उर्जित पटेल की जीवनी | RBI Governor Urjit Patel Biography In Hindi

RBI Governor Urjit R. Patel Biography & Life History In Hindi,

नाम – उर्जित पटेल (Urjit R Patel)
जन्म –  28 अक्टूबर 1963
राष्ट्रीयता – भारतीय
उपलब्धि –  भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर ( RBI Governor)

उर्जित पटेल का परिचय – Urjit Patel Biography In Hindi :

Urjit R. Patel – उर्जित पटेल भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 24वां गवर्नर (Governor) हैं। वह पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का स्थान लिए। इससे पहले वे भारतीय रिज़र्व बैंक के उप-गवर्नर थे। उनपर मुद्रास्फीति को काबू में रखने की जिम्मेवारी थी। बैंकिग सेक्टर के रिफार्म के लिए भी उन्होंने काम किया है। उन्होने वित्त मंत्रालय में 1998 से 2001 तक आर्थिक सलाहकार के रूप में भी काम किया है। उर्जित आइएमएफ में यूएसए, भारत, बहामास, म्यांमार डेस्क से जुड़े रहे। उन्हे भारत लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जाता और उन्होने कहा था कि उर्जित देश के लिए जरुरी है। उर्जित को हिन्दी नहीं आती थी लेकिन भारत आकर उन्होंने हिंदी अच्छी तरीका से सीख ली।

पृष्टभूमि – Early Life :

उर्जित पटेल का जन्म 28 अक्टूबर 1963 को केन्या मे हुआ था। उनका पैतृक गांव गुजरात में है। गुजरात के खेड़ा जिले के पालना गांव में इनके पूर्वजों का घर है। रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर आईजी पटेल भी इसी इलाके से आते थे। उर्जित पटेल ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (1984) से ग्रेजुएट किया है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (1986) से एमफिल व येल यूनिवर्सिटी (1990) से पीएच डी की डिग्री हासिल की है।

उर्जित वैष्णव धर्म के अनुयायी हैं। उनकी कुलदेवी कालका माता है। वे लेऊवा पटेल हैं और मूल कठलाल के पास स्थित छीपड़ी के पाटीदार हैं।

कॅरियर :-

Urjit Patel & Raghuram Rajan
Urjit Patel & Raghuram Rajan

आरबीआई में डिप्टी गवर्नर नियुक्त होने से पहले पटेल दि बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप में सलाहकार (ऊर्जा एवं बुनियादी ढांचा) थे। पटेल ने 1990 से 1995 के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में अमेरिका, भारत, बहमास और म्यांमार डेस्क पर काम किया। वह 1996-1997 तक आईएमएफ से रिजर्व बैंक में प्रतिनियुक्त पर रहे. इस दौरान उन्होंने ऋण बाजार के विकास, बैंकिंग क्षेत्र के सुधार, पेंशन कोष सुधार, वास्तविक विनिमय दर लक्ष्य और विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार के विकास पर सलाह दी।

इसके अलावा वह रिलायंस इंडस्ट्री में अध्यक्ष (कारोबार विकास), आईडीएफसी में कार्यकारी निदेशक एवं प्रबंधकीय समिति के सदस्य, एकीकृत ऊर्जा नीति समिति के सदस्य और गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम लिमिटेड में निदेशक मंडल के सदस्य भी रहे हैं।

वर्ष 2000 से 2004 के बीच पटेल ने कई उच्च स्तरीय राज्य एवं केंद्रीय समितियों में कार्य किया. इनमें प्रत्यक्ष कर पर कार्यबल, वित्त मंत्रालय, शोध परियोजनाओं और बाजार अध्ययन पर सलाहकार समिति, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, अवसंरचना पर प्रधानमंत्री के कार्यबल के लिए सचिवालय, दूरसंचार मामलों पर मंत्री समूह और नागर विमानन सुधार समिति इत्यादि शामिल हैं।

उर्जित पटेल ने महंगाई दर के लक्ष्य का खाका खींचा था. सरकार ने 4 प्रतिशत तक महंगाई दर का लक्ष्य रखा है। पटेल की सबसे बड़ी चुनौती पीएसयू सेक्टर में एनपीए को कम करना होगा. भारत के सरकारी बैंक इस वक्त बुरे लोन की समस्या से जुझ रही है।

