 मिनट लगातार बैटिंग करके सबको हैरत में डाल दिया था।

रवि शास्त्री निजी जीवन – Ravi Shastri Personal Life in Hindi

शास्त्री 1980 के दशक में बॉलीवुड अभिनेत्री अमृता सिंह को डेट कर रहे थे। दोनों की सगाई भी हुई और नवंबर 1986 में सिने ब्लिट्ज पत्रिका के कवर के लिए एक साथ पोज दिए। हालांकि, दोनों के रिश्ते जल्द ही खत्म हो गईं। साल 1990 में शास्त्री ने रितु सिंह से शादी की। 2008 में दंपति को एक बेटी, अलेका का आशीर्वाद मिला। और 2012 में अपनी 22 साल की शादी को खत्म भी कर लिया।

रवि शास्त्री का संन्यास –

31 साल की उम्र में घुटने की चोट के कारण उन्हें संन्यास लेना पड़ गया। 1990 के आखिर में रवि शास्त्री ने रितु सिंह से शादी की। उन्होंने टीवी पर कमेंट्रेटर के रूप में शुरुआत की। 2003 में वे एक सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी शोडिफ वर्ल्डवाइड में हिस्सेदार बने। 2008 में 46 साल की उम्र में रवि शास्त्री की बेटी पैदा हुई। 2014 में वे भारतीय क्रिकेट टीम के डायरेक्टर बने और 8 महीने तक पद पर बने रहे।

विश्व की मशहूर गाड़ियों में से AUDI 100 को इनाम के तौर पर जीतने वाले पहले क्रिकेटर रवि शास्त्री ही थे। जिसे भारत लाने के लिए तत्कालीन पीएम राजीव गांधी ने कस्टम वालों को स्पेशल ऑर्डर दिये थे।

रवि शास्त्री का क्रिकेट प्रोफाइल – Ravi Shastri Cricket Profile and Records

प्रतियोगिता टेस्ट वनडे प्रथम श्रेणी क्रिकेट लिस्ट ए
मैच 80 150 245 278
रन बनाये 3830 3108 13202 6383
औसत बल्लेबाजी 35.79 29.04 44.00 31.12
शतक/अर्धशतक 11/12 4/18 34/66 6/38
उच्च स्कोर 206 109 217 138*
गेंद किया 15751 6613 42425 11966
विकेट 151 129 509 254
औसत गेंदबाजी 40.96 36.04 44.00 32.18
एक पारी में ५ विकेट 2 1 18 5
मैच में १० विकेट 0 n/a 3 n/a
श्रेष्ठ गेंदबाजी 5/75 5/15 9/101 5/13
कैच/स्टम्प 36/– 40/– 141/– 84/–


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