कैलासनाथ मन्दिर कांचीपुरम का इतिहास | Kailasanathar Temple History in Hindi

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Kailasanathar Temple / कैलासनाथार मन्दिर या कैलासनाथ मन्दिर, कांचीपुरम में स्थित एक हिन्दू मंदिर है। यह शहर के पश्चिम दिशा में स्थित यह मंदिर कांचीपुरम का सबसे प्राचीन और दक्षिण भारत के सबसे शानदार मंदिरों में एक है। इस मंदिर को आठवीं शताब्दी में पल्लव वंश के राजा राजसिम्हा ने अपनी पत्नी की प्रार्थना पर बनवाया था। मंदिर के अग्रभाग का निर्माण राजा के पुत्र महेन्द्र वर्मन तृतीय ने करवाया था। मंदिर में देवी पार्वती और शिव की नृत्य प्रतियोगिता को दर्शाया गया है।

कैलासनाथ मन्दिर, कांचीपुरम का इतिहास | Kailasanathar Temple History In Hindiकैलासनाथ मन्दिर का इतिहास – Kailasanathar Temple Information in Hindi

शासक नरसिंहवर्मन प्रथम के द्वारा कई मंदिर का निर्माण किया गया था जिसमें से तिरु परमेस्वर विन्नगरम और कांची कैलाशनाथर मंदिर सबसे ज्यादा आकर्षक है। इन मंदिरों का निर्माण 685 ईस्वी और 705 ईस्वी के बिच हुवा था। इस मंदिर का निर्माण पल्लव शासक राजसिंह द्वारा शुरू किया गया था और उनके पुत्र महेंद्र वर्मा पल्लव ने पूरा किया था।

यह मंदिर तमिलनाडु के प्रमुख दर्शन स्थलों में एक हैं। इस मंदिर में पूरे वर्ष बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि के समय भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि होती है। मंदिर का प्रमुख आकर्षण सोलह शिव लिंगम है जो मुख्य मंदिर में काले ग्रेनाइट से बने हैं। कांची कैलासनाथ मंदिर सुंदर चित्रों और शानदार मूर्तियों से सजा हुआ है जिसकी यह किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।

कैलाशनाथ मंदिर की वास्तुकला – Kanchi Kailasanathar Temple Architecture In Hindi

मन्दिर का परिसर बलुये पत्थर से बना है और इस पर सुन्दर नक्काशी उस समय के शानदार शिल्पकला कौशल का उदाहरण है। मन्दिर की स्थापत्य कला द्रविड़ शैली की है जो कि उस समय की इमारतों और संरचनाओं में काफी सामान्य था। इसलिये मन्दिर की दीवार तथा खम्भों पर कई अर्द्ध पशु देवी-देवताओं खुदे हैं।

शानदार स्थापत्य कला के साथ मन्दिर अपने विमान या लाट के लिये जाना जाता है जो अप्रकाशित छोटे मन्दिर के ठीक ऊपर है। मन्दिर में कई ऐसे पैनल भी हैं जिनपर भगवान शिव की मूर्ति को नटराज के रूप में तराशा गया है। हर साल शिवभक्त इस मन्दिर में आते हैं।

एक नजर में – Kailasanathar Mandir in Hindi

  • 8वीं शताब्दी में पल्लव वंश के राजा नरसिंह वर्मन द्वितीय ने अपनी पत्नी के लिए कैलाशनाथार मंदिर का निर्माण करवाया था।
  • इस मंदिर के अग्रभाग का निर्माण राजा के पुत्र महेन्द्र वर्मन द्वितीय के करवाया था।
  • कैलाशनाथार मंदिर का कार्य नरसिंह वर्मन द्वितीय के समय में प्रारम्भ हुआ तथा महेन्द्र वर्मन द्वितीय के समय में इसकी रचना पूर्ण हुई।
  • इस मंदिर में शिव और पार्वती की नृत्य प्रतियोगिता को दर्शाया गया है।

कैसे पहुंचें – How To Reach Kailasanathar Temple Kanchipuram In Hindi

कैलासनाथ मंदिर तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित हैं। कांचीपुरम देश के सभी हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा हैं। इस मंदिर बस स्टेशन से केवल 2.4 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से 2.5 किलोमीटर दूर है। मंदिर बस स्टेशन से केवल 2.4 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से 2.5 किलोमीटर दूर है।


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