पटेल ने कई तकनीकी प्रकाशन, दस्तावेज और भारतीय वृहद अर्थव्यवस्था पर टिप्पणियां भी लिखी हैं।

गर्वनर के चयन के लिए प्रधानमंत्री ने तीन बातों का ध्यान रखा है। प्रधानमंत्री आरबीआई गर्वनर के दावेदारों में तीन प्रमुख गुण चाहते थे। आरबीआई का गर्वनर ऐसा हो जिसके पास वैश्विक अर्थव्यवस्था का अनुभव हो, भारतीय अर्थव्यवस्था की व्यापक समझ रखता हो और भारतीय बैंकिग व्यवस्था में एनपीए के चुनौती का सामना कर सकने में सक्षम हो।

रघुराम राजन पर तीखे हमले करने वाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उर्जित पटेल पर अपनी सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा था कि रघुराम राजन दिमाग से अमेरिकी है उन्हें भारतीय व्यवस्था की समझ नहीं है और वो अब भी अमेरिका की ग्रीन कार्ड होल्डर है। वहीं उन्होंने  उर्जित पटेल के बारे में कहा कि वो केन्याई नागरिक थे लेकिन अब उन्होंने केन्याई नागरिकता छोड़ दी है, इसलिए उनपर सवाल उठाना गलत है।

सरकार ने भी उम्मीद जतायी हैं कि रिजर्व बैंक के नव नियुक्त गवर्नर उर्जित पटेल अपने नए पद की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाएंगे और मुद्रास्फीति तथा आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन साधने के लिए रिजर्व बैंक में मौद्रिक नीति से जुड़े अपने अनुभवों का बखूबी उपयोग करेंगे। रघुराम राजन के उत्तराधिकारी के रूप में उर्जित कितने कामयाब होंगे यह तो वक्त ही बतायेगा लेकिन बैंकिग और आर्थिक क्षेत्र में लंबे अनुभव की वजह से उनसे काफी उम्मीदें हैं।

अफवाह :-

सोशल मीडिया पर गवर्नर उर्जीत पटेल के बारे में एक अफवाह उड़ रही है। बताया जा रहा है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और उद्योगपति मुकेश अंबानी रिश्तेदार हैं। सच्चाई ये है कि नीता अंबानी की सिर्फ एक बहन हैं ममता दलाल। ममता एक टीचर हैं जो अंबानी द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल में पढ़ाती हैं। उनके पिता रविंद्रभाई दलाल की जुलाई 2014 में मौत हुई थी।

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54 COMMENTS

  1. Pata nahi aisa kyu lagta hai patel sahab ko governer banane ke piche reliance ka hath hai jaisa ki aaj ki date mein dekhne ko mil raha hai ki 500 aur 1000 ke notes change kiye ja rahe hain aur chotey vyapariyo ki mehnat ki kamai ko black money kahker desh ko bhikari banaya ja raha hai aur sarkar un per bhari tax aur penalty lagayegi jabki reliance jaise logo ka pura paisa already white ho chuka hoga

    • Vyapariyo ne to tax bacha kr desh ko garib bnaya hai. Jb sarkar tax mang rahi thi tabto sab chup the kisi ne ni diya. Ab modi G ne apna faisla suna diya to vyapari bol rahe hai Hm garib hai.modi G Jo kar rahe hai sab sahi kr rahe hai. Aaj ki date desh ki saari janta barabar hai.

    • tax bhara hai kya ??? chor ki aulad tumhare jaiso ke liye hi ye sab karna par raha hai.
      reliance ka sra paisa vaise bhi white tha ye tum jaise gadhon ko samajh nahi aayega.

  2. Vyapariyo ne to tax bacha kr desh ko garib bnaya hai. Jb sarkar tax mang rahi thi tabto sab chup the kisi ne ni diya. Ab modi G ne apna faisla suna diya to vyapari bol rahe hai Hm garib hai.modi G Jo kar rahe hai sab sahi kr rahe hai. Aaj ki date desh ki saari janta barabar hai.

