छत्तीसगढ़ पर्यटन व दर्शनीय स्थल | Chhattisgarh Tourism in Hindi

Chhattisgarh Tourism / छत्तीसगढ़ भारत का दसवां सबसे बड़ा और सोलहवां सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। छत्तीसगढ़ में कई ऐसे स्थल हैं जो विभिन्न कारणों से पर्यटन हेतु महत्वपूर्ण हैं। इनमें से कुछ पुरातात्विक कारणों से महत्वपूर्ण हैं तो कुछ प्राकृतिक दृश्यों और वन्य जीवों के लिये प्रसिद्द हैं। छत्‍तीसगढ़ प्रकृति की गोद में बसा हुआ है इस कारण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता से भरा पड़ा है। हरे भरे जंगल, सुंदर और सुरम्य झरने, खूबसूरत पठार और घुमावदार नदियां आँखों को सुकून देते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है छत्तीसगढ़ में रहने वाले आदिवासी, जो पर्यटकों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण का केंद्र हैं।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन व दर्शनीय स्थल की जानकारी | Chhattisgarh Tourism in Hindi

छत्तीसगढ़ के पर्यटन व दर्शनीय – Chhattisgarh Tourism Place in Hindi

छत्तीसगढ़ को अपने विहंगम प्राकृतिक सौंदर्य, वन्य जीवन, स्मारकों और आदिवासी मिश्रित पारंपरिक समृद्ध संस्कृति धरोहरों पर गर्व है। समुद्री किनारों को यहां पर्यटन के लिए सब कुछ है। भारत का सबसे बड़ा झरना (बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात), दक्षिण अमेरिका के अमेजोन के बाद दूसरे सबसे घने जंगल, तीन राष्ट्रीय वन्य पार्क और 13 वन्य जीवन अभयारण्यों सहित अनेक दर्शनीय स्थल हैं।

छत्तीसगढ़ को मुख्य रूप से दक्षिण कोसाला के नाम से जाना जाता था जिसका उल्लेख रामायण और महाभारत में मिलता है। छत्तीसगढ़ीं देवी मंदिर में 36 स्तंभ हैं जिसके आधार पर इसका वर्तमान नाम पड़ा।

भारत के विद्युत् और स्टील उत्पन्न करने वाले राज्यों में से एक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से विभाजन के बाद हुई। रायपुर इसकी राजधानी है तथा इसकी सीमाएं मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, झारखंड और उत्तरप्रदेश से लगी हुई हैं।

यह राज्‍य देश का हृदय स्‍थल होने के कारण यह अनेक ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक दर्शनीय स्‍थलों से परिपूर्ण है। यहां अनेक धर्म सम्‍प्रदायों की उत्‍पत्ति हुई है एवं उनकी प्रचार स्‍थली है। पर्यटन की दृष्टिकोण से छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के छोटे-बड़े लगभग 105 स्‍थान, पर्यटन स्‍थल के रूप में चिन्‍हांकित किए गए हैं।

कैसे पहुंचे –

छत्तीसगढ़ में एक घरेलू हवाई अड्डा है जो कि देश के लगभग सभी हवाई अड्डों से जुड़ा है। इंडियन एयरलाइंस छत्तीसगढ़ से देश के अन्य हिस्सों से नियमित उड़ानें संचालित करती है। छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख रेलवे स्टेशन रायपुर और बिलासपुर इस राज्य को देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से जोड़ते हैं। छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क भी शानदार है। एनएच 6, एनएच 16 और एनएच 43 राजमार्ग छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ते हैं। मानसून में औसत वर्षा होती है। पर्यटक नवंबर से जनवरी के बीच यहाँ की सैर कर सकते हैं। यह समय यहाँ की यात्रा के लिए उत्तम होता है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन इस क्षेत्र के निवासियों पर प्रकाश डालता है। यहाँ मुख्य रूप से ग्रामीण लोग रहते हैं। यहं प्रमुख रूप से गोंड, हल्बी, हल्बा, कमार और ओरों जनजातियाँ रहती हैं। शहरी लोग हिंदी भाषा बोलते हैं जबकि गाँव के लोग छत्तीसगढ़ी, हिंदी की उपभाषा बोलते हैं। कुछ जनजातियाँ कोसली, उडिया और तेलुगु भाषा भी बोलती हैं।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल की सूचि – Chhattisgarh Tourist Places in Hindi

1). चित्रकोट प्रपात

चित्रकूट अथवा चित्रकोट जलप्रपात सभी मौसम में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर ज़िले में इन्द्रावती नदी पर स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य में और भी बहुत-से जलप्रपात हैं, किन्तु चित्रकूट जलप्रपात सभी से बड़ा है।आप्लावित रहने वाला यह जलप्रपात पौन किलोमीटर चौड़ा और 90 फीट ऊँचा है। इस झरने का शोर इतना होता है कि इसकी आवाज़ के पीछे कुछ सुनाई नहीं देता है। इस झरने की खूबसूरती बारिश के मौसम में बढ़ जाती है क्योंकि मिट्टी के बहाव से पानी का रंग भूरा हो जाता है।

