LOVE POEM IN HINDI

Love Poem in Hindi on Tum Apne Apne Lagte Ho

Contents


तुम मौसम मौसम लगते हो
जो पल पल रंग बदलते हो..

तुम सावन सावन लगते हो
जो सदियों बाद बरसते हो..

तुम सपना सपना लगते हो
अक्सर ख्वाबों में दिखते हो..

तुम पल पल मुझसे लड़ते हो
पर फिर भी अच्छे लगते हो..

बात तो है शर्मीली सी
पर कहने से दिल डरता है..

लो आज तुम्हें ये कहते हैं
तुम अपने अपने लगते हो..

 

 

 

True Love Poem on Meri Khwahish


खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की।आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है।अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे।क्यों की जीसकी जीतनी जरुरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे।ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं हैपर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है!!

 

 

 

Love poem in Hindi on Adhuri Mohabbat


अधूरी मोहब्बत निभाना आखिर किसे नहीं आया?
बताना मुझे नहीं आया, तो जताना उसे नहीं आया।

यूँ तो बिछाए हर तरफ जाल ही जाल थे मोहब्बत के
फसाना मुझे नहीं आया तो छुडाना उसे नहीं आया।

चुप्पी में भी जज्बातों की शिकायत बखूबी हुई लेकिन
सताना मुझे नहीं आया तो मनाना उसे नहीं आया।

अपनी अपनी जिंदगी के बस अपने अपने लम्हे
हँसाना मुझे नहीं आया तो रुलाना उसे नहीं आया।

 

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