  3. मुझे लगता था की रिलांयंस मुकेश अंबानी के जामाद है। लेकीन वो अविवाहित आज समझा।

  4. कोई भी व्यक्ती की, कीसी भी बात की अाधी या झुठी जानकारी अापके पास है तो ऐसे व्यक्तीपर अज्ञानी से उंगली उठाना अपना अनपढपन दिखाने के बराबर है।

  5. ये तो उनकी जीवनी में बताया हीं नहीं की उनकी शादी कब किससे एंव कहाँ हुई…जरा ईस बात से भी तो पर्दा उठाओ मेरे दोस्त..

  6. हमारे देश में अफवाह फै लाने वाले गद्दारो की कमी नहि है।

  7. Aaj gujrati person hi high level me judraha h aur juda ja raha h aaj ki politician dusre place ke educated active person ko bhi to high level governmentaly authorety place me joining kar sakta h…..par gujrat pe hi jyada meherban ho dikhai de raha h..

    • यह जानकारी सबके लिए अच्छी है कि हर व्यक्ति संतुष्ट हो सके सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति कोई ना कोई जोड़ तोड़ कर पोस्ट कर देता है मैं इस जानकारी का समर्थन करता हूं

  8. कांग्रेस ने 60 सालो में सीबीआई को तोता बनाया अब मोदी ने 2.5 सालो मे आरबीआयी को तोता बनाया। नोट बंदी सच में rbi के दायरे में हैं पर अपनी पब्लिसिटी के लिए लालायित प्रधानमंत्री ने खुद ही कर दी।

    यदि ऐसे ही चलता रहा तो विदेशियों का भारत पर विश्वास उड़ जाएगा क्यों की उर्जित पटेल अम्बनी के दामाद भले ही ना हो वो रिलायंस में अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके हैं। इसिलए लिए जियो 30 दिसम्बर याक फ्री हैं।

    जरा और स्टडी करे तो आप को उर्जित पटेल की जानकारी मिलेगी।

  9. बहुत ही सुंदर जानकारी मिली, इतने दिनों तक हमें भ्रमित किया जा रहा था।

  10. Q bebfof bana rahe ho janta sab Jantii kya ho raha h modi n companii kya kr rahii h garib ko garib or ame’er ko ameer krne pr tuli hoii h
    Modi sirf apna apna dekh rahe hn Janta mar rahii but un kano m koii bhank
    nii
    Or fir apne darame m apnii pehchan dekha rahe hn or magharmuch k ANSo nikal kr dekha dty hn

  11. Urjit Patel on the other hand is married to Kanan Patel and they have two children, Eishan and Ishika. Kanan is the daughter of Anil R. Patel. She has two sisters, Rachana and Shweta

  12. सही जानकरी देने के लिये धन्यवाद

  13. 2 Rs. ka note will bring poor people much prosperity… I think this person does not know this. Only 2000 Rs. will let go easy all black money abroad. As Black money from Foreign is responsibility of RBI governer. He is only easily sending black money by making 2000Rs. A 2 rs. ka note yani 2 rs. ka kagaz ka note na sirf CRORES of garibo ke aasoo pochega lekin $ ki value bhi ghata ke INDIA ko tarakki kareyaga. Ye kya jane governing kya hoti hi. GHOTALE ki suntaan hi. Ghotale karega.

  14. 2 Rs. ka note will bring prosperity for Poor. A 2000 rs. will make us more vulnareble everywhere. RBI governer responsible to bring BLACK MONEY to account. He does not know what poor is. Born in Kenya or even Gujarat he is only a DREAMER of achhe din. Jis din 2 Rs. ka note chaapega us din REALITY samaj ayegi. 2 Rs. new note will bring good internationally.

