अरुन्धति भट्टाचार्य की जीवनी Arundhati Bhattacharya Biography In Hindi

ARUNDHATI BHATTACHARYA Biography In Hindi

नाम – अरुन्धति भट्टाचार्य
जन्म – 18 मार्च 1956
राष्ट्रीयता – भारतीय

अरुन्धति भट्टाचार्य का परिचय – Arundhati Bhattacharya Biography In Hindi


Arundhati Bhattacharya  – अरुन्धति भट्टाचार्य वर्तमान में भारत के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की चेयरपर्सन (Chairperson) हैं। वह पहली महिला है जो भारतीय स्टेट बैंक के इस पद मे गयी। उन्होंने 7 अक्टूबर 2013 को यह पद ग्रहण किया। उन्होंने 30 सितंबर को इस पद से रिटायर हुए श्री प्रतीप चौधरी का स्थान लिया। इस पद पर आसीन होने से पहले 57 वर्षीया भट्टाचार्य एसबीआई की प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी थीं। फोर्ब्स (Forbes) की ओर से जारी दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में एसबीआई की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अरुंधती भट्टाचार्य 25वें स्थान पर हैं.

प्रारंभिक जीवन – Early Life:-

अरुन्धति भट्टाचार्य का जन्म 18 मार्च 1956 को कोलकाता, भारत (India) मे एक बंगाली परिवार हुआ। उनका बचपन छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर मे बिता क्यूंकी इनके पिता प्रोदयूट कुमार मुखर्जी भिलाई स्टील प्लांट मे इंजिनियर थे। इनके माता श्री कल्याणी मुखर्जी झारखंड के बोकारो शहर मे होम्योपैथी कन्सल्टेंट थी। इनकी एक सिस्टर भी हैं अदिति बसु।

Education : अरुन्धति भट्टाचार्य की शुरुआती शिक्षा संत. जेवियर स्कूल बोकारो से हुआ। बाद मे वे कोलकाता चली गयी जहाँ जाड़वपुर यूनिवर्सिटी से इंग्लीश लिटरेचर की।

Married : इन्होने अपनी शादी प्रितिमोय भट्टाचर्या से की जो की आई. आई. टी खरगपुर मे प्रोफेसर थे।

Banking Carrier :-

भट्टाचार्य वर्ष 1977 में प्रोबेशनरी ऑफिसर के रूप में एसबीआई से जुड़ीं। बैंक में अपने 36 वर्षो के कार्यकाल के दौरान वह उप-प्रबंध निदेशक और कार्पोरेट विकास अधिकारी, मुख्य महाप्रबंधक (बेंगलुरू सर्किल) और मुख्य महाप्रबंधक (नया व्यवसाय) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहीं।


वे बैंक के न्यूयॉर्क कार्यालय में निगरानी प्रभारी भी रह चुकी हैं। वह एसबीआई की सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड की भी प्रमुख रह चुकी हैं। उन्होंने बैंक की नवीनतम सहायक कंपनियों में से तीन की स्थापना करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई। ये हैं जेनरल इंश्योरेंस सब्सिडियरी, कस्टोडियल सब्सिडियरी और एसबीआई मैक्वोरी इंफ्रास्ट्रक्चर फंड।

उनके अतिरिक्त बैंक के अन्य तीन मैनेजिंग डायरेक्टर हेमंत कान्ट्रैक्टर, ए कृष्णकुमार व एस विश्वनाथन भी इस पद के लिए उम्मीदवार थे। भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन की अध्यक्षता में बनी चयन समिति ने अंततः अरुंधति का चयन किया. भारतीय स्टेट बैंक की चेयरपर्सन बनने के साथ ही एक साथ कई उपलब्धियां उनके नाम के साथ जुड़ गई हैं। भारतीय स्टेट बैंक (स्थापित-1806 ईस्वी) के दो शताब्दियों के इतिहास में इस बैंक के सर्वोच्च पद पर पहुंचने वाली वे प्रथम महिला हैं।

वे भारत की प्रथम और फिलहाल एकमात्र महिला हैं, जो फार्च्यून 500 लिस्ट में आने वाली किसी भी भारतीय कंपनी का नेतृत्व करती हैं। अगर सिर्फ बैंकिंग की बात की जाए तो विश्वभर में वे एकमात्र महिला हैं, जो फार्च्यून 500 लिस्ट में आने वाले किसी भी बैंक का नेतृत्व करती हैं। यही नहीं, एसबीआई 15000+ शाखाओ तथा संपूर्ण भारत के बैंक डिपोज़िट में 22% हिस्सेदारी के साथ भारत का सबसे बड़ा बैंक है और इसकी शीर्ष नेता होने के साथ ही वह भारत की सर्वाधिक शक्तिशाली महिलाओं में शुमार हो गई हैं।


उम्मीद तो ये भी लगाई जा रही थी की वे बन सकती हैं. पर उर्जित पटेल को बनाया गया।

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