फूलो के बारे में जानकारी, तथ्य | Information in Hindi About Flowers

Flowers / फूल जिसे पुष्प भी कहा जाता है, जनन संरचना है जो पौधों में पाए जाते हैं। फूलो को मनुष्य के द्वारा सजावट और औषधि के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके अलावा घरों और कार्यालयों को सजाने में भी इनका उपयोग बहुतायत से होता है। भारत में पुष्प की खेती एक लंबे अरसे से होती रही है, लेकिन आर्थिक रूप से लाभदायक एक व्यवसाय के रूप में पुष्पों का उत्पादन पिछले कुछ सालों से ही प्रारंभ हुआ है। आइये जाने फूलो के बाए में और अधिक जानकारी..

फूलो के बारे में जानकारी, तथ्य | Information in Hindi About Flowers

फूलो की बारे में जानकारी – Flowers Information & Facts in Hindi

फूल सभी को पसंद होता हैं इसके पीछे कारण हैं इसकी खूबसूरती और सुगंध। समकालिक फूल जैसे गुलाब, कमल, ग्लैडियोलस, रजनीगंधा, कार्नेशन, कनेर, गेंदा, चमेली आदि के बढ़ते उत्पादन के कारण गुलदस्ते और उपहारों के स्वरूप देने में इनका उपयोग में होता है। फूलो का इस्तेमाल वर्षो से औषधि के रूप में किया जाता रहा हैं।

फूलो की लोकप्रिय प्रजातियां – Popular Flowers in Hindi

1). गुलाब

गुलाब एक भारतीय फूल है। पूरे भारत में गुलाब के पौधे पाए जाते हैं। गुलाब का वैज्ञानिक नाम रोजा हाइब्रिडा है। देशी गुलाब लाल रंग का होता है। परन्तु कलम करके कई रंगो के गुलाब उगाए जाते हैं। गुलाब एक ऐसा फूल है, जिसके बारे में सब जानते हैं। गुलाब का फूल दिखने में जितना अधिक सुन्दर होता है।

2). कमल

कमल वनस्पति जगत् का एक पौधा है, जिसमें बड़े और ख़ूबसूरत फूल खिलते हैं। कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है। कमल एक पवित्र पुष्प है तथा प्राचीन भारतीय काल और पुराणों में इसका महत्त्वपूर्ण स्थान है। प्राचीनकाल से ही इसे भारतीय संस्कृति में शुभ प्रतीक माना जाता हकमल का पौधा धीमे बहने वाले या रुके हुए पानी में उगता है। यह दलदली पौधा है जिसकी जड़ें कम ऑक्सीजन वाली मिट्टी में ही उग सकती हैं।

3). गेंदा

गेंदा पीले रंग का फूल है। वास्तव में गेंदा एक फूल न होकर फूलों का गुच्छा होता है, लगभग उसकी हर पत्ती एक फूल है। गेंदा का वैज्ञानिक नाम टैजेटस स्पीसीज है। भारत के विभिन्न भागों में, विशेषकर मैदानों में व्यापक स्तर पर उगाया जा रहा है। मैक्सिको तथा दक्षिण अमेरिका मूल का पुष्प है। हमारे देश में गेंदे के लोकप्रिया होने का कारण है इसका विभिन्न भौगोलिक जलवायु में सुगमतापूर्वक उगाया जा सकता है।

4). रजनीगंधा

रजनीगंधा सुगन्धित फूल है। यह पूरे भारत में पाया जाता है। रजनीगंधा का पुष्प फनल के आकार का और सफ़ेद रंग का लगभग 25 मिलीमीटर लम्बा होता है जो सुगन्धित होते हैं। रजनीगंधा का उत्पत्ति स्थान मैक्सिको या दक्षिण अफ्रीका है, जहाँ से यह विश्व के विभिन्न भागों 16वीं शताब्दी में पहुँचा। ऐसा विश्वास किया जाता है कि भारत में रजनीगंधा को यूरोप होते हुए 16वीं शताब्दी में लाया गया।

5). चमेली

चमेली एक सुगंन्धित फूल है। यह सारे भारत में पाया जाता है। चमेली की बेल आमतौर पर घरों, बगीचों में और सारे भारत में लगाई जाती है। चमेली के फूलों की खुशबू बड़ी मादक और मन को प्रसन्न करती है। उत्तर प्रदेश के फर्रूख़ाबाद, जौनपुर, और गाजीपुर ज़िले में इसे विशेष तौर पर अधिक मात्रा में उगाया जाता है। सुपरिचित बेल होने के कारण सभी लोग इसे पहचानते हैं। चमेली के फूल, पत्ते तथा जड़ तीनों ही औषधीय कार्यों में प्रयुक्त किये जाते हैं। इसके फूलों से तेल और इत्र (परफ्यूम) का निर्माण भी किया जाता है।