  15. मोदी का अंबानी सफ़रनामा-
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    बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर आपका ध्यान खींच रहा हूँ । 02 मिनट से अधिक का समय नही लगेगा, पढ़ जरूर लीजिएगा
    क्योकि बात वोट की नही देशहित से जुड़ी है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिलायंस “JIO ” के विज्ञापन में दिखने के क्या मायने है ..देश का जनमानस यह धीरे-धीरे समझने लगा है । इलेक्ट्रानिक व प्रिंट मीडिया के बनाए तिलिस्म के भरोसे नरेंद्र मोदी और भाजपा की यह एक सोची-समझी रणनीति थी कि इस देश की जनता को जब चाहे मूर्ख बनाया जा सकता है और इसी अतिआत्मविश्वास (over confidence) में नरेंद्र मोदी भारी गलती कर गए और अपने महिमामंडन के नशे में ये यह तक भूल गए कि उनकी प्राथमिकता लगातार घाटे में जा रहे BSNL को संभालना है …न कि रिलायंस की 4G सिम बेचना ।
    अंबानी और अडानी जैसे फिरकापरस्त उद्योगपतियों के पैसे पर अपनी राजनीति चमका कर खुद को भारत माँ का लाल बताने वाले देश के धुरंधर प्रधानमंत्री एक के बाद एक हर क्षेत्र, हर दिशा में वर्षों से कार्यरत सरकारी ढांचों और उपक्रमों को ध्वस्त कर अपनी भारत माँ को चंद उद्योगपतियों के हाथों बेचने पर आमादा है ।
    टेलीकॉम सेक्टर के जानकार ये भी संभावना जताते हैं कि जल्द ही BSNL स्वयं के लिए स्पेक्ट्रम लेने की बजाय इसी रिलायंस के स्पेक्ट्रम से शेयरिंग प्राप्त करेगा । यानि कि अब BSNL का ब्रॉडबैंड और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रिलायंस से उधार लेकर चलेगीं ।
    लेकिन बहुत कम लोग इस बात को जानते है कि टेलीकॉम सेक्टर पहला ऐसा सेक्टर नहीं है जिसमें मोदी सरकार ने रिलायंस के प्रति अपनी गहरी स्वामिभक्ति का परिचय दिया हो । आपको बताती चलूं कि ऐसी कई करतूतें मोदी सरकार पिछले दो साल में एक बार नहीं कई बार कर चुकी है चाहे वो डिफेन्स में FDI लागू होने पर सरकार की तरफ से लाइज़निंग करने के लिए रिलायंस को नियुक्त करना हो या फिर मोदी के PM बनने के 4 महीने के भीतर ही रिलायंस के देश भर में बंद पड़े 19 हज़ार से ज़्यादा पेट्रोल पम्प्स का खुल जाना हो ।
    ऐसा ही एक जिन्दा उदाहरण आपको मिलेगा ONGC के मामले में ।
    पिछले वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत सरकार के एक अति महत्वपूर्ण उपक्रम तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) को दो बड़े झटके देते हुए उसे इस दयनीय हाल में ला दिया है जहाँ से शायद आने वाले दस सालों के अंदर ONGC का नामोनिशान ही मिट जाएगा ।
    पहले झटके के तौर पर PM मोदी ने ONGC में निजी निवेश को मंज़ूरी दे दी और इसमें निवेश किया उनके आका मुकेश अंबानी ने ।
    इसमें गौर करने वाली बात यह है कि ONGC भारत सरकार के लिए एक constant profit making body था, यानि उसकी वित्तीय स्थिति में ऐसी कहीं भी कोई समस्या नहीं जिसके चलते निजी निवेश से धन जुटाने की ज़रूरत पड़े । देखते ही देखते एक पुराने और लगातार लाभ देने वाले सरकार के इस उपक्रम से बिना कुछ किए कराए भारी मुनाफा कमाने लगी रिलायंस ! और बहाना ये बनाया गया कि इससे सरकारी खजाने को एकमुश्त 1600 करोड़ रूपए मिले ।
    मित्रो यह 1600 करोड़ वो रकम है जिसका एक चौथाई यानि 400 करोड़ तो PM मोदी की एक साल की सुरक्षा में खर्च हो जाता है यानि सरकार का खजाना अचानक से कुबेर का खजाना हो गया हो ऐसी भी कोई बात नहीं थी ।