2). मैनपाट

मैनपाट अम्बिकापुर से 75 किलोमीटर दुरी पर है इसे छत्तीसगढ का शिमला कहा जाता है। मैंनपाट विन्ध पर्वत माला पर स्थित है जिसकी समुद्र सतह से ऊंचाई 3781 फीट है इसकी लम्बाई 28 किलोमीटर और चौडाई 10 से 13 किलोमीटर है अम्बिकापुर से मैंनपाट जाने के लिए दो रास्ते हैं पहला रास्ता अम्बिकापुर-सीतापुर रोड से होकर जाता और दुसरा ग्राम दरिमा होते हुए मैंनपाट तक जाता है। प्राकृतिक सम्पदा से भरपुर यह एक सुन्दर स्थान है। यहां सरभंजा जल प्रपात, टाईगर प्वांइट तथा मछली प्वांइट प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। मैनपाट से ही रिहन्द एवं मांड नदी का उदगम हुआ है।

3). कांकेर

करीब एक हजार साल पुराने इस पुराने इस शहर में जंगल, झरने और आदिवासी गावों का अद्भुत संगम है जो पर्यटकों को आकर्षित करता है। कांकेर के महल में अब भी शाही परिवार रहता है। छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों को यह महल बहुत आकर्षित करता है।

4). कवर्धा

छोटा सा प्राचीन शहर कवर्धा, प्रकृति और समृद्ध आदिवासी जीवन की झलक देता है। सकरी नदी के तट पर कवर्धा नगर बसा हुआ है। कवर्धा का शाही महल भारत के शाही जीवन की झलक देता है। इस महल का निर्माण सन् 1936-37 में हुआ था। यह महल अब पर्यटकों के रहने का स्थान है। शहर में राधा कृष्ण मंदिर भी है जो पर्यटकों के लिए एक और आकर्षण है। कवर्धा में देखने योग्य स्थान भोमाराव मांडवा महल और मदन मंजरी महल हैं।

5). भोमरामदेव

खूबसूरती से उकेरी कामुक प्रतिमाओं के कारण इसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो भी कहा जाता है। यह मंदिर नगर शैली में बनाया गया है। मंदिर में स्थित शिव लिंग वास्तुकला का सुंदर नमूना है। मंदिर की बाहरी दीवार पर 54 कामुक मुद्राओं में मूर्तियां सजी हैं।

6). सेतगंगा

सेतगंगा भारत के छत्तीसगढ़ प्रान्त का एक प्राचीन धार्मिक नगर है। सेतगंगा जिला मुख्यालय मुंगेली से 15 किलोमीटर दुरी पर बिलासपुर-जबलपुर राष्ट्रीय मार्ग 130A पर स्थित है। आप लोगों को यह जानकर हैरानी होगी कि भारतवर्ष में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां रावण भगवान राम के द्वारपाल के रूप में पूजे जाते हैं। 10वीं 11वीं शताब्दी में निर्मित श्रीरामजानकी मंदिर अपनी कई खूबियों के चलते प्रसिद्ध है। काले पत्थर में खूबसूरत शिल्प के साथ-साथ रावण की प्रतिमा के चलते मंदिर की चर्चा देशभर में होती है।

7). चंपारण

चंपारण शहर संत वल्लाभाचार्य का जन्म स्थान है। इस प्रसिद्ध संत की जयंती हर साल अप्रैल-मई के महीने में मनाई जाती है। इस मौके पर विभिन्न जगहों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। हर साल जनवरी-फरवरी के महीने में लगने वाले मेले में कई पर्यटक आते हैं।

8). बस्तर

यह आदिवासी भूमि वन्यजीव प्रेमियों के लिए निमंत्रण है, यहां आकर यहां के जंगल, झरने, वन्य जीव, प्राचीन मंदिर और आदिवासी नृत्य और संगीत को अनुभव करने का। यह देश का एक महत्वपूर्ण ईको-पर्यटन स्थल है। किसी समय में बस्तर भारत का सबसे बड़ा जिला हुआ करता था।

9). सेवरीनारायण

इस जगह का संबंध रामायण से है। इस स्थान का नाम शबरी के नाम पर पड़ा जिन्होंने भगवान राम और उनकी पत्नी सीता की वनवास के समय सेवा की थी। कुछ लोग 10वीं या 11वीं सदी के इस मंदिर को भगवान जगन्नाथ के मंदिर से ज्यादा पूजनीय मानते हैं। सेवरीनारायण के नर नारायण मंदिर की दीवारों पर हिंदू पौराणिक पात्रों की आकृतियां हैं। यहां आयोजित होने वाले सालाना उत्सव में देश भर से कई पर्यटक आते हैं।

10). इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे अधिक परिष्‍कृत और सबसे अधिक प्रसिद्ध वन्‍य जीवन उद्यान है। यह राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ राज्‍य का एक मात्र ‘टाइगर रिजर्व’ है। उद्यान दंतेवाड़ा ज़िले में स्थित है। इंद्रावती नदी के नाम पर यह बनाया गया है, जो पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है तथा महाराष्ट्र राज्‍य के साथ इस संरक्षित वन की उत्तरी सीमा बनाती है। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान लगभग 2799.08 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में विस्तारित है।


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