6). कनेर

कनेर एक फूल है। कनेर उत्तर भारत में लगभग हर जगह बागों में लगा हुआ पाया जाता है। इसका हर भाग विषैला होता है अत: इसे किसी वैद्य की देखरेख में ही प्रयोग करना चाहिए। आधुनिक द्रव्यगुण में इस को हृदय वर्ग में रखा गया है। कनेर के फूल पीला, सफ़ेद, लाल आदि रंग के होते हैं।

सूरजमुखी का पुष्प देखने में बहुत आकर्षक लगता है, लेकिन यह गंधरहित होता है। सूरजमुखी का वैज्ञानिक नाम हेलियनथस एनस है। सूरजमुखी दिनभर सूर्य के चारों ओर घूमता रहता है। जिस दिशा में सूर्य होता है, सूरजमुखी का फूल उसी दिशा में अपना मुँह कर लेता है। सूरजमुखी के फूल सूर्यादय पर खिलते हैं, तथा सूर्यास्त के समय बन्द हो जाते हैं। सूर्यमुखी के फूल लम्बी अवधि तक खिलते रहते हैं और उद्यान की शोभा बनते हैं। फूलदान में भी इसके फूल अच्छी रौनक देते हैं। फूल यद्यपि गंधरहित हैं परन्तु इनका रंग इतना चटक होता है कि फूलदान में लगी दो टहनियाँ भी कम आकर्षक नहीं लगतीं। फूल बहुत दृढ़ प्रकृति वाला होता है। सूरजमुखी की फ़सल के लिए 20-25 डिग्री तापक्रम की आवश्यकता पङती है, अधिक ठंडे तापमान (10 डिग्री) में लिनोलिक अम्ल की मात्रा लगभग 72 प्रतिशत तक बढ जाती है।

दुनिया के कुछ अजीबो गरीब फूल – Amazing Flowers in the World in Hindi

रैफ्लेशिया – Rafflesia

मुख्यतःमलेशिया एंव इंडोनेशिया में पाया जाने वाला, रेफ्लीसिया एक आश्चर्यजनक परजीवी पौधा है, जिसका फूल वनस्पति जगत के सभी पौंधों के फूलों से बड़ा लगभग 1 मीटर व्यास का होता और इसका वजन 10 किलोग्राम तक हो सकता है। इसकी सबसे छोटी प्रजाति 20 सेमी व्यास की पाई गई है। सभी प्रजातियों में फूल की त्वचा छूने में मांस की तरह प्रतीत होती है और इसके फूल से सड़े मांस की बदबू आती है जिससे कुछ विशेष कीट पतंग इसकी ओर आकृष्ट होते हैं। रैफेलशिया फुल खिलने में 9 से 21 महीने का समय लगता है लेकिन इसका जीवनकाल पांच से सात दिनों का ही होता है।

ब्लैक बैट फ्लावर (टक्का चनत्रिएरी) – Black Bat Flower

यह फुल काले रंग का होता है और इसकी बनावट चमकादड की तरह होती है। इस फुल की पंखुड़ी मूंछो की तरह लगती है और यह 28 इंच तक लम्बी होती है। इसके विचित्र रंग रूप को देखकर कई जगहों पर इसे शैतान फुल भी कहते है। यह फुल हरे , बैंगनी, भूरे ,लाल रंग में भी खिलते हुए पाए जाते है। इस पनपने के लिए अच्छी मिटटी और काफी पानी की जरूरत होती है। यह मुख्यत: अफ्रीका ,दक्षिणी अमेरिका ,थाईलैंड ,मलेशिया एवं चीन में पाया जाता है।

वुल्फिया – Wolffia

वुल्फिया दुनिया का सबसे छोटा फुल है। यह इतना सूक्ष्म होता है कि इन्हें माइक्रोस्कोप में ही देखा जा सकता है | इसका पौधा जल में पाया जाता है। इसके एक फुल का वजन नमक के दो कण के बराबर होता है। इनमे कोई जड़ ,डाली या पत्ती नही होती और यह शांत एवं साफ़ तालाब में पाया जाता है। इसके हर फुल से विश्व के सबसे छोटे फल यूत्रिक्ल की उत्पति होती है।

एट्रोपा बेलाडोना – Belladonna

इसे दुनिया का सबसे खतरनाक फुल माना जाता है इसके जड़, पत्ते, फुल और फल सभी विषैले और घातक होते है इनमे एत्रोपोयन हाइयो साइमान नाम का पदार्थ पाया जाता है जो इसे विषैला बनाता है । इस फूल का वैज्ञानिक नाम एट्रोपा यूनानी देवी एट्रोपोसोर से प्रेरित था जो की मृत्यु की देवी है। साथ ही बेलाडोना को इटालियन भाषा में खूबसूरत स्त्री कहा जाता है। यह घंटी रूपी फुल दो सेंटीमीटर लम्बा बैंगनी रंग का होता है।


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