    PM मोदी यहीं नहीं रुके, इस मंज़ूरी के बाद उन्होंने ONGC को और बड़ा तगड़ा झटका दिया और ONGC के सबसे बड़े सप्लाई हेड्स या फिर साधारण भाषा में यूं कहे कि सबसे बड़े ग्राहक में से एक भारतीय रेलवे को डीज़ल सप्लाई करने का काम ONGC से छीनकर मोदी ने अपने आका मुकेश अम्बानी की कंपनी “रिलायंस पेट्रोलियम ” को दे दिया । अब ONGC दो तरह से पीटा जा रहा है, पहला जो काम उसके पास है उसमें से कमाए हुए पैसे में भी मुकेश अंबानी का हिस्सा दे और पुराने ग्राहकों को भी एक-एक करके रिलायन्स को सौंपा जा रहा है और ज़ाहिर है इसमें ONGC को तो कोई हिस्सा मिलना नहीं है ।
    अब रही बात कि ये सारी जानकरियाँ सार्वजानिक क्यों नहीं होती ।
    इस समय देश में हिंदी और गैरहिन्दी भाषी लगभग 90 से ज़्यादा चैनल्स है जिन्हें 24 hour broadcast की अनुमति प्राप्त है । ये 90 से ज़्यादा चैनल्स आज से तीन साल पहले तक 39 अलग-अलग मीडिया ग्रुप्स द्वारा संचालित किए जाते थे । आपको ये जानकर यह आश्चर्य होगा कि चैनल्स की संख्या वही है लेकिन संचालन करने वाले ग्रुप्स 39 से सिर्फ 21 रह गए है ।
    ऐसा इसलिए क्योंकि इन तीन सालों में network18 नामक एक मीडिया ग्रुप ने 18 ग्रुप्स को खरीद कर अधिगृहित कर लिया । और इस network18 ग्रुप के मालिक का नाम है ” मुकेश अंबानी”
    यानि जो न्यूज़ चैनल्स पर हर शाम आपको गाय, गोबर, गौमूत्र, लवजिहाद, ISIS, पाकिस्तान, चीन और मंदिर मस्जिद दिखाया जाता है जिसे देखकर आपका खून खौल उठता है वो कोई जोश नहीं बल्कि एक तरह का ड्रग्स है जो आपकी भावनात्मक नसों में घोला जा रहा है ताकि आप के अन्दर अपने ही देश को लूटने वाले चंद गद्दार तथाकथित राष्ट्रवादियों और उद्योगपतियों को देखने और देखकर प्रतिकार करने की क्षमता देश के लोगों में न रह पाए ।
    यूँ समझ लीजिए ईस्ट इंडिया कंपनी-II का जन्म इस बार भारत के अंदर ही हुआ है और इसे सुरक्षा देने वाली “खाकी चड्डी” पहनी पुलिस तो है ही ।
    नोट : अगर मेरी बात पर विश्वास नही हो रहा है, तो किसी ONGC और रेलवे में ऊंचे पद पर जाब करने वाले से पूंछ लीजिएगा,यकीन हो जाएगा।
    देशहित में इस विषय को अधिक से अधिक अपने साथियों तक पहुचाएं
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  16. आदरणीय प्रधान मंत्री जी, ऐसा क्यों..? १ ~ आपकी पार्टी २३ जनवरी २०१४ को कांग्रेस द्वारा करेंसी बदलने का विरोध करते हैं और आप ८ नवम्बर २०१६ को खुद करेंसी बदल डालते हैं. २~ आपकी पार्टी २०१३ में ४५ रु किलो तूर दाल बिकने पर पूरे देश में मंहगाई का विरोध करती है और आपके शासन में तूर दाल १८० से २०० रु किलो बिकती है. ३~ आपकी पार्टी गोवंश हत्या का विरोध करती है और आपने सत्ता में आते ही भारत बीफ एक्सपोर्ट में दुनियां का नं-१ देश बन जाता है. ४~ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जब विदेश में नवाज़ शरीफ से हाथ मिलाते थे तो आप उन्हें गंवार महिला कहते थे और आप खुद बिना बुलाये नवाजशरीफ के जन्म दिन पर केक और बिरयानी खाने पाकिस्तान पहुँच जाते हो. ५~ २००४ से २०१४ के बीच आपकी पार्टी रेल किराये में १ रु भी बढाने पर उसका विरोध में रेल का चक्का जाम करती थी और आपने सत्ता में आते ही दो साल में रेल किराया लगभग ७०% बढ़ा दिया. ६~ आपकी पार्टी ने २००४ से २०१४ के बीच FDI, GST, AADHAR, MNREGA, कोयला खान नीलामी आदि का विरोध किया और सत्ता पाते ही आप उन्ही सारी योजनाओं का का गुणगान कर रहे हो. ७~ निर्भया के समय एक बलात्कार के लिए आपकी पार्टी ३ महीने आन्दोलन करती है और बीजेपी शासन में मध्य प्रदेश में प्रतिदिन १२ और दिल्ली में प्रतिदिन औसतन ९ बलात्कार होने पर आपके कान में जू तक नहीं रेंगती. ८~ कांग्रेस सरकार ने १२५ से १४० डालर प्रति बैरल में अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार से कच्चा तेल खरीद के ७० से ७५ रु लीटर पेट्रोल बेचा तब बीजेपी उसके विरोध में बैलगाड़ी मोर्चा निकलती थी और अब आपके शासन में ४० से ५० डालर प्रति बैरल में कच्चा तेल खरीद कर आप ७० रु में पेट्रोल बेच रहे हो. ९~ आपकी पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण भ्रष्टाचार का रु लेते नंगे हाथ पकडे जाते हैं फिर भी आपकी पार्टी ईमानदार है और आप कांग्रेस के ६० साल के शासन को भ्रष्ट कहते हो. १०~ आपके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के राज़ में व्यापम एवं खान घोटाला, वसुंधरा राजे का ललित मोदी घोटाला, रमण सिंह का ३५,००० करोड़ का अन्न वितरण घोटाला होता है और आप अपने मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा नहीं मांगते और कांग्रेस शासन में हर दुसरे दिन किसी न किसी का ईस्तीफा माँगने खड़े हो जाते थे. ११~ भक्त कहते हैं आप प्रतिदिन १६ घंटे काम करते हैं और ढाई साल में आपने देश का क्या विकास किया यह कहीं नज़र नहीं आता. १२~ आपने १०० दिन में सारा काला धन विदेश से लाने का वादा किया था और ९०० दिन में कोई काला धन विदेश से नहीं ला पाये . १३~ आपने किसानो को उनके उत्पादन खर्च पर ५०% लाभ देने का वचन दिया था और पिछले ढाई साल में किसानों के उत्पाद का सरकारी खरीद रेट १ रु नहीं बढाया. १४~ आपने एक भारतीय जवान के सर के बदले १० पाकिस्तानी सर लाने का वादा किया था और पिछले ढाई साल में १ के बदले आधा पाकिस्तानी सिर भी नहीं ला पाए. १५~ आपकी पार्टी भारतीय संस्कृति और संस्कार की बात करती है और आपकी पार्टी के कार्यकर्ता, मंत्री और भक्त माँ -बहन की गालियों के बिना अपना एक वाक्य पूरा नहीं करते. १६~ कांग्रेस शासन में चने का बेसन ७० रु किलो था तब बीजेपी कार्यकर्ता थाली बजाओ आन्दोलन करते थे और अब हम चने का बेसन २०० रु किलो खरीद रहे हैं. १७~ आपकी पार्टी कांग्रेस द्वारा सर्विस टैक्स लगाने का विरोध करती थी और आपने कुर्सी पर बैठते ही सर्विस टैक्स २.५% बढा दिया. क्यों मोदीजी क्यों ?
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  17. उर्जित पर्टेल व अम्बानी परिवार के बीच क्या सम्बन्ध है , हमें सच्चाई बताइये।

  18. महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए धन्यवाद।

  19. मुझे केवल यह कहना है मित्रों की कुछ लोगों के कमेन्ट पढ़कर बहुत दुख हुआ।वे गधा और चुतिया जैसे शब्दों का उपयोग कर रहे थे जिससे उनके माँ बाप ने उन्हें क्या शिक्षा दी है ये मालूम होता है।ऐसे लोगों को देश के संबंध में चर्चा करने का कोई अधिकार नहीं है …………………………….कृपया आप सभी सम्मानित व्यक्ति हैं और अच्छी भाषा का प्रयोग करें।कौन गलत है और कौन सही इसका निर्णय जनता 2019 में करेगी।THANKS

  20. Sir mai apni sarkar ka aabhar manta hu aapne jo note band karvaye vo to tarife kabil hai lekin kuch bank k manejar jo kale dhan valo ka sath diya uska kya

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